जहर खुरानी का शिकार हुआ गाय का बछड़ा: अधमरी हालम में उपचार उपरांत की जा रही देखरेख लांजी। नगर मुख्यालय अंतर्गत आने वाले गुजरी चौक में जानवर के प्रति उदासीनता और अपनापन दोनो की मिसाल उस वक्त देखने मिली जब मंगलवार 3 मार्च को गाय का एक बछड़ा तड़पता हुआ अधमरी हालत में दिखाई दिया, मौजूद लोगों का मानना है कि बछड़ा जहर खुरानी का शिकार हुआ होगा, जानकारी अनुसार किसी के द्वारा ऐसा कचरा या ऐसी वस्तु फेंकी गई होगी जो कि जहरीली हो जिसके सेवन से गाय का बछड़ा अधमरा हो गया, जिसकी खबर मिलते ही लांजी के समाजसेवी दिपांकर भार्गव, शरद खोब्रागड़े, पारस श्रीभादरी, प्रयाग कोठारे, राजकुमार काड्डे आदि मौकेे पर पंहुचे और उक्त बछड़े को दिपांकर भार्गव के घर लाकर रखा गया जहां वेटनरी हास्पिटल के कंपाउंडर तुलसीकर द्वारा चिकित्सक के निर्देशन में उपचार प्रारंभ किया गया, उपचार के बाद फिलहाल गाय का बछड़ा स्वस्थ है और उसकी हालत सामान्य बनी हुई है।
जहर खुरानी का शिकार हुआ गाय का बछड़ा: अधमरी हालम में उपचार उपरांत की जा रही देखरेख लांजी। नगर मुख्यालय अंतर्गत आने वाले गुजरी चौक में जानवर के प्रति उदासीनता और अपनापन दोनो की मिसाल उस वक्त देखने मिली जब मंगलवार 3 मार्च को गाय का एक बछड़ा तड़पता हुआ अधमरी हालत में दिखाई दिया, मौजूद लोगों का मानना है कि बछड़ा जहर खुरानी का शिकार हुआ होगा, जानकारी अनुसार किसी के द्वारा ऐसा कचरा या ऐसी वस्तु फेंकी गई होगी जो कि जहरीली हो जिसके सेवन से गाय का बछड़ा अधमरा हो गया, जिसकी खबर मिलते ही लांजी के समाजसेवी दिपांकर भार्गव, शरद खोब्रागड़े, पारस श्रीभादरी, प्रयाग कोठारे, राजकुमार काड्डे आदि मौकेे पर पंहुचे और उक्त बछड़े को दिपांकर भार्गव के घर लाकर रखा गया जहां वेटनरी हास्पिटल के कंपाउंडर तुलसीकर द्वारा चिकित्सक के निर्देशन में उपचार प्रारंभ किया गया, उपचार के बाद फिलहाल गाय का बछड़ा स्वस्थ है और उसकी हालत सामान्य बनी हुई है।
- जहर खुरानी का शिकार हुआ गाय का बछड़ा: अधमरी हालम में उपचार उपरांत की जा रही देखरेख लांजी। नगर मुख्यालय अंतर्गत आने वाले गुजरी चौक में जानवर के प्रति उदासीनता और अपनापन दोनो की मिसाल उस वक्त देखने मिली जब मंगलवार 3 मार्च को गाय का एक बछड़ा तड़पता हुआ अधमरी हालत में दिखाई दिया, मौजूद लोगों का मानना है कि बछड़ा जहर खुरानी का शिकार हुआ होगा, जानकारी अनुसार किसी के द्वारा ऐसा कचरा या ऐसी वस्तु फेंकी गई होगी जो कि जहरीली हो जिसके सेवन से गाय का बछड़ा अधमरा हो गया, जिसकी खबर मिलते ही लांजी के समाजसेवी दिपांकर भार्गव, शरद खोब्रागड़े, पारस श्रीभादरी, प्रयाग कोठारे, राजकुमार काड्डे आदि मौकेे पर पंहुचे और उक्त बछड़े को दिपांकर भार्गव के घर लाकर रखा गया जहां वेटनरी हास्पिटल के कंपाउंडर तुलसीकर द्वारा चिकित्सक के निर्देशन में उपचार प्रारंभ किया गया, उपचार के बाद फिलहाल गाय का बछड़ा स्वस्थ है और उसकी हालत सामान्य बनी हुई है।1
- 4 मार्च बुधवार को सुबह 9 बजे मिली जानकारी अनुसार केसीजी जिले सहित पूरे प्रदेश में आज 4 मार्च को रंगों का पावन पर्व होली हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जाएगा। शहर से लेकर गांव तक होली को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। होलिका दहन के बाद आज सुबह से ही लोग एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर शुभकामनाएं देंगे। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। बाजारों में गुलाल, पिचकारी और मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ रही। प्रशासन द्वारा भी होली पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की गई है। विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि पर्व के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। होली आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द का प्रतीक पर्व है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है। जिलेवासियों में आज रंगोत्सव को लेकर विशेष उत्साह का माहौल है।1
- #premanand ji mahraj1
- Post by Love1
- राजनांदगांव में होली का त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और शहर में भाईचारे का संदेश दिया।6
- होली के त्यौहार में बच्चों ने खेला होली1
- अच्छी महिलाएं अच्छे लोग यदि संगठित होएं तो विश्व जगत में अच्छाईयों में अभिवृद्धि हों सकतीं हैं। जिससे यकीनन दुर्ग में बेहतर वातावरण निर्माण हो सकता हैं पर मैं काम धाम करता नहीं निर्धन हूं इसलिए मर भी जाऊं तो भी लोगों में कोई हलचल जागरूकता नहीं होने वालीं यह बात मुझे बहुत पहले से पता थी पर मैं यह सब तामझाम करता हूं तो एक तरह से अतीत में जितने भी महापुरुष हुए उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए करता। मेरे दृष्टिकोण में यदि कोई भारत के महान समाजसेवी आदर्श के रूप में रहें तो वें राजाराम मोहन राय जी क्योंकि वर्तमान समय में महिलाओं को उनके बारे में ना तो पता हैं ना उनके बारे में जानने के इच्छुक होते हैं उन्हें सिर्फ मजा जीवन में आनंद लेनें से मतलब यदि वें और डॉ भीमराव अंबेडकर जी भी उनके अधिकारों के लिए भी संघर्ष ना किएं होतें तो महिलाओं को इतना महत्व व सम्मान नहीं दिया जाता पर यकीन मानिए ज्यादातर महिलाओं को राजाराम मोहन राय जी के बारे में पता भी नहीं कितना अफसोसजनक।.1
- ग्राम झरिया से पलक बिसेन सीआईएफ में चयनित होकर अपने ग्रह ग्राम से राजस्थान के लिए निकाला जिसमें ग्रामीण और समस्त रिश्तेदार और परिवार के लोग विदाई दिया ट्रेनिंग विदाई के दौरान परिवार के और रिश्तेदारों के आंखें हुई नम1