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देश में आजकल जाति और धर्म के नाम पर जो माहौल बन रहा है, उस पर गहरा कटाक्ष व्यक्त किया गया है। भारत छोड़ते समय एक अंग्रेज द्वारा कही गई बात को आज की स्थितियों के संदर्भ में बिल्कुल सही और सटीक ठहराया गया है।

10 hrs ago
user_Salman Choudhary
Salman Choudhary
Farmer बेहट, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
10 hrs ago

देश में आजकल जाति और धर्म के नाम पर जो माहौल बन रहा है, उस पर गहरा कटाक्ष व्यक्त किया गया है। भारत छोड़ते समय एक अंग्रेज द्वारा कही गई बात को आज की स्थितियों के संदर्भ में बिल्कुल सही और सटीक ठहराया गया है।

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  • अगर आपसे कोई यह सवाल पूछे कि बीजेपी ने आखिर क्या किया है, तो उन्हें जवाब के तौर पर यह वीडियो भेजने के लिए कहा गया है।
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    अगर आपसे कोई यह सवाल पूछे कि बीजेपी ने आखिर क्या किया है, तो उन्हें जवाब के तौर पर यह वीडियो भेजने के लिए कहा गया है।
    user_Salman Choudhary
    Salman Choudhary
    Farmer बेहट, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट पेपर लीक समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर अनूठा 'घड़ा फोड़' प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि लगभग 100 घंटे की हाउस अरेस्टिंग के बावजूद छात्रों के सहयोग से दूसरी बार यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मिठाई भी बांटी। प्रदर्शन के दौरान छात्र हाथों में "पाप का घड़ा" लिखे मटके लिए हुए थे, जिन पर पेपर लीक, चढ़ावा चोरी, किसानों की बर्बादी और पेट्रोल में एथनॉल मिलावट जैसे मुद्दों से जुड़े स्लोगन दर्ज थे। कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह निक्कू ने कहा कि यदि सरकार पेपर लीक के दोषियों पर कार्रवाई की बात करती है तो शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंत्री का इस्तीफा सरकार की जवाबदेही को दर्शाता है और सरकार छात्रों के आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन युवा अब भ्रमित नहीं होंगे। कांग्रेस सेवादल के महानगर अध्यक्ष अनुज शर्मा ने मांग की कि केंद्र सरकार युवाओं से माफी मांगे, आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस ले और नीट पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दे। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को राहुल गांधी और छात्रों की बड़ी जीत बताया।
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    उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट पेपर लीक समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर अनूठा 'घड़ा फोड़' प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि लगभग 100 घंटे की हाउस अरेस्टिंग के बावजूद छात्रों के सहयोग से दूसरी बार यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मिठाई भी बांटी।

प्रदर्शन के दौरान छात्र हाथों में "पाप का घड़ा" लिखे मटके लिए हुए थे, जिन पर पेपर लीक, चढ़ावा चोरी, किसानों की बर्बादी और पेट्रोल में एथनॉल मिलावट जैसे मुद्दों से जुड़े स्लोगन दर्ज थे। कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह निक्कू ने कहा कि यदि सरकार पेपर लीक के दोषियों पर कार्रवाई की बात करती है तो शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंत्री का इस्तीफा सरकार की जवाबदेही को दर्शाता है और सरकार छात्रों के आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन युवा अब भ्रमित नहीं होंगे।

