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चित्रकूट जिले के मोहरवा में हुए एक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि दूसरा व्यक्ति जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। इस दर्दनाक घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है।
Abhay TV News
चित्रकूट जिले के मोहरवा में हुए एक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि दूसरा व्यक्ति जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। इस दर्दनाक घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है।
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- चित्रकूट जिले के मोहरवा में हुए एक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि दूसरा व्यक्ति जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। इस दर्दनाक घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है।2
- चित्रकूट के भरतकूप थाना क्षेत्र के फाटापुखा गाँव की चैना देवी ने पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह से गुहार लगाई है। पीड़िता का आरोप है कि उसके ससुराल पक्ष/परिवार के लोग लगातार उसके साथ मारपीट, गाली-गलौज और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना कर रहे हैं। चैना देवी ने बताया कि उसे, उसके पति और उसके भाई महेश को जान से मारने की धमकी दी जाती है, और उसे उसके संबंधित हक से भी वंचित किया जा रहा है। उनका कहना है कि पुलिस उनकी शिकायत नहीं सुन रही है। पीड़िता ने बताया कि आरोपी चंद्रपाल, बाबूलाल और रामकरण, जो फाटापुरवा, भरतकूप थाना क्षेत्र के ही निवासी हैं, ने 25 जनवरी 2026 को सड़क पर उसके साथ मारपीट की और गाली-गलौज करते हुए धमकी दी, जिसका एक छोटा वीडियो भी उनके पास है। इसके अतिरिक्त, आरोपियों ने उसके पति के साथ घर में घुसकर मारपीट की थी, जिसके कारण उनके पति पिछले दस वर्षों से परदेश में रह रहे हैं और पीड़िता अकेले रहती है। चैना देवी का आरोप है कि चक्रपाल, बाबूलाल, सुनील, रामकरण और रामराज सहित सभी आरोपी साजिश के तहत उसे इतना परेशान कर रहे हैं कि वह मानसिक रूप से अत्यधिक पीड़ित है, और आत्महत्या करने जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। चैना देवी ने बताया कि 31 अगस्त 2025 को आरोपियों ने उसके पति के साथ और 25 फरवरी 2026 को खुद उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की थी, जिसकी शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। हालांकि, पुलिस ने उन्हें थाने बुलाकर जबरदस्ती दबाव में सुलहनामा करवा दिया। इस घटना के बाद से आरोपियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं। पीड़िता ने अब पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह से अपील की है कि उनके मामले में FIR दर्ज कर निष्पक्ष जाँच कराई जाए और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाए।4
- चित्रकूट की चैना देवी ने पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह से गुहार लगाई है, जिसमें उन्होंने अपने ससुराल पक्ष पर लगातार मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि उसे और उसके पति चंदन सिंह को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, तथा उसके भाई महेश को भी धमकियां दी जा रही हैं। पीड़िता को उसके संबंधित हक से भी वंचित रखा जा रहा है। चैना देवी के अनुसार, 25 जनवरी 2026 को आरोपी चंद्र पाल, बाबूलाल और रामकरण ने फाटापुरवा थाना भरतकूप के पास रोड पर उनके साथ मारपीट की थी और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी, जिसका एक वीडियो भी पीड़िता के पास मौजूद है। आरोप है कि पति चंदन सिंह के साथ भी आरोपियों ने घर में घुसकर मारपीट की थी, जिसके कारण वह दस साल से परदेश में रह रहे हैं और पीड़िता अकेले रहती है। साजिश के तहत, आरोपी चक्रपाल, बाबूलाल, सुनील, रामकरण और रामराज पीड़िता को इतना परेशान कर रहे हैं कि वह मानसिक रूप से अत्यधिक पीड़ित है और आत्महत्या जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। पीड़िता ने यह भी बताया कि 31 अगस्त 2025 को आरोपियों ने उनके पति के साथ और 25 फरवरी 2026 को उनके साथ मारपीट व गाली-गलौज की थी, जिसकी शिकायत दर्ज कराने पर पुलिस थाने में बुलाकर जबरदस्ती दबाव में सुलहनामा करवा दिया गया। इस घटना के बाद से आरोपियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं। चैना देवी ने पुलिस अधीक्षक से अपील की है कि उनके मामले में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।4
- धवारी, सतना में अनियमित विद्युत कटौती ने स्थानीय जनता को भारी परेशानी में डाल दिया है। लगातार शिकायतों के बावजूद बिजली कटौती की स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे शहरवासी परेशान हैं। जनता का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के हो रही ये कटौतियाँ भ्रष्टाचार के कारण व्यवस्था के पूरी तरह से चरमरा जाने का परिणाम हैं। साथ ही, यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या प्रदेश के कर्ज में चलने की वजह से ऐसे हालात उत्पन्न हुए हैं। भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने इन सभी मामलों की गहन जांच की मांग की है।1
