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रेवाड़ी में एक घटना सामने आई है जहाँ लुखी बस स्टैंड के पास 23 वर्षीय मनीषा की मृत्यु हो गई है।
Rajbala
रेवाड़ी में एक घटना सामने आई है जहाँ लुखी बस स्टैंड के पास 23 वर्षीय मनीषा की मृत्यु हो गई है।
More news from हरियाणा and nearby areas
- रेवाड़ी में एक घटना सामने आई है जहाँ लुखी बस स्टैंड के पास 23 वर्षीय मनीषा की मृत्यु हो गई है।1
- हरियाणा के फरुखनगर में 16 जून मंगलवार को ऑल हरियाणा कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के बैनर तले बिजली कर्मचारियों ने एग्रो डिस्कॉम निगम बनाने और सब-डिविजनों के निजीकरण के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल दिया। रोष से भरे इन कर्मचारियों ने मानेसर यूनिट की सभी सब-डिविजनों पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हाथों पर काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। कर्मचारी नेताओं ने इस निर्णय को गुरुग्राम और नूंह की सभी सब-डिविजनों को निजी हाथों में सौंपने वाला कदम बताया, जिसे उन्होंने पूरी तरह कर्मचारी और जनता विरोधी करार दिया। अपने आक्रोश को व्यक्त करते हुए, प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने सरकार द्वारा जारी एग्रो डिस्कॉम के नोटिफिकेशन की प्रतियों को भी आग के हवाले कर दिया। मानेसर यूनिट के प्रधान सत्येन्द्र यादव की अध्यक्षता में हुए इस प्रदर्शन में संगठन के कई मुख्य पदाधिकारी शामिल थे, जिनमें दीनदयाल (सेक्रेटरी), अशोक लाम्बाह (पूर्व नेगोशिएशन मेम्बर), विद्या सागर (प्रधान, फर्रुखनगर), पवन (प्रधान, मानेसर), वीरेन्द्र (प्रधान, दिल्ली-मंडी), ललित (प्रधान, चौमा), और मुकेश (प्रधान, भोड़ा कलां) प्रमुख रहे। कर्मचारी संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि निजीकरण के इस फैसले और एग्रो डिस्कॉम के नोटिफिकेशन को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में और अधिक उग्र किया जाएगा।4
- रेवाड़ी, हरियाणा से जुड़े जिला प्रमुख मनोज यादव के वायरल वीडियो विवाद में एक नया मोड़ आ गया है, जिसने इस मामले की सच्चाई पर बड़ा खुलासा किया है। उनकी पत्नी दीपिका यादव ने कैमरे पर आकर एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने इस पूरे विवाद पर अपनी ओर से पूरी सच्चाई सामने रखी है। उन्होंने उन तमाम अटकलों और तलाक की खबरों को सिरे से झूठा बताया है, जो इस वायरल वीडियो के बाद फैल रही थीं। दीपिका यादव ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह पूरी तरह से खुश हैं, जिससे उनके वैवाहिक जीवन को लेकर चल रही सभी अफवाहों पर विराम लग गया है। इस बयान में दीपिका यादव ने अपने ऊपर लगाए गए कथित आरोपों को लेकर भी बात की है। उनके अनुसार, ये आरोप या तो झूठे हैं या किसी सियासी रंजिश का हिस्सा हैं, जो मनोज यादव को निशाना बनाने के लिए गढ़े गए हैं। इस वायरल वीडियो से मचे बवाल के बाद मामले में एक शिकायत भी दर्ज कराई गई है और यह अब पुलिस तक पहुंच गया है। दीपिका यादव के इस खुलासे के बाद मनोज यादव से जुड़े इस विवाद को एक नया आयाम मिल गया है, और उनके बयान को अब इस मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।1
- दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है, जहाँ हरिद्वार से जयपुर की ओर जा रही एक ट्रेवलर गाड़ी ट्रोले में जा घुसी। इस दुर्घटना में कुल 18 लोग घायल हो गए। सभी घायल व्यक्ति जयपुर के निवासी बताए जा रहे हैं।1
- एक दोस्त को बचाने के प्रयास में दूसरा दोस्त भी नदी में डूब गया।1
- पवित्र उद्घोष के रूप में लगातार "राधे राधे" का जाप किया गया है, जिसके साथ ही "बरसाना धाम की जय" का जोरदार जयकारा भी लगाया गया।1
- मानसून की पहली बारिश ने फरुखनगर-सुल्तानपुर मोड़ से पावर हाउस तक जाने वाली पीडब्ल्यूडी (PWD) सड़क की बदहाली को उजागर कर दिया है, जिसके चलते विकास के दावों की पोल खुल गई है। पिछले एक साल से अधिक समय से खराब पड़ी यह सड़क अब राहगीरों के लिए 'सफर नहीं, सजा' बन चुकी है। बारिश के बाद पूरी मुख्य सड़क गहरे पानी भरे गड्ढों से लबालब हो गई है, जिनकी गहराई का अंदाजा न मिल पाने के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। सड़क में बने दो-दो फीट के गड्ढों से हजारों नौकरीपेशा लोग, स्कूली बच्चे और स्थानीय निवासी रोजाना जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि करीब एक साल पहले इस सड़क का टेंडर होने के बावजूद निर्माण कार्य अब तक धरातल पर शुरू नहीं हो पाया है। पीडब्ल्यूडी एसडीओ दीपा ने स्वीकार किया है कि टेंडर पहले ही हो चुका है, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से काम शुरू नहीं हो सका था। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेने और जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू करवाने का आश्वासन दिया है ताकि लोगों को राहत मिल सके। हालांकि, ठेकेदार और अधिकारियों की इस 'ढुलमुल नीति' और 'विभागीय सुस्ती' से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों ने रोष जताते हुए सरकार और उच्च अधिकारियों से ऐसे गंभीर मामलों में तुरंत सख्त संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल कागजी आश्वासन देने के बजाय समय पर कार्य पूरा करवाना आवश्यक है ताकि आमजन को वास्तविक राहत मिल सके।1
- फरुखनगर नगर पालिका क्षेत्र में बस स्टैंड से लेकर बिजली दफ्तर तक का मुख्य मार्ग पिछले पाँच सालों से बेहद जर्जर हालत में है। इस खस्ताहाल सड़क पर प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का कोई ध्यान नहीं है, जिसके कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। क्षेत्र में न तो उचित प्रकाश व्यवस्था है, न ही सफाई का कोई प्रबंध, और गड्ढों को भरने का भी कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। आश्चर्यजनक रूप से, बड़े-बड़े अधिकारी और नेता रोजाना इसी मार्ग से आते-जाते हैं, लेकिन किसी की भी नजर इन खतरनाक गड्ढों पर नहीं पड़ती। एक साल पहले इस सड़क के निर्माण के लिए टेंडर भी लगाया गया था, लेकिन ठेकेदार और अधिकारियों की कथित मिलीभगत के चलते सड़क निर्माण का कार्य शुरू ही नहीं हो सका। इन सब के बीच, फरुखनगर के अधिकारियों पर सीधा आरोप है कि उन्होंने पिछले 12 सालों में पूरे शहर को ही गड्ढों में तब्दील कर दिया है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1