उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को पीलीभीत में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) से मुलाकात की और शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की जोरदार मांग रखी। संघ ने 5 जून को सौंपे गए ज्ञापन पर अपेक्षित कार्रवाई न होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। जिला अध्यक्ष लक्ष्मीकांत शर्मा ने जानकारी दी कि शिक्षकों का महंगाई भत्ते का बकाया लंबे समय से लंबित है। इसके अतिरिक्त, आयकर विवरणी दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निकट होने के बावजूद, कार्यालय द्वारा अभी तक फॉर्म-16 उपलब्ध कराने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। संघ ने यह भी मुद्दा उठाया कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सतीश चंद्र गंगवार के बकाया देयकों का भुगतान नहीं हुआ है। प्रतिनिधिमंडल ने गांधी स्मारक इंटर कॉलेज, बिलसंडा के शिक्षक सत्यपाल के नवंबर माह के बकाया वेतन, जनपद के 16 शिक्षकों की एनपीएस से संबंधित धनराशि का जीपीएफ खाते में जमा न होने और उनके एनपीएस खातों के अद्यतन न होने पर भी कड़ा विरोध दर्ज कराया। शिक्षक नेताओं ने यह भी बताया कि जनपद के कार्यवाहक प्रधानाचार्यों को प्रधानाचार्य पद का वेतन नहीं मिल रहा है, जबकि पड़ोसी जिलों में यह सुविधा प्रदान की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, डीआईओएस ने तत्काल पटल सहायक प्रमोद कुमार और पीयूष को कार्यालय में बुलाकर विस्तृत जानकारी ली और लंबित समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सभी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष लक्ष्मीकांत शर्मा के साथ कोषाध्यक्ष नरेंद्र सिंह, प्रांतीय प्रतिनिधि सतीश चंद्र गंगवार और कार्यकारिणी सदस्य राजेश गंगवार शामिल रहे।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को पीलीभीत में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) से मुलाकात की और शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की जोरदार मांग रखी। संघ ने 5 जून को सौंपे गए ज्ञापन पर अपेक्षित कार्रवाई न होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। जिला अध्यक्ष लक्ष्मीकांत शर्मा ने जानकारी दी कि शिक्षकों का महंगाई भत्ते का बकाया लंबे समय से लंबित है। इसके अतिरिक्त, आयकर विवरणी दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निकट होने के बावजूद, कार्यालय द्वारा अभी तक फॉर्म-16 उपलब्ध कराने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। संघ ने यह भी मुद्दा उठाया कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सतीश चंद्र गंगवार के बकाया देयकों का भुगतान नहीं हुआ है। प्रतिनिधिमंडल ने गांधी स्मारक इंटर कॉलेज, बिलसंडा के शिक्षक सत्यपाल के
नवंबर माह के बकाया वेतन, जनपद के 16 शिक्षकों की एनपीएस से संबंधित धनराशि का जीपीएफ खाते में जमा न होने और उनके एनपीएस खातों के अद्यतन न होने पर भी कड़ा विरोध दर्ज कराया। शिक्षक नेताओं ने यह भी बताया कि जनपद के कार्यवाहक प्रधानाचार्यों को प्रधानाचार्य पद का वेतन नहीं मिल रहा है, जबकि पड़ोसी जिलों में यह सुविधा प्रदान की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, डीआईओएस ने तत्काल पटल सहायक प्रमोद कुमार और पीयूष को कार्यालय में बुलाकर विस्तृत जानकारी ली और लंबित समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सभी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष लक्ष्मीकांत शर्मा के साथ कोषाध्यक्ष नरेंद्र सिंह, प्रांतीय प्रतिनिधि सतीश चंद्र गंगवार और कार्यकारिणी सदस्य राजेश गंगवार शामिल रहे।
- NTA पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और परीक्षा केंद्रों के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि जहाँ छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए पूरे साल का समय मिलता है, वहीं NTA ने परीक्षा केंद्र बदलने के लिए मात्र 10 मिनट का ही समय दिया है। एक वायरल वीडियो का हवाला देते हुए, इस स्थिति को डिजिटल इंडिया का एक 'चमत्कार' बताते हुए तीखा व्यंग्य किया गया है कि एडमिट कार्ड भी 'गिरगिट की तरह रंग बदल' रहे हैं, जिससे छात्रों को भारी परेशानी हो रही है। छात्रों के भविष्य के साथ इस 'थ्रिलर' गेम के लिए शिक्षा मंत्री और NTA को '21 तोपों की सलामी' देते हुए तंज कसा गया है, साथ ही यह मार्मिक प्रश्न भी उठाया गया है कि छात्र अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें या सिस्टम की इन नाकामियों से जूझें। इस पूरे घटनाक्रम को 'काफ़ी भावुक कर देने वाला पल' बताया गया है, जो छात्रों की गहरी निराशा और चिंता को दर्शाता है।1
