सांचौर में नगरपालिका प्रशासन की कथित लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है, जहां नेशनल हाईवे किनारे माखुपुरा रोड क्षेत्र में खुले में डाले जा रहे जहरीले कचरे के कारण 8 गोवंशों की मौत का आरोप लगा है। खुले में मृत गोवंश मिलने से मौके पर हड़कंप मच गया है। गो-रक्षा दल की बजरंगी टीम जब घटनास्थल पर पहुंची, तो उन्होंने एक गड्ढे में 6-7 गोवंशों के शव पड़े देखे। इस दर्दनाक दृश्य को देखकर टीम सदस्य भावुक हो गए। गो-रक्षकों का आरोप है कि खुले में डाले जा रहे इस जहरीले कचरे को खाने से लगातार गोवंशों की मौत हो रही है। टीम ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी विरोध प्रदर्शन किया गया था, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। गो-रक्षा दल ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द ही कचरा निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आमरण अनशन और एक उग्र आंदोलन करेंगे। समूह ने इस बात पर सवाल उठाया कि आखिर कब गोवंशों की मौत रुकेगी और कब खुले में कचरा डालने की इस समस्या का समाधान होगा।
सांचौर में नगरपालिका प्रशासन की कथित लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है, जहां नेशनल हाईवे किनारे माखुपुरा रोड क्षेत्र में खुले में डाले जा रहे जहरीले कचरे के कारण 8 गोवंशों की मौत का आरोप लगा है। खुले में मृत गोवंश मिलने से मौके पर हड़कंप मच गया है। गो-रक्षा दल की बजरंगी टीम जब घटनास्थल पर पहुंची, तो उन्होंने एक गड्ढे में 6-7 गोवंशों के शव पड़े देखे। इस दर्दनाक दृश्य को देखकर टीम सदस्य भावुक हो गए। गो-रक्षकों का आरोप है कि खुले में डाले जा रहे इस जहरीले कचरे को खाने से लगातार गोवंशों की मौत हो रही है। टीम ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी विरोध प्रदर्शन किया गया था, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। गो-रक्षा दल ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द ही कचरा निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आमरण अनशन और एक उग्र आंदोलन करेंगे। समूह ने इस बात पर सवाल उठाया कि आखिर कब गोवंशों की मौत रुकेगी और कब खुले में कचरा डालने की इस समस्या का समाधान होगा।
- साफ-सफाई को लेकर विशेष ध्यान रखने की बात कही गई है। इस पर जोर दिया गया है कि स्वच्छता बनी रहे, ताकि लोगों को आने-जाने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।1
- जयपुर पुलिस ने आमजन को सतर्क करते हुए एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें शहर में कच्छा-बनियान गिरोह की संभावित सक्रियता के मद्देनजर नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या समूह को संदिग्ध परिस्थितियों में घूमता देख स्वयं जोखिम न उठाएं, बल्कि तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें। इसके अतिरिक्त, रात्रि के समय घरों के दरवाजे-खिड़कियां सुरक्षित रखने, आसपास की गतिविधियों पर नजर बनाए रखने और पड़ोसियों के साथ भी सुरक्षा संबंधी जानकारी साझा करने का आग्रह किया गया है। पुलिस ने जोर देकर कहा है कि सतर्क नागरिक ही सुरक्षित समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं, और सभी से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने और इस संदेश को व्यापक रूप से फैलाने की अपील की है।1
- ज्येष्ठ अमावस्या के पावन अवसर पर बायतु के गंगासरा नाड़ी (लाधाणियों की ढाणी) में ग्रामीणों ने एकजुट होकर ऐतिहासिक श्रमदान किया। जगमाल गोदारा के आह्वान पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और समाजसेवी नाड़ी परिसर में एकत्रित हुए, जहाँ उन्होंने सामूहिक साफ-सफाई कर जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन का महत्वपूर्ण संदेश दिया। श्रमदान अभियान के दौरान नाड़ी से गंदगी, मिट्टी और कचरा हटाया गया। ग्रामीणों ने जल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई और संरक्षण का संकल्प लेते हुए इस कार्य को समाज सेवा का श्रेष्ठ उदाहरण बताया। इस पुनीत कार्य में अनेक भामाशाहों ने सहयोग किया, जिनमें घंमडाराम गोदारा (श्री दर्शन होटल) ने चाय, दुर्गाराम (चौधरी टेंट हाउस) ने पानी की टंकी व ट्रैक्टर, हरुराम सारण ने 100 किलो मतीरे तथा मगाराम बलियारा, देवाराम कोडेचा, जेठाराम गोदारा व भगवानराम गोदारा ने ट्रैक्टर-ट्रॉली की व्यवस्था की। श्यामसिंह सिसोदिया ने ठंडे पानी के कैम्पर उपलब्ध कराए। मूलाराम, कवराराम, रामेश्वर, चम्पालाल, घमंडाराम, अजयपाल, गणपत, मोहनलाल, भेराजराम, प्रेमप्रकाश, तपेश, जितेंद्रसिंह, ओमप्रकाश, भंवरलाल, रमेश सहित कई अन्य ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक इस श्रमदान में भाग लिया। इस अवसर पर गणपत कोडेचा ने जल स्रोतों के संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। कार्यक्रम के अंत में, जगमाल गोदारा ने सभी भामाशाहों, सहयोगियों और श्रमदानियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण के अभियानों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।1
- बायतु में पानी की कमी के चलते पशु-पक्षियों को गंभीर हालातों का सामना करना पड़ रहा है।2
