आज हम बात कर रहे हैं एक कड़वी सच्चाई की — क्या सिर्फ अमीर घर में शादी करने से बेटी खुश रहती है? इस वीडियो में जानिए: ✔️ पैसा vs असली खुशी ✔️ समाज की सच्चाई ✔️ बेटियों के साथ होने वाली गलत सोच वीडियो पसंद आए तो Like, Share और Follow जरूर करें। रिपोर्टर: रितेशनमस्कार, मेरा नाम है रितेश रावत, और आप देख रहे हैं रावत रिपोर्ट। आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसी सच्चाई की, जिसे लोग जानते तो हैं… लेकिन खुलकर बोलते नहीं। क्या आज भी हमारी समाज में बेटियों की शादी पैसे और जाति देखकर तय होती है? कुछ मां-बाप कहते हैं — “लड़का अमीर होना चाहिए, चाहे किसी भी जाति का हो, बस मेरी बेटी खुश रहे।” लेकिन सवाल ये है — 👉 क्या सिर्फ पैसा ही खुशी की गारंटी है? 👉 क्या अपनी ही जाति को बुरा मानना सही है? कई बार लोग पैसों के लालच में अपनी सोच और परंपरा तक बदल देते हैं। और फिर इसे “बेटी की खुशी” का नाम दे दिया जाता है। लेकिन सच्चाई क्या है? सच्चाई ये है कि — ना हर अमीर घर खुश होता है, और ना हर गरीब घर दुखी। 👉 असली खुशी मिलती है सम्मान, समझ और प्यार से। शादी कोई सौदा नहीं है, और बेटी कोई बोझ नहीं। आज जरूरत है सोच बदलने की — जाति नहीं, इंसान को देखो। पैसा नहीं, उसका व्यवहार देखो। तभी समाज बदलेगा… और बेटियां सच में खुश रहेंगी। मैं हूं रितेश रावत, आप देख रहे थे रावत रिपोर्ट।नमस्कार, मेरा नाम है रितेश रिपोर्टर, और आप देख रहे हैं सच्ची खबर। आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसी सच्चाई की, जिसे लोग छुपाते हैं… लेकिन ये सच्चाई हमारे समाज में मौजूद है। कुछ जगहों पर आज भी बेटियों की शादी पैसे और अमीरी देखकर कर दी जाती है। माता-पिता सोचते हैं कि अमीर घर में बेटी खुश रहेगी, उसे मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। लेकिन सवाल ये है — क्या सिर्फ पैसा ही खुशी देता है? कई बार सच्चाई इससे उलटी होती है। जहां पैसा होता है, वहां भी दुख, झगड़े और तकलीफ होती है। और जहां गरीबी होती है, वहां भी प्यार, इज्जत और सुकून मिल सकता है। सबसे दुख की बात ये है कि कुछ लोग पैसे के लालच में अपनी ही बेटी के साथ गलत फैसला कर देते हैं। जबकि बेटी कोई सौदा नहीं है… वो एक इंसान है, उसकी भी अपनी जिंदगी है। हम किसी एक जाति या समाज को दोष नहीं दे रहे, क्योंकि अच्छे और बुरे लोग हर जगह होते हैं। हमारा मकसद सिर्फ इतना है — लोग समझें कि शादी पैसा देखकर नहीं, इंसान देखकर करनी चाहिए। अगर लड़का समझदार है, मेहनती है, और लड़की की इज्जत करता है, तो वही असली अमीरी है। आइए, हम सब मिलकर इस सोच को बदलें। बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि सम्मान दें। मैं रितेश रिपोर्टर, आपसे यही कहना चाहता हूँ — सच्चाई को पहचानिए, और सही का साथ दीजिए। धन्यवाद।#RiteshReporter #Sachai #NewsVideo #VillageNews #SocialIssue #IndiaNews #ViralVideo #RespectGirls #Truth आज हम बात कर रहे हैं एक कड़वी सच्चाई की — क्या सिर्फ अमीर घर में शादी करने से बेटी खुश रहती है? इस वीडियो में जानिए: ✔️ पैसा vs असली खुशी ✔️ समाज की सच्चाई ✔️ बेटियों के साथ होने वाली गलत सोच वीडियो पसंद आए तो Like, Share और Follow जरूर करें। रिपोर्टर: रितेश
