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मेड़ता: पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन, लंबित मांगों पर जताया रोष

1 hr ago
user_रमेश सिंह
रमेश सिंह
पत्रकार Merta, Nagaur•
1 hr ago

मेड़ता: पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन, लंबित मांगों पर जताया रोष

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  • रेन आचार्य सज्जनदास महाराज ने भजनलाल को शर्म आनी चाहिए, खुली चेतावनी दे दी संतो ने संतों की बनाई हुई सरकार मे संत ही सबसे ज्यादा प्रताड़ित !! #भोपालगढ़ #bhopalgarh #iodhpur
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    रेन आचार्य सज्जनदास महाराज ने भजनलाल को शर्म आनी चाहिए, खुली चेतावनी दे दी संतो ने संतों की बनाई हुई सरकार मे संत ही सबसे ज्यादा प्रताड़ित !! #भोपालगढ़ #bhopalgarh #iodhpur
    user_Er Sunil Dagdi
    Er Sunil Dagdi
    Newspaper advertising department रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • मिर्धा महाविद्यालय में बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला सम्पन्न नागौर, 23 अप्रैल। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, जयपुर (राजस्थान सरकार) तथा श्री बलदेव राम मिर्धा राजकीय महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को महाविद्यालय सभागार में बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, विशेषज्ञों और विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम का शुभारंभ उद्घाटन सत्र से हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार एवं मुख्य वक्ता डॉ. अनिल छंगाणी उपस्थित रहे। कार्यशाला के समन्वयक मेजर डॉ. प्रेमसिंह बुगासरा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बौद्धिक संपदा अधिकार की अवधारणा, आवश्यकता और समकालीन प्रासंगिकता पर विस्तृत जानकारी दी। मुख्य वक्ता डॉ. अनिल छंगाणी ने अपने संबोधन में भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित बौद्धिक संपदा के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि नवाचार और सृजनशीलता को सुरक्षित रखने के लिए आईपीआर अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था शोध कार्यों को संरक्षित कर समाज को नई दिशा प्रदान करती है। वहीं अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ के महामंत्री डॉ. रिछपाल सिंह ने मौलिकता और प्रामाणिकता को बनाए रखते हुए आधुनिक तकनीक के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य अतिथि डॉ. मंजू बाघमार ने कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार नवाचार की सुरक्षा का प्रभावी माध्यम हैं और राज्य सरकार शोध, स्टार्टअप एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने युवाओं को नए विचारों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। तकनीकी सत्रों में भारतीय पेटेंट अभिकर्ता डॉ. जगदीश लोहार ने पेटेंट और डिजाइन के माध्यम से नवाचार के विधिक संरक्षण की प्रक्रिया समझाई। वहीं अधिवक्ता एवं स्वाश लीगल कंसल्टेंट की संस्थापक डॉ. भारती जैन ने कॉपीराइट, ट्रेडमार्क और पेटेंट के महत्व को सरल भाषा में स्पष्ट किया। समापन सत्र में डॉ. हर्ष ईनाणियां ने कॉपीराइट एवं भौगोलिक संकेत (जीआई) को सांस्कृतिक पहचान का आधार बताते हुए इनके संरक्षण पर जोर दिया। कार्यक्रम अध्यक्ष एवं प्राचार्य डॉ. हरसुखराम छरंग ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में शोधार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। संचालन डॉ. भूपेश बाजिया एवं प्रो. सुमित्रा सांगवा ने किया, जबकि तकनीकी सहयोग डॉ. जगदीश झिंझा ने प्रदान किया। आयोजन सचिव डॉ. अविनाश व्यास एवं डॉ. सुनील चौधरी ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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    मिर्धा महाविद्यालय में बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला सम्पन्न
नागौर, 23 अप्रैल। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, जयपुर (राजस्थान सरकार) तथा श्री बलदेव राम मिर्धा राजकीय महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को महाविद्यालय सभागार में बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, विशेषज्ञों और विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।
