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साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के जोहिला क्षेत्र स्थित पाली प्रोजेक्ट कॉलोनी में निर्मित 'कोल नीर' आरओ फिल्टर प्लांट का वर्चुअल शुभारंभ किया गया। इस प्लांट का उद्घाटन भारत सरकार के कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी और कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे द्वारा किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कोयला खदानों से निकलने वाले पानी को शोधित कर खदानों के समीप बसे गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना और जल संकट से निपटना है। जोहिला क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक सुरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पाली प्रोजेक्ट की खदान से निकलने वाले जल को आधुनिक शोधन विधि से पीने योग्य बनाया गया है। इस प्लांट से प्रति घंटा 1,000 लीटर आरओ जल तैयार होगा, जिसे गैलन के जरिए गौरैया, मालिया गुड़ा और गिंजरी ग्राम पंचायत के लगभग 500 परिवारों तक पहुंचाया जाएगा। आगे के चरणों में पिपरिया में विशाल फिल्टर प्लांट बनाकर पाइपलाइन के जरिए आपूर्ति करने की योजना है। साथ ही, 1 लीटर और 2 लीटर की बोतलों में कम दामों पर 'कोल नीर' को बाजार में बेचने की जिम्मेदारी महिला स्व-सहायता समूहों को दी जाएगी, जिससे उन्हें स्वरोजगार और आजीविका का जरिया मिलेगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उमरिया की सहायक कलेक्टर राखी ने एसईसीएल के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि ग्रामीणों तक शुद्ध जल की आपूर्ति से लोगों को स्वस्थ रहने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह ओहरी, एसडीओपी पुलिस ऐस सी मोहित, मलियागुड़ा सरपंच श्रीमती लक्ष्मी सिंह, गौरैया सरपंच संतोष कुमार मानिकपुरी, लोकनाथ सिंह तथा एसईसीएल के महाप्रबंधक अनूप सिंह, संजय सिंह, प्रवीण कुमार, अल्बर्ट पाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

8 hrs ago
user_Om Agrawal
Om Agrawal
पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
8 hrs ago

साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के जोहिला क्षेत्र स्थित पाली प्रोजेक्ट कॉलोनी में निर्मित 'कोल नीर' आरओ फिल्टर प्लांट का वर्चुअल शुभारंभ किया गया। इस प्लांट का उद्घाटन भारत सरकार के कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी और कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे द्वारा किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कोयला खदानों से निकलने वाले पानी को शोधित कर खदानों के समीप बसे गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना और जल संकट से निपटना है। जोहिला क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक सुरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पाली प्रोजेक्ट की खदान से निकलने वाले जल को आधुनिक शोधन विधि से पीने योग्य बनाया गया है। इस प्लांट से प्रति घंटा 1,000 लीटर आरओ जल तैयार होगा, जिसे गैलन के जरिए गौरैया, मालिया गुड़ा और गिंजरी ग्राम पंचायत के लगभग 500 परिवारों तक पहुंचाया जाएगा। आगे के चरणों में पिपरिया में विशाल फिल्टर प्लांट बनाकर पाइपलाइन के जरिए आपूर्ति करने की योजना है। साथ ही, 1 लीटर और 2 लीटर की बोतलों में कम दामों पर 'कोल नीर' को बाजार में बेचने की जिम्मेदारी महिला स्व-सहायता समूहों को दी जाएगी, जिससे उन्हें स्वरोजगार और आजीविका का जरिया मिलेगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उमरिया की सहायक कलेक्टर राखी ने एसईसीएल के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि ग्रामीणों तक शुद्ध जल की आपूर्ति से लोगों को स्वस्थ रहने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह ओहरी, एसडीओपी पुलिस ऐस सी मोहित, मलियागुड़ा सरपंच श्रीमती लक्ष्मी सिंह, गौरैया सरपंच संतोष कुमार मानिकपुरी, लोकनाथ सिंह तथा एसईसीएल के महाप्रबंधक अनूप सिंह, संजय सिंह, प्रवीण कुमार, अल्बर्ट पाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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  • साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के जोहिला क्षेत्र स्थित पाली प्रोजेक्ट कॉलोनी में निर्मित 'कोल नीर' आरओ फिल्टर प्लांट का वर्चुअल शुभारंभ किया गया। इस प्लांट का