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- जय हो बाला जी सरकार की जय श्री राम 🚩🚩🚩 जय श्री सीता राम जी की1
- मोहाना ट्रेडर्स फर्म पर करोड़ों की ठगी का शक, 50 लाख से ज्यादा रकम लेकर संचालक फरार — थाने में मामला दर्ज, पुलिस जांच तेज शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र अंतर्गत चुंगी नाका स्थित मोहाना ट्रेडर्स नामक फर्म को लेकर बड़ा धोखाधड़ी कांड सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फर्म संचालकों द्वारा क्षेत्र के सैकड़ों लोगों से विभिन्न घरेलू, इलेक्ट्रॉनिक एवं व्यापारिक सामान उपलब्ध कराने के नाम पर एडवांस राशि जमा कराई गई थी। अब इस मामले में 50 लाख रुपये से अधिक की सामूहिक ठगी की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक कुछ महीने पहले शुरू हुई इस फर्म ने कम कीमत में सामान उपलब्ध कराने का लालच देकर ग्रामीणों और नगरवासियों का भरोसा जीता। लोगों को भरोसा दिलाया गया कि एडवांस राशि जमा करने पर निर्धारित तिथि में सामान उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसी विश्वास में आकर बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जमा पूंजी फर्म में निवेश कर दी। फर्म संचालकों द्वारा सोमवार को सामान वितरण की तारीख तय की गई थी। तय समय पर करीब 300 से अधिक लोग सुबह से ही चुंगी नाका स्थित दुकान पर पहुंचने लगे, लेकिन वहां पहुंचने पर दुकान बंद मिली और शटर पर ताला लटका मिला। काफी इंतजार के बाद भी जब कोई संचालक या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा तो लोगों को ठगी का एहसास हुआ और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने जमकर नाराजगी जताई। पीड़ितों का कहना है कि किसी ने बेटी की शादी के लिए फर्नीचर और घरेलू सामान बुक कराया था, तो किसी ने दुकान शुरू करने के लिए व्यापारिक सामग्री के नाम पर एडवांस दिया था। कई परिवारों की जीवनभर की बचत इस फर्म में फंसने की बात सामने आ रही है। स्थिति तनावपूर्ण होते देख स्थानीय लोगों ने तत्काल ब्यौहारी थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और भीड़ को शांत कर हालात नियंत्रित किए। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद ब्यौहारी थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और फरार फर्म संचालकों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के दुकानदारों, स्थानीय लोगों तथा पीड़ितों से पूछताछ कर रही है। साथ ही फर्म के दस्तावेज, लेन-देन और संबंधित व्यक्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस ठगी में कितने लोग शामिल हैं और रकम का वास्तविक आंकड़ा कितना है। बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे ठगी की रकम और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। घटना के बाद पूरे ब्यौहारी क्षेत्र में आक्रोश और दहशत का माहौल है, जबकि सैकड़ों पीड़ित अब न्याय और अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने की उम्मीद में पुलिस कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।4
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत फायदा नहीं तो डबल पैसा वापस 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- रीवा। जिले के मनगवां थाने में की गई एनडीपीएस एक्ट एवं औषधि नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई के दौरान प्राप्त शिकायत पर पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। प्रारंभिक जांच में आचरण संदिग्ध और प्रथम दृष्टया भ्रष्ट पाए जाने पर कार्यवाहक निरीक्षक सहित दो आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों—गौरव राजपूत (पुलिस महानिरीक्षक), हेमंत चौहान (डीआईजी), शैलेन्द्र सिंह चौहान (पुलिस अधीक्षक) एवं संदीप मिश्रा (प्रभारी एसपी)—के निर्देशन में की गई जांच के बाद सामने आई है। क्या है मामला? जानकारी के अनुसार, थाना मनगवां में एनडीपीएस एक्ट और 5/13 औषधि नियंत्रण अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में कार्रवाई की प्रक्रिया, जब्ती एवं अन्य बिंदुओं को लेकर गंभीर प्रश्न उठाए गए थे। