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सटीक व सही
SACHTAK RJ36 NEWS Rampurakallan
सटीक व सही
More news from Pali and nearby areas
- सटीक व सही1
- अवैध खनन से हो रहा सड़क निर्माण, रायपुर दीपावास नदी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन1
- राजस्थान अजमेर जिले के जिला कलेक्टर लोकबंधु के नाम से व्हाट्सएप पर साइबर ठगी की कोशिश करने का मामला सामने आया है। साथ ही अजमेर एसपी को मामले में जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।1
- आज गौमाता ,गौवंश को जिमाया 1000 किलो ( 2 🛻 टेंपो ) हरा 🎋 चारा ( मीठा भोजन ) 🐍 सांप पकड़ने वाले महावीर जैन पाली1
- Post by पप्पू सिंह शेखावत पप्पू सिंह शेखावत अमित1
- yah gadh siwana message nali aur bhara hua hoti hai2
- बात कडवा पर सही1
- रायपुर (ब्यावर) नदी में अवैध रूप से बजरी खनन की तरफ खनिज विभाग व प्रशासन की अनदेखी रायपुर सहित आसपास में लूणी नदी में दिन दहाड़े अवैध रूप से बजरी का खनन और परिवहन खुले आम हो रहा हैं । लेकिन उसके बावजूद भी खनिज विभाग व प्रशासन के द्वारा नदी में हो रहे अवैध बजरी खनन के प्रति कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही । जिससे अवैध बजरी खनन करने वालों के हौसले बुलंद है । वही लूणी नदी में जेसीबी से दिन में खुले आम बजरी खनन और परिवहन प्रशासन की आंखों में धूल झोंक कर किया जा रहा। जिसको लेकर शायद तस्वीरों से यही साबित हो रहा है कि अवैध बजरी खनन करने वालों में खनन विभाग और प्रशासन की कार्यवाही का तनिक भी भय नहीं है । जिसके चलते खुलेआम अवैध बजरी खनन रायपुर लूणी नदी और क्षेत्र के आसपास की नदियों में हो रहा हैं।1
- शराब की दुकानों को अब रात दस बजे तक खोलने का फैसला सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मानो यह कोई जनकल्याणकारी योजना हो, जबकि हकीकत यह है कि इससे न तो गरीबों की हालत सुधरेगी और न ही समाज में कोई सकारात्मक बदलाव आएगा। सरकार को यह समझना चाहिए कि शराब केवल राजस्व का साधन नहीं है, बल्कि यह सामाजिक बुराइयों की जड़ भी है। देर रात तक शराब बिक्री का सीधा असर घरेलू हिंसा, महिलाओं की असुरक्षा, सड़क दुर्घटनाओं, अपराध और पारिवारिक विघटन के रूप में सामने आता है। सबसे अधिक प्रभावित वे परिवार होते हैं, जहाँ पहले से ही गरीबी, बेरोज़गारी और मानसिक तनाव मौजूद है। अब सवाल यह है— महिलाओं की सुरक्षा के लिए क्या कोई ठोस कदम उठाए गए? नशे की लत से बर्बाद होते युवाओं के लिए कौन-सी प्रभावी नीति बनाई गई? और गरीबों, मजदूरों व किसानों की आय बढ़ाने के लिए कौन-सी नई योजना वास्तव में धरातल पर उतरी? इन सवालों के जवाब देने के बजाय सरकार ऐसा निर्णय ले रही है जिससे केवल राजस्व बढ़े, भले ही उसकी कीमत समाज को ही क्यों न चुकानी पड़े। यह नीति नहीं, बल्कि स्वार्थ और संवेदनहीनता का स्पष्ट उदाहरण है। एक जिम्मेदार सरकार का दायित्व होना चाहिए कि वह शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता दे— न कि ऐसे फैसले ले जो आमजन के जीवन से खुला खिलवाड़ हों। शराब बिक्री का समय बढ़ाना विकास नहीं है, बल्कि यह समाज को सामाजिक पतन की ओर धकेलने वाला एक और खतरनाक कदम है।1