एरोप्लेन से बात कीजिए— सड़क मांगने पर अधिकारियों का व्यंग्य, प्रसव के लिए तरसती महिलाएं एक ओर सरकारें ग्रामीण क्षेत्रों को ‘आदर्श ग्राम’ बनाने का दावा करती हैं, वहीं चैनपुर प्रखंड के रामपुर पंचायत अंतर्गत झड़गाँव में आज भी बुनियादी सड़क सुविधा सपना बनी हुई है। जानकारी देते हुए शुक्रवार को शाम चार बजे ग्रामीणों ने बताया कि बीते दो दशकों से पक्की सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में गांव का संपर्क लगभग कट जाता है, जिससे गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार आवेदन और शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीण राजेश किशोर एक्का ने कहा कि वे लंबे समय से भूषण तिर्की और सरकार से सड़क निर्माण की गुहार लगा रहे हैं। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन आज तक गांव की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। “हमें सिर्फ आश्वासन मिला, सड़क नहीं,” उन्होंने कहा। अलम बेला कुजूर ने बताया कि गाँव से मुख्य सड़क तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह कच्चा है और बरसात में दलदल बन जाता है। स्कूली बच्चे कीचड़ में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। अल्कमनी एक्का ने कहा कि फिसलन के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है, जबकि गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक जोखिम उठाना पड़ता है क्योंकि एम्बुलेंस गांव के भीतर नहीं आती। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब बैठक में छोटे वाहन की मांग की गई, तो अधिकारियों ने व्यंग्य करते हुए कहा, “एरोप्लेन से बात कीजिए, वह सीधे आपके गांव उड़कर आएगा।” इस टिप्पणी से ग्रामीणों में गहरा रोष है। मरियम इक्का ने बताया कि एम्बुलेंस केवल बैरटोली तक ही पहुंचती है। वहां से मरीजों और प्रसव पीड़ित महिलाओं को कंधे पर ढोकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। समय पर अस्पताल न पहुंच पाने के कारण कई बार घर पर ही जोखिम भरा प्रसव कराना पड़ता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पक्की सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
एरोप्लेन से बात कीजिए— सड़क मांगने पर अधिकारियों का व्यंग्य, प्रसव के लिए तरसती महिलाएं एक ओर सरकारें ग्रामीण क्षेत्रों को ‘आदर्श ग्राम’ बनाने का दावा करती हैं, वहीं चैनपुर प्रखंड के रामपुर पंचायत अंतर्गत झड़गाँव में आज भी बुनियादी सड़क सुविधा सपना बनी हुई है। जानकारी देते हुए शुक्रवार को शाम चार बजे ग्रामीणों ने बताया कि बीते दो दशकों से पक्की सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में गांव का संपर्क
लगभग कट जाता है, जिससे गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार आवेदन और शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीण राजेश किशोर एक्का ने कहा कि वे लंबे समय से भूषण तिर्की और सरकार से सड़क निर्माण की गुहार लगा रहे हैं। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन आज तक गांव की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। “हमें सिर्फ आश्वासन मिला, सड़क नहीं,” उन्होंने कहा। अलम
बेला कुजूर ने बताया कि गाँव से मुख्य सड़क तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह कच्चा है और बरसात में दलदल बन जाता है। स्कूली बच्चे कीचड़ में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। अल्कमनी एक्का ने कहा कि फिसलन के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है, जबकि गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक जोखिम उठाना पड़ता है क्योंकि एम्बुलेंस गांव के भीतर नहीं आती। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब बैठक में छोटे वाहन की मांग की गई, तो अधिकारियों ने व्यंग्य करते हुए कहा, “एरोप्लेन से बात
कीजिए, वह सीधे आपके गांव उड़कर आएगा।” इस टिप्पणी से ग्रामीणों में गहरा रोष है। मरियम इक्का ने बताया कि एम्बुलेंस केवल बैरटोली तक ही पहुंचती है। वहां से मरीजों और प्रसव पीड़ित महिलाओं को कंधे पर ढोकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। समय पर अस्पताल न पहुंच पाने के कारण कई बार घर पर ही जोखिम भरा प्रसव कराना पड़ता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पक्की सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
- एक ओर सरकारें ग्रामीण क्षेत्रों को ‘आदर्श ग्राम’ बनाने का दावा करती हैं, वहीं चैनपुर प्रखंड के रामपुर पंचायत अंतर्गत झड़गाँव में आज भी बुनियादी सड़क सुविधा सपना बनी हुई है। जानकारी देते हुए शुक्रवार को शाम चार बजे ग्रामीणों ने बताया कि बीते दो दशकों से पक्की सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में गांव का संपर्क लगभग कट जाता है, जिससे गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार आवेदन और शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीण राजेश किशोर एक्का ने कहा कि वे लंबे समय से भूषण तिर्की और सरकार से सड़क निर्माण की गुहार लगा रहे हैं। