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उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित बिठूर सीट से भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा के क्षेत्र भ्रमण के दौरान एक घटना सामने आई है। इस दौरान व्यापारियों ने विधायक जी के सामने एक फ़ूड सेफ्टी अफसर का 'वसूलीनामा' पढ़कर सुनाया, जिससे विधायक जी का पारा चढ़ गया। इसके बाद, विधायक जी ने संबंधित फ़ूड सेफ्टी अफसर को तत्काल फ़ोन लगाया, उसे स्पीकर पर लिया, और सार्वजनिक रूप से खूब खरी-खोटी सुनाई।
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उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित बिठूर सीट से भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा के क्षेत्र भ्रमण के दौरान एक घटना सामने आई है। इस दौरान व्यापारियों ने विधायक जी के सामने एक फ़ूड सेफ्टी अफसर का 'वसूलीनामा' पढ़कर सुनाया, जिससे विधायक जी का पारा चढ़ गया। इसके बाद, विधायक जी ने संबंधित फ़ूड सेफ्टी अफसर को तत्काल फ़ोन लगाया, उसे स्पीकर पर लिया, और सार्वजनिक रूप से खूब खरी-खोटी सुनाई।
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- पलिया स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में कर्मचारियों के कथित अभद्र व्यवहार को लेकर खाताधारकों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर इस संबंध में खबर प्रसारित होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं देते हुए बैंक कर्मचारियों पर दुर्व्यवहार और काम में अनावश्यक टालमटोल करने के आरोप लगाए हैं। खाताधारक सतीश श्रीवास्तव, समीर गुप्ता, बाबू जायसवाल और विशाल चंद्र गुप्ता ने बताया कि बैंक कर्मचारियों द्वारा उनके साथ भी पहले अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा चुका है। रूही नामक खाताधारक ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उनका बैंक खाता पिछले दो वर्षों से फ्रीज है और 25 किलोमीटर की दूरी तय करके बैंक आने के बावजूद कर्मचारी हर बार सात या दस दिन बाद आने की बात कहकर लौटा देते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी हो रही है। एक अन्य खाताधारक ने चार महीनों से अपने कार्य के लिए बैंक के चक्कर काटने का आरोप लगाया है, जबकि नूर मोहम्मद, आदित्य और आकाश कुमार सहित कई लोगों ने भी कर्मचारियों पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। सोमवार को भी कपिल कुमार और संजय ने बताया कि वे केवाईसी अपडेट के लिए एक महीने से बैंक के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें टरका दिया जाता है; आज सुबह से लाइन में लगने के बाद ढाई बजे लंच की घोषणा कर दी गई और काम होने की कोई निश्चितता नहीं थी। इसके अतिरिक्त, हबीब नामक खाताधारक को 20 हजार रुपये निकालने के लिए कैशियर ने मना कर दिया और उन्हें निकटस्थ बीसी प्वाइंट से आधार के माध्यम से पैसे निकालने को कहा। यह समस्या केवल बैंक ऑफ बड़ौदा की पलिया शाखा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसकी नगला और कबीरगंज शाखा का भी यही हाल है। लोगों का यह भी कहना है कि बैंक ऑफ इंडिया और भारतीय स्टेट बैंक की स्थानीय शाखाओं में भी ग्राहकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता है और समय-समय पर इनकी भी शिकायतें सामने आती रहती हैं। खाताधारकों का आरोप है कि कुछ बैंक कर्मचारी ग्राहकों के साथ ऐसा व्यवहार करते हैं मानो वे खुद बैंक के मालिक हों और उन्हें आम जनता की समस्याओं से कोई सरोकार न हो, यह व्यवहार भिखारी के साथ भी नहीं किया जाता। उनका यह भी कहना है कि लगातार शिकायतें होने के बावजूद आज तक न कोई कर्मचारी निलंबित हुआ और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई, जिससे कर्मचारियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं और लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्राहकों ने मांग की है कि बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के पूरे स्टाफ के कार्य व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और ग्राहकों को सम्मानजनक एवं बेहतर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। बैंक कर्मचारियों के कथित रवैये को लेकर उठे इस मुद्दे ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है, और अब लोगों की नजर बैंक प्रबंधन तथा उच्च अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी है।4
- लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी स्थित बाबा टेंढेनाथ मंदिर परिसर और गर्भगृह में पूजा-पाठ के नाम पर एक युवक द्वारा रील बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करने का मामला सामने आया है। इस घटना ने धार्मिक स्थलों की गरिमा और मर्यादा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि युवक ने लाइक, कमेंट और शेयर पाने की होड़ में बिना किसी रोक-टोक के मंदिर परिसर के भीतर यह वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है, और वे बाबा टेंढेनाथ मंदिर की पवित्रता एवं मर्यादा बनाए रखने की कड़ी मांग कर रहे हैं।1
- एक राजनीतिक बयान में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) को मौजूदा राजनीतिक हालात पर सीधे तौर पर चेताया गया है। बयान में स्पष्ट किया गया है कि यह किसी तरह की नसीहत नहीं है और न ही इसे बड़े नेता का दावा माना जाए, बल्कि यह केवल वर्तमान परिस्थितियों की ओर एक इशारा मात्र है। इस बयान के अनुसार, अगर समाजवादी पार्टी मजबूती से राहुल गांधी का हाथ थामती है, तो उसे मौजूदा राजनीतिक दलदल से बाहर निकलने का रास्ता मिल सकता है। साथ ही यह भी दावा किया गया कि यदि सपा ऐसा नहीं करती है, तो पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र जैसी राजनीतिक स्थिति बनने की आशंका है। बयान में जोर देकर कहा गया है कि "बचने का एक ही रास्ता है — राहुल गांधी का साथ", और समाजवादी पार्टी को सलाह दी गई है कि अगर वह खुद को बचाना चाहती है तो राहुल गांधी का हाथ मजबूती से थामे, वरना उसका हश्र बंगाल-महाराष्ट्र जैसा हो सकता है।1
- लाइक, कमेंट और शेयर बटोरने की होड़ में कुछ लोगों द्वारा धार्मिक स्थलों की गरिमा और मर्यादा को नजरअंदाज करने का एक मामला सामने आया है। मोहम्मदी स्थित बाबा टेंढेनाथ मंदिर परिसर और गर्भगृह के भीतर पूजा-पाठ के नाम पर एक युवक द्वारा रील बनाकर उसे सोशल मीडिया पर साझा किया गया है। बताया जा रहा है कि इस युवक ने बिना किसी रोक-टोक के मंदिर परिसर के भीतर ही यह वीडियो बनाया था। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है और वे मंदिर की पवित्रता तथा मर्यादा बनाए रखने की मांग कर रहे हैं।1
- सपा नेता अखिलेश यादव की पुत्री आदित्य यादव को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। बताया गया है कि कुछ लड़के उनके बारे में यह झूठी अफवाह फैला रहे हैं कि वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ भाग गई हैं।1
- लखीमपुर खीरी जिले के बेहजम विकासखंड में बहुजन समाज पार्टी के युवा नेता और 'बहुजनों की बुलंद आवाज़' के रूप में प्रसिद्ध सचिन सिंह नितिन के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बेहतर व्यवस्था निर्माण, सामाजिक परिवर्तन, सत्ता परिवर्तन और भाईचारे जैसे अहम विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। बैठक का मुख्य केंद्र वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति तय करना था, जहाँ गांव स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने तथा सोशल मीडिया के माध्यम से जन जागरण अभियान को गति देने पर विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि 'मिशन-2027' में बसपा को ऐतिहासिक सफलता दिलाने और Mayawati को पुनः मुख्यमंत्री बनाने के लक्ष्य के साथ कार्यकर्ताओं को पूरी सक्रियता से काम करना होगा। इसके अतिरिक्त, देश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने, किसानों की खुशहाली सुनिश्चित करने, बहन-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा करने, बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने तथा सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' की भावना पर आधारित व्यवस्था निर्माण और लोकतांत्रिक भागीदारी के लिए लोगों को मतदान के महत्व व उसकी शक्ति के प्रति जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों युवाओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और संगठन को मजबूत बनाने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प दोहराया। युवा नेता सचिन सिंह नितिन ने घोषणा की कि बहुजन समाज पार्टी की नीतियों और विचारधारा को हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगे, ताकि सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई को और अधिक मजबूती मिल सके।1
