संघर्षों से निकलकर राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाले उमाशंकर सिंह की अंतिम विदाई का यह दृश्य हर किसी की आंखें नम कर गया। उमा शंकर सिंह जैसे नेता आज के जमाने में बहुत कम देखने को मिलता है। पूरा शहर गमगीन आंखों से विदाई दे रहा था। आपको भावपूर्ण श्रद्धांजली 🙏🙏🙏 संघर्षों के मार्ग से आगे बढ़कर राजनीति में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने वाले उमाशंकर सिंह के अंतिम संस्कार का दृश्य अत्यंत भावुक कर देने वाला था। उमाशंकर सिंह जैसे जुझारू, संघर्षशील और जनसेवा के प्रति पूर्णतः समर्पित नेता आज के समय में विरले ही देखने को मिलते हैं। उनके निधन से संपूर्ण क्षेत्र शोकाकुल है और लोगों ने गमगीन मन से उन्हें अंतिम विदाई दी। उनकी अंतिम यात्रा में उमड़े जनसैलाब ने इस बात की पुष्टि की कि उन्होंने जनमानस के हृदय में कितनी गहरी और स्थायी छाप छोड़ी थी। उमाशंकर सिंह जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें। #उमाशंकर_सिंह #भावपूर्ण_श्रद्धांजलि #अंतिम_विदाई #श्रद्धांजलि #Gaya #Bihar #GayaNews #AshutoshSinghReport🙏🙏
संघर्षों से निकलकर राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाले उमाशंकर सिंह की अंतिम विदाई का यह दृश्य हर किसी की आंखें नम कर गया। उमा शंकर सिंह जैसे नेता आज के जमाने में बहुत कम देखने को मिलता है। पूरा शहर गमगीन आंखों से विदाई दे रहा था। आपको भावपूर्ण श्रद्धांजली 🙏🙏🙏 संघर्षों के मार्ग से आगे बढ़कर राजनीति में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने वाले उमाशंकर सिंह के अंतिम संस्कार का दृश्य अत्यंत भावुक कर देने वाला था। उमाशंकर सिंह जैसे जुझारू, संघर्षशील और जनसेवा के प्रति पूर्णतः समर्पित नेता आज के समय में विरले ही देखने को मिलते हैं। उनके निधन से संपूर्ण क्षेत्र शोकाकुल है और लोगों ने गमगीन मन से उन्हें अंतिम विदाई दी। उनकी अंतिम यात्रा में उमड़े जनसैलाब ने इस बात की पुष्टि की कि उन्होंने जनमानस के हृदय में कितनी गहरी और स्थायी छाप छोड़ी थी। उमाशंकर सिंह जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें। #उमाशंकर_सिंह #भावपूर्ण_श्रद्धांजलि #अंतिम_विदाई #श्रद्धांजलि #Gaya #Bihar #GayaNews #AshutoshSinghReport🙏🙏
- 9 अगस्त 1942 भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक ऐतिहासिक दिन- डा मनीष पंकज मिश्रा आजादी हमें विरासत में नहीं मिली, बल्किअनगिनत वीरों के संघर्ष, बलिदान और तपस्या का परिणाम है।- राजेन्द्र अधिवक्ता संतोष ठाकुर गया जी 9 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा एवं राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने कोतवाली स्थित शहीद स्मारक पहुंचकर देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सभी ने शहीद स्मारक पर माल्यार्पण एवं पुष्पअर्पितकरउन्हेंश्रद्धा-सुमन अर्पित किए तथा उनके त्याग और बलिदान को नमन किया। इसके पश्चात सभी लोग भुई राम, जगन्नाथ मिश्रा एवं कैलाश राम धामी टोला स्थित कैलाश जी के स्मारक एबं गाँधी चौक मे स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के प्रतिमा पर पहुंच कर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। इस अवसर परभाजपा नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने कहा कि 9 अगस्त 1942 भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक ऐतिहासिक दिन है। इसी दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध "करो या मरो" का ऐतिहासिक आह्वान किया था। इस नारे ने पूरे देश में स्वतंत्रता की ऐसी अलख जगाई कि लाखों देशभक्त अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध सड़कों पर उतर आए। हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने जेल की यातनाएं झेलीं और अनेक वीरसपूतोंनेहंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी, लेकिन भारत माता की स्वतंत्रता के संकल्प से कभी पीछे नहीं हटे।उन्होंने कहा कि हमारे अमर शहीदों ने "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम्" के उद्घोष के साथ अपने प्राणों का बलिदान देकर देश को आजादी दिलाने में अमूल्य योगदान दिया। उनका त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति आज भी प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। हमें उनके आदर्शों पर चलते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और विकास के लिए सदैव समर्पित रहना चाहिए|इस अबसर पर राजेन्द्र प्रसाद अधिवक्ता ने कहा कि आजादी हमें विरासत में नहीं मिली, बल्किअनगिनत वीरों के संघर्ष, बलिदान और तपस्या का परिणाम है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह देश के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए सदैव सजग रहे तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने शहीदों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया है। पूरे कार्यक्रम के दौरान "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्" और "अमर शहीद अमर रहें" के नारों से वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो गया। सभी उपस्थित लोगों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान सदैव राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा और आने वाली पीढ़ियां भी उनके त्याग एवं बलिदान को कभी नहीं भूलेंगी। आज श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में भाजपा के वरिष्ठ नेता राणा रणजीत सिंह विजय प्रसाद उर्फ काला नाग संतोष ठाकुर अजय नारायण सिंह उर्फ मुन्ना , हीरा यादव मंटू कुमार बबलू गुप्ता महेश यादव रामविलास उर्फ गुड्डू सांव सहित1
