Shuru
Apke Nagar Ki App…
मवई स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। भालू के हमले की घटना ने वन विभाग और स्वास्थ्य व्यवस्था, दोनों की पोल खोलकर रख दी है।
Neelesh THAKUR
मवई स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। भालू के हमले की घटना ने वन विभाग और स्वास्थ्य व्यवस्था, दोनों की पोल खोलकर रख दी है।
More news from Madhya Pradesh and nearby areas
- मवई स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। भालू के हमले की घटना ने वन विभाग और स्वास्थ्य व्यवस्था, दोनों की पोल खोलकर रख दी है।1
- मंडला के ग्राम पंचायत बरबटी में मस्टर रोल फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। यहाँ मजदूरों से केवल एक दिन काम करवाकर सात दिन की हाजिरी निकाल ली गई है। इस फर्जीवाड़े को लेकर मजदूरों में भारी आक्रोश व्याप्त है।1
- मंडला में सीवर लाइन निर्माण एजेंसी की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। सीवर चैंबरों से पानी लगातार ओवरफ्लो हो रहा है, जिसके कारण सड़कों पर गंदा पानी बह रहा है।1
- मंडला जिले के घुघरी में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के बाद बुढनेर नदी अपने पूरे शबाब पर नजर आ रही है। नदी का बढ़ता जलस्तर, हरियाली से ढके तट और बहते पानी की कल-कल ध्वनि क्षेत्रवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। सुबह और शाम बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे पहुंचकर प्रकृति के इस मनमोहक दृश्य का आनंद ले रहे हैं। आसपास फैली हरियाली और ठंडी हवाओं के बीच कई लोग इस सुंदर नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। हालांकि नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोगों ने किनारे जाने वालों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। तेज बहाव और फिसलन भरे किनारों के कारण किसी भी प्रकार की लापरवाही हादसे का कारण बन सकती है। सुरक्षा के लिहाज से खासकर बच्चों और युवाओं को नदी के गहरे हिस्सों में न उतरने की सख्त सलाह दी गई है।1
- मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिला अस्पताल से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें इलाज के दौरान एक मरीज के पेट की सफाई के लिए मिनरल वाटर (बिसलेरी) की बोतल का उपयोग किए जाने का दावा किया गया है। चूहा मार दवा का सेवन करने के बाद 18 वर्षीय युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान डॉक्टरों द्वारा मरीज के पेट की सफाई (गैस्ट्रिक लैवेज) की जा रही थी, उसी समय किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मामले पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज पांडे ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मरीज को मिनरल वाटर की ड्रिप नहीं लगाई गई थी। उन्होंने बताया कि शुरुआत में सामान्य सलाइन से पेट की सफाई की गई थी, लेकिन प्रक्रिया धीमी होने के कारण अधिक मात्रा में पानी उपलब्ध कराने के लिए मिनरल वाटर की बोतल का उपयोग किया गया। सीएमएचओ ने स्वीकार किया कि यह तरीका निर्धारित चिकित्सा प्रक्रिया के अनुरूप नहीं था। स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। सीएमएचओ का कहना है कि जांच में यदि संबंधित डॉक्टर या नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन मामले की पड़ताल में जुटा है और जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आपात स्थिति में अपनाई गई प्रक्रिया में चिकित्सा मानकों का पालन हुआ या नहीं।3
- मंडला में पुलिस ने विशेष जागरूकता अभियान चलाकर छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। इस दौरान पुलिस टीम ने विद्यार्थियों के बीच पंपलेट बांटे और उन्हें नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया।1
- जबलपुर के मदन महल थाना क्षेत्र स्थित रानीताल चौक के 2 नंबर गेट के पास पुराने विवाद को लेकर दो पक्षों के युवकों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। इस दौरान दोनों ओर से चाकूबाजी हुई, जिसमें दोनों पक्षों के युवक घायल हो गए और एक गंभीर रूप से घायल है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद में शामिल सभी युवक छात्र हैं, जिनमें से कुछ बालिग और कुछ नाबालिग हैं। मदन महल थाने के एसआई प्रमोद पांडे के अनुसार, दोनों पक्षों में पहले से ही विवाद चला आ रहा था। घटना के बाद घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए विक्टोरिया अस्पताल भेजा गया, जहां से एक घायल को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। हालांकि, वह मेडिकल कॉलेज जाने के बजाय एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गया। पुलिस ने दोनों पक्षों का चिकित्सीय परीक्षण कराया है और मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की बात कही है।2