- बाबा नीम करौली स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में पलिया के बाईपास रोड बस अड्डे के निकट श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ तृतीय विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुँचकर प्रसाद ग्रहण किया और बाबा नीम करौली तथा हनुमान जी का स्मरण किया, जिससे पूरे आयोजन के दौरान उत्साह का माहौल बना रहा। भण्डारे की शुरुआत हनुमान चालीसा पाठ से हुई, जिसके बाद कन्या भोज का आयोजन किया गया और विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। इन धार्मिक अनुष्ठानों के पूरा होने पर विशाल भण्डारे का विधिवत शुभारंभ हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं को पूड़ी-सब्जी, हलुआ, बूंदी, चना और मीठा शर्बत जैसे स्वादिष्ट प्रसाद का वितरण किया गया। आयोजकों ने जानकारी दी कि बाबा नीम करौली की कृपा और जनसहयोग से प्रत्येक वर्ष स्थापना दिवस पर ऐसे भण्डारे का आयोजन किया जाता है। सैकड़ों लोगों ने इस भण्डारे में पहुँचकर प्रसाद लिया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की। कार्यक्रम को सफल बनाने में विमल मिश्रा, राजकुमार, अनूप कुमार, राजा, रोहित शर्मा, चेतन सिंह, उत्कर्ष बाथम, मुकुल गुप्ता, रामविशाल सिंह, संतोष यादव और अमर यादव सहित अन्य श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा।2
- लखीमपुर खीरी में पुलिस मालखाने से सोने के जेवरात गायब होने के मामले ने न्यायिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। सत्र न्यायालय ने पुलिस की उस दलील पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें कहा गया था कि पोस्टमार्टम की पोटलियां बारिश में भीगकर खराब हो गईं और बंदरों द्वारा खुर्द-बुर्द कर दी गईं। अदालत ने पुलिस के इस स्पष्टीकरण को अविश्वसनीय मानते हुए कीमती जेवरों के दुर्विनियोग की आशंका जताई है। यह मामला 2007 के एक दहेज मृत्यु प्रकरण से संबंधित है, जिसमें मृतका के शरीर से पोस्टमार्टम के दौरान बरामद सोने की नथ, चैन, अंगूठी और चूड़ियां पुलिस अभिरक्षा में सीलबंद रखी गई थीं। मुकदमे के निपटारे के बाद मृतका के पति मुदित कुमार अग्रवाल ने न्यायालय में आवेदन देकर जेवरात वापस दिलाने की मांग की थी। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ये पोटलियां वर्षों पहले बारिश में भीगकर नष्ट हो गई थीं और बंदरों ने उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस पर सत्र न्यायाधीश ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि सोने के जेवर बारिश में नष्ट कैसे हो सकते हैं। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया माना कि कीमती सामान का शायद दुरुपयोग किया गया और बाद में जिम्मेदारी से बचने के लिए इसे अभिलेखों में दर्ज कर दिया गया। न्यायालय ने खीरी के पुलिस अधीक्षक को मामले की गहन जांच करने, जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की पहचान करने और उनके विरुद्ध विभागीय तथा आपराधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही, पीड़ित को हुई आर्थिक क्षति की भरपाई कराने के भी आदेश दिए गए हैं। पीड़ित मुदित कुमार अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हुई और मनगढ़ंत अंतिम रिपोर्ट लगाकर प्रकरण को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने उच्च अधिकारियों से स्वतंत्र जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई और उचित क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। यह घटना पुलिस मालखानों में रखे माल-मुकदमाती सामान की सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।1
- यूथ कांग्रेस अध्यक्ष ने जानकारी दी है कि संगठन द्वारा रोजगार मेले का आयोजन यह कोई पहली बार नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले साल दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में एक मेगा जॉब फेयर आयोजित किया गया था, जिसमें 18,000 युवाओं ने खुद को पंजीकृत कराया था। इस आयोजन के दौरान, लगभग 7,000 युवाओं को नौकरी के ऑफर लेटर दिए गए। अध्यक्ष ने यह भी उल्लेख किया कि दिल्ली के इस मेले से पहले, जयपुर और पटना में भी इसी तरह के जॉब फेयर आयोजित किए गए थे। इन आयोजनों में भी बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए थे।1