सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि के मद्देनजर परिवहन विभाग ने सिंगरौली-सोनभद्र मार्ग पर अपना विशेष जांच अभियान तेज कर दिया है। परिवहन आयुक्त उमेश जोगा के निर्देशानुसार, शुक्रवार सुबह से आरटीओ चेक पॉइंट सिंगरौली-01 पर अधिकारियों की टीम द्वारा यात्री बसों सहित अन्य वाहनों की गहन जांच की जा रही है। इस अभियान में बसों में डबल डोर और आपातकालीन खिड़की (इमरजेंसी विंडो) की उपलब्धता के साथ-साथ उनकी कार्यशील स्थिति का परीक्षण एक प्रमुख मुद्दा रहा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्री सुरक्षा से जुड़े इन मानकों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और इसी क्रम में यह जांच निरंतर जारी रहेगी। जांच अभियान के दौरान बसों के परमिट, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, मेडिकल किट, डबल डोर और आपातकालीन निकास व्यवस्था की विस्तृत पड़ताल की गई। अधिकारियों ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया कि आपातकालीन खिड़कियां और निकास द्वार आवश्यकता पड़ने पर तुरंत उपयोग के लिए तैयार हों। कलेक्टर गौरव बैनल के आदेश और जिला परिवहन अधिकारी विक्रम सिंह राठौर के मार्गदर्शन में, चेक पॉइंट प्रभारी और उनकी टीम ने "दुर्घटना मुक्त जिला" के संकल्प के साथ इस अभियान को गति दी है। जिन वाहनों में सुरक्षा मानकों का केवल औपचारिक पालन पाया गया या आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं में कमी मिली, उनके विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने वाहन संचालकों को यात्री सुरक्षा के प्रति गंभीर रहने की कड़ी चेतावनी भी दी है। चेक पॉइंट प्रभारी ने बताया कि हाल की सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए परिवहन विभाग लगातार प्रवर्तन कार्रवाई कर रहा है। सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित बनाना और वाहन संचालकों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना विभाग की प्राथमिकता है, और इसी उद्देश्य से यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। 07 जून 2026 तक जिले में यात्री बसों, स्कूल वाहनों और मालवाहक वाहनों की सघन जांच एवं विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना, सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना और यात्रियों को सुरक्षित परिवहन सुविधा प्रदान करना है।
सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि के मद्देनजर परिवहन विभाग ने सिंगरौली-सोनभद्र मार्ग पर अपना विशेष जांच अभियान तेज कर दिया है। परिवहन आयुक्त उमेश जोगा के निर्देशानुसार, शुक्रवार सुबह से आरटीओ चेक पॉइंट सिंगरौली-01 पर अधिकारियों की टीम द्वारा यात्री बसों सहित अन्य वाहनों की गहन जांच की जा रही है। इस अभियान में बसों में डबल डोर और आपातकालीन खिड़की (इमरजेंसी विंडो) की उपलब्धता के साथ-साथ उनकी कार्यशील स्थिति का परीक्षण एक प्रमुख मुद्दा रहा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्री सुरक्षा से जुड़े इन मानकों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और इसी क्रम में यह जांच निरंतर जारी रहेगी। जांच अभियान के दौरान बसों के परमिट, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, मेडिकल किट, डबल डोर और आपातकालीन निकास व्यवस्था की विस्तृत पड़ताल की गई। अधिकारियों ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया कि आपातकालीन खिड़कियां और निकास द्वार आवश्यकता पड़ने पर तुरंत उपयोग के लिए तैयार हों। कलेक्टर गौरव बैनल के आदेश और जिला परिवहन अधिकारी विक्रम सिंह राठौर के मार्गदर्शन में, चेक पॉइंट प्रभारी और उनकी टीम ने "दुर्घटना मुक्त जिला" के संकल्प के साथ इस अभियान को गति दी है। जिन वाहनों में सुरक्षा मानकों का केवल औपचारिक पालन पाया गया या आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं में कमी मिली, उनके विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने वाहन संचालकों को यात्री सुरक्षा के प्रति गंभीर रहने की कड़ी चेतावनी भी दी है। चेक पॉइंट प्रभारी ने बताया कि हाल की सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए परिवहन विभाग लगातार प्रवर्तन कार्रवाई कर रहा है। सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित बनाना और वाहन संचालकों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना विभाग की प्राथमिकता है, और इसी उद्देश्य से यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। 07 जून 2026 तक जिले में यात्री बसों, स्कूल वाहनों और मालवाहक वाहनों की सघन जांच एवं विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना, सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना और यात्रियों को सुरक्षित परिवहन सुविधा प्रदान करना है।
- सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि के मद्देनजर परिवहन विभाग ने सिंगरौली-सोनभद्र मार्ग पर अपना विशेष जांच अभियान तेज कर दिया है। परिवहन आयुक्त उमेश जोगा के निर्देशानुसार, शुक्रवार सुबह से आरटीओ चेक पॉइंट सिंगरौली-01 पर अधिकारियों की टीम द्वारा यात्री बसों सहित अन्य वाहनों की गहन जांच की जा रही है। इस अभियान में बसों में डबल डोर और आपातकालीन खिड़की (इमरजेंसी विंडो) की उपलब्धता के साथ-साथ उनकी कार्यशील स्थिति का परीक्षण एक प्रमुख मुद्दा रहा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्री सुरक्षा से जुड़े इन मानकों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और इसी क्रम में यह जांच निरंतर जारी रहेगी। जांच अभियान के दौरान बसों के परमिट, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, मेडिकल किट, डबल डोर और आपातकालीन निकास व्यवस्था की विस्तृत पड़ताल की गई। अधिकारियों ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया कि आपातकालीन खिड़कियां और निकास द्वार आवश्यकता पड़ने पर तुरंत उपयोग के लिए तैयार हों। कलेक्टर गौरव बैनल के आदेश और जिला परिवहन अधिकारी विक्रम सिंह राठौर के मार्गदर्शन में, चेक पॉइंट प्रभारी और उनकी टीम ने "दुर्घटना मुक्त जिला" के संकल्प के साथ इस अभियान को गति दी है। जिन वाहनों में सुरक्षा मानकों का केवल औपचारिक पालन पाया गया या आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं में कमी मिली, उनके विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने वाहन संचालकों को यात्री सुरक्षा के प्रति गंभीर रहने की कड़ी चेतावनी भी दी है। चेक पॉइंट प्रभारी ने बताया कि हाल की सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए परिवहन विभाग लगातार प्रवर्तन कार्रवाई कर रहा है। सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित बनाना और वाहन संचालकों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना विभाग की प्राथमिकता है, और इसी उद्देश्य से यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। 07 जून 2026 तक जिले में यात्री बसों, स्कूल वाहनों और मालवाहक वाहनों की सघन जांच एवं विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना, सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना और यात्रियों को सुरक्षित परिवहन सुविधा प्रदान करना है।1
- सोनभद्र जनपद में सिपाही भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हो गई है। 2832 पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा में अभ्यर्थियों की भारी भीड़ उमड़ी। परीक्षार्थियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच, बायोमेट्रिक और रेटिना स्कैन प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। जिले भर में कुल 6 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।1
- इस जानकारी में लोगों से आग्रह किया गया है कि वे हमेशा सावधान, सतर्क और सुरक्षित रहें, क्योंकि जीवन अनमोल है और जान है तो जहान है। यह संदेश देता है कि कोई भी आपदा आने से पहले सुरक्षित रहने के लिए ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारी लगातार प्रदान की जाती रहेगी ताकि सभी लोग अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।1
- आज 8.6.26 को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने RTS तिराहे के पास केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में ₹29 की बढ़ोतरी के विरोध में था। सपा कार्यकर्ताओं ने 'महंगा सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल, खाद्य पदार्थ मूल्य वृद्धि वापस लो' जैसे नारे लगाए, और भाजपा सरकार पर जनता का शोषण करने का आरोप लगाया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए सपा जिला सचिव प्रमोद यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने जनता से अच्छे दिनों, महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार खत्म करने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आते ही महंगाई का हंटर जनता पर चलाया गया। प्रमोद यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दीमक की तरह महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और अन्य व्यवस्थाओं को महंगा करके जनता को महंगाई की ओर धकेल रही है। सपा नगर अध्यक्ष सरदार पार ब्रह्म सिंह ने भाजपा सरकार को 'महिला विरोधी' करार दिया और कहा कि किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई है। सुरेश अग्रहरी और मनीष केडिया ने भी महिलाओं द्वारा झेली जा रही दिक्कतों पर बात की। अल्पसंख्यक सभा प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष जुनैद अंसारी, जिन्होंने कार्यक्रम का संचालन किया, ने कहा कि भाजपा सरकार केवल जाति और धर्म की आड़ में जनता को गुमराह कर रही है, जबकि व्यापारी, युवा और दुकानदार सभी महंगाई और बेरोजगारी से आजिज आ चुके हैं। इस मौके पर अशोक भारती, हिफाजत, श्याम