बांसवाड़ा के जिला चिकित्सालय में हाल ही में हुए मातृ मृत्यु के मामलों के बाद जिला प्रशासन ने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उपचार व्यवस्था और रोगी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए व्यापक चिकित्सीय समीक्षा शुरू की है। इस सिलसिले में जिला कलेक्टर श्री इन्द्रजीत यादव ने जिला चिकित्सालय का दौरा कर संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO), वरिष्ठ प्रसूति रोग विशेषज्ञों, एनेस्थीसिया विशेषज्ञों और फिजिशियन के साथ उपचार के हर चरण की गहन चर्चा की और जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड का भी दौरा किया और नर्सिंग इंचार्ज व नर्सिंग अधीक्षक से मरीजों की निगरानी, पोस्ट ऑपरेटिव केयर और नर्सिंग प्रोटोकॉल का विस्तृत फीडबैक लिया। उन्होंने गंभीर रोगियों की निगरानी और समयबद्ध चिकित्सीय हस्तक्षेप को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इन मामलों की निष्पक्ष व विस्तृत जांच के लिए वरिष्ठ डॉक्टरों की पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया जा चुका है। जिला कलेक्टर ने समिति को निर्देशित किया है कि वे वैज्ञानिक व तथ्यपरक तरीके से यह जांच करें कि इलाज के दौरान निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP), चिकित्सीय प्रोटोकॉल और मानक चिकित्सा पद्धति का पूर्णतः पालन किया गया अथवा नहीं। समिति को यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि जांच के दौरान कोई व्यवस्थागत, प्रक्रियागत या ढांचागत कमी पाई जाती है तो उसके संबंध में ठोस और व्यवहारिक सुझाव सौंपे जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जांच का उद्देश्य गुणवत्ता में सुधार करना है, लेकिन यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसकी सिफारिशों के आधार पर सुधारात्मक कदम तत्काल प्रभाव से लागू किए जाएंगे।
बांसवाड़ा के जिला चिकित्सालय में हाल ही में हुए मातृ मृत्यु के मामलों के बाद जिला प्रशासन ने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उपचार व्यवस्था और रोगी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए व्यापक चिकित्सीय समीक्षा शुरू की है। इस सिलसिले में जिला कलेक्टर श्री इन्द्रजीत यादव ने जिला चिकित्सालय का दौरा कर संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO), वरिष्ठ प्रसूति रोग विशेषज्ञों, एनेस्थीसिया विशेषज्ञों और फिजिशियन के साथ उपचार के हर चरण की गहन चर्चा की और जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड का भी दौरा किया और नर्सिंग इंचार्ज व नर्सिंग अधीक्षक से मरीजों की निगरानी, पोस्ट ऑपरेटिव केयर और नर्सिंग प्रोटोकॉल का विस्तृत फीडबैक लिया। उन्होंने गंभीर रोगियों की निगरानी और समयबद्ध चिकित्सीय हस्तक्षेप को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इन मामलों की निष्पक्ष व विस्तृत जांच के लिए वरिष्ठ डॉक्टरों की पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया जा चुका है। जिला कलेक्टर ने समिति को निर्देशित किया है कि वे वैज्ञानिक व तथ्यपरक तरीके से यह जांच करें कि इलाज के दौरान निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP), चिकित्सीय प्रोटोकॉल और मानक चिकित्सा पद्धति का पूर्णतः पालन किया गया अथवा नहीं। समिति को यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि जांच के दौरान कोई व्यवस्थागत, प्रक्रियागत या ढांचागत कमी पाई जाती है तो उसके संबंध में ठोस और व्यवहारिक सुझाव सौंपे जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जांच का उद्देश्य गुणवत्ता में सुधार करना है, लेकिन यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसकी सिफारिशों के आधार पर सुधारात्मक कदम तत्काल प्रभाव से लागू किए जाएंगे।
- बांसवाड़ा के कुशलगढ़ की प्रतिभाशाली छात्रा झील दोशी को कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाने पर सम्मानित किया गया है। बांसवाड़ा में आयोजित जिला स्तरीय सम्मान समारोह में जिला कलेक्टर ने झील को स्मृति चिन्ह एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। शिक्षक नेता समीक्षा जैन की पुत्री झील की इस बड़ी उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है और लोग उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दे रहे हैं। सम्मान प्राप्त करने के बाद झील ने बताया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि अनुशासित मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास ही मंजिल तक पहुंचाते हैं। उन्होंने अपनी दिनचर्या साझा करते हुए बताया कि वह परीक्षा की तैयारी के दौरान प्रतिदिन सुबह 3 बजे से 7 बजे तक नियमित अध्ययन करती थीं। अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय माता-पिता के मार्गदर्शन और सहयोग को देने वाली झील ने भविष्य में प्रशासनिक अधिकारी बनकर समाज की सेवा करने का अपना लक्ष्य निर्धारित किया है।2
- नडियाद शहर में डोर-टू-डोर पार्किंग की जो स्थिति है, उसे देखने और समझने को कहा गया है। शहर में चल रही इस पार्किंग व्यवस्था की वास्तविक हालत को सबके सामने रखते हुए इसे खुद देखने की अपील की गई है।1