कार्यक्रम का शुभारंभ उद्घाटन सत्र से हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार एवं मुख्य वक्ता डॉ. अनिल छंगाणी उपस्थित रहे। कार्यशाला के समन्वयक मेजर डॉ. प्रेमसिंह बुगासरा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बौद्धिक संपदा अधिकार की अवधारणा, आवश्यकता और समकालीन प्रासंगिकता पर विस्तृत जानकारी दी।
मुख्य वक्ता डॉ. अनिल छंगाणी ने अपने संबोधन में भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित बौद्धिक संपदा के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि नवाचार और सृजनशीलता को सुरक्षित रखने के लिए आईपीआर अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था शोध कार्यों को संरक्षित कर समाज को नई दिशा प्रदान करती है। वहीं अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ के महामंत्री डॉ. रिछपाल सिंह ने मौलिकता और प्रामाणिकता को बनाए रखते हुए आधुनिक तकनीक के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य अतिथि डॉ. मंजू बाघमार ने कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार नवाचार की सुरक्षा का प्रभावी माध्यम हैं और राज्य सरकार शोध, स्टार्टअप एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने युवाओं को नए विचारों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
तकनीकी सत्रों में भारतीय पेटेंट अभिकर्ता डॉ. जगदीश लोहार ने पेटेंट और डिजाइन के माध्यम से नवाचार के विधिक संरक्षण की प्रक्रिया समझाई। वहीं अधिवक्ता एवं स्वाश लीगल कंसल्टेंट की संस्थापक डॉ. भारती जैन ने कॉपीराइट, ट्रेडमार्क और पेटेंट के महत्व को सरल भाषा में स्पष्ट किया।
समापन सत्र में डॉ. हर्ष ईनाणियां ने कॉपीराइट एवं भौगोलिक संकेत (जीआई) को सांस्कृतिक पहचान का आधार बताते हुए इनके संरक्षण पर जोर दिया। कार्यक्रम अध्यक्ष एवं प्राचार्य डॉ. हरसुखराम छरंग ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला में शोधार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। संचालन डॉ. भूपेश बाजिया एवं प्रो. सुमित्रा सांगवा ने किया, जबकि तकनीकी सहयोग डॉ. जगदीश झिंझा ने प्रदान किया। आयोजन सचिव डॉ. अविनाश व्यास एवं डॉ. सुनील चौधरी ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
    user_Vishnaram saini
    Vishnaram saini
    Court reporter रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • संभागीय आयुक्त अजमेर, डॉ. शक्ति सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनगणना 2027 की तैयारियों, ग्रीष्म ऋतु में पेयजल आपूर्ति, ऊर्जा आपूर्ति तथा विभिन्न विकास अभियानों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में राठौड़ ने विशेष रूप से जनगणना 2027 के अंतर्गत आमजन की भागीदारी तथा स्व.गणना प्रक्रिया के क्रियान्वन को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि आमजन के बीच स्व.गणना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा आमजन को स्वयं गणना करने के लिए प्रेरित किया जा सके । उन्होंने सांख्यिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया की उनके विभाग द्वारा संचालित इस महत्वपूर्ण कार्य में अधिक से अधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करें, जिससे आंकड़ों की शुद्धता और समयबद्धता बनी रहे। सांख्यिकी विभाग के अधिकारी ने बताया कि जिले में जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण पूर्ण किया जा चुका है तथा गणनाकारों और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण की रूपरेखा तय कर ली गई है। संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, डिजिटल प्लेटफॉर्म की तैयारी और जनजागरूकता गतिविधियों पर भी कार्य किया जा रहा है । राठौड़ ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने स्तर पर जनगणना से संबंधित सूचनाओं का प्रभावी प्रचार प्रसार सुनिश्चित करें और स्व-गणना के लिए नागरिकों को तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराएं। बैठक में संभागीय आयुक्त ने अजमेर विद्युत वितरण लिमिटेड के अधिकारियों को गर्मी के मौसम में घरेलू व कृषि विद्युत सप्लाई सुगमता से सुनिश्चित करने को कहा, उन्होंने अधिकारियों को विद्युत विभाग की लंबित वसूली को पूर्ण करने के निर्देश दिए, उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए एवीवीएनएल के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशासन की ओर से पूर्ण सहयोग दिया जाएगा ‌।