उद्घाटन भारत सरकार के कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी और कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे द्वारा किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कोयला खदानों से निकलने वाले पानी को शोधित कर खदानों के समीप बसे गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना और जल संकट से निपटना है। जोहिला क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक सुरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पाली प्रोजेक्ट की खदान से निकलने वाले जल को आधुनिक शोधन विधि से पीने योग्य बनाया गया है। इस प्लांट से प्रति घंटा 1,000 लीटर आरओ जल तैयार होगा, जिसे गैलन के जरिए गौरैया, मालिया गुड़ा और गिंजरी ग्राम पंचायत के लगभग 500 परिवारों तक पहुंचाया जाएगा। आगे के चरणों में पिपरिया में विशाल फिल्टर प्लांट बनाकर पाइपलाइन के जरिए आपूर्ति करने की योजना है। साथ ही, 1 लीटर और 2 लीटर की बोतलों में कम दामों पर 'कोल नीर' को बाजार में बेचने की जिम्मेदारी महिला स्व-सहायता समूहों को दी जाएगी, जिससे उन्हें स्वरोजगार और आजीविका का जरिया मिलेगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उमरिया की सहायक कलेक्टर राखी ने एसईसीएल के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि ग्रामीणों तक शुद्ध जल की आपूर्ति से लोगों को स्वस्थ रहने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह ओहरी, एसडीओपी पुलिस ऐस सी मोहित, मलियागुड़ा सरपंच श्रीमती लक्ष्मी सिंह, गौरैया सरपंच संतोष कुमार मानिकपुरी, लोकनाथ सिंह तथा एसईसीएल के महाप्रबंधक अनूप सिंह, संजय सिंह, प्रवीण कुमार, अल्बर्ट पाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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    साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के जोहिला क्षेत्र स्थित पाली प्रोजेक्ट कॉलोनी में निर्मित 'कोल नीर' आरओ फिल्टर प्लांट का वर्चुअल शुभारंभ किया गया। इस प्लांट का उद्घाटन भारत सरकार के कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी और कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे द्वारा किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कोयला खदानों से निकलने वाले पानी को शोधित कर खदानों के समीप बसे गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना और जल संकट से निपटना है।

जोहिला क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक सुरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पाली प्रोजेक्ट की खदान से निकलने वाले जल को आधुनिक शोधन विधि से पीने योग्य बनाया गया है। इस प्लांट से प्रति घंटा 1,000 लीटर आरओ जल तैयार होगा, जिसे गैलन के जरिए गौरैया, मालिया गुड़ा और गिंजरी ग्राम पंचायत के लगभग 500 परिवारों तक पहुंचाया जाएगा। आगे के चरणों में पिपरिया में विशाल फिल्टर प्लांट बनाकर पाइपलाइन के जरिए आपूर्ति करने की योजना है। साथ ही, 1 लीटर और 2 लीटर की बोतलों में कम दामों पर 'कोल नीर' को बाजार में बेचने की जिम्मेदारी महिला स्व-सहायता समूहों को दी जाएगी, जिससे उन्हें स्वरोजगार और आजीविका का जरिया मिलेगा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उमरिया की सहायक कलेक्टर राखी ने एसईसीएल के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि ग्रामीणों तक शुद्ध जल की आपूर्ति से लोगों को स्वस्थ रहने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह ओहरी, एसडीओपी पुलिस ऐस सी मोहित, मलियागुड़ा सरपंच श्रीमती लक्ष्मी सिंह, गौरैया सरपंच संतोष कुमार मानिकपुरी, लोकनाथ सिंह तथा एसईसीएल के महाप्रबंधक अनूप सिंह, संजय सिंह, प्रवीण कुमार, अल्बर्ट पाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • उमरिया जिले के पिपरिया और बिलाईकाप ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने SECL पिपरिया भूमिगत खदान में जारी ब्लास्टिंग और पिलर कटाई पर गंभीर चिंता जताते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान प्रबंधन सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर तकनीकी आंकड़ों में हेरफेर कर रहा है, जिससे हजारों लोगों की जान और संपत्ति खतरे में पड़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि SECL द्वारा सिस्मोग्राफ रीडिंग मात्र 0.875 mm/s दिखाई जाती है, जबकि वास्तविकता में ब्लास्टिंग