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन आज तक गांव की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। “हमें सिर्फ आश्वासन मिला, सड़क नहीं,” उन्होंने कहा। अलम बेला कुजूर ने बताया कि गाँव से मुख्य सड़क तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह कच्चा है और बरसात में दलदल बन जाता है। स्कूली बच्चे कीचड़ में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। अल्कमनी एक्का ने कहा कि फिसलन के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है, जबकि गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक जोखिम उठाना पड़ता है क्योंकि एम्बुलेंस गांव के भीतर नहीं आती। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब बैठक में छोटे वाहन की मांग की गई, तो अधिकारियों ने व्यंग्य करते हुए कहा, “एरोप्लेन से बात कीजिए, वह सीधे आपके गांव उड़कर आएगा।” इस टिप्पणी से ग्रामीणों में गहरा रोष है। मरियम इक्का ने बताया कि एम्बुलेंस केवल बैरटोली तक ही पहुंचती है। वहां से मरीजों और प्रसव पीड़ित महिलाओं को कंधे पर ढोकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। समय पर अस्पताल न पहुंच पाने के कारण कई बार घर पर ही जोखिम भरा प्रसव कराना पड़ता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पक्की सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।4
- चैनपुर मुख्यालय के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगी कई सोलर स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं, जिससे शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है। इसका सीधा असर व्यापारियों, राहगीरों और स्थानीय निवासियों पर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर लाइटें वर्षों से बंद हैं, जबकि कुछ लाइटें स्थापना के कुछ समय बाद ही खराब हो गईं।1
- गुमला: जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान हेतु आयोजित साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन आज समाहरणालय परिसर में जिला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की अध्यक्षता में किया गया।इस अवसर पर जिले के दूर-दराज एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए नागरिकों ने उपायुक्त से प्रत्यक्ष मुलाकात कर अपनी समस्याएं एवं मांगें प्रस्तुत कीं। जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान जमीन विवाद, आपसी मतभेद, विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ, राशन कार्ड में नाम जोड़ने, पेंशन, आवास योजना, रोजगार उपलब्ध कराने, पेयजल समस्या, सड़क निर्माण एवं कानून-व्यवस्था से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।उपायुक्त ने सभी आवेदकों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा कई मामलों का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन सुनिश्चित किया। शेष लंबित मामलों पर संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं संवेदनशीलता के साथ निष्पादन किया जाए। उन्होंने कहा कि जन शिकायत निवारण दिवस का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।कार्यक्रम के दौरान गुमला निवासी सामरा उरांव ने राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। प्रारंभिक जांच के उपरांत संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी को उन्हें योजना से आच्छादित करने के निर्देश दिए गए।सिसई निवासी गीता उरांव ने अपने दो बच्चों का नाम राशन कार्ड में जोड़ने हेतु आवेदन दिया, जिस पर आवश्यक जांच कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।गुमला निवासी कुंती लकड़ा ने रोजगार उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उपायुक्त ने उन्हें Jharkhand State Livelihood Promotion Society (JSLPS) से जोड़ने की सलाह देते हुए संबंधित अधिकारियों को सहयोग प्रदान करने हेतु पत्र अग्रसारित किया।कटकामा ग्राम निवासी पुष्पा मेलानी आईंद ने भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण के संबंध में मुआवजा राशि हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। इस पर उपायुक्त ने संबंधित भूमि संरक्षण पदाधिकारी को आवश्यक जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए।गुमला निवासी नीलम देवी ने अबुआ आवास योजना के अंतर्गत लाभ प्रदान करने का अनुरोध किया। इस पर संबंधित विभाग को जांच उपरांत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन शिकायत निवारण दिवस में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निष्पादन मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए किया जाए, ताकि आम जनता का जिला प्रशासन पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके।4
- गुमला:- नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम अंतर्गत आकांक्षी प्रखंड डुमरी में संचालित विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में ADP (Aspirational District Programme) एवं ABP (Aspirational Block Programme) के अंतर्गत नीति आयोग द्वारा निर्धारित प्रमुख संकेतकों के आधार पर विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों से अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन प्राप्त कर लक्ष्यों की प्राप्ति की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार, समय पर ANC-1 एवं ANC-4 जांच तथा शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही कम वजन वाले नवजात शिशुओं की पहचान एवं समुचित प्रबंधन, पूर्ण टीकाकरण, टीबी उन्मूलन अभियान