मातृभाषा संरक्षण का संकल्प, निबंध प्रतियोगिता तारापुर आर एस कॉलेज में छात्रों ने दिखाई रचनात्मकता अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा सप्ताह के पांचवें दिन बुधवार को रामस्वारथ कॉलेज, तारापुर में निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, दक्षिण प्रांत, बिहार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही। अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. नागेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि यह दिन केवल भाषण का नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को सामने लाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि मातृभाषा हमारे मन, मस्तिष्क और हृदय की भाषा है तथा हमारी संस्कृति और पहचान की आधारशिला है। भाषा के लुप्त होने से संस्कृति भी समाप्त हो जाती है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए दैनिक जीवन में मातृभाषा का अधिक प्रयोग आवश्यक है। संयोजक डॉ. वसीम राजा ने भी मातृभाषा के संवर्धन पर अपने विचार रखे। मौके पर डॉ. राकेश कुमार, डॉ. जासीम राजा, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. शशि शेखर सुमन, डॉ. मृत्युंजय कुमार, डॉ. पूर्णिमा गुप्ता एवं डॉ. अर्चना कुमारी उपस्थित रहे।
मातृभाषा संरक्षण का संकल्प, निबंध प्रतियोगिता तारापुर आर एस कॉलेज में छात्रों ने दिखाई रचनात्मकता अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा सप्ताह के पांचवें दिन बुधवार को रामस्वारथ कॉलेज, तारापुर में निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, दक्षिण प्रांत, बिहार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही। अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. नागेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि यह दिन केवल भाषण का नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को सामने लाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि मातृभाषा हमारे मन, मस्तिष्क और हृदय की भाषा है तथा हमारी संस्कृति और पहचान की आधारशिला है। भाषा के लुप्त होने से संस्कृति भी समाप्त हो जाती है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए दैनिक जीवन में मातृभाषा का अधिक प्रयोग आवश्यक है। संयोजक डॉ. वसीम राजा ने भी मातृभाषा के संवर्धन पर अपने विचार रखे। मौके पर डॉ. राकेश कुमार, डॉ. जासीम राजा, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. शशि शेखर सुमन, डॉ. मृत्युंजय कुमार, डॉ. पूर्णिमा गुप्ता एवं डॉ. अर्चना कुमारी उपस्थित रहे।
- कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से बुधवार को तारापुर कांग्रेस कार्यालय में संगठन सृजन अभियान के तहत बैठक आयोजित हुई। अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष आशुतोष सिंह ने की। बैठक में हरियाणा के पूर्व मंत्री सह एआईसीसी पर्यवेक्षक राव दान सिंह, पूर्व विधायक डॉ. अजय कुमार सिंह, अजय कुमार झा सहित कई नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे। राव दान सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के निर्देश पर चल रहा यह अभियान कार्यकर्ताओं से राय लेकर संगठन की कमियों को दूर करने की पहल है। तैयार रिपोर्ट संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल को सौंपी जाएगी, जिसके बाद जिला व प्रखंड स्तर पर पदाधिकारियों का गठन होगा। डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि संसाधनों की कमी के बावजूद तारापुर में समर्पित कार्यकर्ता कांग्रेस की बड़ी पूंजी हैं। बैठक में बूथ स्तर तक संगठन विस्तार व जनसंपर्क बढ़ाने पर जोर दिया गया।1
- किडनैप होने का झूठा कहनी बनाया दोस्त के साथ घूमने गया था !! #mungerdastak #kharagpurjhil #mungerbihar #Sinturana #tarapurvidhansabha #ljpsarkar #kharagpuracademy #dmmunger #spmunger #imranmasood #samratchoudhary #किडनैप1
- हवेली खड़गपुर हवेली खड़गपुर पुलिस ने राजारानी तालाब- बरुई मुख्य मार्ग से देसी शराब के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी देते हुए प्रशिक्षु डीएसपी मिथिलेश तिवारी ने बताया कि 24 लीटर देसी शराब बरामद की गई है। एक ई- रिक्शा जब्त किया गया है। मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।1
