उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में एक महिला कथित तौर पर अपने साथ हुई मारपीट, कपड़े फाड़ने और दुष्कर्म के प्रयास के आरोपों पर पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से नाराज होकर 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। महिला का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने न केवल उसका मामला दर्ज नहीं किया, बल्कि उसके पिता के साथ भी मारपीट की गई। यह घटनाक्रम करीब चार घंटे तक चला, जिसने व्यवस्था में गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। इस घटना ने महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय और पुलिस कार्रवाई की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार भले ही मिशन शक्ति और नारी वंदन जैसे अभियानों के जरिए महिला सुरक्षा पर लगातार जोर देती रही हो, लेकिन यदि पीड़िताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए इस तरह के खतरनाक कदम उठाने पड़ें, तो यह राज्य की व्यवस्था पर गंभीर चिंता का विषय है।
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में एक महिला कथित तौर पर अपने साथ हुई मारपीट, कपड़े फाड़ने और दुष्कर्म के प्रयास के आरोपों पर पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से नाराज होकर 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। महिला का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने न केवल उसका मामला दर्ज नहीं किया, बल्कि उसके पिता के साथ भी मारपीट की गई। यह घटनाक्रम करीब चार घंटे तक चला, जिसने व्यवस्था में गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। इस घटना ने महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय और पुलिस कार्रवाई की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार भले ही मिशन शक्ति और नारी वंदन जैसे अभियानों के जरिए महिला सुरक्षा पर लगातार जोर देती रही हो, लेकिन यदि पीड़िताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए इस तरह के खतरनाक कदम उठाने पड़ें, तो यह राज्य की व्यवस्था पर गंभीर चिंता का विषय है।
- चंदौली के चहनियां क्षेत्र में इंसानियत की मिसाल पेश की गई जब शनिवार रात करीब 9 बजे चहनियां चौराहे पर एक असहाय अवस्था में रो रही महिला को खंडवारी के प्रधान पति सतीश गुप्ता ने न केवल संभाला, बल्कि सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाकर एक अनुकरणीय कार्य किया। यह घटना जिला चीफ ब्यूरो संवाददाता विनीत कुमार गुप्ता की विशेष रिपोर्ट में सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला मोबाइल पर बात करते हुए फूट-फूटकर रो रही थी, जिसके इर्द-गिर्द भीड़ तो जमा हो गई थी, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। तभी वहां से गुजर रहे प्रधान पति सतीश गुप्ता ने महिला को बैठाकर पानी पिलाया और उसे भरोसा दिलाया। बातचीत के दौरान पता चला कि महिला पारिवारिक विवाद के चलते घर से निकल आई थी और भटकते हुए चहनियां पहुंच गई थी। सतीश गुप्ता ने तुरंत महिला के परिजनों से संपर्क किया, पुलिस-प्रशासन को भी घटना की सूचना दी और पूरी सुरक्षा के साथ महिला को उसके घर भिजवाया। सतीश गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि रात में किसी बहन-बेटी को परेशान देखकर आंखें मूंद लेना अपराध है और महिलाओं की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक जनप्रतिनिधि का काम केवल सड़क-नाली बनवाना ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर सहारा देना भी है। उनकी इस तत्परता और संवेदनशीलता की क्षेत्र में हर तरफ तारीफ हो रही है, और लोगों ने कहा कि जनप्रतिनिधि ऐसे ही होने चाहिए जो सुख-दुख में जनता के साथ खड़े हों।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में एक महिला कथित तौर पर अपने साथ हुई मारपीट, कपड़े फाड़ने और दुष्कर्म के प्रयास के आरोपों पर पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से नाराज होकर 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। महिला का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने न केवल उसका मामला दर्ज नहीं किया, बल्कि उसके पिता के साथ भी मारपीट की गई। यह घटनाक्रम करीब चार घंटे तक चला, जिसने व्यवस्था में गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। इस घटना ने महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय और पुलिस कार्रवाई की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार भले ही मिशन शक्ति और नारी वंदन जैसे अभियानों के जरिए महिला सुरक्षा पर लगातार जोर देती रही हो, लेकिन यदि पीड़िताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए इस तरह के खतरनाक कदम उठाने पड़ें, तो यह राज्य की व्यवस्था पर गंभीर चिंता का विषय है।1
- पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के कारण भारत का खाड़ी देशों से निर्यात संपर्क टूट गया है। हालांकि, इसके बावजूद अमेरिका से गैस की खरीद में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। मई महीने में अमेरिका भारत को एलएनजी (LNG) और एलपीजी (LPG) गैस का शीर्ष आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है।1
