*महुआडांड़ में गंदगी फैलाने पर सख्ती: प्रशासन का सख्त नोटिस, उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई* *महुआडांड़ में गंदगी फैलाने पर सख्ती: प्रशासन का सख्त नोटिस, उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई* महुआडांड़ अनुमंडल प्रशासन ने स्वच्छता को लेकर बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अनुमंडल पदाधिकारी सह अनुमंडल दंडाधिकारी कार्यालय से जारी नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि प्रखंड क्षेत्र में किसी भी सार्वजनिक, वन क्षेत्र, रैयती जमीन या सरकारी भूमि पर कचरा, गंदगी या मल-मूत्र फेंकना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।नोटिस के अनुसार, ग्राम कुलोकोला के ग्रामीणों द्वारा 5 मई 2026 को आयोजित जागरूकता रैली के माध्यम से प्रशासन को यह जानकारी दी गई थी कि महुआडांड़ चौक एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार गंदगी फैलाई जा रही है। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि गांव में तरह-तरह की बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है।प्रशासन ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति या समूह सार्वजनिक या निजी जमीन पर गंदगी फैलाते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 133 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।इस आदेश की प्रति स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पुलिस प्रशासन, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों को भेज दी गई है, ताकि इस निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जा सके।
*महुआडांड़ में गंदगी फैलाने पर सख्ती: प्रशासन का सख्त नोटिस, उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई* *महुआडांड़ में गंदगी फैलाने पर सख्ती: प्रशासन का सख्त नोटिस, उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई* महुआडांड़ अनुमंडल प्रशासन ने स्वच्छता को लेकर बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अनुमंडल पदाधिकारी सह अनुमंडल दंडाधिकारी कार्यालय से जारी नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि प्रखंड क्षेत्र में किसी भी सार्वजनिक, वन क्षेत्र, रैयती जमीन या सरकारी भूमि पर कचरा, गंदगी या मल-मूत्र फेंकना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।नोटिस के अनुसार, ग्राम कुलोकोला के ग्रामीणों द्वारा 5 मई 2026 को आयोजित जागरूकता रैली के माध्यम से प्रशासन को यह जानकारी दी गई थी कि महुआडांड़ चौक एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार गंदगी फैलाई जा रही है। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि गांव में तरह-तरह की बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है।प्रशासन ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति या समूह सार्वजनिक या निजी जमीन पर गंदगी फैलाते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 133 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।इस आदेश की प्रति स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पुलिस प्रशासन, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों को भेज दी गई है, ताकि इस निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जा सके।
- *महुआडांड़ में अवैध क्लीनिकों पर छापेमारी शुरू, स्वास्थ्य विभाग की सख्ती से मचा हड़कंप* संवाद सूत्र जागरण महुआडांड़ (लातेहार): झारखंड सरकार के सख्त निर्देशों के बाद अब लातेहार जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद ज़मीन पर उतर चुकी है। हाल ही में Clinical Establishment (Registration & Regulation) Act, 2010 के तहत जारी आदेश के अनुपालन में महुआडांड़ प्रखंड में अवैध क्लीनिकों और निजी अस्पतालों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया गया है।मंगलवार को महुआडांड़ स्वास्थ्य प्रभारी डॉ. अमित खलखो ने पुलिस प्रशासन के सहयोग से प्रखंड क्षेत्र में संचालित विभिन्न निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर छापेमारी की। इस दौरान एसआई नौशाद अहमद एवं पुलिस बल के जवान भी मौजूद रहे। टीम ने उन सभी स्वास्थ्य संस्थानों की जांच की, जहां मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। *रजिस्ट्रेशन और मानकों की हुई जांच* छापेमारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिकों के रजिस्ट्रेशन, डॉक्टरों की योग्यता, उपलब्ध चिकित्सा संसाधनों, मरीजों के रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। कई स्थानों पर आवश्यक दस्तावेजों की कमी और मानकों का पालन नहीं होने की बात सामने आई है, जिन पर विभाग द्वारा नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। *बिना लाइसेंस संचालन पर सख्त कार्रवाई के संकेत* स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना पंजीकरण या मानकों के अनुरूप संचालन करने वाले क्लीनिकों और अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे संस्थानों को सील करने के साथ-साथ संबंधित संचालकों पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। *प्रशासन की चेतावनी—नियमों का पालन अनिवार्य* स्वास्थ्य प्रभारी डॉ. अमित खलखो ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने सभी निजी क्लीनिक संचालकों को निर्देश दिया कि वे निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करें और आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रखें, अन्यथा कार्रवाई से बच पाना संभव नहीं होगा। *क्षेत्र में बढ़ी हलचल* जांच अभियान शुरू होते ही महुआडांड़ क्षेत्र में कई क्लीनिक संचालकों के बीच हलचल देखी जा रही है। वर्षों से बिना पूर्ण दस्तावेजों के संचालित हो रहे संस्थानों में अब जांच और कार्रवाई का डर साफ नजर आ रहा है। *सरकार का स्पष्ट संदेश* झारखंड सरकार ने इस कार्रवाई के माध्यम से साफ संकेत दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवैध गतिविधि अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में जिले के अन्य प्रखंडों में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।1
