बालोतरा में हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हिंदी पत्रकारिता दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। यह आयोजन बालोतरा प्रेस क्लब संस्थान और आईएफडब्ल्यूजे (IFWJ) के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें पत्रकारों ने हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा को याद किया। इस अवसर पर, पत्रकारों ने समाजसेवा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। क्लब के सचिव बंशीलाल चौधरी ने बताया कि भीषण गर्मी में पक्षियों को राहत पहुँचाने और उनके संरक्षण के उद्देश्य से अलग-अलग स्थानों पर परिंडे लगाए गए। इसके बाद शहर के सोमनाथ मंदिर परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया, वहीं आईनाथ गोशाला में गायों को गुड़ वितरित कर गौसेवा का कार्य भी किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने रेखांकित किया कि पिछले दो सौ वर्षों में हिंदी पत्रकारिता ने समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने और जनसरोकारों की आवाज़ को बुलंद करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने पत्रकारिता को केवल समाचारों का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और शासन के बीच एक सशक्त सेतु बताया और कहा कि हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होना पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। पत्रकारों ने इस दौरान निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता की परंपरा को आगे बढ़ाने तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक उसकी आवाज़ पहुँचाने का कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में बालोतरा प्रेस क्लब अध्यक्ष भवदीप सिंह चारण, आईएफडब्ल्यूजे जिलाध्यक्ष करनाराम मांजू, बालोतरा प्रेस क्लब सचिव बंशीलाल चौधरी, उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह खारवाल और अनिल वैष्णव सहित सदाशिव सलुन्दिया, स्वरूप सिंह सोढ़ा, मयंक अवस्थी, सवाई सैन, कैलाशपुरी गोस्वामी, विरम देवासी, मुकेश राठौड़, विकास माली, रामलाल बोराणा, लालाराम प्रजापत समेत कई पत्रकार उपस्थित रहे।
बालोतरा में हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हिंदी पत्रकारिता दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। यह आयोजन बालोतरा प्रेस क्लब संस्थान और आईएफडब्ल्यूजे (IFWJ) के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें पत्रकारों ने हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा को याद किया। इस अवसर पर, पत्रकारों ने समाजसेवा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। क्लब के सचिव बंशीलाल चौधरी ने बताया कि भीषण गर्मी में पक्षियों को राहत पहुँचाने और उनके संरक्षण के उद्देश्य से अलग-अलग स्थानों पर परिंडे लगाए गए। इसके बाद शहर के सोमनाथ मंदिर परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया, वहीं आईनाथ गोशाला में गायों को गुड़ वितरित कर गौसेवा का कार्य भी किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने रेखांकित किया कि पिछले दो सौ वर्षों में हिंदी पत्रकारिता ने समाज को जागरूक करने,
लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने और जनसरोकारों की आवाज़ को बुलंद करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने पत्रकारिता को केवल समाचारों का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और शासन के बीच एक सशक्त सेतु बताया और कहा कि हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होना पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। पत्रकारों ने इस दौरान निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता की परंपरा को आगे बढ़ाने तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक उसकी आवाज़ पहुँचाने का कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में बालोतरा प्रेस क्लब अध्यक्ष भवदीप सिंह चारण, आईएफडब्ल्यूजे जिलाध्यक्ष करनाराम मांजू, बालोतरा प्रेस क्लब सचिव बंशीलाल चौधरी, उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह खारवाल और अनिल वैष्णव सहित सदाशिव सलुन्दिया, स्वरूप सिंह सोढ़ा, मयंक अवस्थी, सवाई सैन, कैलाशपुरी गोस्वामी, विरम देवासी, मुकेश राठौड़, विकास माली, रामलाल बोराणा, लालाराम प्रजापत समेत कई पत्रकार उपस्थित रहे।
- कोटा के तलवंडी स्थित आयुर्वेदिक महाविद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय साहित्य परिषद के 9वें प्रदेश महाधिवेशन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारतीय साहित्य, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में साहित्यकारों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि साहित्य केवल ज्ञान का स्रोत नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने वाली एक सशक्त शक्ति है। बिरला ने भारतीय साहित्य को देश की संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों का मजबूत आधार बताया, साथ ही कहा कि साहित्यकारों और लेखकों ने अपनी लेखनी के माध्यम से विभिन्न कालखंडों में भारतीय संस्कृति को संरक्षित और संवर्धित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। लोकसभा अध्यक्ष ने आगे कहा कि साहित्य राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और आने वाली पीढ़ियों को उनकी जड़ों, संस्कृति और गौरवशाली विरासत से जोड़ता है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि