गढ़वा जिले के रंका अनुमंडल के इतिहास में पहली बार शिक्षा, प्रतिभा और प्रेरणा को समर्पित 'राजकुमारी विशाखा सिंह स्मृति प्रतिभा सम्मान समारोह' का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, समाजसेवियों, शिक्षकों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अनुमंडल पदाधिकारी मोहम्मद परवेज, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रोहित रंजन सिंह, रंका राजपरिवार के राजा कुमार गोबर्धन प्रसाद सिंह, समिति की अध्यक्ष मुक्ता सिंह, रानी इंद्रा सिंह, सचिव कुमार गुलाब प्रताप सिंह, गिरीराज सिंह, मोरध्वज प्रसाद सिंह, कांति सिंह और विंध्यवासिनी देवी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद स्वर्गीय राजकुमारी विशाखा सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। समारोह के दौरान वक्ताओं ने बताया कि स्वर्गीय राजकुमारी विशाखा सिंह बचपन से ही अत्यंत मेधावी, अनुशासित और गोल्ड मेडलिस्ट छात्रा थीं। असमय निधन के कारण समाज के लिए कुछ बड़ा करने का उनका सपना अधूरा रह गया, जिसे जीवित रखने और नई पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए इस सम्मान समारोह की शुरुआत की गई है। मुख्य अतिथि मोहम्मद परवेज ने विशाखा सिंह की प्रतिभा को समाज की बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन की दिशा बदल सकती है। वहीं, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रोहित रंजन सिंह ने नैतिक मूल्यों, चरित्र और अनुशासन पर बल देते हुए युवाओं से मोबाइल और सोशल मीडिया का सीमित उपयोग करने की अपील की। राजा कुमार गोबर्धन प्रसाद सिंह, रानी इंद्रा सिंह और विंध्यवासिनी देवी ने भी ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का बेहतर माहौल तैयार करने और बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा देने पर जोर दिया। समारोह में समिति की अध्यक्ष मुक्ता सिंह ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि समिति द्वारा मात्र दस हजार रुपये में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करवाई जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने अभिभावकों से बेटियों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। सम्मान समारोह के दौरान अनुमंडल टॉपर नेहा गुप्ता को प्रथम, भंडरिया की रानी कुमारी को द्वितीय और रंका की श्रेया सोनी को तृतीय स्थान मिलने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, समिति के अध्यक्ष और सदस्यों द्वारा 120 अन्य मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र, मेडल और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत, देशभक्ति गीत और प्रेरणादायक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। अंत में, समिति ने आभार व्यक्त करते हुए घोषणा की कि आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा, जिसमें खेल, कला, संस्कृति और सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को भी सम्मानित किया जाएगा।
गढ़वा जिले के रंका अनुमंडल के इतिहास में पहली बार शिक्षा, प्रतिभा और प्रेरणा को समर्पित 'राजकुमारी विशाखा सिंह स्मृति प्रतिभा सम्मान समारोह' का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, समाजसेवियों, शिक्षकों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अनुमंडल पदाधिकारी मोहम्मद परवेज, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रोहित रंजन सिंह, रंका राजपरिवार के राजा कुमार गोबर्धन प्रसाद सिंह, समिति की अध्यक्ष मुक्ता सिंह, रानी इंद्रा सिंह, सचिव कुमार गुलाब प्रताप सिंह, गिरीराज सिंह, मोरध्वज प्रसाद सिंह, कांति सिंह और विंध्यवासिनी देवी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद स्वर्गीय राजकुमारी विशाखा सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। समारोह के दौरान वक्ताओं ने बताया कि स्वर्गीय राजकुमारी विशाखा सिंह बचपन से ही अत्यंत मेधावी, अनुशासित और गोल्ड मेडलिस्ट छात्रा थीं। असमय निधन के कारण समाज के लिए कुछ बड़ा करने का उनका सपना अधूरा रह गया, जिसे जीवित रखने और नई पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए इस सम्मान समारोह