के दौरान घरों की दीवारें हिलती हैं और बर्तन तक खड़खड़ाने लगते हैं। उनका आरोप है कि कंपन मापने वाली मशीन को आबादी से दूर स्थापित कर भ्रामक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। लगभग 35 वर्ष पुरानी इस भूमिगत खदान में महज 60 मीटर की उथली गहराई पर मुख्य पिलरों की कटाई की जा रही है, जो वैज्ञानिक दृष्टि से जोखिमपूर्ण है। बारिश के मौसम में दरारों में पानी रिसने से कमजोर पिलर और चट्टानें और कमजोर हो रही हैं, जिससे जमीन धंसने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने अनूपपुर जिले के मलगा गांव में हुई जमीन धंसने की घटना का भी उल्लेख किया और बताया कि लगातार विस्फोटों से क्षेत्र का भूजल स्तर प्रभावित हुआ है तथा कई हैंडपंप सूख गए हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि ब्लास्टिंग एवं पिलर कटाई पर तत्काल अंतरिम रोक लगाई जाए, गांव की चारों दिशाओं में स्वतंत्र वाइब्रेशन मीटर स्थापित किए जाएं और प्रत्येक ब्लास्टिंग से पहले पंचायत को लिखित सूचना व सायरन से अलर्ट किया जाए। इसके अलावा प्रभावित मकानों का निष्पक्ष सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने तथा वैध DGMS डी-पिलरिंग अनुमति पत्र सार्वजनिक करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी भी बड़े हादसे की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और खदान प्रबंधन की होगी।
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    उमरिया जिले के पिपरिया और बिलाईकाप ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने SECL पिपरिया भूमिगत खदान में जारी ब्लास्टिंग और पिलर कटाई पर गंभीर चिंता जताते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान प्रबंधन सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर तकनीकी आंकड़ों में हेरफेर कर रहा है, जिससे हजारों लोगों की जान और संपत्ति खतरे में पड़ गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि SECL द्वारा सिस्मोग्राफ रीडिंग मात्र 0.875 mm/s दिखाई जाती है, जबकि वास्तविकता में ब्लास्टिंग के दौरान घरों की दीवारें हिलती हैं और बर्तन तक खड़खड़ाने लगते हैं। उनका आरोप है कि कंपन मापने वाली मशीन को आबादी से दूर स्थापित कर भ्रामक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। लगभग 35 वर्ष पुरानी इस भूमिगत खदान में महज 60 मीटर की उथली गहराई पर मुख्य पिलरों की कटाई की जा रही है, जो वैज्ञानिक दृष्टि से जोखिमपूर्ण है। बारिश के मौसम में दरारों में पानी रिसने से कमजोर पिलर और चट्टानें और कमजोर हो रही हैं, जिससे जमीन धंसने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने अनूपपुर जिले के मलगा गांव में हुई जमीन धंसने की घटना का भी उल्लेख किया और बताया कि लगातार विस्फोटों से क्षेत्र का भूजल स्तर प्रभावित हुआ है तथा कई हैंडपंप सूख गए हैं।

ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि ब्लास्टिंग एवं पिलर कटाई पर तत्काल अंतरिम रोक लगाई जाए, गांव की चारों दिशाओं में स्वतंत्र वाइब्रेशन मीटर स्थापित किए जाएं और प्रत्येक ब्लास्टिंग से पहले पंचायत को लिखित सूचना व सायरन से अलर्ट किया जाए। इसके अलावा प्रभावित मकानों का निष्पक्ष सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने तथा वैध DGMS डी-पिलरिंग अनुमति पत्र सार्वजनिक करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी भी बड़े हादसे की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और खदान प्रबंधन की होगी।
    user_Neeraj Singh Raghuvanshi
    Neeraj Singh Raghuvanshi
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • शहडोल जिले के बरूखा स्थित फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट में आगामी 3 अगस्त से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने जा रहा है। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के अनुसार, संस्थान में प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑफलाइन रखी गई है। इस नई शुरुआत के साथ ही क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