साहित्य हमारी पहचान और सभ्यता को जीवंत बनाए रखने का एक सशक्त माध्यम है। वर्तमान समय में युवाओं को साहित्य से जुड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए, बिरला ने कहा कि यह न केवल ज्ञान प्रदान करता है, बल्कि व्यक्ति में संवेदनशीलता, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करता है। उन्होंने युवाओं से भारतीय साहित्य का अध्ययन कर जीवन के लिए सकारात्मक प्रेरणा प्राप्त करने का आह्वान किया। इस महाधिवेशन में प्रदेशभर से आए साहित्यकारों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और साहित्य प्रेमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान भारतीय साहित्य, भाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने साहित्य साधकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।1
- सीतामढ़ी के बथनाहा प्रखंड कार्यालय में नए प्रखंड भवन के निर्माण की शुरुआत से ही गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर कीचड़ के ऊपर घटिया किस्म की ईंटों का उपयोग किया जा रहा है, जो इसकी गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। आरोपों के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान मौके पर कोई जिम्मेदार इंजीनियर भी मौजूद नहीं था, जिससे कार्य की देखरेख और मानकों के पालन पर संदेह पैदा होता है। इन शुरुआती अनियमितताओं के चलते भवन की गुणवत्ता और जनता के टैक्स के पैसे की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। यह पूछा जा रहा है कि क्या सरकारी योजनाओं में जनता के पैसे का खर्च इसी तरह होगा और क्या निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि बथनाहा का यह प्रखंड विकास भवन 'भ्रष्टाचार की आड़ में' बन रहा है।1
- राजस्थान के फायर ब्रांड नेता रविंद्र सिंह भाटी ने शिव में प्रदेश की सरकार को अनुष्ठान के माध्यम से जगाने का प्रयास किया है।1
- जैसलमेर जिले की भणियाणा तहसील के रातडिया गांव और आसपास के इलाकों में बीती रात धूल भरी आंधी का भीषण प्रकोप देखने को मिला है। इस तेज आंधी के गुबार ने पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है, जिससे पेड़-पौधों को गंभीर नुकसान पहुँचा है। आंधी के चलते सैकड़ों की संख्या में विद्युत पोल धराशायी हो गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप इन सभी प्रभावित गांवों में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है।2
- लोहारवा से धोरीमन्ना जाने वाली सड़क, जो खरड़ की ओर जाती है, की दयनीय स्थिति देखकर लोगों में खासा रोष है। यह स्थिति गुड़ामालानी के वर्तमान विधायक और राजस्थान सरकार के मंत्री के.के. विश्नोई के उन दावों पर गंभीर सवाल उठाती है, जिनमें वे अपने भाषणों में गुड़ामालानी क्षेत्र में 300 सड़कें बनाने की बात करते हैं। पोस्ट में मंत्री विश्नोई के इन दावों को गलत बताते हुए आरोप लगाया गया है कि सड़कें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी हैं। इसका मुख्य कारण मंत्री द्वारा सड़कों के कार्य अपने ठेकेदारों को दिया जाना बताया गया है। विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की वास्तविक हालत, जिसमें लोहारवा-धोरीमन्ना सड़क भी शामिल है, उनके 300 सड़कों के दावे के बिल्कुल विपरीत है, और सड़क की स्थिति बेहद खराब है।1
- जालौर की न्यू रामदेव कॉलोनी में रात के समय रोड लाइटें बंद पाई गईं। यह अभी का नजारा है, जहाँ रात के अंधेरे में लाइटें गुल हैं।1
- कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर स्थित गामछ तिराहे और चंबल पुलिया क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएँ जताई जा रही हैं, जहाँ पिछले एक महीने में लूट की पाँच घटनाएँ हो चुकी हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासन की कुम्भकर्णी नींद और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के अभाव में वाहन चालक व राहगीर आए दिन रात्रि में लूट का शिकार हो रहे हैं। प्रशासन के इस रवैये पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब इन लूट की घटनाओं पर लगाम लगेगी। इसी कड़ी में बुधवार को शाम करीब 4 बजे ही गामछ तिराहे पर गुड़ली निवासी राजू सुमन को तीन युवकों ने चाकू घोंपकर दस हजार रुपये लूट लिए। ग्रामीणों ने लुटेरों का लगभग 5 किलोमीटर तक पीछा किया और उन्हें चाकू सहित पकड़कर केशवरायपाटन पुलिस को सौंप दिया। बताया गया है कि यह घटना एक महीने के भीतर हुई पाँचवीं वारदात थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक, सांसद और अधिकारी इसी तिराहे से गुजरते हैं, लेकिन किसी का भी ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर नहीं जाता। ग्रामीणों के अनुसार, गामछ तिराहे पर लगी हाईमास्ट लाइट महज एक शोपीस बनकर रह गई है और पुलिस चौकी न होने का फायदा उठाकर लुटेरे अंधेरे में छिपकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। गामछ, गुड़ला, गुड़ली, भवानीपुरा और आस-पास के क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से कई बार हाईमास्ट लाइट चालू करवाने और रात में एक अस्थाई पुलिस चौकी खोलने की गुहार लगाई है, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन पर बड़े हादसे का इंतजार करने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि इन मांगों को तत्काल पूरा किया जाए ताकि लूट की घटनाओं पर अंकुश लग सके।1
- राजस्थान के चूरू जिले में एक तेज़ बवंडर तूफान देखा गया। इस दौरान हवा और आंधी की गति 80 से 100 तक रही।1