- मनिका, लातेहार:-मनिका प्रखंड क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी मंडल कार्यालय में असम, बंगाल, पुडुचेरी के चुनाव परिणाम उनके पक्ष में आने के बाद आज दिनांक 5 में को मनिका प्रखंड के भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जश्न पूरे हर्षोल्लास और गाजे बाजे के साथ मनाया जहां नाचते गाते हुए जय श्री राम ,वंदे मातरम और भारत माता की जय जैसे कई नारा बुलंद करते हुए मनिका हाई स्कूल के मैदान से शिंजो शिव मंदिर प्रांगण तक जुलूस निकाला और मिठाइयां बांटी | मौके पर मनिका के पूर्व विधायक श्री हरे कृष्णा सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री बंसी यादव, जिला महामंत्री छोटू राजा,मंडल अध्यक्ष श्री मंदीप कुमार, पूर्व जिला परिषद सदस्य गायत्री देवी, पंचायत समिति सदस्य सह भावी जिला परिषद उमीदवार उषा देवी, मनिका ग्राम प्रधान श्री रजत कुमार, गार्जियन श्री शंकर दुबे, अंकित कुमार, गंगेश्वर यादव ,गोलू कुमार ,अमन कुमार ,अमरदीप कुमार ,नंदन यादव ,बसंत उरांव समेत भाजपा के सैकड़ो कार्यकर्ता मौजूद रहे|1
- अन्वी एजुकेशन बना छात्रों के लिए सहारा, 50 से अधिक विश्वविद्यालयों में दिला रहा नामांकन चंदवा:-संजय यादव क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहा अन्वी एजुकेशन आज छात्रों के लिए एक भरोसेमंद संस्थान के रूप में उभर कर सामने आया है। यह संस्थान ओपन यूनिवर्सिटी के माध्यम से पढ़ाई करने वाले छात्रों को सही मार्गदर्शन और नामांकन में सहयोग प्रदान कर रहा है। संस्थान द्वारा देशभर के करीब 50 से अधिक विश्वविद्यालयों में नामांकन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे दूर-दराज के छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आसानी हो रही है। अन्वी एजुकेशन एक कंसल्टेंसी के रूप में चंदवा में कार्यरत है, जहां छात्रों को कोर्स चयन से लेकर एडमिशन तक पूरी सहायता दी जाती है। खासकर वे छात्र जो किसी कारणवश नियमित पढ़ाई नहीं कर पाते, उनके लिए यह संस्थान एक बेहतर विकल्प बनकर उभरा है। संस्थान के प्रयासों से क्षेत्र के कई छात्र उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर हो रहे हैं, जिससे शिक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।1
- Post by Altamas Rja1
- Post by AAM JANATA1
- lohardga mein har chhoti Se chhoti khabren aap tak pahunchate rahenge1
- ग्राम नैनवा में चोरी बहुत ज्यादा दिन से हो रहा है लेकिन इस पर किसी भी आदमी या कोई भी व्यक्ति को एक्शन नहीं ले पा रहे हैं उसके अलावा चैनपुर थाना को भी आवेदन दिया गया था तब भी कोई कार्रवाई नहीं किया गया था बहुत ज्यादा घर में चोरी किया गया कई साल से चोरी होते आ रहा है लेकिन जिसे चोरी होता है वह क्या करेगा अकेला उन लोग पर कोई एक्शन नहीं ले रहा है देर रात 3 तारीख को रात में चोरी कर लिया गया टेंपू का बैटरी और टेंपो का आगे का चाका खोल करके ले गया इसमें चोर लोग नहीं पकड़ा पा रहे है बहुत दिन से इन नशीली पदार्थ करने वाले लोग चोरी का इल्जाम दे रहे हैं इन लोग को जल्द से जल्द चैनपुर थाना प्रभारी पकड़ने का काम करें जयप्रकाश टेंट हाउस का बैटरी और चाका खुला है चोरी हुआ है1
- *महुआडांड़ में गंदगी फैलाने पर सख्ती: प्रशासन का सख्त नोटिस, उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई* महुआडांड़ अनुमंडल प्रशासन ने स्वच्छता को लेकर बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अनुमंडल पदाधिकारी सह अनुमंडल दंडाधिकारी कार्यालय से जारी नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि प्रखंड क्षेत्र में किसी भी सार्वजनिक, वन क्षेत्र, रैयती जमीन या सरकारी भूमि पर कचरा, गंदगी या मल-मूत्र फेंकना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।नोटिस के अनुसार, ग्राम कुलोकोला के ग्रामीणों द्वारा 5 मई 2026 को आयोजित जागरूकता रैली के माध्यम से प्रशासन को यह जानकारी दी गई थी कि महुआडांड़ चौक एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार गंदगी फैलाई जा रही है। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि गांव में तरह-तरह की बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है।प्रशासन ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति या समूह सार्वजनिक या निजी जमीन पर गंदगी फैलाते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 133 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।इस आदेश की प्रति स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पुलिस प्रशासन, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों को भेज दी गई है, ताकि इस निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जा सके।1