- पितृपक्ष मेला के समय वार्ड 44 के ब्रह्मयोनि पहाड़ पर पिंडदानियों का उमड़ता है आस्था का जन सैलाब। लोगो का मान्यता है के मातृयोनि गुफा पार होने से पितरों को आवागमन से मिलता है मुक्ति।1
- गया जिले में अवैध नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड एवं पैथोलैब के विरुद्ध चलेगा विशेष अभियान* *अवैध संस्थानों को तत्काल सील कर FIR दर्ज कराने का निर्देश*1
- विकसित भारत के लिए 125 दिन ग्रामीण रोजगार की नई गारंटी विषय पर एक दिवसीय पंच सम्मेलन का आयोजन l दिनांक :- 08.08.2026 आज दिनांक 08 अगस्त 2026 को जिला परिषद अध्यक्ष महोदया नयना कुमारी की अध्यक्षता में प्रेक्षागृह सह आर्ट गैलरी हरिदास सेमिनरी गया में "विकसित भारत के लिए 125 दिन ग्रामीण रोजगार की नई गारंटी" विषय पर एक दिवसीय पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला परिषद अध्यक्ष महोदया नयना कुमारी, निदेशक nep,dpo द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में नई ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था से संबंधित एक वीडियो का प्रदर्शन किया गया, जिसके उपरांत विषय पर विस्तृत परिचर्चा आयोजित हुई। अपने संबोधन में जिला परिषद अध्यक्ष महोदया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समय-समय पर अनेक योजनाएं संचालित की गई हैं।वर्ष 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम लागू होने के साथ ही ग्रामीण परिवारों को पहली बार रोजगार प्राप्त करने का कानूनी अधिकार मिला। उन्होंने कहा कि बीते लगभग 20 वर्षों में मनरेगा ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन तथा आधारभूत संरचना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान गांव लौटे प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने एवं उनकी आजीविका को संबल प्रदान करने में यह योजना अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई। डायरेक्टर nep ने कहा कि ग्रामीण रोजगार योजना का उद्देश्य एक ओर ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आय में वृद्धि करना है, वहीं दूसरी ओर उनके श्रम के माध्यम से जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, सिंचाई सुविधाओं का विकास, तालाब एवं पोखरों का जीर्णोद्धार, पौधारोपण, खेल मैदान, विद्यालयों की आधारभूत संरचनाओं सहित टिकाऊ एवं जनोपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। इन्हीं उद्देश्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप नई ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था लागू की गई है। Dpo ने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था पूर्व की योजनाओं का पूर्णतः प्रतिस्थापन नहीं है, बल्कि उनके सफल एवं प्रभावी प्रावधानों को आगे बढ़ाते हुए आवश्यक सुधार किए गए हैं। कृषि कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए 60 दिनों का "लीव पीरियड" निर्धारित किया गया है तथा रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इससे ग्रामीण श्रमिकों को अधिक रोजगार उपलब्ध होगा तथा कृषि कार्यों के लिए श्रमिकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित रहेगी। डायरेक्टर nep ने बताया कि अब योजनाओं के लिए संसाधनों का आवंटन राज्यों की वास्तविक आवश्यकता एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप किया जाएगा, जिससे अधिक आवश्यकता वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ मिल सकेगा। साथ ही विभिन्न विभागों की योजनाओं के साथ अभिसरण (कन्वर्जेंस) को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, आईसीडीएस, पंचायती राज, शिक्षा विभाग एवं अन्य योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में चारदीवारी, छात्र एवं छात्राओं के लिए पृथक शौचालय, रसोई शेड, अतिरिक्त कक्षों की मरम्मत एवं अनुरक्षण, ग्रामीण हाट-बाजार का विकास, पंचायत स्तर पर जल निकासी व्यवस्था, मुक्तिधाम, तालाब एवं पोखरों का विकास, पौधारोपण, जल संरक्षण तथा वर्षा जल संचयन जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रधानमंत्री गति शक्ति पोर्टल एवं जीआईएस आधारित योजना निर्माण के माध्यम से विकास कार्यों की बेहतर योजना बनाकर उनका पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। जिला परिषद अध्यक्ष महोदया ने सभी मुखिया, पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों से आह्वान किया कि योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार तक समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित करें। *कार्यक्रम में सभी माननीय जिला परिषद सदस्य, सभी पंचायत समिति सदस्य एवं सभी मुखिया उपस्थित रहें.*1
