पटना जिले के मनेर नगर परिषद क्षेत्र के बस्ती रोड स्थित कई मोहल्लों से शुक्रवार को मुहर्रम पर्व पर अलम मातमी जुलूस और ताजिया निकाली गई। यह आयोजन पुलिस प्रशासन की देखरेख में हुआ, जिसमें गाजे-बाजे, हाथी और घोड़े भी शामिल थे। इस दौरान मखदुमिया मुहर्रम कमेटी काजी मोहल्ला बड़ी ताजिया, पठान टोला यादगारे हुसैन कमेटी और चारहजार मोहल्ला, रसूलपुर मोहल्ला, नेवाती मोहल्ला आदि जगहों से ताजिया और जुलूस सुबह एक साथ निकले। ये जुलूस बस्ती मार्ग से होते हुए 'या हुसैन या अली या हसन' के नारों के साथ मुख्य सड़क और दरगाह मार्ग से गुजरे, पूरे नगर का भ्रमण किया। 'या हुसैन या अली या हसन' के नारों से पूरा नगर इलाका गूंज उठा। इसी अवसर पर मखदुमिया मुहर्रम कमेटी द्वारा पगड़ी सम्मान का आयोजन भी किया गया। इसमें विधायक भाई वीरेंद्र, नगर परिषद सभापति विद्याधर विनोद, कामेश्वर यादव, रणवीर कुमार, सनोज कुमार, भृगु यादव सहित कई प्रमुख लोगों को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। जुलूस के दौरान स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह से चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के साथ मुस्तैद रही। इस आयोजन में खलीफा गुड्डु खान, रिजवान खान, इम्तियाज दाद खान, मिस्टर खान, जुनैद हुसैन खान, शहाबुद्दीन खान, अजमल हुसैन, शाहनवाज खान, हैदर खान, मो. नोशद आलम, इरफान हुसैन, मो. लड्डन, सफूला खान, मन्ना खान, मो. फिरोज, मो. मनोव्वर, मो. इश्तेयाक सहित कई अन्य लोग शामिल थे।
पटना जिले के मनेर नगर परिषद क्षेत्र के बस्ती रोड स्थित कई मोहल्लों से शुक्रवार को मुहर्रम पर्व पर अलम मातमी जुलूस और ताजिया निकाली गई। यह आयोजन पुलिस प्रशासन की देखरेख में हुआ, जिसमें गाजे-बाजे, हाथी और घोड़े भी शामिल थे। इस दौरान मखदुमिया मुहर्रम कमेटी काजी मोहल्ला बड़ी ताजिया, पठान टोला यादगारे हुसैन कमेटी और चारहजार मोहल्ला, रसूलपुर मोहल्ला, नेवाती मोहल्ला आदि जगहों से ताजिया और जुलूस सुबह एक साथ निकले। ये जुलूस बस्ती मार्ग से होते हुए 'या हुसैन या अली या हसन' के नारों के साथ मुख्य सड़क और दरगाह मार्ग से गुजरे, पूरे नगर का भ्रमण किया। 'या हुसैन या अली या हसन' के नारों से पूरा नगर इलाका गूंज उठा। इसी अवसर पर मखदुमिया मुहर्रम कमेटी द्वारा पगड़ी सम्मान का आयोजन भी किया गया। इसमें विधायक भाई वीरेंद्र, नगर परिषद सभापति विद्याधर विनोद, कामेश्वर यादव, रणवीर कुमार, सनोज कुमार, भृगु यादव सहित कई प्रमुख लोगों को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। जुलूस के दौरान स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह से चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के साथ मुस्तैद रही। इस आयोजन में खलीफा गुड्डु खान, रिजवान खान, इम्तियाज दाद खान, मिस्टर खान, जुनैद हुसैन खान, शहाबुद्दीन खान, अजमल हुसैन, शाहनवाज खान, हैदर खान, मो. नोशद आलम, इरफान हुसैन, मो. लड्डन, सफूला खान, मन्ना खान, मो. फिरोज, मो. मनोव्वर, मो. इश्तेयाक सहित कई अन्य लोग शामिल थे।
- पटना जिले के मनेर नगर परिषद क्षेत्र के बस्ती रोड स्थित कई मोहल्लों से शुक्रवार को मुहर्रम पर्व पर अलम मातमी जुलूस और ताजिया निकाली गई। यह आयोजन पुलिस प्रशासन की देखरेख में हुआ, जिसमें गाजे-बाजे, हाथी और घोड़े भी शामिल थे। इस दौरान मखदुमिया मुहर्रम कमेटी काजी मोहल्ला बड़ी ताजिया, पठान टोला यादगारे हुसैन कमेटी और चारहजार मोहल्ला, रसूलपुर मोहल्ला, नेवाती मोहल्ला आदि जगहों से ताजिया और जुलूस सुबह एक साथ निकले। ये जुलूस बस्ती मार्ग से होते हुए 'या हुसैन या अली या हसन' के नारों के साथ मुख्य सड़क और दरगाह मार्ग से गुजरे, पूरे नगर का भ्रमण किया। 