आज हम बात कर रहे हैं एक कड़वी सच्चाई की — क्या सिर्फ अमीर घर में शादी करने से बेटी खुश रहती है? इस वीडियो में जानिए: ✔️ पैसा vs असली खुशी ✔️ समाज की सच्चाई ✔️ बेटियों के साथ होने वाली गलत सोच वीडियो पसंद आए तो Like, Share और Follow जरूर करें। रिपोर्टर: रितेशनमस्कार, मेरा नाम है रितेश रावत, और आप देख रहे हैं रावत रिपोर्ट। आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसी सच्चाई की, जिसे लोग जानते तो हैं… लेकिन खुलकर बोलते नहीं। क्या आज भी हमारी समाज में बेटियों की शादी पैसे और जाति देखकर तय होती है? कुछ मां-बाप कहते हैं — “लड़का अमीर होना चाहिए, चाहे किसी भी जाति का हो, बस मेरी बेटी खुश रहे।” लेकिन सवाल ये है — 👉 क्या सिर्फ पैसा ही खुशी की गारंटी है? 👉 क्या अपनी ही जाति को बुरा मानना सही है? कई बार लोग पैसों के लालच में अपनी सोच और परंपरा तक बदल देते हैं। और फिर इसे “बेटी की खुशी” का नाम दे दिया जाता है। लेकिन सच्चाई क्या है? सच्चाई ये है कि — ना हर अमीर घर खुश होता है, और ना हर गरीब घर दुखी। 👉 असली खुशी मिलती है सम्मान, समझ और प्यार से। शादी कोई सौदा नहीं है, और बेटी कोई बोझ नहीं। आज जरूरत है सोच बदलने की — जाति नहीं, इंसान को देखो। पैसा नहीं, उसका व्यवहार देखो। तभी समाज बदलेगा… और बेटियां सच में खुश रहेंगी। मैं हूं रितेश रावत, आप देख रहे थे रावत रिपोर्ट।नमस्कार, मेरा नाम है रितेश रिपोर्टर, और आप देख रहे हैं सच्ची खबर। आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसी सच्चाई की, जिसे लोग छुपाते हैं… लेकिन ये सच्चाई हमारे समाज में मौजूद है। कुछ जगहों पर आज भी बेटियों की शादी पैसे और अमीरी देखकर कर दी जाती है। माता-पिता सोचते हैं कि अमीर घर में बेटी खुश रहेगी, उसे मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। लेकिन सवाल ये है — क्या सिर्फ पैसा ही खुशी देता है? कई बार सच्चाई इससे उलटी होती है। जहां पैसा होता है, वहां भी दुख, झगड़े और तकलीफ होती है। और जहां गरीबी होती है, वहां भी प्यार, इज्जत और सुकून मिल सकता है। सबसे दुख की बात ये है कि कुछ लोग पैसे के लालच में अपनी ही बेटी के साथ गलत फैसला कर देते हैं। जबकि बेटी कोई सौदा नहीं है… वो एक इंसान है, उसकी भी अपनी जिंदगी है। हम किसी एक जाति या समाज को दोष नहीं दे रहे, क्योंकि अच्छे और बुरे लोग हर जगह होते हैं। हमारा मकसद सिर्फ इतना है — लोग समझें कि शादी पैसा देखकर नहीं, इंसान देखकर करनी चाहिए। अगर लड़का समझदार है, मेहनती है, और लड़की की इज्जत करता है, तो वही असली अमीरी है। आइए, हम सब मिलकर इस सोच को बदलें। बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि सम्मान दें। मैं रितेश रिपोर्टर, आपसे यही कहना चाहता हूँ — सच्चाई को पहचानिए, और सही का साथ दीजिए। धन्यवाद।#RiteshReporter #Sachai #NewsVideo #VillageNews #SocialIssue #IndiaNews #ViralVideo #RespectGirls #Truth आज हम बात कर रहे हैं एक कड़वी सच्चाई की — क्या सिर्फ अमीर घर में शादी करने से बेटी खुश रहती है? इस वीडियो में जानिए: ✔️ पैसा vs असली खुशी ✔️ समाज की सच्चाई ✔️ बेटियों के साथ होने वाली गलत सोच वीडियो पसंद आए तो Like, Share और Follow जरूर करें। रिपोर्टर: रितेश
- Anand prakash ChauhanJhansi, Uttar Pradesh👏13 hrs ago
- Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़2
- खनिज विभाग की कार्यवाही पर पॉलिटिक्स चाल* खनिज विभाग का एक्शन: कांग्रेस जिलाध्यक्ष का डंपर पकड़ा, खाली करने का वीडियो वायरल,छोड़ने आरोप1
- Post by Rinkuu lakshkar1