- गया जी: एक PDS डीलर के वर्षों से सरकारी गोदाम में कार्यरत रहने के आरोपों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होने से जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। 📌1
- विधायक की पहल पर 24 घंटे के अंदर बदला ट्रांसफार्मर, ग्रामीणों ने जताया आभार विधायक की पहल पर 24 घंटे के अंदर बदला ट्रांसफार्मर, ग्रामीणों ने जताया आभार वजीरगंज प्रखंड के सहिया गांव स्थित पश्चिम बघार में पिछले कई दिनों से तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़े बिजली ट्रांसफार्मर को विधायक वीरेंद्र सिंह की पहल पर तत्काल बदल दिया गया। बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए करीब चार घंटे के अंदर खराब ट्रांसफार्मर को हटाकर नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया। ट्रांसफार्मर बदलने के बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल होने से ग्रामीणों और किसानों ने राहत की सांस ली।बताया जाता है कि पश्चिम बघार में लगे ट्रांसफार्मर से बड़ी संख्या में घरों के साथ-साथ किसानों के सिंचाई मोटर भी जुड़े हुए हैं। ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण ग्रामीणों को बिजली और पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। वहीं, खेती-बारी के महत्वपूर्ण समय में सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने से दर्जनों किसान परेशान थे।ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए सहिया गांव के समाजसेवी एवं भाजपा पश्चिमी मंडल अध्यक्ष विकास सिंह ने मामले की जानकारी वजीरगंज विधायक वीरेंद्र सिंह को दी। विधायक ने तत्काल बिजली विभाग के अधिकारियों से बात कर खराब ट्रांसफार्मर को बदलने का निर्देश दिया। इसके बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंची और कुछ ही घंटों में नया ट्रांसफार्मर लगा दिया।बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद ग्रामीणों ने विधायक वीरेंद्र सिंह की त्वरित पहल की सराहना करते हुए उनका आभार जताया। ग्रामीणों ने कहा कि समय पर ट्रांसफार्मर बदलने से घरेलू बिजली के साथ किसानों की सिंचाई व्यवस्था भी सुचारू हो गई है।ग्रामीणों ने विधायक वीरेंद्र सिंह, विकास सिंह तथा बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार जताया। इस दौरान राकेश सिंह, मनोज सिंह, नन्हक सिंह, सोनू सिंह, चंदन सिंह,ढूल्लू सिंह एवं अर्जुन कुमार की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र की बिजली, पानी और अन्य बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए भविष्य में भी इसी तरह त्वरित पहल की उम्मीद है।1
- संघर्षों से निकलकर राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाले उमाशंकर सिंह की अंतिम विदाई का यह दृश्य हर किसी की आंखें नम कर गया। उमा शंकर सिंह जैसे नेता आज के जमाने में बहुत कम देखने को मिलता है। पूरा शहर गमगीन आंखों से विदाई दे रहा था। आपको भावपूर्ण श्रद्धांजली 🙏🙏🙏 संघर्षों के मार्ग से आगे बढ़कर राजनीति में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने वाले उमाशंकर सिंह के अंतिम संस्कार का दृश्य अत्यंत भावुक कर देने वाला था। उमाशंकर सिंह जैसे जुझारू, संघर्षशील और जनसेवा के प्रति पूर्णतः समर्पित नेता आज के समय में विरले ही देखने को मिलते हैं। उनके निधन से संपूर्ण क्षेत्र शोकाकुल है और लोगों ने गमगीन मन से उन्हें अंतिम विदाई दी। उनकी अंतिम यात्रा में उमड़े जनसैलाब ने इस बात की पुष्टि की कि उन्होंने जनमानस के हृदय में कितनी गहरी और स्थायी छाप छोड़ी थी। उमाशंकर सिंह जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें। #उमाशंकर_सिंह #भावपूर्ण_श्रद्धांजलि #अंतिम_विदाई #श्रद्धांजलि #Gaya #Bihar #GayaNews #AshutoshSinghReport🙏🙏1
- 🚨 गया में बिस्तर पर चढ़ा जहरीला करैत सांप! 🐍 रात में बिस्तर पर सो रहे मजदूर के पैर में करैत सांप ने डंस लिया। सांप के काटने के बाद समय पर अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक के चक्कर में इलाज में देरी होती गई, और आखिरकार मजदूर की जान चली गई। 😢 ⚠️ एक छोटी सी लापरवाही बनी जिंदगी पर भारी! सांप के काटने पर झाड़-फूंक नहीं, तुरंत अस्पताल पहुंचाना ही सबसे जरूरी है। 🚨 गया में बिस्तर पर चढ़ा जहरीला करैत सांप! 🐍 रात में बिस्तर पर सो रहे मजदूर के पैर में करैत सांप ने डंस लिया। सांप के काटने के बाद समय पर अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक के चक्कर में इलाज में देरी होती गई, और आखिरकार मजदूर की जान चली गई। 😢 ⚠️ एक छोटी सी लापरवाही बनी जिंदगी पर भारी! सांप के काटने पर झाड़-फूंक नहीं, तुरंत अस्पताल पहुंचाना ही सबसे जरूरी है।1