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कराई गई जांच में कार्यवाहक निरीक्षक गजेन्द्र सिंह धाकड़, आरक्षक विजय यादव एवं आरक्षक बृजकिशोर अहिरवार का आचरण प्रथम दृष्टया संदिग्ध एवं भ्रष्ट पाया गया। इसके बाद तीनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। “30 के खेला” से पहले भी कार्रवाई पुलिस विभाग में यह कोई पहला मामला नहीं है। सूत्रों के अनुसार, पूर्व में भी कथित “30 के खेला” जैसे मामलों में कई पुलिस कर्मचारी कार्रवाई की जद में आ चुके हैं। विभागीय स्तर पर समय-समय पर ऐसे मामलों में जांच और दंडात्मक कार्रवाई की जाती रही है। सख्त संदेश इस कार्रवाई को पुलिस प्रशासन की “जीरो टॉलरेंस” नीति के रूप में देखा जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों का स्पष्ट संकेत है कि अवैध वसूली, भ्रष्ट आचरण या संदिग्ध कार्यप्रणाली किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे क्या? निलंबन के साथ ही विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों पर विभागीय दंड के साथ-साथ अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई संभव है। रीवा जिले में इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है और इसे प्रशासन की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। आमजन में भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि भ्रष्टाचार या संदिग्ध कार्यप्रणाली के खिलाफ अब उच्च स्तर पर निगरानी तेज कर दी गई है।2
- मैहर बड़ी खबर मैहर से जहा अवैध शराब कारोबारी मैनेजर भारत भूषण तिवारी कानून के नियम की उड़ा रहा धज्जिया अमदार क्षेत्र मे भारत भूषण तिवारी का तांडव नृत्य शराब की दुकान बनाई गई है जो की नियम के खिलाफ नहीं है जबकि नियम से कहा जाये तो नेशनल हाईवे करीब 1किलो मीटर अंदर होनी चाहिये थी यही नहीं और अलग अगल जगहों पर प्रशासन के नाक के नीचे से चोरी चोरी शराब तस्कारी की जाती है और जो सरकारी प्रिंट रेट से अधिक रेट मे भारत भूषण तिवारी द्वारा शराब बेचीं जाती है पर ऐसा नहीं होना चाहिये मै शासन और प्रशासन से और अबकारी विभाग से मांग करता हु की ,ऐसे मैनेजर का लाइसेंस रद्द किया जाना चाहिये और शराब की दुकान मे ताला लगने की गुजारिश करता हू आबकारी विभाग के कानो में जू तक नहीं है1
- रीवा जिले के सेमरिया विधानसभा में चल रही है संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा कथा वाचक आदरणीय गोकर्ण शास्त्री द्वारा बताया गया भगवान कृष्ण और रुक्मिणी रीवा जिले के सेमरिया विधानसभा अंतर्गत शाहपुर,ब्लॉक शाहपुर के अंतर्गत ग्राम सुकवार में चल रही श्रीमद्भागवत कथा कथावाचक गोकर्ण शास्त्री द्वारा विस्तार पूर्वक बताया कि रुक्मिणी विदर्भ के राजा भीष्मक की बेटी थीं। वह बहुत ही सुंदर और गुणवान थीं। रुक्मिणी ने भगवान कृष्ण की कई कथाएं सुनी थीं और उन पर मोहित हो गई थीं। उन्होंने कृष्ण को अपना दिल दे दिया और उनसे विवाह करना चाहती थीं। *शिशुपाल से विवाह* लेकिन रुक्मिणी के भाई रुक्मी ने शिशुपाल से उनका विवाह तय कर दिया। शिशुपाल चेदि का राजा था और वह बहुत ही दुष्ट था। रुक्मिणी को यह बात पसंद नहीं आई और उन्होंने कृष्ण को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने अपनी स्थिति बताई और उनसे मदद मांगी। *कृष्ण की मदद* रुक्मिणी का पत्र पढ़कर कृष्ण ने उनकी मदद करने का फैसला किया। वह अपने भाई बलराम के साथ विदर्भ पहुंचे। रुक्मिणी ने अपने परिवार को बताया कि वह भगवान परशुराम की पूजा करने जा रही हैं, लेकिन वह कृष्ण के साथ भाग गईं। *विवाह* कृष्ण और रुक्मिणी का विवाह द्वारका में हुआ। इस विवाह में कई देवताओं ने भाग लिया और कृष्ण को आशीर्वाद दिया। रुक्मिणी और कृष्ण का विवाह एक आदर्श विवाह माना जाता है, जिसमें प्रेम, भक्ति, और साहस का अद्भुत मेल है। इस कथा से हमें यह सीखने को मिलता है कि भगवान पर भरोसा रखने से हमारी सभी समस्याएं दूर हो सकती हैं। सभी श्रोता गण भाव विभोर हो गए और सभी जय राधे जय राधे2
- रीवा जिले के ग्राम पंचायत पुरास तालाब को लेकर हाई कोर्ट जबलपुर द्वारा अधिकरण हटाने का निर्देश दिया था जिला प्रशासन द्वारा राजस्व विभाग के अधिकारियों को आदेशित किया गया था दो दिन पूर्व तालाब में अतिक्रमण हटाया जा रहा था जहां तालाब पर बसे हुए लोगों के घर पर जब बुलडोजर चलाने की तैयारी की गई तो हरिजन लोगों ने इसका विरोध करना शुरू किया उन्होंने कहा कि कई सालों से वह शासकीय जमीन पर घर बना कर रखे हुए हैं अगर प्रशासन द्वारा हटाया जा रहा है तो उन्हें कहीं शासकीय भूमि पर प्लॉट आवंटित किया जाए जिसको लेकर कांग्रेस पार्टी के नेता नरेश तिवारी ने कहा कि मध्य शासन की भूमि पर गरीबों को रहने की जगह दी जाए उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस समुचित खेल पर पूर्व सरपंच वर्तमान सरपंच तथा राजस्व विभाग के अधिकारि कर्मचारी द्वारा मिली भगत की जा रही है अगर प्रशासन द्वारा इनको तालाब से हटाया जा रहा है तो कहीं ना कहीं विस्थापित करने के लिए इनकी व्यवस्था की जाए अगर ऐसा नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी को मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा1