- सुल्तानगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 21 स्थित गंगापुर से संपर्क नारायणपुर रोड के पूरबी हिस्से में दशकों से पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो पाने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 1992 से यह सड़क दुधैला, मुंशीपट्टी, बैकुंठपुर, फुलवरिया और विष्णु टोला समेत लगभग 10 हजार की आबादी के लिए रेलवे स्टेशन और सुल्तानगंज बाजार आने-जाने का मुख्य मार्ग है। सड़क निर्माण व्यक्तिगत विरोध और आपसी जमीन विवाद के कारण अधर में लटका हुआ है। बरसात के दिनों में जलजमाव और कीचड़ के कारण स्थिति और भी बदतर हो जाती है। स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचने में कठिनाई होती है, वहीं बीमार व्यक्तियों को अस्पताल ले जाना भी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, एक पक्ष के राकेश कुमार रंजन ने सड़क निर्माण के लिए अपनी चार फीट निजी जमीन देने की सहमति दी थी। लेकिन आनंदी दास और उनके पुत्र वीरेंद्र प्रताप द्वारा इसका विरोध किया गया और मामला न्यायालय तक पहुंच गया। वर्ष 2013 में सीडब्ल्यूजेसी केश संख्या 1091 पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के आदेश के बाद डीसीएलआर द्वारा मामला खारिज कर दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने आपसी चंदा कर सड़क निर्माण कार्य शुरू किया, लेकिन विरोध के कारण बार-बार काम रुकता रहा। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर सड़क बन रही है, वहां 16 धूर बिहार सरकार के सिंचाई विभाग की जमीन भी उपलब्ध है, साथ ही निजी जमीन भी दी जा चुकी है। इसके बावजूद निर्माण कार्य बाधित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह सड़क बन जाती है तो हजारों लोगों को रेलवे स्टेशन और बाजार तक पहुंचने में बड़ी सहूलियत होगी। वर्षों से लंबित यह समस्या अब भी समाधान की प्रतीक्षा में है।1
- घटना की छानबीन में जुटी पुलिस1
- 22 से अधिक भाषाओं में गाना गाकर हुआ था वायरल अब तक सफर कुछ भी नहीं कर पा रहा मिथुन ▶️▶️1
- खगड़िया जिला के गोगरी अनुमंडल के भगवान हाई स्कूल के मैदान में श्री विद्यासागर निषाद जी मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट कप सीजन 1 के आठवां लीग मैच में Nycc छोटी चक के तरफ से बल्लेबाजी करने के दरमियान आयोजक के द्वारा प्रत्येक चौका और छक्के पर मेरे लिए ₹700 का पारितोषिक इनाम रखा गया था । अपने टीम के लिए हमने एक चौके लगाए और टीम आयोजको के सौजन्य से मुझे पुरस्कार प्राप्त हुआ। बहुत ही अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि मेरा टीम पराजित हो गया यह हमारे लिए एवं मेरे टीम के लिए काफी दुखद पल रहा । नगर परिषद गोगरी जमालपुर की सभापति श्रीमती रंजीता कुमारी निषाद के हाथों से मुझे नगद ₹700 पारितोषिक इनाम मिला इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद श्रीमती रंजीता कुमारी निषाद नगर सभापति एवं आयोजक शौर्य सागर निषाद जी को।1
- अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा सप्ताह के पांचवें दिन बुधवार को रामस्वारथ कॉलेज, तारापुर में निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, दक्षिण प्रांत, बिहार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही। अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. नागेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि यह दिन केवल भाषण का नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को सामने लाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि मातृभाषा हमारे मन, मस्तिष्क और हृदय की भाषा है तथा हमारी संस्कृति और पहचान की आधारशिला है। भाषा के लुप्त होने से संस्कृति भी समाप्त हो जाती है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए दैनिक जीवन में मातृभाषा का अधिक प्रयोग आवश्यक है। संयोजक डॉ. वसीम राजा ने भी मातृभाषा के संवर्धन पर अपने विचार रखे। मौके पर डॉ. राकेश कुमार, डॉ. जासीम राजा, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. शशि शेखर सुमन, डॉ. मृत्युंजय कुमार, डॉ. पूर्णिमा गुप्ता एवं डॉ. अर्चना कुमारी उपस्थित रहे।1