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मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के एक सरकारी अस्पताल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कथित तौर पर एक मरीज को ड्रिप चढ़ाने के लिए 2 लीटर की प्लास्टिक पानी की बोतल का इस्तेमाल होता दिखाई दे रहा है। इस दृश्य के सामने आने के बाद सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
Dinesh Thakur
मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के एक सरकारी अस्पताल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कथित तौर पर एक मरीज को ड्रिप चढ़ाने के लिए 2 लीटर की प्लास्टिक पानी की बोतल का इस्तेमाल होता दिखाई दे रहा है। इस दृश्य के सामने आने के बाद सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
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- मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिला अस्पताल से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें इलाज के दौरान एक मरीज के पेट की सफाई के लिए मिनरल वाटर (बिसलेरी) की बोतल का उपयोग किए जाने का दावा किया गया है। चूहा मार दवा का सेवन करने के बाद 18 वर्षीय युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान डॉक्टरों द्वारा मरीज के पेट की सफाई (गैस्ट्रिक लैवेज) की जा रही थी, उसी समय किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मामले पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज पांडे ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मरीज को मिनरल वाटर की ड्रिप नहीं लगाई गई थी। उन्होंने बताया कि शुरुआत में सामान्य सलाइन से पेट की सफाई की गई थी, लेकिन प्रक्रिया धीमी होने के कारण अधिक मात्रा में पानी उपलब्ध कराने के लिए मिनरल वाटर की बोतल का उपयोग किया गया। सीएमएचओ ने स्वीकार किया कि यह तरीका निर्धारित चिकित्सा प्रक्रिया के अनुरूप नहीं था। स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। सीएमएचओ का कहना है कि जांच में यदि संबंधित डॉक्टर या नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन मामले की पड़ताल में जुटा है और जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आपात स्थिति में अपनाई गई प्रक्रिया में चिकित्सा मानकों का पालन हुआ या नहीं।3
- मंडला जिले के घुघरी में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के बाद बुढनेर नदी अपने पूरे शबाब पर नजर आ रही है। नदी का बढ़ता जलस्तर, हरियाली से ढके तट और बहते पानी की कल-कल ध्वनि क्षेत्रवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। सुबह और शाम बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे पहुंचकर प्रकृति के इस मनमोहक दृश्य का आनंद ले रहे हैं। आसपास फैली हरियाली और ठंडी हवाओं के बीच कई लोग इस सुंदर नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। हालांकि नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोगों ने किनारे जाने वालों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। तेज बहाव और फिसलन भरे किनारों के कारण किसी भी प्रकार की लापरवाही हादसे का कारण बन सकती है। सुरक्षा के लिहाज से खासकर बच्चों और युवाओं को नदी के गहरे हिस्सों में न उतरने की सख्त सलाह दी गई है।1
- साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के जोहिला क्षेत्र स्थित पाली प्रोजेक्ट कॉलोनी में निर्मित 'कोल नीर' आरओ फिल्टर प्लांट का वर्चुअल शुभारंभ किया गया। इस प्लांट का उद्घाटन भारत सरकार के कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी और कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे द्वारा किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कोयला खदानों से निकलने वाले पानी को शोधित कर खदानों के समीप बसे गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना और जल संकट से निपटना है। जोहिला क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक सुरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पाली प्रोजेक्ट की खदान से निकलने वाले जल को आधुनिक शोधन विधि से पीने योग्य बनाया गया है। इस प्लांट से प्रति घंटा 1,000 लीटर आरओ जल तैयार होगा, जिसे गैलन के जरिए गौरैया, मालिया गुड़ा और गिंजरी ग्राम पंचायत के लगभग 500 परिवारों तक पहुंचाया जाएगा। आगे के चरणों में पिपरिया में विशाल फिल्टर प्लांट बनाकर पाइपलाइन के जरिए आपूर्ति करने की योजना है। साथ ही, 1 लीटर और 2 लीटर की बोतलों में कम दामों पर 'कोल नीर' को बाजार में बेचने की जिम्मेदारी महिला स्व-सहायता समूहों को दी जाएगी, जिससे उन्हें स्वरोजगार और आजीविका का जरिया मिलेगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उमरिया की सहायक कलेक्टर राखी ने एसईसीएल के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि ग्रामीणों तक शुद्ध जल की आपूर्ति से लोगों को स्वस्थ रहने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह ओहरी, एसडीओपी पुलिस ऐस सी मोहित, मलियागुड़ा सरपंच श्रीमती लक्ष्मी सिंह, गौरैया सरपंच संतोष कुमार मानिकपुरी, लोकनाथ सिंह तथा एसईसीएल के महाप्रबंधक अनूप सिंह, संजय सिंह, प्रवीण कुमार, अल्बर्ट पाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।1