- दिमाग स्थिर करके सोचने पर हर समस्या का हल मिलता है1
- मऊगंज/हनुमना। मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में अवैध खनन का काला कारोबार अब खतरनाक मोड़ ले चुका है। मीडिया की पड़ताल में हनुमना क्षेत्र के लोढ़ी सहित दर्जनों गांवों में सैकड़ों अवैध खदानों का बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ है, जहां पहाड़ों को चीरकर पत्थर की चीप, पटिया और ढोका का कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा है। तस्वीरें खुद बयां कर रही हैं कि किस तरह जंगलों और पहाड़ों को छलनी कर दिया गया है। जहां नजर डालो, वहां गहरी खाइयां, टूटे पहाड़ और उजड़े वन क्षेत्र दिखाई देते हैं। भारी मशीनों से पत्थर निकाले जा रहे हैं और ट्रकों में भरकर उत्तरप्रदेश और बिहार तक सप्लाई की जा रही है। सूत्रों के अनुसार यह पूरा खेल अंतरराज्यीय नेटवर्क के जरिए संचालित हो रहा है। एनजीटी के आदेश बेअसर, माफिया बेलगाम पर्यावरणीय नियमों और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के दिशा-निर्देशों के बावजूद क्षेत्र में अवैध उत्खनन बेरोकटोक जारी है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन विभाग का अमला दबाव में बताया जा रहा है, जबकि खनिज विभाग की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। जब मीडिया टीम मौके पर पहुंची तो अवैध खनन में लगी मशीनें अचानक बंद कर दी गईं। कुछ ही देर में मशीनें हटाने की कोशिश की गई और मौके पर मौजूद लोग भागने लगे। लेकिन इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और कथित खनन माफियाओं द्वारा मीडिया टीम के साथ झूमाझटकी की गई। स्थिति इतनी बिगड़ी कि सुरक्षा के मद्देनजर टीम को वहां से निकलना पड़ा। यह घटना दर्शाती है कि अवैध खनन का संगठित और प्रभावशाली नेटवर्क सक्रिय है, जो कानून को खुली चुनौती दे रहा है। करोड़ों के राजस्व का नुकसान, प्रशासन पर सवाल हनुमना क्षेत्र में बिना अनुमति संचालित इन सैकड़ों खदानों से शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। बावजूद इसके, कार्रवाई कागजों तक सीमित नजर आती है। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर इन अवैध खदानों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही है या फिर दबाव? सांसद का सख्त संदेश जनार्दन मिश्रा (रीवा सांसद) ने अवैध खनन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि क्षेत्र में किसी भी तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून हाथ में लेने वालों को उनकी सही जगह भेजा जाएगा। उन्होंने प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश देने की बात कही और चेतावनी दी कि यदि खनन माफिया नहीं रुके तो कठोर कदम उठाए जाएंगे। सांसद ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की लूट किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिवक्ता ने की उच्चस्तरीय शिकायत वरिष्ठ अधिवक्ता बी.के. माला ने इस पूरे मामले की शिकायत मऊगंज कलेक्टर से लेकर रीवा संभाग के आयुक्त तक की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बिना अनुमति बड़े पैमाने पर पत्थर का उत्खनन हो रहा है, जिससे शासन को भारी राजस्व क्षति और पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है। बी.के. माला का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने अवैध खदानों की तत्काल जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों में भय, पर्यावरण पर संकट ग्रामीणों, विशेषकर आदिवासी महिलाओं ने भी भय और असुरक्षा का माहौल होने की बात कही है। उनका कहना है कि लगातार हो रहे विस्फोट और मशीनों की आवाज से जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं जलस्रोतों पर भी असर पड़ रहा है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो मऊगंज के पहाड़ और जंगल पूरी तरह खोखले हो सकते हैं। अब प्रशासन की अग्निपरीक्षा अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती दिखाता है। क्या अवैध उत्खनन के इस काले साम्राज्य पर लगाम लगेगी या फिर मऊगंज के पहाड़ यूं ही उजड़ते रहेंगे?4