की शुरुआत की गई है। मुख्य अतिथि मोहम्मद परवेज ने विशाखा सिंह की प्रतिभा को समाज की बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन की दिशा बदल सकती है। वहीं, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रोहित रंजन सिंह ने नैतिक मूल्यों, चरित्र और अनुशासन पर बल देते हुए युवाओं से मोबाइल और सोशल मीडिया का सीमित उपयोग करने की अपील की। राजा कुमार गोबर्धन प्रसाद सिंह, रानी इंद्रा सिंह और विंध्यवासिनी देवी ने भी ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का बेहतर माहौल तैयार करने और बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा देने पर जोर दिया। समारोह में समिति की अध्यक्ष मुक्ता सिंह ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि समिति द्वारा मात्र दस हजार रुपये में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करवाई जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने अभिभावकों से बेटियों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। सम्मान समारोह के दौरान अनुमंडल टॉपर नेहा गुप्ता को प्रथम, भंडरिया की रानी कुमारी को द्वितीय और रंका की श्रेया सोनी को तृतीय स्थान मिलने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, समिति के अध्यक्ष और सदस्यों द्वारा 120 अन्य मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र, मेडल और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत, देशभक्ति गीत और प्रेरणादायक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। अंत में, समिति ने आभार व्यक्त करते हुए घोषणा की कि आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा, जिसमें खेल, कला, संस्कृति और सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को भी सम्मानित किया जाएगा।
- गढ़वा जिले के रंका अनुमंडल के इतिहास में पहली बार शिक्षा, प्रतिभा और प्रेरणा को समर्पित 'राजकुमारी विशाखा सिंह स्मृति प्रतिभा सम्मान समारोह' का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, समाजसेवियों, शिक्षकों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अनुमंडल पदाधिकारी मोहम्मद परवेज, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रोहित रंजन सिंह, रंका राजपरिवार के राजा कुमार गोबर्धन प्रसाद सिंह, समिति की अध्यक्ष मुक्ता सिंह, रानी इंद्रा सिंह, सचिव कुमार गुलाब प्रताप सिंह, गिरीराज सिंह, मोरध्वज प्रसाद सिंह, कांति सिंह और विंध्यवासिनी देवी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद स्वर्गीय राजकुमारी विशाखा सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। समारोह के दौरान वक्ताओं ने बताया कि स्वर्गीय राजकुमारी विशाखा सिंह बचपन से ही अत्यंत मेधावी, अनुशासित और गोल्ड मेडलिस्ट छात्रा थीं। असमय निधन के कारण समाज के लिए कुछ बड़ा करने का उनका सपना अधूरा रह गया, जिसे जीवित रखने और नई पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए इस सम्मान समारोह की शुरुआत की गई है। मुख्य अतिथि मोहम्मद परवेज ने विशाखा सिंह की प्रतिभा को समाज की बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन की दिशा बदल सकती है। वहीं, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रोहित रंजन सिंह ने नैतिक मूल्यों, चरित्र और अनुशासन पर बल देते हुए युवाओं से मोबाइल और सोशल मीडिया का सीमित उपयोग करने की अपील की। राजा कुमार गोबर्धन प्रसाद सिंह, रानी इंद्रा सिंह और विंध्यवासिनी देवी ने भी ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का बेहतर माहौल तैयार करने और बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा देने पर जोर दिया। समारोह में समिति की अध्यक्ष मुक्ता सिंह ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि समिति द्वारा मात्र दस हजार रुपये में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करवाई जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने अभिभावकों से बेटियों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। सम्मान समारोह के दौरान अनुमंडल टॉपर नेहा गुप्ता को प्रथम, भंडरिया की रानी कुमारी को द्वितीय और रंका