- पाली जिले में अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत सुमेरपुर और तखतगढ़ पुलिस ने लगातार प्रभावी कार्रवाई की है। पाली पुलिस अधीक्षक मोनिका सैन के नेतृत्व में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चैन सिंह महैचा और बाली वृत्ताधिकारी जितेंद्र सिंह राठौड़ के सुपरविजन में जिलेभर में अपराधियों, अवैध हथियार तस्करों और वांछित आरोपियों के खिलाफ यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इन लगातार कार्रवाइयों से क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों और असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है। इसी क्रम में, सुमेरपुर सिटी थाना पुलिस ने थानाधिकारी सवाई सिंह महाबार के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए सिरोही जिले के जोयला निवासी संजय सिंह (29) पुत्र नरपत सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस ने तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक अवैध पिस्टल बरामद की, जिसे जब्त कर आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस संजय सिंह से अवैध हथियार के स्रोत और उससे जुड़े अन्य व्यक्तियों के बारे में गहनता से पूछताछ कर रही है। वहीं, तखतगढ़ थाना पुलिस ने भी थानाधिकारी शैतान सिंह चारण के नेतृत्व में अवैध हथियार तस्करों और वांछित अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े एक मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया गया। साथ ही, पुलिस ने दस हजार रुपये के इनामी अपराधी को भी दबोचा और टॉप-10 वांछित अपराधी रविन्द्र सिंह उर्फ रेवन्त सिंह को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की छह दिन की रिमांड प्राप्त की है और इस अवधि के दौरान उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। तखतगढ़ पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ में अवैध हथियारों के नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगालने और हथियार तस्करी से जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अपराध और अवैध हथियारों के नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।4
- बालोतरा में वाहन चालक अपना पेट्रोल बचाने के चक्कर में खतरनाक शॉर्टकट रास्ते अपना रहे हैं। यह प्रवृत्ति उनके लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। ऐसा लगता है कि बालोतरा के इन वाहन चालकों को अपनी जान की भी कोई परवाह नहीं है।1
- राजस्थान के बेगूं क्षेत्र में इस समय रुक-रुक कर बारिश का दौर चल रहा है। यह बारिश हवाओं के साथ हो रही है।1
- बाड़मेर जिले के पी खालेपे की बावड़ी गांव में स्थित ट्यूबवेल पिछले 45 दिनों से खराब पड़ा है, जिसके कारण भीषण गर्मी के इस मौसम में पशु पानी के लिए तरस रहे हैं और ग्रामीणों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के निवासी कामल खान मथरानी सौंद ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या का तत्काल समाधान करते हुए ट्यूबवेल की जल्द मरम्मत करवाने का विनम्र निवेदन किया है। उन्होंने अपनी शिकायत के लिए मोबाइल नंबर 9928737530 उपलब्ध कराया है।1
- राज्य सरकार के 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के तहत, चिकित्सा विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने 12 जून 2026 को पाली जिले के सुमेरपुर कस्बे में जाखामाता रीको क्षेत्र स्थित विनायक कॉर्पोरेशन सरसों तेल निर्माण इकाई पर औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण श्रीमती टी. शुभमंगला के निर्देश और सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों सुरेश चन्द्र शर्मा और दिलीप सिंह यादव के नेतृत्व वाली टीम ने मौके से भारी मात्रा में सरसों तेल सीज किया। निरीक्षण के दौरान, टीम ने 15 किलोग्राम क्षमता के कुल 533 टीन 'नौ दुर्गा' ब्रांड और 300 टीन 'ज्योति' ब्रांड सरसों तेल जब्त किया, जिसकी कुल मात्रा 12,495 किलोग्राम है। इन दोनों ब्रांडों के नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। फैक्ट्री संचालक खीमाराम माली द्वारा विभिन्न कंपनियों जैसे गुलाब, अडानी, रानी, श्री जी, बनास और अंकुर के खाली टीनों का उपयोग कर 'ज्योति' और 'नौ दुर्गा' ब्रांड नाम से सरसों तेल की पैकिंग की जा रही थी। सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि पूर्व में भी इस फर्म के खाद्य तेल के नमूने अवमानक पाए गए थे, जिस पर न्यायालय ने जुर्माना लगाया था। राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भी 'नौ दुर्गा' ब्रांड के तेल नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे थे, इसके बावजूद फर्म संचालक लगातार नियमों की अवहेलना कर रहा था। जांच के दौरान, फैक्ट्री परिसर में बने अंडरग्राउंड तेल टैंकों के आसपास कीचड़, रेत और गंदगी मिली, साथ ही फिल्टर हाउस में निर्माण सामग्री पाई गई, जिससे तेल में बाहरी अशुद्धियां मिलने की आशंका जताई गई। विभाग ने तत्काल स्वच्छता सुधारने के निर्देश दिए हैं। मिलावट और गुणवत्ता संबंधी गंभीर संदेह के आधार पर 12,495 किलोग्राम सरसों तेल को मौके पर ही सीज कर दिया गया है। पूर्व में नमूने फेल होने और वर्तमान अनियमितताओं को देखते हुए पुनः कानूनी नमूने लिए गए हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। डॉ. मारवाल ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ विभाग का अभियान जारी रहेगा और दोषियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।1