नीलगायों के आतंक से किसान बेहाल, कई गांवों में फसल बचाना मुश्किल मेजा, प्रयागराज। तटीय इलाकों में नीलगायों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। झुंड बनाकर खेतों में घुस रही नीलगायें किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं। हालात यह हैं कि कई गांवों में अन्नदाताओं के लिए फसल बचाना मुश्किल हो गया है। किसानों की मानें तो पिछले वर्ष अत्यधिक बारिश से पहले ही फसलों को नुकसान हुआ था, वहीं अब नीलगायों के हमलों ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। अरई, पकरी, सिटकी, लोहारी, मदरामुकुंदपुर और जनवार गांव के किसान सबसे ज्यादा त्रस्त बताए जा रहे हैं, जहां रात होते ही नीलगायों के झुंड खेतों में पहुंचकर गेहूं, चना सहित अन्य फसलों को रौंद दे रहे हैं। किसान नीरज शर्मा, संदीप सिंह, रज्जन शर्मा, इम्तियाज अहमद और धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि वे रात-रात भर खेतों की रखवाली कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद फसल बचाना मुश्किल हो गया है। कई बार संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई, मगर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने प्रशासन और वन विभाग से नीलगायों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने, खेतों की सुरक्षा की व्यवस्था कराने और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में किसानों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है।
नीलगायों के आतंक से किसान बेहाल, कई गांवों में फसल बचाना मुश्किल मेजा, प्रयागराज। तटीय इलाकों में नीलगायों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। झुंड बनाकर खेतों में घुस रही नीलगायें किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं। हालात यह हैं कि कई गांवों में अन्नदाताओं के लिए फसल बचाना मुश्किल हो गया है। किसानों की मानें तो पिछले वर्ष अत्यधिक बारिश से पहले ही फसलों को नुकसान हुआ था, वहीं अब नीलगायों के हमलों ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। अरई, पकरी, सिटकी, लोहारी, मदरामुकुंदपुर और जनवार गांव के किसान सबसे ज्यादा त्रस्त बताए जा रहे हैं, जहां रात होते ही नीलगायों के झुंड खेतों में पहुंचकर गेहूं, चना सहित अन्य फसलों को रौंद दे रहे हैं। किसान नीरज शर्मा, संदीप सिंह, रज्जन शर्मा, इम्तियाज अहमद और धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि वे रात-रात भर खेतों की रखवाली कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद फसल बचाना मुश्किल हो गया है। कई बार संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई, मगर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने प्रशासन और वन विभाग से नीलगायों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने, खेतों की सुरक्षा की व्यवस्था कराने और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में किसानों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है।
- अमिलिया कला मे बुधवार शाम को टेंट लादकर जा रहा मैजिक वाहन गांव में मानक के विपरीत अधिक ऊंचाई वाले स्पीड ब्रेकर की वजह से हादसे का शिकार हो गया। आपको बताते चलें कि गांव में कई जगह मानक के विपरीत अधिक ऊंचाई के ब्रेकर बनाए गए हैं। जिससे कई बार लोग दुर्घटना का शिकार हुए हैं।3
- मेजा, प्रयागराज। तटीय इलाकों में नीलगायों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। झुंड बनाकर खेतों में घुस रही नीलगायें किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं। हालात यह हैं कि कई गांवों में अन्नदाताओं के लिए फसल बचाना मुश्किल हो गया है। किसानों की मानें तो पिछले वर्ष अत्यधिक बारिश से पहले ही फसलों को नुकसान हुआ था, वहीं अब नीलगायों के हमलों ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। अरई, पकरी, सिटकी, लोहारी, मदरामुकुंदपुर और जनवार गांव के किसान सबसे ज्यादा त्रस्त बताए जा रहे हैं, जहां रात होते ही नीलगायों के झुंड खेतों में पहुंचकर गेहूं, चना सहित अन्य फसलों को रौंद दे रहे हैं। किसान नीरज शर्मा, संदीप सिंह, रज्जन शर्मा, इम्तियाज अहमद और धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि वे रात-रात भर खेतों की रखवाली कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद फसल बचाना मुश्किल हो गया है। कई बार संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई, मगर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने प्रशासन और वन विभाग से नीलगायों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने, खेतों की सुरक्षा की व्यवस्था कराने और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में किसानों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है।1
- Post by Dhananjay Prajapati1
- प्रयागराज जनपद के कौंधियारा थाना परिसर में रमजान और होली पर्व को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से शांति समिति (पीस कमेटी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसीपी कौंधियारा अब्दुस सलाम खान ने की, जबकि थाना प्रभारी कुलदीप शर्मा भी मौजूद रहे। इस अवसर पर क्षेत्र के पत्रकार, ग्राम प्रधान, गणमान्य नागरिक एवं अन्य संभ्रांत लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों महत्वपूर्ण त्योहारों के दौरान क्षेत्र में शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखना था। अधिकारियों ने कहा कि रमजान और होली आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं, इसलिए सभी लोग मिल-जुलकर इन त्योहारों को मनाएं और किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ संदेशों से दूर रहें। एसीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। विशेष रूप से शराब पीकर हुड़दंग करने, अशांति फैलाने या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी ने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने भी प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और त्योहारों को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए हर आवश्यक व्यवस्था की गई।1
- फूलपुर तहसील परिसर में बुधवार लगभग 01 बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर दर्ज मुकदमों के विरोध में धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने परगना मजिस्ट्रेट के माध्यम से नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपकर मुकदमे वापस लेने और निष्पक्ष जांच की मांग की। वक्ताओं ने संतों के खिलाफ कार्रवाई को आस्था से जुड़ा मुद्दा बताते हुए नाराजगी जताई। मांगें पूरी न होने पर व्यापक आंदोलन की चेतावनी भी दी गई।1
- Post by रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,84169043591
- मैं आओगी कल ग्राम हलिया थाना हलिया जिला मिर्जापुर लालगंज लालगंज के हैं ijffdzsg से और मैं भी किए जाने वाले हमको पैसा नहीं मिल1
- डेढ़ लाख का नुकसान, पाइपें बिखरी मिलीं — पुलिस गश्त पर उठे सवाल मेजा (प्रयागराज)। मेजारोड चौकी क्षेत्र अंतर्गत सोरांव गांव में मंगलवार देर रात चोरों ने खेत में लगे सोलर बोरवेल को निशाना बनाते हुए 5 एचपी का समरसेबुल मोटर समेत तीन मोटर चोरी कर लीं। सुबह जब किसान मौके पर पहुंचे तो बोर का ढक्कन खुला मिला और पाइपें इधर-उधर बिखरी पड़ी थीं। घटना से किसानों में दहशत और आक्रोश है। पीड़ित धर्म चंद्र मिश्रा ने बताया कि बोर में एक 3 इंच का और दो छोटे लाइट समरसेबुल मोटर डाले गए थे। अज्ञात चोरों ने सुनियोजित तरीके से मोटर निकाल लिए। इस चोरी में लगभग एक लाख पचास हजार रुपये का नुकसान बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी गहराई से मोटर निकालना सामान्य चोरों के बस की बात नहीं, आशंका है कि कोई संगठित गिरोह सक्रिय है। क्षेत्र में पहले भी कई मोटर चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे पुलिस गश्त पर सवाल उठने लगे हैं। मामले में मेजारोड चौकी प्रभारी हरिओम सिंह को फोन के माध्यम से जानकारी दी गयी और उन्होंने ने कहा जल्द ही चोरो को पकड़ कर उचित करवाई की जाएगी1