मंडला जिले के घुघरी में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के बाद बुढनेर नदी अपने पूरे शबाब पर नजर आ रही है। नदी का बढ़ता जलस्तर, हरियाली से ढके तट और बहते पानी की कल-कल ध्वनि क्षेत्रवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। सुबह और शाम बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे पहुंचकर प्रकृति के इस मनमोहक दृश्य का आनंद ले रहे हैं। आसपास फैली हरियाली और ठंडी हवाओं के बीच कई लोग इस सुंदर नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। हालांकि नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोगों ने किनारे जाने वालों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। तेज बहाव और फिसलन भरे किनारों के कारण किसी भी प्रकार की लापरवाही हादसे का कारण बन सकती है। सुरक्षा के लिहाज से खासकर बच्चों और युवाओं को नदी के गहरे हिस्सों में न उतरने की सख्त सलाह दी गई है।
मंडला जिले के घुघरी में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के बाद बुढनेर नदी अपने पूरे शबाब पर नजर आ रही है। नदी का बढ़ता जलस्तर, हरियाली से ढके तट और बहते पानी की कल-कल ध्वनि क्षेत्रवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। सुबह और शाम बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे पहुंचकर प्रकृति के इस मनमोहक दृश्य का आनंद ले रहे हैं। आसपास फैली हरियाली और ठंडी हवाओं के बीच कई लोग इस सुंदर नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। हालांकि नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोगों ने किनारे जाने वालों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। तेज बहाव और फिसलन भरे किनारों के कारण किसी भी प्रकार की लापरवाही हादसे का कारण बन सकती है। सुरक्षा के लिहाज से खासकर बच्चों और युवाओं को नदी के गहरे हिस्सों में न उतरने की सख्त सलाह दी गई है।
- मंडला जिले के घुघरी में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के बाद बुढनेर नदी अपने पूरे शबाब पर नजर आ रही है। नदी का बढ़ता जलस्तर, हरियाली से ढके तट और बहते पानी की कल-कल ध्वनि क्षेत्रवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। सुबह और शाम बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे पहुंचकर प्रकृति के इस मनमोहक दृश्य का आनंद ले रहे हैं। आसपास फैली हरियाली और ठंडी हवाओं के बीच कई लोग इस सुंदर नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। हालांकि नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोगों ने किनारे जाने वालों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। तेज बहाव और फिसलन भरे किनारों के कारण किसी भी प्रकार की लापरवाही हादसे का कारण बन सकती है। सुरक्षा के लिहाज से खासकर बच्चों और युवाओं को नदी के गहरे हिस्सों में न उतरने की सख्त सलाह दी गई है।1
- मवई स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। भालू के हमले की घटना ने वन विभाग और स्वास्थ्य व्यवस्था, दोनों की पोल खोलकर रख दी है।1
- मंडला के ग्राम पंचायत बरबटी में मस्टर रोल फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। यहाँ मजदूरों से केवल एक दिन काम करवाकर सात दिन की हाजिरी निकाल ली गई है। इस फर्जीवाड़े को लेकर मजदूरों में भारी आक्रोश व्याप्त है।1
- मंडला में सीवर लाइन निर्माण एजेंसी की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। सीवर चैंबरों से पानी लगातार ओवरफ्लो हो रहा है, जिसके कारण सड़कों पर गंदा पानी बह रहा है।1
- मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिला अस्पताल से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें इलाज के दौरान एक मरीज के पेट की सफाई के लिए मिनरल वाटर (बिसलेरी) की बोतल का उपयोग किए जाने का दावा किया गया है। चूहा मार दवा का सेवन करने के बाद 18 वर्षीय युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान डॉक्टरों द्वारा मरीज के पेट की सफाई (गैस्ट्रिक लैवेज) की जा रही थी, उसी समय किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मामले पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज पांडे ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मरीज को मिनरल वाटर की ड्रिप नहीं लगाई गई थी। उन्होंने बताया कि शुरुआत में सामान्य सलाइन से पेट की सफाई की गई थी, लेकिन प्रक्रिया धीमी होने के कारण अधिक मात्रा में पानी उपलब्ध कराने के लिए मिनरल वाटर की बोतल का उपयोग किया गया। सीएमएचओ ने स्वीकार किया कि यह तरीका निर्धारित चिकित्सा प्रक्रिया के अनुरूप नहीं था। स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। सीएमएचओ का कहना है कि जांच में यदि संबंधित डॉक्टर या नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन मामले की पड़ताल में जुटा है और जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आपात स्थिति में अपनाई गई प्रक्रिया में चिकित्सा मानकों का पालन हुआ या नहीं।3
- कबीरधाम जिले के बोड़ला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बंजारी स्थित नायक ढाबा के पास मिले अज्ञात शव के अंधी हत्या के मामले का कबीरधाम पुलिस ने 07 दिनों के भीतर खुलासा कर दिया है। मृतक की पहचान लवकुश नगर, जामुल (जिला दुर्ग) निवासी 34 वर्षीय उदय प्रताप सिंह राजपूत, पिता जितेंद्र सिंह के रूप में हुई है। 15 जुलाई 2026 को संदिग्ध अवस्था में शव मिलने पर शुरू की गई जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर व सीने पर गंभीर चोट से हत्या की पुष्टि होने के बाद थाना बोड़ला में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए SDOP बोड़ला अखिलेश कौशिक के नेतृत्व में बोड़ला थाना और साइबर थाना की संयुक्त टीम गठित की गई। टोल प्लाजा और भोरमदेव क्षेत्र के 40 से अधिक सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण तथा पूछताछ के आधार पर यह सामने आया कि मृतक को अंतिम बार उसके दोस्त हीरासिंह उर्फ बउवा केंवट (उम्र 45 वर्ष, निवासी घासीदास नगर, जामुल, दुर्ग) के साथ देखा गया था। पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर की गई कड़ाई से पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि 14 जुलाई 2026 को वह मृतक को शराब पीने और घूमने के बहाने भोरमदेव-चिल्फी घाटी की ओर ले गया था, जहां मोटरसाइकिल से गिरने की बात पर हुए विवाद के दौरान उसने पत्थर से सिर और सीने पर वार कर उदय प्रताप की हत्या कर दी थी। आरोपी के मेमोरेण्डम कथन के आधार पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त खून आलूदा पत्थर, आरोपी के कपड़े और मृतक की मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 07 BM 6475) जप्त कर ली है। इसके अलावा घटनास्थल का डेमो कराकर वीडियोग्राफी भी कराई गई। आरोपी को 22 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।1
- मंडला में पुलिस ने विशेष जागरूकता अभियान चलाकर छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। इस दौरान पुलिस टीम ने विद्यार्थियों के बीच पंपलेट बांटे और उन्हें नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया।1
- मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के एक सरकारी अस्पताल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कथित तौर पर एक मरीज को ड्रिप चढ़ाने के लिए 2 लीटर की प्लास्टिक पानी की बोतल का इस्तेमाल होता दिखाई दे रहा है। इस दृश्य के सामने आने के बाद सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।1