‌ इसके साथ ही ग्रीष्म ऋतु में पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए संभागीय आयुक्त ने जल स्रोतों की सतत मॉनिटरिंग, समयबद्ध टैंकर व्यवस्था और सभी योजनाओं के सुगमता से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राठौड़ ने ऊर्जा आपूर्ति के संबंध में निर्बाध विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा । उन्होंने जिले में मुख्यमंत्री विकसित ग्राम एवं शहरी अभियान के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। संभागीय आयुक्त ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सभी योजनाओं के अंतर्गत अपने लक्ष्य पूर्ण करें और उनकी निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें ।‌ बैठक में जिला कलक्टर देवेंद्र कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर चम्पालाल जीनगर, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरविंद जाखड़ तथा संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे ।‌ नागौर : 23 अप्रैल 2026
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    संभागीय आयुक्त अजमेर, डॉ. शक्ति सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनगणना 2027 की तैयारियों, ग्रीष्म ऋतु में पेयजल आपूर्ति, ऊर्जा आपूर्ति तथा विभिन्न विकास अभियानों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में राठौड़ ने विशेष रूप से जनगणना 2027 के अंतर्गत आमजन की भागीदारी तथा स्व.गणना प्रक्रिया के क्रियान्वन को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि आमजन के बीच स्व.गणना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा आमजन को स्वयं गणना करने के लिए प्रेरित किया जा सके । उन्होंने सांख्यिकी विभाग के  अधिकारियों को निर्देशित किया की उनके विभाग द्वारा संचालित इस महत्वपूर्ण कार्य में अधिक से अधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करें, जिससे आंकड़ों की शुद्धता और समयबद्धता बनी रहे।
सांख्यिकी विभाग के अधिकारी ने बताया कि जिले में जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण पूर्ण किया जा चुका है तथा गणनाकारों और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण की रूपरेखा तय कर ली गई है। संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, डिजिटल प्लेटफॉर्म की तैयारी और जनजागरूकता गतिविधियों पर भी कार्य किया जा रहा है । राठौड़ ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने स्तर पर जनगणना से संबंधित सूचनाओं का प्रभावी प्रचार प्रसार सुनिश्चित करें और स्व-गणना के लिए नागरिकों को तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराएं।
बैठक में संभागीय आयुक्त ने अजमेर विद्युत वितरण लिमिटेड के अधिकारियों को गर्मी के मौसम में घरेलू व कृषि विद्युत सप्लाई सुगमता से सुनिश्चित करने को कहा, उन्होंने अधिकारियों को विद्युत विभाग की लंबित वसूली को पूर्ण करने के निर्देश दिए, उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए एवीवीएनएल के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशासन की ओर से पूर्ण सहयोग दिया जाएगा ‌।‌
इसके साथ ही ग्रीष्म ऋतु में पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए संभागीय आयुक्त ने जल स्रोतों की सतत मॉनिटरिंग, समयबद्ध टैंकर व्यवस्था और सभी योजनाओं के सुगमता से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राठौड़ ने ऊर्जा आपूर्ति के संबंध में निर्बाध विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा । उन्होंने जिले में मुख्यमंत्री विकसित ग्राम एवं शहरी अभियान के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
संभागीय आयुक्त ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सभी योजनाओं के अंतर्गत अपने लक्ष्य पूर्ण करें और उनकी निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें ।‌
बैठक में जिला कलक्टर देवेंद्र कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर चम्पालाल जीनगर, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरविंद जाखड़ तथा संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे ।‌
