चंदौली के चहनियां क्षेत्र में इंसानियत की मिसाल पेश की गई जब शनिवार रात करीब 9 बजे चहनियां चौराहे पर एक असहाय अवस्था में रो रही महिला को खंडवारी के प्रधान पति सतीश गुप्ता ने न केवल संभाला, बल्कि सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाकर एक अनुकरणीय कार्य किया। यह घटना जिला चीफ ब्यूरो संवाददाता विनीत कुमार गुप्ता की विशेष रिपोर्ट में सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला मोबाइल पर बात करते हुए फूट-फूटकर रो रही थी, जिसके इर्द-गिर्द भीड़ तो जमा हो गई थी, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। तभी वहां से गुजर रहे प्रधान पति सतीश गुप्ता ने महिला को बैठाकर पानी पिलाया और उसे भरोसा दिलाया। बातचीत के दौरान पता चला कि महिला पारिवारिक विवाद के चलते घर से निकल आई थी और भटकते हुए चहनियां पहुंच गई थी। सतीश गुप्ता ने तुरंत महिला के परिजनों से संपर्क किया, पुलिस-प्रशासन को भी घटना की सूचना दी और पूरी सुरक्षा के साथ महिला को उसके घर भिजवाया। सतीश गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि रात में किसी बहन-बेटी को परेशान देखकर आंखें मूंद लेना अपराध है और महिलाओं की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक जनप्रतिनिधि का काम केवल सड़क-नाली बनवाना ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर सहारा देना भी है। उनकी इस तत्परता और संवेदनशीलता की क्षेत्र में हर तरफ तारीफ हो रही है, और लोगों ने कहा कि जनप्रतिनिधि ऐसे ही होने चाहिए जो सुख-दुख में जनता के साथ खड़े हों।
चंदौली के चहनियां क्षेत्र में इंसानियत की मिसाल पेश की गई जब शनिवार रात करीब 9 बजे चहनियां चौराहे पर एक असहाय अवस्था में रो रही महिला को खंडवारी के प्रधान पति सतीश गुप्ता ने न केवल संभाला, बल्कि सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाकर एक अनुकरणीय कार्य किया। यह घटना जिला चीफ ब्यूरो संवाददाता विनीत कुमार गुप्ता की विशेष रिपोर्ट में सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला मोबाइल पर बात करते हुए फूट-फूटकर रो रही थी, जिसके इर्द-गिर्द भीड़ तो जमा हो गई थी, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। तभी वहां से गुजर रहे प्रधान पति सतीश गुप्ता ने महिला को बैठाकर पानी पिलाया और उसे भरोसा दिलाया। बातचीत के दौरान पता चला कि महिला पारिवारिक विवाद के चलते घर से निकल आई थी और भटकते हुए चहनियां पहुंच गई थी। सतीश गुप्ता ने तुरंत महिला के परिजनों से संपर्क किया, पुलिस-प्रशासन को भी घटना की सूचना दी और पूरी सुरक्षा के साथ महिला को उसके घर भिजवाया। सतीश गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि रात में किसी बहन-बेटी को परेशान देखकर आंखें मूंद लेना अपराध है और महिलाओं की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक जनप्रतिनिधि का काम केवल सड़क-नाली बनवाना ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर सहारा देना भी है। उनकी इस तत्परता और संवेदनशीलता की क्षेत्र में हर तरफ तारीफ हो रही है, और लोगों ने कहा कि जनप्रतिनिधि ऐसे ही होने चाहिए जो सुख-दुख में जनता के साथ खड़े हों।
- बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) एक बार फिर से चर्चा का विषय बन गई है। आरोप है कि विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों के साथ मारपीट की और उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया। इस घटना के बाद छात्र आक्रोश में हैं।1
- वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने नशे के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत “ऑपरेशन दहन” के अंतर्गत शुक्रवार, 13 जून 2026 को एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के निर्देश पर, 71 मुकदमों से जब्त कुल 698.781 किलोग्राम मादक पदार्थ, जिसकी अनुमानित कीमत ₹3.50 करोड़ रुपये बताई गई है, को नियमानुसार नष्ट कर दिया गया। इस मादक पदार्थ को चंदौली के रामनगर स्थित श्री गणेश प्लाईवुड इंडस्ट्री में एक इंसीनरेटर मशीन के माध्यम से जलाकर भस्म किया गया। नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 695.676 किलोग्राम सूखा गांजा, 2.801 किलोग्राम नशीला पाउडर/डायजापाल, 189 ग्राम हेरोइन और 115 ग्राम अल्प्रजोलम शामिल थे। यह कार्रवाई NDPS एक्ट के तहत दर्ज 71 अभियोगों से संबंधित थी, जिसमें रामनगर, आदमपुर, चितईपुर, चेतगंज, मिर्जामुराद, राजातालाब, बड़ागांव, फूलपुर, कपसेठी, चोलापुर, रोहनिया, लोहता और कैंट समेत कुल 13 थानों के मादक पदार्थ शामिल थे। पूरी प्रक्रिया जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी की अध्यक्ष डीसीपी अपराध नीतू काद्यान, सदस्य एडीसीपी अपराध नृपेन्द्र और एसीपी शुभम सिंह की निगरानी में अत्यंत पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। इस दौरान डीसीआरबी प्रभारी मिथिलेश श्रीवास्तव, यूपीपीसीबी से कशिश कन्नौजिया, सिपाही संजय यादव, सिपाही संजीव कुमार सहित संबंधित थानों के हेड मोहर्रिर और कांस्टेबल मोहर्रिर भी मौके पर मौजूद रहे। वाराणसी पुलिस की यह कार्रवाई समाज को नशामुक्त बनाने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, और स्पष्ट किया गया है कि “ऑपरेशन दहन” के तहत मादक पदार्थों के खिलाफ ऐसी सख्ती आगे भी जारी रहेगी।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में एक महिला कथित तौर पर अपने साथ हुई मारपीट, कपड़े फाड़ने और दुष्कर्म के प्रयास के आरोपों पर पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से नाराज होकर 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। महिला का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने न केवल उसका मामला दर्ज नहीं किया, बल्कि उसके पिता के साथ भी मारपीट की गई। यह घटनाक्रम करीब चार घंटे तक चला, जिसने व्यवस्था में गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। इस घटना ने महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय और पुलिस कार्रवाई की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार भले ही मिशन शक्ति और नारी वंदन जैसे अभियानों के जरिए महिला सुरक्षा पर लगातार जोर देती रही हो, लेकिन यदि पीड़िताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए इस तरह के खतरनाक कदम उठाने पड़ें, तो यह राज्य की व्यवस्था पर गंभीर चिंता का विषय है।1
- वाराणसी में आज तेज हवाएं चलने की संभावना है, साथ ही गरज-चमक और हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है। हालिया मौसम अपडेट के अनुसार, मौसम विभाग ने वाराणसी के लिए तेज हवा और वर्षा का अलर्ट जारी किया है। वर्तमान में शहर में गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ है, जिसमें तापमान 35-37°C के आसपास है। आमतौर पर हवा की गति 10 किमी/घंटा दर्ज की गई है, लेकिन आंधी-तूफान के दौरान हवा के झोंके काफी तेज हो सकते हैं। इसे देखते हुए, बाहर जाने वाले लोगों को ढीली वस्तुओं को सुरक्षित रखने, पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहने, तथा बारिश और बिजली कड़कने की स्थिति में खुले स्थानों से बचने की सलाह दी गई है।3
- पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के कारण भारत का खाड़ी देशों से निर्यात संपर्क टूट गया है। हालांकि, इसके बावजूद अमेरिका से गैस की खरीद में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। मई महीने में अमेरिका भारत को एलएनजी (LNG) और एलपीजी (LPG) गैस का शीर्ष आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है।1
- चंदौली के धानापुर गुरैनी क्षेत्र में गंगा नदी के कटान को लेकर जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है।1