- बांधवगढ़ नेशनल पार्क में सतना के एक युवा वन्यप्राणी प्रेमी और फोटोग्राफर द्वारा कैमरे में कैद किया गया एक दुर्लभ नजारा पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों के बीच काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क अपनी घनी बाघ आबादी और अद्भुत वन्यजीवन के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, जहाँ अक्सर कुछ ऐसे दुर्लभ क्षण देखने को मिलते हैं जो किसी भी फोटोग्राफर के लिए जीवनभर की पूंजी बन जाते हैं। सतना के इस युवा ने बांधवगढ़ में कैमरे में कैद करके ऐसा ही एक बेहद खास और जीवनभर का सबसे दुर्लभ पल दर्ज किया है।1
- पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा, लखनऊ के दिनांक 03 जून 2026 के आदेश के अनुपालन में, साथ ही जिलाधिकारी चित्रकूट और पुलिस अधीक्षक चित्रकूट के निर्देशन में, जनपद में अग्नि सुरक्षा, बचाव और जागरूकता को लेकर एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत, आज दिनांक 07 जून 2026 को जनपद चित्रकूट के विभिन्न होटलों का सघन निरीक्षण किया गया। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी चित्रकूट, श्री पवन कुमार त्यागी ने व्यक्तिगत रूप से इन होटलों का निरीक्षण किया। उन्होंने अग्नि सुरक्षा उपकरणों के रख-रखाव की स्थिति, आग के खतरों को कम करने के उपायों और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित पलायन सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से व्यापक जाँच की। इस दौरान, होटल में कार्यरत कर्मचारियों के लिए अग्निशमन प्रशिक्षण और मॉकड्रिल का भी आयोजन किया गया, और उन्हें अग्नि सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। जिन प्रमुख होटलों का निरीक्षण किया गया उनमें अग्रोहा होटल (चित्रागोकुल रोड, सीतापुर), जैपुरिया स्मृति भवन (सीतापुर), ख्याति भवन (रामघाट रोड, सीतापुर), श्री रामाचार्यइन (रामघाट रोड, सीतापुर) और श्री भागवत् धाम (रामघाट रोड, सीतापुर) शामिल हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी श्री यदूनाथ सिंह ने इस संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फलोरिश में लगी भयानक आग की घटना को ध्यान में रखते हुए चलाया गया है।1
- इलाहाबाद हाईकोर्ट की अधिवक्ता जागृति शुक्ला की इलाज के दौरान हुई मौत ने पूरे प्रयागराज को झकझोर दिया है। सड़क हादसे में घायल होने के बाद उन्हें एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उपचार के दौरान उनकी जान चली गई। जागृति शुक्ला की मौत के बाद अधिवक्ताओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। वकीलों ने सिविल लाइंस स्थित प्रधान डाकघर चौराहे पर चक्का जाम कर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं का आरोप है कि इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई और डॉक्टरों के साथ भी विवाद हुआ था। वकीलों ने साफ चेतावनी दी है कि "जब तक निलंबित डॉक्टरों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा!" प्रयागराज की सड़कों पर न्याय की मांग को लेकर यह बड़ा प्रदर्शन जारी है, और अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट से समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र यादव का एक ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह अपनी ही पार्टी के बूथ अध्यक्ष गरुण यादव को कथित तौर पर मां-बहन की गालियां देते सुनाई दे रहे हैं। वायरल ऑडियो में नरेंद्र यादव ने गरुण यादव को धमकी भी दी है, जिसमें वह सोशल मीडिया पर ऑडियो डालने की चुनौती देते हुए कहते सुनाई पड़ रहे हैं कि देखते हैं इसमें कितना दम है और कौन कार्यवाही करता है। इस मामले को लेकर सपा बूथ अध्यक्ष गरुण यादव ने मानिकपुर थाने में शिकायत पत्र दिया है। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि अब यह देखना होगा कि चित्रकूट पुलिस इस मामले में तेल छिड़क कर आग लगाती है या पानी डालकर ठंडा करती है। गरुण यादव का यह भी आरोप है कि जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र यादव आए दिन शराब पीकर लोगों के साथ गाली-गलौज करते रहते हैं। उन्होंने बताया कि वायरल ऑडियो के अंत में नरेंद्र यादव के क्लास फेलो और ज्ञान भारती इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल छोटेलाल भी गालियां देते सुनाई दे रहे हैं। इस घटना पर सीधे समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए पूछा गया है कि पार्टी में कैसे-कैसे "संस्कारी लोग" रखे गए हैं, जो अपने ही कार्यकर्ताओं को गालियां दे रहे हैं और फिर आम आदमी के साथ उनका व्यवहार कैसा होता होगा।1