सुंदर सोनकर, मनोज केवट, शौर्य त्रिपाठी, शिवा यादव, सरोज पासवान और अनिल विश्वकर्मा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- सोनभद्र के कोन विकासखंड के पीपरखाड़ ग्राम पंचायत के सिद्धवादामर टोला में 45 वर्षीय आदिवासी श्याम बिहारी उरांव की संदिग्ध मौत के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश और शोक का माहौल व्याप्त हो गया। परिजनों ने श्याम बिहारी उरांव की पीट-पीटकर हत्या का आरोप लगाते हुए न्याय और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर लगभग 50 घंटे तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। परिजनों के आरोप के अनुसार, यह घटना शुक्रवार शाम करीब 6 बजे मूंग के खेत में बकरी चले जाने को लेकर हुए विवाद के दौरान हुई थी, जिसके बाद श्याम बिहारी उरांव के साथ मारपीट की गई और उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी फूलमती देवी ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान श्याम बिहारी को बचाने का प्रयास कर रहे परिवार के लोगों को भी धमकाया गया। उन्होंने दावा किया कि घटना का एक वीडियो गांव की एक किशोरी ने मोबाइल से बनाया है, जो जांच में एक महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है। ग्रामीणों ने कुछ समाचार पोर्टलों पर प्रकाशित उन खबरों पर भी आपत्ति जताई, जिनमें घटना को शराब सेवन से जोड़कर प्रस्तुत किया गया था, उनका कहना था कि ऐसी खबरें बिना पूरी जांच और तथ्यों की पुष्टि किए प्रकाशित करना गलत है। ग्रामीणों ने बताया कि विवाद खेत में बकरी जाने और पुराने रास्ते के मुद्दे को लेकर हुआ था। घटना की सूचना पर कोन पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी भेज दिया था। शनिवार शाम पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा, तो परिजनों और ग्रामीणों ने शव को उसी स्थान पर रख दिया, जहां घटना हुई थी, और न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। लगभग 50 घंटे तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया। रविवार को कोन थाना प्रभारी तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों से वार्ता की तथा निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस आश्वासन के बाद ही रविवार शाम लगभग 5 बजे ग्रामवासियों और परिजनों ने अंतिम संस्कार किया। थाना प्रभारी ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ कानूनन कार्रवाई की जाएगी। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।1
- सोनभद्र के पन्नूगंज थाना क्षेत्र में सोनवट पेट्रोल पंप के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में 24 वर्षीय सत्यम उर्फ राहुल सोनी की ट्रैक्टर की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन लेकर तुरंत मौके से फरार हो गया। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उन्हें बिना सूचना दिए ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बात को लेकर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और उन्होंने थाने पर जोरदार प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं, उन्होंने रामगढ़ में चक्का जाम कर आरोपी चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए ट्रैक्टर मालिक और चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और अब आगे की जांच शुरू कर दी गई है।1
- सीधी जिले के कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मेड़रा में एक जमीनी विवाद अब गंभीर रूप लेता दिख रहा है। रविवार को आनंद बैगा के घर में कथित तौर पर गाय का मांस और हड्डियां फेंके जाने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि सोमवार सुबह इस घटना का एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस वायरल वीडियो में घर के आसपास हड्डियां फेंके जाने का दृश्य दिखाई देने का दावा किया जा रहा है, जिसके बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया है। पीड़ित आनंद बैगा, जो जगदीश बैगा (दद्दु) के पुत्र हैं, ने आरोप लगाया है कि पड़ोस में रहने वाले कुछ लोग लंबे समय से उनकी जमीन पर अपना दावा कर रहे हैं। इसी जमीनी विवाद के चलते पहले भी कई बार विवाद और कहासुनी की घटनाएं हो चुकी हैं। आनंद बैगा के अनुसार, रविवार को उनके घर के आंगन और आसपास मांस तथा हड्डियां फेंकी गई थीं, जिसकी शिकायत उन्होंने तत्काल पुलिस से की थी। हालांकि, पुलिस को सूचना देने और शिकायत दर्ज कराने के बावजूद सोमवार सुबह फिर से हड्डियां फेंकी गईं। इसी दौरान किसी ग्रामीण ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और गांव में चर्चा तथा तनाव का माहौल पैदा कर रहा है। पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें गाली-गलौज की जाती है और जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं। परिवार ने प्रशासन से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।3