'या हुसैन या अली या हसन' के नारों से पूरा नगर इलाका गूंज उठा। इसी अवसर पर मखदुमिया मुहर्रम कमेटी द्वारा पगड़ी सम्मान का आयोजन भी किया गया। इसमें विधायक भाई वीरेंद्र, नगर परिषद सभापति विद्याधर विनोद, कामेश्वर यादव, रणवीर कुमार, सनोज कुमार, भृगु यादव सहित कई प्रमुख लोगों को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। जुलूस के दौरान स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह से चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के साथ मुस्तैद रही। इस आयोजन में खलीफा गुड्डु खान, रिजवान खान, इम्तियाज दाद खान, मिस्टर खान, जुनैद हुसैन खान, शहाबुद्दीन खान, अजमल हुसैन, शाहनवाज खान, हैदर खान, मो. नोशद आलम, इरफान हुसैन, मो. लड्डन, सफूला खान, मन्ना खान, मो. फिरोज, मो. मनोव्वर, मो. इश्तेयाक सहित कई अन्य लोग शामिल थे।1
- बिहार के सारण जिले के परसा सैदपुर स्थित वार्ड नंबर 12 में नल जल योजना ठप पड़ी है। यहां नलों से पानी पूरी तरह गायब हो चुका है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि इस योजना के तहत क्षेत्र में आखिरी बार पानी करीब पाँच साल पहले आया था। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, मांग की गई है कि नल जल योजना की वर्तमान स्थिति का सर्वे कराया जाए।3
- बिहार के बिहटा में शाहपुर प्रखंड के बीलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में न्याय की मांग को लेकर बुधवार को एक कैंडल मार्च निकाला गया। यह मार्च राघोपुर स्थित स्वामी सहजानंद सरस्वती आश्रम से शुरू होकर बिहटा चौक तक पहुँचा, जिसमें जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, युवाओं, महिलाओं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया। मार्च में शामिल लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि दी और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। लोगों का आरोप था कि भरत भूषण तिवारी ने जीवनभर गरीबों, वंचितों और शोषितों के हक की लड़ाई लड़ी तथा जनसरोकारों के विभिन्न मुद्दों को उठाया, लेकिन वे भ्रष्ट व्यवस्था और अफसरशाही के शिकार हो गए। मार्च के दौरान "भरत भूषण तिवारी अमर रहें", "न्याय दो" और "सत्य की जीत हो" जैसे नारे लगाए गए। समाजसेवी कुश कुमार ने स्पष्ट किया कि जब तक भरत भूषण तिवारी को न्याय नहीं मिल जाता और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने इस लड़ाई में समाज के सभी वर्गों की एकजुटता पर जोर दिया। बिहटा चौक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. ललित मोहन शर्मा ने कहा कि भरत भूषण तिवारी गरीबों की आवाज थे और जमानिया गांव के पुनर्स्थापन में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने मामले की जांच पूर्व डीजीपी अभयानंद की निगरानी में कराने की मांग की।1
- गुलचू द्वारा एक भजन प्रस्तुत किया गया है।1
- पटना पूर्वी जिले के बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र के बख्तियारपुर प्रखंड स्थित ग्राम घोसवरी निवासी रामबाबू पासवान के पुत्र रंजन पासवान की हत्या को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के पटना पूर्वी जिलाध्यक्ष रंजीत यादव ने अत्यंत दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। रंजन पासवान ईंट-भट्ठे में कार्यरत थे। रंजीत यादव ने पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और इस दुख की घड़ी में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने संबंधित प्रशासनिक पदाधिकारियों से बात कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस दुखद घटना से पूरा क्षेत्र मर्माहत है और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) परिवार पीड़ित परिवार के साथ हमेशा मजबूती से खड़ा रहेगा। इस दौरान उनके साथ जिला महासचिव रंजीत पासवान, जिला संगठन सचिव बैजनाथ पासवान, बख्तियारपुर प्रखंड अध्यक्ष राज