नागौर : 23 अप्रैल 2026
    user_CITY PRESS  RIYAN BARI
    CITY PRESS RIYAN BARI
    Video Creator रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • *🔥पश्चिम बंगाल: बांकुरा में आज ज़बरदस्त भीड़ देखी गई,* *लोग योगी आदित्यनाथ जी की एक झलक पाने के लिए सड़कों पर उमड़ पड़े। पूरे शहर में एनर्जी और जोश कमाल का था* *🔥कल का इंतज़ार है, क्योंकि PM नरेंद्र मोदी जी एक बार फिर आने वाले हैं और इसे अगले लेवल पर ले जाएंगे 💁‍♂️💁‍♂️*
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    *🔥पश्चिम बंगाल: बांकुरा में आज ज़बरदस्त भीड़ देखी गई,* 
*लोग योगी आदित्यनाथ जी की एक झलक पाने के लिए सड़कों पर उमड़ पड़े। पूरे शहर में एनर्जी और जोश कमाल का था*
*🔥कल का इंतज़ार है, क्योंकि PM नरेंद्र मोदी जी एक बार फिर आने वाले हैं और इसे अगले लेवल पर ले जाएंगे 💁‍♂️💁‍♂️*
    user_Republic Bharat  news  S.S.R.P
    Republic Bharat news S.S.R.P
    Voice of people जैतारण, पाली, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • दैनिक मरू प्रहार बात आपकी न्यूज चैनल स्टेट सह ब्यूरो चीफ असलम खिलजी को श्री श्री यादे माता मंदिर प्रतिष्ठा समारोह में मान सम्मान किया गया। आरती बहन दिल्ली रही मोजुद।
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    दैनिक मरू प्रहार बात आपकी न्यूज चैनल स्टेट सह ब्यूरो चीफ असलम खिलजी को श्री श्री यादे माता मंदिर प्रतिष्ठा समारोह में मान सम्मान किया गया। आरती बहन दिल्ली रही मोजुद।
    user_Aslam Khilji
    Aslam Khilji
    Voice of people Bhopalgarh, Jodhpur•
    4 hrs ago
  • Post by Gajendra Singh
    1
    Post by Gajendra Singh
    user_Gajendra Singh
    Gajendra Singh
    Local News Reporter पीपर शहर, जोधपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • Post by रमेश सिंह
    1
    Post by रमेश सिंह
    user_रमेश सिंह
    रमेश सिंह
    पत्रकार Merta, Nagaur•
    2 hrs ago
  • नागौर जिले के जसनगर थाना क्षेत्र में 23 अप्रैल 2026 को पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो बिना नंबर के ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए हैं। दोनों वाहनों में अवैध बजरी भरी हुई थी। पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देश पर जिलेभर में अवैध खनन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व वृताधिकारी के पर्यवेक्षण में जसनगर थाना पुलिस टीम ने भैंसड़ा कला से किरो की ढाणी क्षेत्र में गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। गश्त के दौरान 23 अप्रैल को पुलिस टीम को दो ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध बजरी से भरे हुए मिले। पुलिस को देखते ही दोनों वाहनों के चालक मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया। पुलिस के अनुसार, जब्त वाहनों में एक मैसी फर्ग्यूसन कंपनी का ट्रैक्टर (मॉडल ME 241 DI) शामिल है। फरार चालकों और वाहन मालिकों की पहचान के प्रयास जारी हैं।
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    नागौर जिले के जसनगर थाना क्षेत्र में 23 अप्रैल 2026 को पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो बिना नंबर के ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए हैं। दोनों वाहनों में अवैध बजरी भरी हुई थी।
पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देश पर जिलेभर में अवैध खनन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व वृताधिकारी के पर्यवेक्षण में जसनगर थाना पुलिस टीम ने भैंसड़ा कला से किरो की ढाणी क्षेत्र में गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।
गश्त के दौरान 23 अप्रैल को पुलिस टीम को दो ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध बजरी से भरे हुए मिले। पुलिस को देखते ही दोनों वाहनों के चालक मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया।
पुलिस के अनुसार, जब्त वाहनों में एक मैसी फर्ग्यूसन कंपनी का ट्रैक्टर (मॉडल ME 241 DI) शामिल है। फरार चालकों और वाहन मालिकों की पहचान के प्रयास जारी हैं।
    user_Er Sunil Dagdi
    Er Sunil Dagdi