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    शहडोल जिले के बरूखा स्थित फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट में आगामी 3 अगस्त से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने जा रहा है। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के अनुसार, संस्थान में प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑफलाइन रखी गई है। इस नई शुरुआत के साथ ही क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिला अस्पताल से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें इलाज के दौरान एक मरीज के पेट की सफाई के लिए मिनरल वाटर (बिसलेरी) की बोतल का उपयोग किए जाने का दावा किया गया है। चूहा मार दवा का सेवन करने के बाद 18 वर्षीय युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान डॉक्टरों द्वारा मरीज के पेट की सफाई (गैस्ट्रिक लैवेज) की जा रही थी, उसी समय किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मामले पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज पांडे ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मरीज को मिनरल वाटर की ड्रिप नहीं लगाई गई थी। उन्होंने बताया कि शुरुआत में सामान्य सलाइन से पेट की सफाई की गई थी, लेकिन प्रक्रिया धीमी होने के कारण अधिक मात्रा में पानी उपलब्ध कराने के लिए मिनरल वाटर की बोतल का उपयोग किया गया। सीएमएचओ ने स्वीकार किया कि यह तरीका निर्धारित चिकित्सा प्रक्रिया के अनुरूप नहीं था। स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। सीएमएचओ का कहना है कि जांच में यदि संबंधित डॉक्टर या नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन मामले की पड़ताल में जुटा है और जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आपात स्थिति में अपनाई गई प्रक्रिया में चिकित्सा मानकों का पालन हुआ या नहीं।
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    मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिला अस्पताल से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें इलाज के दौरान एक मरीज के पेट की सफाई के लिए मिनरल वाटर (बिसलेरी) की बोतल का उपयोग किए जाने का दावा किया गया है। चूहा मार दवा का सेवन करने के बाद 18 वर्षीय युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान डॉक्टरों द्वारा मरीज के पेट की सफाई (गैस्ट्रिक लैवेज) की जा रही थी, उसी समय किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।

मामले पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज पांडे ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मरीज को मिनरल वाटर की ड्रिप नहीं लगाई गई थी। उन्होंने बताया कि शुरुआत में सामान्य सलाइन से पेट की सफाई की गई थी, लेकिन प्रक्रिया धीमी होने के कारण अधिक मात्रा में पानी उपलब्ध कराने के लिए मिनरल वाटर की बोतल का उपयोग किया गया। सीएमएचओ ने स्वीकार किया कि यह तरीका निर्धारित चिकित्सा प्रक्रिया के अनुरूप नहीं था।

स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। सीएमएचओ का कहना है कि जांच में यदि संबंधित डॉक्टर या नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन मामले की पड़ताल में जुटा है और जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आपात स्थिति में अपनाई गई प्रक्रिया में चिकित्सा मानकों का पालन हुआ या नहीं।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • अनूपपुर जिले के बिजुरी में अपराधों पर नियंत्रण और फरार वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने कॉम्बिंग गश्त के दौरान कुल 11 वारंटियों को गिरफ्तार किया है। इसमें 09 स्थायी वारंटी और 02 गिरफ्तारी वारंटी शामिल हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री विक्रान्त मुराब के आदेश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ मरकाम एवं एसडीओपी कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के निर्देशन में थाना प्रभारी बिजुरी निरीक्षक विकास सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस टीम में निरीक्षक मानिम टोप्पो, उपनिरीक्षक विपुल शुक्ला, सहायक उपनिरीक्षक प्रदीप अग्निहोत्री, सहायक उपनिरीक्षक उदय प्रजापति, प्रधान आरक्षक बसन्त कोल, आरक्षक 349 रामनिवास गुर्जर और महिला आरक्षक संगम तोमर शामिल रहे। टीम द्वारा दिनांक 22/07/2026 को कॉम्बिंग गश्त के दौरान चलाए गए सघन अभियान में फरार वारंटियों को दबोचने में सफलता मिली। गिरफ्तार वारंटियों में पडरीपानी निवासी संजू कोल (36 वर्ष), सिगुडी निवासी रामसिंह (45 वर्ष), कटकोना निवासी घनश्याम सिंह गोंड उर्फ छोटा (24 वर्ष), सीएमपीडीआई कैम्प बिजुरी निवासी दुर्गावती सिंह (60 वर्ष), बेलिया छोट निवासी कमला बाई प्रधान (60 वर्ष), डोंगरिया कला निवासी लालाराम केवट (35 वर्ष) और वार्ड क्र. 11 बिजुरी निवासी हेमा बंसल (35 वर्ष) सहित अन्य शामिल हैं। सभी गिरफ्तार वारंटियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है तथा तामीलशुदा वारंट एवं आदेशिकाएं न्यायालय भेजी गई हैं।