- चंदौली के धानापुर गुरैनी क्षेत्र में गंगा नदी के कटान को लेकर जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है।1
- मिर्जापुर जिले के फत्तेपुर अदलहट टोल प्लाजा पर फास्टैग प्रणाली के सही ढंग से काम न करने के कारण भीषण जाम की स्थिति बन गई है। फास्टैग में आई इस तकनीकी खराबी के चलते वाहनों को टोल बूथ पार करने में सामान्य से अधिक समय लग रहा है, जिससे गाड़ियों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।1
- चंदौली के चहनियां क्षेत्र में मानसून के सिर पर होने के बावजूद खोनपुर-सुरतापुर ड्रेन की हालत जस की तस बनी हुई है। 10 सालों से ड्रेन की सफाई और खुदाई न होने से आक्रोशित सैकड़ों किसानों ने शनिवार को खोनपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया। उनका आरोप है कि एक दशक से ड्रेन में झाड़-झंखाड़ और सिल्ट जमा है, जिससे जल निकासी पूरी तरह ठप है। इस स्थिति से लगभग 2000 एकड़ धान की खेती पर संकट मंडरा रहा है, क्योंकि बारिश होने पर खेत तालाब बन जाएंगे और फसल डूब जाएगी। किसानों ने बताया कि टेंडर पास होने के बावजूद भी काम शुरू नहीं हुआ है, जिससे उनका गुस्सा और बढ़ गया है। कई किसानों की तो नर्सरी तक नहीं लग पाई है, और उनका कहना है कि यदि खरीफ की फसल चौपट हो गई तो वे बर्बाद हो जाएंगे। प्रदर्शनकारी किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत ड्रेन की खुदाई और सफाई शुरू नहीं की गई, तो उनका आंदोलन जिला मुख्यालय तक जाएगा, जहाँ वे एक विशाल धरना देंगे। मौके पर पूर्व प्रधान आजाद यादव, मुन्नी राम कोच, फकीर राम, धनंजय, संजय राय, कन्हैया राय, रामसकल, रामबली, प्रमोद मौर्य, रामजी, मार्कण्डेय प्रसाद, राजेश्वर यादव, सूबेदार, राममूरत सहित सैकड़ों 'अन्नदाता' मौजूद रहे। उनकी एकमात्र मांग है कि बारिश से पहले ड्रेन को साफ किया जाए ताकि किसानों की फसल और भविष्य बचाया जा सके। किसानों ने साफ कहा कि 10 साल की अनदेखी ने उनके सब्र का बांध तोड़ दिया है, और अब वे अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए हैं।1
- दुधवा नेशनल पार्क, जो घने साल के जंगल, हरी-भरी वादियां और वन्य जीवों की समृद्ध दुनिया से सजा है, प्रकृति प्रेमियों के लिए एक विशेष आकर्षण बना हुआ है। जंगल सफारी पर आने वाले देशी और विदेशी पर्यटक यहाँ बाघों के दीदार के लिए बेहद उत्सुक दिखाई देते हैं। लखीमपुर खीरी स्थित इस पार्क में 'शहंशाह गब्बर' नामक बाघ इन दिनों अपनी सल्तनत में अपने चिर-परिचित अंदाज से सैलानियों को खूब आकर्षित कर रहा है।1
- चंदौली एसपी के निर्देश पर बलुआ पुलिस ने शुक्रवार को चहनियां क्षेत्र में सड़क हादसों और अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से एक विशेष एवं सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान का नेतृत्व स्वयं थाना अध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह ने किया, जिसके तहत चहनियां, बलुआ, मथेला, कैलावर, मारूफपुर, रैमोली, मोहरगंज और महुआर सहित पूरे इलाके में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की गहनता से जांच की गई। बलुआ पुलिस के इस सख्त पहरे के परिणामस्वरूप 50 से अधिक बाइकों के चालान काटे गए, जिससे नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मच गया।1
- वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र के मंगारी रामलीला मैदान में शनिवार शाम एक हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब बैकुंठपुर गांव निवासी 23 वर्षीय सुमन नामक युवती शाम करीब सात बजे एक मोबाइल टावर पर चढ़ गई। जानकारी के अनुसार, युवती अपने प्रेमी से शादी की जिद पर अड़ी थी और इसी मांग को लेकर वह टावर पर चढ़ी, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण रामलीला मैदान में जुट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टावर के पास क्रिकेट खेल रहे बच्चों को हाथ हिलाकर बाय-बाय करती हुई युवती टावर की ओर बढ़ी और उनके रोकने के प्रयास के बावजूद चढ़ती चली गई। बताया गया कि टावर करीब आठ फीट ऊंची बाउंड्रीवाल के भीतर स्थित है और बाउंड्री का गेट भी बंद था। इसके बावजूद, युवती ईंट के सहारे दीवार पर चढ़कर अंदर पहुंची, और उसके चप्पल बाउंड्रीवाल के ऊपर रखे मिले, जिससे लोगों को उसके अंदर जाने का अंदेशा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए गए। पुलिस ने परिजनों को भी बुलाया और देर रात तक पुलिस, परिजन तथा ग्रामीण उसे समझाने में जुटे रहे। रात करीब आठ बजे तक युवती टावर पर ही मौजूद थी, जबकि पुलिस और परिवार के सदस्य उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश में लगे हुए थे। फूलपुर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस युवती को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए मौके पर है और आगे मामले की जांच के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1