तथा सिकल सेल एनीमिया की शत-प्रतिशत जांच एवं उपचार को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, जलमीनार एवं विद्युत आपूर्ति जैसी आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु ठोस कदम उठाने को कहा गया। उपायुक्त ने सभी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छता सुविधाओं को दुरुस्त रखने पर बल दिया। फाउंडेशनल लर्निंग को प्राथमिकता देते हुए शिक्षकों को नवाचारी शिक्षण पद्धतियाँ अपनाने एवं बच्चों के अधिगम स्तर में सुधार हेतु सशक्त प्रयास करने के निर्देश दिए। एलडीएम/बैंक प्रबंधन को बीसी (Banking Correspondent) के माध्यम से अधिकाधिक महिलाओं के बैंक खाते खोलने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया गया, ताकि वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिल सके। पशुपालन विभाग को पशुओं के नियमित टीकाकरण, पशु बीमा योजनाओं के प्रचार-प्रसार एवं पशुपालकों को बेहतर सेवाएँ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने सभी विभागों को अपने-अपने विभागीय कार्यों की अद्यतन जानकारी MIS पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने का निर्देश दिया। उन्होंने डाटा की गुणवत्ता, समयबद्ध अद्यतन एवं नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान देने की बात कही, ताकि नीति आयोग को सटीक एवं समय पर सूचना उपलब्ध कराई जा सके। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि डुमरी प्रखंड को एक आदर्श आकांक्षी प्रखंड बनाने के लिए सभी विभागों को समन्वित, योजनाबद्ध एवं परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनानी होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक विभाग को निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करनी होगी। इस दौरान मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त गुमला, जिला योजना पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी डुमरी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, एलडीएम गुमला, जिला शिक्षा पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।9
- अब चक्काजाम करने के बाद SDM को गिरफ्तार किया गया1
- अध्यक्ष पद की उम्मीदवार ब्रिजिट कांति टोप्पो ने शहर में निकाला पैदल मार्च, लोगों से मांगा समर्थन नगर निकाय चुनाव को लेकर प्रत्याशियों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। आज शाम 5 बजे से भोंपू का शोर थम जाएगा। गुमला नगर परिषद से अध्यक्ष पद की उम्मीदवार ब्रिजिट कांति टोप्पो ने सैकड़ों समर्थकों के साथ शहर में पैदल मार्च निकाला। थाना चौक से यह पैदल मार्च शुरू हुआ जो थाना रोड, टावर चौक, सिसई रोड, पालकोट रोड, मेन रोड, जशपुर रोड, पटेल चौक से लोहरदगा रोड होते हुए थाना चौक में पहुंचकर समाप्त हुआ। इस दौरान प्रत्याशी ने हाथ जोड़कर लोगों से सेवा का एक मौका देने की अपील की। वही, जनता ने भी जगह जगह उनका अभिवादन किया। इसके बाद कई जगहों पर बैठक कर प्रत्याशी ने अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विशेष प्लान के तहत नगर का विकास किया जाएगा, अगर जनता सेवा का मौका देती है तो उनकी उम्मीदों पर शत प्रतिशत खराब उतारने का प्रयास करूंगी।1
- Post by क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ1
- आकांक्षी प्रखंड डुमरी में संचालित विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जानकारी देते हुए शाम के चार बजे बताया गया कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम एवं आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत निर्धारित प्रमुख संकेतकों के आधार पर विभागवार प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों से अद्यतन प्रतिवेदन प्राप्त कर लक्ष्यों की प्राप्ति की स्थिति पर चर्चा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया। गर्भवती महिलाओं को समय पर एएनसी जांच, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव, पूर्ण टीकाकरण, कम वजन वाले नवजात शिशुओं की पहचान एवं समुचित देखभाल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। टीबी उन्मूलन अभियान तथा सिकल सेल एनीमिया की जांच एवं उपचार को भी प्राथमिकता देने को कहा गया। शिक्षा विभाग को विद्यालयों में शौचालय, स्वच्छ पेयजल, जलमीनार एवं विद्युत आपूर्ति जैसी आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। साथ ही फाउंडेशनल लर्निंग को बढ़ावा देने, नवाचारी शिक्षण पद्धतियाँ अपनाने और बच्चों के अधिगम स्तर में सुधार हेतु प्रभावी कदम उठाने पर बल दिया गया। एलडीएम एवं बैंक प्रबंधन को बैंकिंग कोरेस्पोंडेंट के माध्यम से अधिकाधिक महिलाओं के बैंक खाते खोलने की दिशा में कार्य करने को कहा गया, ताकि वित्तीय समावेशन को मजबूती मिल सके। पशुपालन विभाग को नियमित टीकाकरण, पशु बीमा योजनाओं के प्रचार-प्रसार एवं पशुपालकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने सभी विभागों को एमआईएस पोर्टल पर अद्यतन डाटा अपलोड करने, गुणवत्ता बनाए रखने तथा समयबद्ध मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि डुमरी प्रखंड को आदर्श आकांक्षी प्रखंड बनाने के लिए सभी विभागों को समन्वित एवं परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनानी होगी। बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।1