- बघैरा में अराजक तत्वों ने किसान का छीना सहारा,लाखों रुपए के पाइपों एवं इंजनो में लगाई आग तहसील टहरौली क्षेत्र के बघैरा में आज दोपहर करीब 3 बजे किसान प्रहलाद सिंह पटेल के खेत पर रखे 3 इंजन करीब 700 पानी वाले पाइपों में किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा आग लगा दी गई है जिसके कारण किसान को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है ग्राम प्रधान रोहित ने बताया कि किसी अराजक तत्वों की खुराफात से किसान की रोजी रोटी का सहारा छीन लिया गया है थाना टहरौली एवं तहसील प्रशासन को अवगत करा दिया गया किसान को सरकार से आर्थिक सहायता राशि दिलाए जाने की मांग की जा रही है दीपक झां ने कहा कि किसान खेतों में पानी लगा एवं कृषि कार्य कर अपने परिवार का पालन पोषण करता था आग लग जाने से किसान का भारी नुकसान हुआ है मौके आग बुझाने के लिए ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर समय पर काबू पाया लिया नहीं तो आग का विकराल रूप गांव को भी अपने चपेट में ले सकता था आग काबू में आने के बाद सभी ने राहत भरी सांस ली है लेखपाल शिखा पटेल ने घटना स्थल का जायजा लेकर अग्रिम कार्यवाही शुरू कर दी है1
- गरौठा के ग्राम कचीर में श्री श्री 1008 श्रीराम महायज्ञ,श्री शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा एवं संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य कलश के साथ शुभारंभ हो गया। कलश यात्रा का शुभारंभ कथा स्थल गरौठा ककरवई रोड बस स्टैंड से किया गया। कलश यात्रा ने डीजे घोड़े एवं गाजे बाजे के साथ संपूर्ण ग्राम का भ्रमण किया। शोभायात्रा के दौरान कथा परीक्षित पूरनलाल यादव सिर पर भागवत पुराण रखकर चल रहे थे उनके पीछे पीछे महिलाएं सिर पर कलश रखकर मंगल गीत गाती हुई चल रही थी। ग्राम भ्रमण के दौरान गांव के सभी देव स्थलों पर पूजन करने उपरांत कथा स्थल पर कलश यात्रा का समापन किया गया। कथा के प्रथम दिवस कथा व्यास सत्येन्द्र मिश्रा जी महाराज के द्वार मनुष्य जीवन में भागवत कथा के महत्व की कथा सुनाई गई। कथा परीक्षित पूरण लाल के द्वारा भागवत महापुराण की आरती की गई।श्रीराम महायज्ञ में पुरोहित पंडित अमित तिवारी,यज्ञाचार्य पंडित संजय मिश्रा द्वारा समस्त यज्ञिक कार्य विधि विधान से सम्पादित किए जा रहे थे।वेदी पीठ पर पंडित अभय पांडेय,अशोक शुक्ला,आशीष मिश्रा द्वारा विधि विधान से पूजन किया जा रहा है। इस मौके पर प्रमोद यादव,दुर्गेश गौतम, रामवीर, संस्कार ,मनोज यादव,गुलज़ारी , धूराम परिहार,देवी विश्वकर्मा, जसपाल शर्मा , आदि सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे1
- Post by Ashish Patrkar1
- रिंकू लक्ष्कार तुर्का लहचूरा जिला झांसी तहसील टहरौली ब्लॉक गुरसराय थाना फतेहपुर प्रधान प्रदीप कुमार दीक्षित लहचूरा1
- बंगरा बंगरी में एक महीने से खराब पड़ा हैंडपंप,प्रधान ने ग्रामीणों की नहीं सुनी समस्या तहसील टहरौली क्षेत्र के ग्राम पंचायत बंगरा बंगरी में सड़क किनारे लगा हैंडपंप एक महीने से खराब पड़ा हुआ है लेकिन ग्रामीणों की भला कोई क्यों ही सुने ग्राम पंचायत चुनाव चुनाव की भी आहट शुरू हो चुकी है लेकिन ऐसे समय में भी ग्रामीणों ने जब अपनी पानी की समस्या के बारे में ग्राम प्रधान को बताया तो उन्होंने सुनवाई नहीं की ऐसा आरोप ग्रामीणों ने आज रविवार को समय 4 बजे लगाया है ग्रामीण राकेश आर्य ने कहा कि यह पानी का हैंडपंप आधे गांव के लोगों की प्यास बुझाता है क्योंकि गांव में पानी खारा होने से इसी नल से पानी भरने आते हैं हैंडपंप खराब होने ग्रामीण एवं पास के दुकानदार भी काफी परेशान हैं लेकिन उनकी समस्या को जब ग्राम प्रधान ने ही नहीं सुना तो वह काफी निराश बने हुए हैं इस मौके पर मनसुख आर्य मोहित गुप्ता चिंतामन हल्के सेन महेंद्र सेन राकेश आर्य सहित आदि मौजूद रहे1
- Post by Sonu Jhansi2