मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 21 जुलाई को मध्य प्रदेश विधानसभा ने 'मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता, 2026' (UCC) विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया है। इसे मध्य प्रदेश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय बताया जा रहा है। विधानसभा से पारित होने के बाद अब यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, और राष्ट्रपति के अनुमोदन के बाद यह कानून के रूप में पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगा। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम बताया। इस कानून के लागू होने के बाद प्रदेश के सभी धर्मों के नागरिकों पर एक समान कानून लागू होगा। इसके तहत तीन तलाक, हलाला और लिव-इन रिलेशनशिप के दुरुपयोग पर पूरी तरह रोक लगेगी। कानून बनने के बाद एक से ज्यादा विवाह करना अपराध माना जाएगा, जिससे महिलाओं को उत्पीड़न से मुक्ति मिलेगी। विवाह के अलावा उत्तराधिकार और दत्तक पुत्र जैसे सभी मामलों में महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार दिए जाएंगे। इसके साथ ही, लिव-इन रिलेशनशिप में 18 और 21 वर्ष की निर्धारित आयु का उल्लंघन करने या एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर के लिए इसका दुरुपयोग करने पर 5 साल की जेल की सजा का प्रावधान किया गया है। यूसीसी पारित होने के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए सवाल किया कि वह हमेशा हिंदू-मुस्लिम में अंतर क्यों करना चाहती है। उन्होंने कहा कि देश का बंटवारा कांग्रेस की गलत मानसिकता के कारण हुआ और राज्य में जगदीशपुर को इस्लामपुर बनाया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने शरिया कानून के बजाय एक समान कानून लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि यह कानून नारी सशक्तिकरण की एक नई मिसाल कायम करने के साथ-साथ समान न्याय, समान अधिकार और संवैधानिक मूल्यों को और अधिक सशक्त करेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 21 जुलाई को मध्य प्रदेश विधानसभा ने 'मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता, 2026' (UCC) विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया है। इसे मध्य प्रदेश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय बताया जा रहा है। विधानसभा से पारित होने के बाद अब यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, और राष्ट्रपति के अनुमोदन के बाद यह कानून के रूप में पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगा। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम बताया। इस कानून के लागू होने के बाद प्रदेश के सभी धर्मों के नागरिकों पर एक समान कानून लागू होगा। इसके तहत तीन तलाक, हलाला और लिव-इन रिलेशनशिप के दुरुपयोग पर पूरी तरह रोक लगेगी। कानून बनने के बाद एक से ज्यादा विवाह करना अपराध माना जाएगा, जिससे महिलाओं को उत्पीड़न से मुक्ति मिलेगी। विवाह के अलावा उत्तराधिकार और दत्तक पुत्र जैसे सभी मामलों में महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार दिए जाएंगे। इसके साथ ही, लिव-इन रिलेशनशिप में 18 और 21 वर्ष की निर्धारित आयु का उल्लंघन करने या एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर के लिए इसका दुरुपयोग करने पर 5 साल की जेल की सजा का प्रावधान किया गया है। यूसीसी पारित होने के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए सवाल किया कि वह हमेशा हिंदू-मुस्लिम में अंतर क्यों करना चाहती है। उन्होंने कहा कि देश का बंटवारा कांग्रेस की गलत मानसिकता के कारण हुआ और राज्य में जगदीशपुर को इस्लामपुर बनाया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने शरिया कानून के बजाय एक समान कानून लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि यह कानून नारी सशक्तिकरण की एक नई मिसाल कायम करने के साथ-साथ समान न्याय, समान अधिकार और संवैधानिक मूल्यों को और अधिक सशक्त करेगा।
- मध्य प्रदेश में भाजपा भोपाल द्वारा कांग्रेस कमेटी भोपाल कार्यालय पर भारी जंगी प्रदर्शन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों और हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लेकर जमकर शक्ति प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवान, महापौर मालती राय, किशन सूर्यवंशी, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रियंका मिश्रा और कई महिला कार्यकर्ताओं समेत पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।4