कांग्रेस सेवादल के महानगर अध्यक्ष अनुज शर्मा ने मांग की कि केंद्र सरकार युवाओं से माफी मांगे, आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस ले और नीट पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दे। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को राहुल गांधी और छात्रों की बड़ी जीत बताया।
    user_जोगेन्द्र कल्याण
    जोगेन्द्र कल्याण
    Photographer सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    19 min ago
  • जन जागृति लाने, लोकतंत्र को मजबूत करने और सच्चाई को सभी के सामने लेकर आने में सभी मीडिया कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। आम लोगों की समस्याओं और मांगों को सरकार तक पहुंचाने में भी इनकी मुख्य भूमिका होती है। कलम के सच्चे सिपाही माने जाने वाले ऐसे मीडिया कर्मियों को दिल से हमेशा सलाम है। पत्रकार, मीडिया कर्मी और संचार माध्यमों से जुड़े लोग वास्तव में समाज का मुख्य आईना हैं।
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    जन जागृति लाने, लोकतंत्र को मजबूत करने और सच्चाई को सभी के सामने लेकर आने में सभी मीडिया कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। आम लोगों की समस्याओं और मांगों को सरकार तक पहुंचाने में भी इनकी मुख्य भूमिका होती है। कलम के सच्चे सिपाही माने जाने वाले ऐसे मीडिया कर्मियों को दिल से हमेशा सलाम है। पत्रकार, मीडिया कर्मी और संचार माध्यमों से जुड़े लोग वास्तव में समाज का मुख्य आईना हैं।
    user_FAST MEDIA HEADLINES
    FAST MEDIA HEADLINES
    Local News Reporter जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
    1 hr ago
  • हरियाणा के यमुनानगर में नशे के खिलाफ जंग के तहत आयोजित मैराथन को सीएम नायब सैनी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मैराथन में हजारों युवकों और युवतियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान सीएम नायब सैनी ने दौड़ में शामिल प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते हुए उन पर फूलों से बारिश भी की।
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    हरियाणा के यमुनानगर में नशे के खिलाफ जंग के तहत आयोजित मैराथन को सीएम नायब सैनी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मैराथन में हजारों युवकों और युवतियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान सीएम नायब सैनी ने दौड़ में शामिल प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते हुए उन पर फूलों से बारिश भी की।
    user_HR02 City News
    HR02 City News
    News Anchor Jagadhri, Yamunanagar•
    4 hrs ago
  • यमुनानगर में 'नशे से जंग, यमुनानगर के संग' संदेश के साथ आयोजित नशा विरोधी मैराथन को मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरी झंडी दिखाई। इस मैराथन के लिए 1.16 लाख से अधिक पंजीकरण दर्ज किए गए, जिसके साथ ही नशा मुक्त हरियाणा का संकल्प और अधिक मजबूत हुआ है।
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    यमुनानगर में 'नशे से जंग, यमुनानगर के संग' संदेश के साथ आयोजित नशा विरोधी मैराथन को मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरी झंडी दिखाई। इस मैराथन के लिए 1.16 लाख से अधिक पंजीकरण दर्ज किए गए, जिसके साथ ही नशा मुक्त हरियाणा का संकल्प और अधिक मजबूत हुआ है।
    user_Jagadhri Breaking News
    Jagadhri Breaking News
    Local News Reporter जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
    11 hrs ago
  • उत्तराखंड में विलुप्त हो रही दून बासमती को पुनर्जीवित करने की कोशिशों के तहत 160 किसानों ने 75 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी रोपाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संकल्प और जिला प्रशासन की पहल से सफल ट्रायल के बाद 2.2 दून बासमती की खेती की शुरुआत की गई है, जिससे इस प्रसिद्ध बासमती की खुशबू एक बार फिर लौटने की उम्मीद मजबूत हुई है। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य दून बासमती को फिर से एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित करना है, ताकि स्थानीय किसानों को बेहतर बाजार और उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
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    उत्तराखंड में विलुप्त हो रही दून बासमती को पुनर्जीवित करने की कोशिशों के तहत 160 किसानों ने 75 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी रोपाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संकल्प और जिला प्रशासन की पहल से सफल ट्रायल के बाद 2.2 दून बासमती की खेती की शुरुआत की गई है, जिससे इस प्रसिद्ध बासमती की खुशबू एक बार फिर लौटने की उम्मीद मजबूत हुई है।

प्रशासन का मुख्य लक्ष्य दून बासमती को फिर से एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित करना है, ताकि स्थानीय किसानों को बेहतर बाजार और उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • देश में आजकल जाति और धर्म के नाम पर जो माहौल बन रहा है, उस पर गहरा कटाक्ष व्यक्त किया गया है। भारत छोड़ते समय एक अंग्रेज द्वारा कही गई बात को आज की स्थितियों के संदर्भ में बिल्कुल सही और सटीक ठहराया गया है।
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    देश में आजकल जाति और धर्म के नाम पर जो माहौल बन रहा है, उस पर गहरा कटाक्ष व्यक्त किया गया है। भारत छोड़ते समय एक अंग्रेज द्वारा कही गई बात को आज की स्थितियों के संदर्भ में बिल्कुल सही और सटीक ठहराया गया है।
    user_Salman Choudhary
    Salman Choudhary
    Farmer बेहट, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • असम में लगातार हो रही भारी बारिश और नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। इस भीषण आपदा के कारण 7 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और कई गाँव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। हालात को देखते हुए हजारों परिवारों को अपना घर-बार छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। बाढ़ के पानी से सड़कें, पुल और बड़े पैमाने पर खेती की जमीन जलमग्न हो गई है, जिससे यातायात और कृषि को भारी नुकसान पहुँचा है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार इस तबाही में कई लोगों की जान भी जा चुकी है। जमीनी स्तर पर प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मुस्तैदी से राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं, हालांकि कई जलमग्न क्षेत्रों तक पहुँचना अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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    असम में लगातार हो रही भारी बारिश और नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। इस भीषण आपदा के कारण 7 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और कई गाँव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। हालात को देखते हुए हजारों परिवारों को अपना घर-बार छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

बाढ़ के पानी से सड़कें, पुल और बड़े पैमाने पर खेती की जमीन जलमग्न हो गई है, जिससे यातायात और कृषि को भारी नुकसान पहुँचा है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार इस तबाही में कई लोगों की जान भी जा चुकी है। जमीनी स्तर पर प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मुस्तैदी से राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं, हालांकि कई जलमग्न क्षेत्रों तक पहुँचना अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
    user_Viral Zone
    Viral Zone
    Medical group विकास नगर, देहरादून, उत्तराखंड•
    6 hrs ago
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