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि "भारत कोई धर्मशाला नहीं है, जहां कोई भी आकर बस जाए।" यह महत्वपूर्ण बयान रोहिंग्या और अन्य अवैध घुसपैठियों के संदर्भ में दिया गया है, जिस पर सरकार का मानना है कि देश की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अवैध रूप से देश में रहने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार की योजना है कि भारत में आने वाले सभी विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके रिकॉर्ड सुनिश्चित किए जाएं। राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, घुसपैठ के मामलों पर लगातार और कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि ऐसी किसी भी गतिविधि को रोका जा सके। इस पूरे मामले में सरकार का मुख्य संदेश स्पष्ट है: अवैध घुसपैठ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी, राष्ट्रीय सुरक्षा देश की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और घुसपैठ के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- पीलीभीत में 'नारी शक्ति' का रौद्र रूप देखने को मिला, जहाँ महिलाओं ने एक शराब के ठेके के विरोध में सड़क पर शराब की बोतलें बहा दीं। यह प्रदर्शन शराब पर चल रहे संग्राम का हिस्सा था, जिसमें महिलाओं ने इस ठेके को बंद करने की मांग को लेकर अपना कड़ा विरोध जताया। महिलाओं का कहना है कि इस शराब के ठेके के कारण गाँव के कई हंसते-खेलते परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं और घरों की आर्थिक स्थिति भी चरमरा गई है। इस मामले में महिला प्रधान ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि यह शराब का ठेका बंद नहीं हुआ, तो एक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।1
- पीलीभीत में एक हिंदू परिवार के घर के ठीक पीछे अवैध रूप से एक मजार का निर्माण किया गया था। इस मामले को लेकर शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश जारी किए थे। प्रशासन के आदेशों के बाद, वहीं के ग्रामीणों ने मिलकर उस अवैध मजार को ध्वस्त कर दिया।1
- Post by Sudheer Kumar1
- ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष परवेज हनीफ और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद यूनुस ने पसमांदा मुस्लिम समाज को मुख्य धारा में लाने के विषय पर विस्तृत और सटीक चर्चा की है। इस चर्चा का मुख्य केंद्र पसमांदा मुस्लिम समुदाय के उत्थान और उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के तरीकों पर रहा।1
- NEET परीक्षा केंद्र पर मुस्लिम छात्रा कुलसुम बानो को कथित तौर पर बुर्का पहनकर पहुंचने के कारण प्रवेश से रोका गया। आरोप है कि उन्हें पहले दुपट्टा और फिर बुर्का उतारने के लिए दबाव डाला गया, जबकि छात्रा कुलसुम बानो का स्पष्ट कहना है कि NTA (राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी) ने इसकी अनुमति दी है। इस घटना के बाद कुलसुम बानो ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि 17-18 साल की बच्चियों को बेवजह परेशान किया जा रहा है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने तल्खी से टिप्पणी की कि 'शर्म आनी चाहिए' और जोर देकर कहा कि 'पेपर लीक सिस्टम करवाता है, बच्चे नहीं', जिनके पास परीक्षा के लिए केवल आधार कार्ड, एडमिट कार्ड और फोटो होती है। कुलसुम ने दृढ़ता से कहा कि वह अपनी परीक्षा अपने हिजाब और बुर्के के साथ ही देंगी, अन्यथा नहीं देंगी। मामले में यह सवाल उठाया जा रहा है कि जब नियम बुर्का पहनने की अनुमति देते हैं, तो कुछ परीक्षा केंद्र अपनी मनमानी क्यों कर रहे हैं? यह भी पूछा गया कि क्या अब मुस्लिम छात्राओं को अपनी पढ़ाई (तालीम) और अपनी पहचान में से किसी एक को चुनने पर मजबूर किया जाएगा?1
- पीलीभीत जिले के सदर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम ललौरी खेड़ा में एक शराब की दुकान को लेकर काफी लंबे समय से विवाद चल रहा है।1