- अनूपपुर जिले के बिजुरी में अपराधों पर नियंत्रण और फरार वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने कॉम्बिंग गश्त के दौरान कुल 11 वारंटियों को गिरफ्तार किया है। इसमें 09 स्थायी वारंटी और 02 गिरफ्तारी वारंटी शामिल हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री विक्रान्त मुराब के आदेश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ मरकाम एवं एसडीओपी कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के निर्देशन में थाना प्रभारी बिजुरी निरीक्षक विकास सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस टीम में निरीक्षक मानिम टोप्पो, उपनिरीक्षक विपुल शुक्ला, सहायक उपनिरीक्षक प्रदीप अग्निहोत्री, सहायक उपनिरीक्षक उदय प्रजापति, प्रधान आरक्षक बसन्त कोल, आरक्षक 349 रामनिवास गुर्जर और महिला आरक्षक संगम तोमर शामिल रहे। टीम द्वारा दिनांक 22/07/2026 को कॉम्बिंग गश्त के दौरान चलाए गए सघन अभियान में फरार वारंटियों को दबोचने में सफलता मिली। गिरफ्तार वारंटियों में पडरीपानी निवासी संजू कोल (36 वर्ष), सिगुडी निवासी रामसिंह (45 वर्ष), कटकोना निवासी घनश्याम सिंह गोंड उर्फ छोटा (24 वर्ष), सीएमपीडीआई कैम्प बिजुरी निवासी दुर्गावती सिंह (60 वर्ष), बेलिया छोट निवासी कमला बाई प्रधान (60 वर्ष), डोंगरिया कला निवासी लालाराम केवट (35 वर्ष) और वार्ड क्र. 11 बिजुरी निवासी हेमा बंसल (35 वर्ष) सहित अन्य शामिल हैं। सभी गिरफ्तार वारंटियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है तथा तामीलशुदा वारंट एवं आदेशिकाएं न्यायालय भेजी गई हैं।4
- मवई स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। भालू के हमले की घटना ने वन विभाग और स्वास्थ्य व्यवस्था, दोनों की पोल खोलकर रख दी है।1
- मध्य प्रदेश की पवित्र नगरी और प्रमुख पर्यटन केंद्र अमरकंटक में मंगलवार से शुरू हुआ झमाझम मूसलाधार वर्षा का सिलसिला लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में रुक-रुककर हो रही तेज बारिश और फुहारों से पूरा पर्वतीय अंचल तर-बतर हो गया है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से पूरी तरह राहत मिल गई है। सुबह और शाम के समय छा रहे घने कोहरे की चादर ने मां नर्मदा की पावन नगरी के प्राकृतिक सौंदर्य को और बढ़ा दिया है। हालांकि, कई स्थानों पर दृश्यता काफी कम हो जाने के कारण वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर धीमी गति से गाड़ियाँ चलानी पड़ रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को अमरकंटक का अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 11 रहने के कारण यहाँ का वातावरण अत्यंत स्वच्छ और ताजा बना हुआ है। लगातार बारिश से क्षेत्र के नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है, जिसे कृषि विशेषज्ञों ने खरीफ फसलों के लिए लाभदायक बताया है और इससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। हालांकि ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों और छप्परो से पानी टपकने की समस्या भी सामने आ रही है, इसके बावजूद श्रद्धालु और पर्यटक इस मनोहारी मौसम का भरपूर आनंद उठा रहे हैं।1
- अनूपपुर जिले में अपराधों पर नियंत्रण और लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों की तामीली के लिए पुलिस अधीक्षक विक्रान्त मुराब के निर्देश पर कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम और एसडीओपी कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए बिजुरी थाना पुलिस ने कुल 09 स्थायी और 02 गिरफ्तारी वारंट की सफलता पूर्वक तामीली की है। इस विशेष अभियान के दौरान बिजुरी थाना प्रभारी निरीक्षक विकास सिंह, निरीक्षक मानिम टोप्पो, उपनिरीक्षक विपुल शुक्ला, सहायक उपनिरीक्षक प्रदीप अग्निहोत्री, सहायक उपनिरीक्षक उदय प्रजापति, प्रधान आरक्षक बसन्त कोल, आरक्षक रामनिवास गुर्जर और महिला आरक्षक संगम तोमर की टीम ने वारंटियों की पतासाजी की। पुलिस टीम ने पड़रीपानी निवासी संजू कोल (36), सिगुड़ी निवासी रामसिंह (45), कटकोना निवासी घनश्याम सिंह गोंड उर्फ छोटा (24), सीएमपीडीआई कैम्प बिजुरी निवासी दुर्गावती सिंह (60), बेलिया छोट निवासी कमला बाई प्रधान (60), डोंगरिया कला निवासी लालाराम केवट (35) और वार्ड नंबर 11 बिजुरी निवासी हेमा बंसल (35) को हिरासत में लिया। गिरफ्तार किए गए सभी वारंटियों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद माननीय न्यायालय में पेश कर दिया गया है, जहां से तामीलशुदा आदेशिकाएं न्यायालय को सुपुर्द कर दी गई हैं।1
- मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के एक सरकारी अस्पताल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कथित तौर पर एक मरीज को ड्रिप चढ़ाने के लिए 2 लीटर की प्लास्टिक पानी की बोतल का इस्तेमाल होता दिखाई दे रहा है। इस दृश्य के सामने आने के बाद सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।1