की श्रेया सोनी को तृतीय स्थान मिलने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, समिति के अध्यक्ष और सदस्यों द्वारा 120 अन्य मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र, मेडल और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत, देशभक्ति गीत और प्रेरणादायक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। अंत में, समिति ने आभार व्यक्त करते हुए घोषणा की कि आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा, जिसमें खेल, कला, संस्कृति और सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को भी सम्मानित किया जाएगा।1
- झारखंड के गढ़वा जिले के रमना प्रखंड में सभी डीलरों पर घोटाले का आरोप लगा है। यहाँ लोगों को 3 माह में केवल एक माह की ही दाल मिली है, जिसके बाद अब प्रखंड के सभी डीलरों पर घोटाले का यह आरोप लग रहा है।1
- चिनिया प्रखंड के बरवाडीह स्थित अपने आवास पर आयोजित एक प्रेस वार्ता में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता और पूर्व 20 सूत्री उपाध्यक्ष नितेश कुमार सिंह ने गढ़वा-रंका के विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक विकास कार्यों के बजाय केवल हिंदू-मुस्लिम और भारत-पाकिस्तान की राजनीति व बयानबाजी में लगे हुए हैं। नितेश सिंह ने कहा कि विधायक लगातार झूठ बोलकर जनता को गुमराह कर रहे हैं और अब एक "आवारा" की तरह बेबुनियाद बयान देकर राजनीतिक माहौल बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। नितेश सिंह ने विधायक की विफलताओं को गिनाते हुए कहा कि सत्येंद्र नाथ तिवारी दो बार विधायक रहे, लेकिन वे खोनहर मंदिर और डुमरिया हाई स्कूल जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा नहीं करा सके, जिन्हें पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने पूरा करवाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक विकास कार्यों में बाधा डालते हैं, सरकारी योजनाओं में हस्तक्षेप करते हैं और ठेकेदारों से अवैध वसूली करवाते हैं। इसके अलावा, उन्होंने सिंजो गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि विधायक दिन के उजाले में राम प्रसाद यादव के घर तो गए, लेकिन पास में ही हाथी के हमले में हुई मौत पर पीड़ित परिवार से मिलने तक नहीं गए। उन्होंने लोगों के आग्रह को भी ठुकरा दिया, जिससे साफ है कि उन्हें आम लोगों से कोई सरोकार नहीं है और वे केवल वोट के लिए सांप्रदायिक राजनीति कर रहे हैं। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने गढ़वा के "दो नाथों" पर भी निशाना साधा, जिन्होंने पिछले 27 वर्षों से गढ़वा को अनाथ बनाकर रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दोनों धुर विरोधी नेता जो एक-दूसरे को गाली-गलौज देते हैं, अब चोरी-छिपे आपस में बैठकें कर रहे हैं। उन्होंने चुनाव में भी मिलकर काम किया ताकि अगर मिथिलेश ठाकुर जीत गए तो उनकी राजनीति खत्म हो जाएगी। इस दौरान झामुमो नेता अनिल कुमार चंद्रवंशी, प्रखंड अध्यक्ष अरविंद कुमार यादव, शत्रुध्न चंद्रवंशी, मुखलाल यादव और जिला प्रवक्ता कार्तिक पांडे सहित अन्य नेताओं ने भी विधायक पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि जनता ने विकास के लिए प्रतिनिधि चुना है, इसलिए विधायक को हिंदू-मुसमान और भारत-पाकिस्तान की ओछी बयानबाजी छोड़कर क्षेत्र के विकास पर ध्यान देना चाहिए।1
- वीणा मानवी की लड़ाई लड़ने के लिए तेज प्रताप खुद मैदान में उतर गए हैं और उन्होंने खुलेआम ललकारते हुए कहा है कि चाहे जेल भेज दो लेकिन उन्हें जिताकर रहेंगे। इस बीच वीणा मानवी की गिरफ्तारी की असली वजह भी सामने आई है, जिसमें उनके हलफनामे में 3 आपराधिक मामलों का खुलासा हुआ है। पटना पुलिस द्वारा उठाए जाने के बाद वीणा मानवी के जेल जाने की खबर है, जिससे उनकी बेटी फूट-फूट कर रो पड़ी। इस पूरे मामले पर लोगों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, जहां लोगों का कहना है कि यह गिरफ्तारी सिर्फ मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए की गई है ताकि लोगों का ध्यान असली मुद्दों से हट जाए।1