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले के आसपुर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राजस्थान कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के प्रस्तावित वागड़ दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 14 जुलाई को आसपुर विधानसभा क्षेत्र के साबला और आसपुर महाराणा प्रताप सर्कल पर होने वाले स्वागत कार्यक्रम को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए शनिवार को पूर्व जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार ने तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई है ताकि कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाया जा सके। सचिन पायलट के इस दौरे को लेकर पूरे वागड़ क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह और उमंग का माहौल है। इस दौरे से कार्यकर्ताओं में नया जोश, उत्साह और ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद जताई जा रही है। तैयारियों की समीक्षा के अवसर पर पूर्व जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार के साथ पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष करणसिंह चौहान, पूर्व विधायक पुजीलाल परमार, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष विरेन्द्र सिंह सिसोदिया, मनोज पाटीदार, महेंद्र पाटीदार, केशर सिंह, नेपाल सिंह, भगवानसिंह, ताजेग पाटीदार, दीपक मीणा और दिग्पाल सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।1
- प्रतापगढ़ जिले के अरनोद में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के माध्यम से अर्जित की गई संपत्ति के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के तहत अवैध गतिविधियों से जुटाई गई संपत्ति को चिह्नित कर पुलिस द्वारा कड़ी कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई है।1
- डूंगरपुर जिले के कुआं थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ मारपीट कर उसे बंधक बनाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस ने कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 4 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल हैं। कुआं पुलिस ने यह कार्रवाई अपने 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत की है। पुलिस द्वारा की गई इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में मामले की चर्चा तेज है।1
- डूंगरपुर के सीमलवाड़ा में शिक्षा के क्षेत्र में समाज की भागीदारी का एक प्रेरणादायी उदाहरण देखने को मिला है। यहाँ विद्या भारती जनजाति समिति राजस्थान द्वारा संचालित विद्या निकेतन प्राथमिक विद्यालय, वाकाखाण्डा भीण्डा में भामाशाह के सहयोग से 52 विद्यार्थियों को नए स्कूल बैग वितरित किए गए। नए बैग पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं जनजाति समिति राजस्थान के अध्यक्ष प्रभुलाल कटारा ने अपने संबोधन में कहा कि विद्या भारती केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार, राष्ट्रभक्ति और चरित्र निर्माण का कार्य भी कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, परिश्रम और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। वहीं, भामाशाह राजकुमार कलाल ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक उन्नति शिक्षित और संस्कारित पीढ़ी से होती है। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से शिक्षा के क्षेत्र में आगे आकर सहयोग करने की अपील की, ताकि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे की पढ़ाई में बाधा न बने। विद्यालय परिवार और विद्यार्थियों ने भामाशाह राजकुमार कलाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग से विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध हुई है, जिससे उनका उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ेगा। इस कार्यक्रम में विभाग प्रमुख दिनेश डामोर, जिला प्रवासी देवीलाल मनात, सह खण्ड कार्यवाह राजेन्द्र पाटीदार, विद्यालय के प्रधानाचार्य, आचार्य तथा विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने इस सामाजिक सहयोग को शिक्षा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय पहल बताया।4
- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, बांसवाड़ा ने जनसंख्या स्थायित्व के इंडिकेटर्स में पूरे राजस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राज्य स्तरीय वर्चुअल समारोह के दौरान प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़, मिशन निदेशक डॉ जोगाराम और आरसीएच निदेशक मधु रतेश्वर ने जिले को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। सीएमएचओ डॉ खुशपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि जिला कलेक्टर के कुशल नेतृत्व में पीपीआईयूसीडी निवेशन में भी बांसवाड़ा ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर 4 लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्राप्त किया है। इस बड़ी सफलता पर नोडल अधिकारी एवं एडिशनल सीएमएचओ डॉ भरत राम मीणा ने इस उपलब्धि का श्रेय जिले के सभी ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, एलएचवी, एएनएम और आशा सहयोगिनियों के समर्पित कार्य को दिया।2
- राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से एक अत्यंत दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 13 साल की एक मासूम बच्ची के साथ अमानवीय कृत्य किया गया है। इस घटना ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं, जिसके चलते देश भर में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस मामले में बढ़ती नाराजगी के बीच, राजस्थान पुलिस के महानिदेशक (DGP) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की है। इस दौरान उन्होंने पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई और मामले की मौजूदा स्थिति को लेकर अपना आधिकारिक बयान दिया है। मामले में 'बुलडोजर एक्शन' के बाद पुलिस प्रशासन की यह पहली बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है।1