- भोपाल में मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही के दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार पर सदन की मर्यादा खत्म करने का आरोप लगाया है। विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि उन्होंने छात्रों या आंदोलनकारियों को 'कीड़ा' नहीं कहा और उनके जैसे जिम्मेदार व्यक्ति पर ऐसे झूठे आरोप लगाना बेहद असहनीय है। पूरा मामला तब शुरू हुआ जब कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भंवर सिंह शेखावत ने दिल्ली के जंतर-मंतर की घटना को अचानक सदन में उठाया। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते कैलाश विजयवर्गीय कांग्रेस नेताओं और नेता प्रतिपक्ष को समझाने पहुंचे। इस बातचीत के दौरान उन पर छात्रों को कीड़ा कहने का आरोप लगा दिया गया। इसके विरोध में कांग्रेस नेता सदन का बहिष्कार करते हुए मुख्यमंत्री कक्ष के सामने धरने पर बैठ गए और मंत्री से माफी की मांग करने लगे। आज फिर सदन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने मंत्री पर छात्रों और आंदोलनकारियों को कीड़ा कहने का आरोप दोहराया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने पूरी कार्यवाही को देखा, रिकॉर्डिंग निकलवाकर सुनी और स्पष्ट कर दिया कि मंत्री के मुंह से ऐसा कोई शब्द नहीं निकला है। विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि वह उमंग सिंगार को समझाएंगे। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष से कोई खेद प्रकट करने या माफी मांगने की अपेक्षा नहीं रख रहे हैं, लेकिन जिस तरह कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार द्वारा सदन की मर्यादा खत्म की जा रही है, वह चिंताजनक है।1
- शराब के नशे में इंसान किस हद तक बेसुध हो जाता है, इसे लेकर एक शख्स ने अपने ही अंदाज में एक मजेदार किस्सा सुनाया है। दादा ने मजाकिया लहजे में कहा कि लोग दारू पीकर इस तरह पड़े रहते हैं कि कुत्ते मुंह पर मूत जाएं तब भी उन्हें पता नहीं चलता। इस वीडियो को देखकर लोगों के लिए अपनी हंसी रोकना मुश्किल हो रहा है।1
- भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में जेल में बंद पूर्व जज व सास गिरीबाला की जमानत याचिका पर दो महिला जजों ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। दो महिला जजों द्वारा निजी कारणों से खुद को सुनवाई से अलग किए जाने के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार देर शाम इस मामले को सीबीआई की विशेष अदालत में ट्रांसफर कर दिया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण अब पूर्व जज गिरीबाला की जमानत याचिका पर 24 जुलाई को सुनवाई होगी। इस कानूनी घटनाक्रम के तहत जब गिरीबाला के वकील ने जमानत याचिका दाखिल की, तो कोर्ट ने सीबीआई को केस डायरी पेश करने के निर्देश दिए थे। सीबीआई द्वारा केस डायरी जमा किए जाने के बाद जज मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मामले को एक महिला जज की कोर्ट में स्थानांतरित किया। हालांकि, संबंधित महिला जज ने आरोपी गिरीबाला के पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने का हवाला देते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद याचिका दूसरी महिला जज की अदालत में भेजी गई, लेकिन उन्होंने भी खुद को इस केस से अलग कर लिया, जिसके बाद जिला अदालत ने इसे सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में भेजने का निर्णय लिया। जेल में बंद आरोपी गिरीबाला ने अपनी याचिका में ढलती उम्र, खराब सेहत और बुजुर्ग मां की देखभाल का हवाला देकर राहत मांगी है। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि दिवंगत बहू ट्विशा शर्मा के साथ उनके संबंध मधुर थे। दूसरी ओर, मृतका के परिजनों ने जमानत का पुरजोर विरोध करने का फैसला किया है। परिजनों के अधिवक्ता अंकुर पांडे का कहना है कि वे हाईकोर्ट से पूर्व में गिरीबाला की जमानत रद्द होने से जुड़े सभी अहम तथ्यों और सबूतों को निचली अदालत में पेश करेंगे, क्योंकि न्याय के लिए आरोपी का जेल में रहना जरूरी है।2
- शायर गंगाधर मलेजपुरे ने अपनी पंक्तियों के जरिए प्रेम और विरह के भावों को साझा किया है। उन्होंने लिखा कि ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना, फूलों में, गलियों में और सपनों की गलियों में मोहब्बत रास नहीं आई। इन पंक्तियों के माध्यम से साथी के बिना जीवन के अधूरेपन और प्रेम में मिले दर्द को व्यक्त किया गया है।1
- भोपाल में नगर निगम ने सड़क और फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने के लिए बड़ी कार्रवाई की है। निगम प्रशासन की इस कार्रवाई के तहत सड़कों और फुटपाथों पर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया है।1
- मध्य प्रदेश के भोपाल में कांग्रेस कमेटी भोपाल के कार्यालय पर भाजपा भोपाल द्वारा जंगी प्रदर्शन किया जा रहा है। भाजपा भोपाल के इस जंगी प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस कमेटी भोपाल कार्यालय पर हलचल बनी हुई है।4
- प्रयागराज में छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब बेहद व्यापक रूप ले चुका है, जहाँ जिले की प्रमुख सड़कों पर हजारों प्रतियोगी छात्रों का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि शिक्षा, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और रोजगार का मुद्दा पूरे देश के युवाओं से जुड़ा हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक शासन और प्रशासन उनकी चिंताओं का ठोस समाधान नहीं निकालते, तब तक उनका यह आर-पार का आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। वहीं, क्षेत्र में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।1