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज थाना क्षेत्र में एक निजी दुकान में काम करने वाली युवती से कथित छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दुकान संचालक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पीड़ित युवती की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74 और एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, मूल रूप से ग्राम पचावल की रहने वाली पीड़ित युवती पिछले छह वर्षों से रामानुजगंज में रहकर पढ़ाई कर रही है और पिछले एक महीने से 'रानी श्रृंगार स्टोर' नामक दुकान में कार्यरत है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 14 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे, जब दुकान में कोई ग्राहक नहीं था, तब दुकान संचालक तौकीर रजा ने कथित रूप से युवती के दोनों हाथ पकड़कर मरोड़ दिए और गलत नीयत से उसके शरीर को छूने का प्रयास किया। पीड़िता किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर दुकान से बाहर भागी और पुलिस थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। आरोपी को इस बात की जानकारी थी कि पीड़िता अनुसूचित जनजाति (खैरवार) समुदाय से है, जिसके आधार पर पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। कार्यकर्ताओं ने इसे एक गंभीर और संगीन अपराध बताते हुए कहा कि किसी भी हिंदू बहन के साथ होने वाले अत्याचार के खिलाफ एबीवीपी हमेशा मजबूती से खड़ी रही है और आगे भी ऐसे मामलों में डटकर विरोध करेगी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल रामानुजगंज पुलिस मामले की विवेचना कर रही है, और आरोपी के दोषी या निर्दोष होने का फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद न्यायालय द्वारा किया जाएगा।4
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के महुली में हर तीन साल पर आयोजित होने वाली पूजा आज संपन्न हो गई है। महुली में तीन वर्ष के अंतराल पर होने वाली इस पूजा का आयोजन आज पूरा हो गया।1
- लातेहार जिले के गारू (दारू) धान टोला में नाली का निर्माण न होने से स्थानीय लोग भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। यहाँ के मुखिया, पंचायत या वार्ड प्रतिनिधियों द्वारा नाली का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। नाली का निर्माण न होने के कारण हमेशा बरसात के मौसम में पानी जगह-जगह सड़कों पर ही बहता रहता है। दारू ढंग टोला में कोई भी नाली का निर्माण नहीं करवा रहा है, जिससे यहाँ के निवासियों को भारी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर से भाजपा विधायक रायमुनी भगत पर किसी महिला ने नहीं, बल्कि ईसाई समुदाय के हेमोन कुजूर नाम के एक व्यक्ति की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। विधायक पर आरोप है कि उन्होंने 1 सितंबर 2024 को जशपुर के ढेकनी गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ईसा मसीह और धर्मांतरण को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी की थी। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया और लोकल न्यूज चैनलों पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों ने कई थानों में शिकायत की थी, लेकिन पुलिस द्वारा मामला दर्ज न किए जाने के बाद शिकायतकर्ता ने 10 दिसंबर 2024 को जशपुर जिला न्यायालय में याचिका दायर की। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और गवाहों के बयानों को आधार मानते हुए पुलिस को विधायक के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट के इस आदेश के बाद पुलिस ने विधायक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 196 (धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 299/302 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया है। इस विवादित टिप्पणी के विरोध में स्थानीय ईसाई समुदाय और आदिवासी महासभा पूरी तरह मुखर हैं। विरोध स्वरूप ईसाई समुदाय के लोगों ने करीब 130 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाई और विरोध यात्राएं निकालीं, जिसे स्थानीय मीडिया द्वारा प्रमुखता से कवर किया जा रहा है। इस विवाद के बीच यह चर्चा भी है कि जशपुर विधानसभा की लोकप्रिय विधायक श्रीमती रायमुनी भगत जी को एक महिला पर एफआईआर क्यों दर्ज करानी पड़ी।1