किशोर दास, खुसरूपुर प्रखंड अध्यक्ष सुरेंद्र पासवान, मंजय पासवान, शंकर पासवान सहित कई पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- पटना पूर्वी जिले के बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत घोसवरी गांव निवासी रामबाबू पासवान के पुत्र रंजन पासवान की हत्या को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के पटना पूर्वी जिलाध्यक्ष रंजीत यादव ने अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। रंजन पासवान एक ईंट-भट्ठे में कार्यरत थे। रंजीत यादव ने आज पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और इस दुख की घड़ी में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने संबंधित प्रशासनिक पदाधिकारियों से बात कर इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही, यादव ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना से पूरा क्षेत्र मर्माहत है और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) परिवार पीड़ित परिवार के साथ हमेशा मजबूती से खड़ा रहेगा। इस दौरान उनके साथ जिला महासचिव रंजीत पासवान, जिला संगठन सचिव बैजनाथ पासवान, बख्तियारपुर प्रखंड अध्यक्ष राज किशोर दास, खुसरूपुर प्रखंड अध्यक्ष सुरेंद्र पासवान, मंजय पासवान, शंकर पासवान सहित कई पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- आरा शहर में मुहर्रम की 10 तारीख, जिसे 'यौमे आशूरा' भी कहा जाता है, के अवसर पर कर्बला के शहीदों के नाम एक विशाल 'ताज़िया का मातमी जुलूस' निकाला गया। यह जुलूस सुबह 9 बजे महादेवा महाजन टोली न.1 स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा से स्व. अहमद हुसैन की ओर से शुरू हुआ और महादेवा रोड, धर्मन चौक, टाउन थाना, नाला मोड़, पुरानी पुलीस लाइन होते हुए छोटी कर्बला मौला बाग़ में जाकर समाप्त हुआ। यह परंपरा लगभग 200 वर्ष पुरानी है और इसे हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कर्बला में हुई शहादत को याद करने के लिए मनाया जाता है। इस शोकपूर्ण अवसर पर नौहा पढ़ा गया और मातम किया गया। शिया समुदाय के लोगों ने विशेषकर काले वस्त्र धारण कर इस घटना की याद में शोक व्यक्त किया। खास बात यह रही कि सभी समुदाय के लोग भी इस शोकपूर्ण घटना की याद में जुलूस के साथ शामिल होकर अपना भरपूर सहयोग दे रहे थे। जुलूस में सैयद रेयाज हुसैन, सैयद अली हुसैन, सैयद हसनैन, नासिर हसन, इंतसाब हसन ने नौहा पढ़ा। सैयद रेयाज हुसैन ने "ज़ुल्म जो मुसाफ़िर पर हो गया ना भूलेंगे", "भूल जाएंगे सब कुछ कर्बला ना भूलेंगे" पंक्तियाँ सुनाईं, वहीं सैयद अली हुसैन ने "शाहे करबोबला का मातम है, बेकसो बेनवा का मातम है" और "आओ-आओ मुराद ले जाओ, भीख मे कायनात ले जाओ" की पंक्तियाँ पढ़ीं। इस जुलूस में मौलाना रज़ा अब्बास, सैयद आबिद बिलग्रामी, सैयद काज़िम हुसैन, प्रो. सैयद एजाज़ हुसैन, मौलाना हसन अब्बास, सैयद अक़ील हैदर, शब्बीर हसन, सरफ़राज़ हैदर, शादाब हुसैन, डाक्टर कौनैन रज़ा, नासिर हसन, सैयद यावर हुसैन, क़मर हैदर, सैयद इख़्तियार हुसैन, गुड्डु अंसारी, लड्डन अंसारी सहित कई अन्य लोग शामिल थे। इसके संचालन में "सर्व-धर्म हुसैनी एकता समाज" की तरफ से ओम प्रकाश "मुन्ना", अजीत रंजन (अधिवक्ता), महफ़ूजआलम, एकराम आलम, अखिलेश कुमार, अंजनी सिन्हा, बिरेन्द्र श्रीवास्तव, विजय कुमार, वीर बहादुर आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रशासन ने जुलूस की देखरेख में अच्छी व्यवस्था बनाए रखी, और मीडिया कर्मियों द्वारा इसकी लगातार लाइव कवरेज की गई, जो प्रशंसनीय है।4
- पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी सरकार में मंत्री का पद संभालने के बाद अर्जुन सिंह पहली बार अपने गृह जिले पहुंचे। इस अवसर पर कुलहरिया टोल पर उनका भव्य स्वागत किया गया।1