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    अनूपपुर जिले के बिजुरी में अपराधों पर नियंत्रण और फरार वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने कॉम्बिंग गश्त के दौरान कुल 11 वारंटियों को गिरफ्तार किया है। इसमें 09 स्थायी वारंटी और 02 गिरफ्तारी वारंटी शामिल हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री विक्रान्त मुराब के आदेश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ मरकाम एवं एसडीओपी कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के निर्देशन में थाना प्रभारी बिजुरी निरीक्षक विकास सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा की गई।

पुलिस टीम में निरीक्षक मानिम टोप्पो, उपनिरीक्षक विपुल शुक्ला, सहायक उपनिरीक्षक प्रदीप अग्निहोत्री, सहायक उपनिरीक्षक उदय प्रजापति, प्रधान आरक्षक बसन्त कोल, आरक्षक 349 रामनिवास गुर्जर और महिला आरक्षक संगम तोमर शामिल रहे। टीम द्वारा दिनांक 22/07/2026 को कॉम्बिंग गश्त के दौरान चलाए गए सघन अभियान में फरार वारंटियों को दबोचने में सफलता मिली।

गिरफ्तार वारंटियों में पडरीपानी निवासी संजू कोल (36 वर्ष), सिगुडी निवासी रामसिंह (45 वर्ष), कटकोना निवासी घनश्याम सिंह गोंड उर्फ छोटा (24 वर्ष), सीएमपीडीआई कैम्प बिजुरी निवासी दुर्गावती सिंह (60 वर्ष), बेलिया छोट निवासी कमला बाई प्रधान (60 वर्ष), डोंगरिया कला निवासी लालाराम केवट (35 वर्ष) और वार्ड क्र. 11 बिजुरी निवासी हेमा बंसल (35 वर्ष) सहित अन्य शामिल हैं। सभी गिरफ्तार वारंटियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है तथा तामीलशुदा वारंट एवं आदेशिकाएं न्यायालय भेजी गई हैं।
    user_JIYAUDDIN ANSARI
    JIYAUDDIN ANSARI
    Voice of people Budar, Shahdol•
    13 hrs ago
  • मध्य प्रदेश की पवित्र नगरी और प्रमुख पर्यटन केंद्र अमरकंटक में मंगलवार से शुरू हुआ झमाझम मूसलाधार वर्षा का सिलसिला लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में रुक-रुककर हो रही तेज बारिश और फुहारों से पूरा पर्वतीय अंचल तर-बतर हो गया है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से पूरी तरह राहत मिल गई है। सुबह और शाम के समय छा रहे घने कोहरे की चादर ने मां नर्मदा की पावन नगरी के प्राकृतिक सौंदर्य को और बढ़ा दिया है। हालांकि, कई स्थानों पर दृश्यता काफी कम हो जाने के कारण वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर धीमी गति से गाड़ियाँ चलानी पड़ रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को अमरकंटक का अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 11 रहने के कारण यहाँ का वातावरण अत्यंत स्वच्छ और ताजा बना हुआ है। लगातार बारिश से क्षेत्र के नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है, जिसे कृषि विशेषज्ञों ने खरीफ फसलों के लिए लाभदायक बताया है और इससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। हालांकि ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों और छप्परो से पानी टपकने की समस्या भी सामने आ रही है, इसके बावजूद श्रद्धालु और पर्यटक इस मनोहारी मौसम का भरपूर आनंद उठा रहे हैं।
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    मध्य प्रदेश की पवित्र नगरी और प्रमुख पर्यटन केंद्र अमरकंटक में मंगलवार से शुरू हुआ झमाझम मूसलाधार वर्षा का सिलसिला लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में रुक-रुककर हो रही तेज बारिश और फुहारों से पूरा पर्वतीय अंचल तर-बतर हो गया है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से पूरी तरह राहत मिल गई है। सुबह और शाम के समय छा रहे घने कोहरे की चादर ने मां नर्मदा की पावन नगरी के प्राकृतिक सौंदर्य को और बढ़ा दिया है। हालांकि, कई स्थानों पर दृश्यता काफी कम हो जाने के कारण वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर धीमी गति से गाड़ियाँ चलानी पड़ रही हैं।

मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को अमरकंटक का अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 11 रहने के कारण यहाँ का वातावरण अत्यंत स्वच्छ और ताजा बना हुआ है। लगातार बारिश से क्षेत्र के नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है, जिसे कृषि विशेषज्ञों ने खरीफ फसलों के लिए लाभदायक बताया है और इससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। हालांकि ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों और छप्परो से पानी टपकने की समस्या भी सामने आ रही है, इसके बावजूद श्रद्धालु और पर्यटक इस मनोहारी मौसम का भरपूर आनंद उठा रहे हैं।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • उमरिया जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 24.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू अभिलेख द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, तहसीलवार आंकड़ों में बांधवगढ़ तहसील में 35.2 मिमी, मानपुर तहसील में 27.6 मिमी, पाली तहसील में 11.4 मिमी, नौरोजाबाद तहसील में 8.2 मिमी, चंदिया में 35.4 मिमी, करकेली तहसील में 28.6 मिमी और बिलासपुर तहसील में 24 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। चालू मानसून सीजन में 1 जून से 23 जुलाई तक जिले में कुल 362 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इसमें बांधवगढ़ तहसील में 500.6 मिमी, करकेली तहसील में 444 मिमी, पाली तहसील में 390.8 मिमी, नौरोजाबाद तहसील में 377.4 मिमी, बिलासपुर तहसील में 288.7 मिमी, चंदिया तहसील में 278.2 मिमी और मानपुर तहसील में 255.1 मिमी वर्षा शामिल है। वहीं गत वर्ष इसी अवधि तक जिले में 690.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी, जिसमें बिलासपुर तहसील में 816.6 मिमी, चंदिया तहसील में 800.1 मिमी, मानपुर तहसील में 703.5 मिमी, करकेली तहसील में 629.1 मिमी, पाली तहसील में 627.5 मिमी, बांधवगढ़ तहसील में 625.8 मिमी और नौरोजाबाद तहसील में 621.8 मिमी वर्षा दर्ज हुई थी।
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    उमरिया जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 24.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू अभिलेख द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, तहसीलवार आंकड़ों में बांधवगढ़ तहसील में 35.2 मिमी, मानपुर तहसील में 27.6 मिमी, पाली तहसील में 11.4 मिमी, नौरोजाबाद तहसील में 8.2 मिमी, चंदिया में 35.4 मिमी, करकेली तहसील में 28.6 मिमी और बिलासपुर तहसील में 24 मिमी वर्षा दर्ज हुई है।

चालू मानसून सीजन में 1 जून से 23 जुलाई तक जिले में कुल 362 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इसमें बांधवगढ़ तहसील में 500.6 मिमी, करकेली तहसील में 444 मिमी, पाली तहसील में 390.8 मिमी, नौरोजाबाद तहसील में 377.4 मिमी, बिलासपुर तहसील में 288.7 मिमी, चंदिया तहसील में 278.2 मिमी और मानपुर तहसील में 255.1 मिमी वर्षा शामिल है। वहीं गत वर्ष इसी अवधि तक जिले में 690.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी, जिसमें बिलासपुर तहसील में 816.6 मिमी, चंदिया तहसील में 800.1 मिमी, मानपुर तहसील में 703.5 मिमी, करकेली तहसील में 629.1 मिमी, पाली तहसील में 627.5 मिमी, बांधवगढ़ तहसील में 625.8 मिमी और नौरोजाबाद तहसील में 621.8 मिमी वर्षा दर्ज हुई थी।
    user_Neeraj Singh Raghuvanshi
    Neeraj Singh Raghuvanshi
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के एक सरकारी अस्पताल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कथित तौर पर एक मरीज को ड्रिप चढ़ाने के लिए 2 लीटर की प्लास्टिक पानी की बोतल का इस्तेमाल होता दिखाई दे रहा है। इस दृश्य के सामने आने के बाद सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
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    मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के एक सरकारी अस्पताल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कथित तौर पर एक मरीज को ड्रिप चढ़ाने के लिए 2 लीटर की प्लास्टिक पानी की बोतल का इस्तेमाल होता दिखाई दे रहा है। इस दृश्य के सामने आने के बाद सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
    user_Dinesh Thakur
    Dinesh Thakur
    पत्रकार Dindori, Madhya Pradesh•
    13 hrs ago
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