    Newspaper advertising department रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • नागौर, 23 अप्रैल। श्री बलदेव राम मिर्धा राजकीय महाविद्यालय में गुरुवार को बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें नवाचार की सुरक्षा, शोध की गुणवत्ता और युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, जयपुर और महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। उद्घाटन सत्र में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने कहा कि आज के दौर में नवाचार तभी सार्थक है, जब उसका विधिक संरक्षण सुनिश्चित हो। सरकार स्टार्टअप, शोध और सृजनात्मक कार्यों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को नए विचारों के साथ आगे बढ़ने और उन्हें सुरक्षित करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता डॉ. अनिल छंगाणी ने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में प्राचीन काल से ही ज्ञान और नवाचार की समृद्ध विरासत रही है, लेकिन इसके संरक्षण पर अब अधिक ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि आईपीआर न केवल आविष्कारों को सुरक्षित करता है, बल्कि उन्हें समाज के लिए उपयोगी बनाने में भी अहम भूमिका निभाता है। तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क और डिजाइन से जुड़े कानूनी पहलुओं को विस्तार से समझाया। भारतीय पेटेंट अभिकर्ता डॉ. जगदीश लोहार ने बताया कि सही प्रक्रिया अपनाकर आविष्कार को कानूनी सुरक्षा दी जा सकती है, जिससे उसका व्यावसायिक उपयोग भी संभव होता है। वहीं अधिवक्ता डॉ. भारती जैन ने कॉपीराइट और ट्रेडमार्क के महत्व को उदाहरणों के साथ स्पष्ट किया। कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य डॉ. हरसुखराम छरंग ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को शोध और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। कार्यशाला में शोधार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से अपने शोध पत्र भी प्रस्तुत किए, जबकि शिक्षकों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही।
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    नागौर, 23 अप्रैल। श्री बलदेव राम मिर्धा राजकीय महाविद्यालय में गुरुवार को बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें नवाचार की सुरक्षा, शोध की गुणवत्ता और युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, जयपुर और महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।
उद्घाटन सत्र में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने कहा कि आज के दौर में नवाचार तभी सार्थक है, जब उसका विधिक संरक्षण सुनिश्चित हो। सरकार स्टार्टअप, शोध और सृजनात्मक कार्यों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को नए विचारों के साथ आगे बढ़ने और उन्हें सुरक्षित करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता डॉ. अनिल छंगाणी ने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में प्राचीन काल से ही ज्ञान और नवाचार की समृद्ध विरासत रही है, लेकिन इसके संरक्षण पर अब अधिक ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि आईपीआर न केवल आविष्कारों को सुरक्षित करता है, बल्कि उन्हें समाज के लिए उपयोगी बनाने में भी अहम भूमिका निभाता है।
तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क और डिजाइन से जुड़े कानूनी पहलुओं को विस्तार से समझाया। भारतीय पेटेंट अभिकर्ता डॉ. जगदीश लोहार ने बताया कि सही प्रक्रिया अपनाकर आविष्कार को कानूनी सुरक्षा दी जा सकती है, जिससे उसका व्यावसायिक उपयोग भी संभव होता है। वहीं अधिवक्ता डॉ. भारती जैन ने कॉपीराइट और ट्रेडमार्क के महत्व को उदाहरणों के साथ स्पष्ट किया।
कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य डॉ. हरसुखराम छरंग ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को शोध और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। कार्यशाला में शोधार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से अपने शोध पत्र भी प्रस्तुत किए, जबकि शिक्षकों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही।
    user_Vishnaram saini
    Vishnaram saini
    Court reporter रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    2 hrs ago
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