- चंदौली के चहनियां क्षेत्र में इंसानियत की एक सराहनीय मिसाल देखने को मिली, जब शनिवार रात करीब 9 बजे चहनियां चौराहे पर एक असहाय अवस्था में रो रही महिला को सहायता प्रदान की गई। खंडवारी के प्रधान पति सतीश गुप्ता ने न केवल उस महिला को संभाला, बल्कि एक अनुकरणीय कार्य करते हुए उसे सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाया। यह पूरी घटना जिला चीफ ब्यूरो संवाददाता विनीत कुमार गुप्ता की एक विशेष रिपोर्ट में सामने आई है, जिसने एक बार फिर इस बात पर ज़ोर दिया है कि इंसानियत अभी भी ज़िंदा है।1
- काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के स्वतंत्रता भवन में शनिवार को विज्ञान भारती के सातवें राष्ट्रीय अधिवेशन का भव्य शुभारंभ हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिवसीय इस अधिवेशन का उद्घाटन किया, जिसमें देश-विदेश से आए वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद, नीति-निर्माता और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में लगभग 1200 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। उद्घाटन अवसर पर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विज्ञान, भारतीय ज्ञान परंपरा और आत्मनिर्भर भारत पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि लंबे समय तक देश में यह धारणा बनाई गई कि भारतीय किसी काम के नहीं हैं और केवल विदेशी ही श्रेष्ठ हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विदेशी शक्तियों, वामपंथी विचारधारा और भारत-विरोधी तत्वों ने भारत की वैज्ञानिक और सांस्कृतिक विरासत को कमजोर करने का प्रयास किया। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि आज भारत अपनी प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के समन्वय के माध्यम से विश्व में एक नई पहचान बना रहा है। उन्होंने भारतीय वैज्ञानिक परंपरा को हजारों वर्षों पुरानी बताया और ऋषि-मुनियों के योगदान का उल्लेख करते हुए अपनी जड़ों से जुड़कर विज्ञान और अनुसंधान में आगे बढ़ने तथा आने वाली पीढ़ियों को भारतीय ज्ञान की समृद्ध विरासत से परिचित कराने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण और कृषि के विषय पर भी चिंता व्यक्त की, जिसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशक दवाओं के अत्यधिक प्रयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति में लगातार गिरावट और खेतों की उत्पादकता प्रभावित होने का जिक्र किया। उन्होंने प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने की वकालत की ताकि भूमि की गुणवत्ता और पर्यावरण दोनों की रक्षा की जा सके। गंगा नदी के महत्व को बताते हुए, मुख्यमंत्री ने अपने बचपन की एक स्मृति साझा की, जिसमें उनकी मां गंगाजल का उपयोग करके पौधों को स्वस्थ करती थीं, जिससे उन्हें गंगा के महत्व का एहसास हुआ। कार्यक्रम के दौरान, बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया। अधिवेशन में विज्ञान भारती के पदाधिकारी और देशभर से आए वैज्ञानिक समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इस दो दिवसीय आयोजन में विज्ञान, नवाचार, भारतीय ज्ञान परंपरा और आत्मनिर्भर भारत से जुड़े विभिन्न विषयों पर मंथन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य विज्ञान और समाज के बीच संवाद को मजबूत करना तथा भारत को वैज्ञानिक दृष्टि से और अधिक सशक्त बनाना है।1
- दुधवा नेशनल पार्क, जो घने साल के जंगल, हरी-भरी वादियां और वन्य जीवों की समृद्ध दुनिया से सजा है, प्रकृति प्रेमियों के लिए एक विशेष आकर्षण बना हुआ है। जंगल सफारी पर आने वाले देशी और विदेशी पर्यटक यहाँ बाघों के दीदार के लिए बेहद उत्सुक दिखाई देते हैं। लखीमपुर खीरी स्थित इस पार्क में 'शहंशाह गब्बर' नामक बाघ इन दिनों अपनी सल्तनत में अपने चिर-परिचित अंदाज से सैलानियों को खूब आकर्षित कर रहा है।1