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रौशन सर जेल से बाहर आ गए हैं। उनकी रिहाई के बाद, उनसे संबंधित एक बयान के बारे में सुनने के लिए कहा गया है।
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रौशन सर जेल से बाहर आ गए हैं। उनकी रिहाई के बाद, उनसे संबंधित एक बयान के बारे में सुनने के लिए कहा गया है।
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- मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच (SKMCH) अस्पताल से मोबाइल चोरी का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है।1
- बिहार में पुलिस द्वारा गांजा तस्करों की गाड़ियों को एस्कॉर्ट करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस चौंकाने वाले खुलासे का श्रेय एसटीएफ की छापेमारी को जाता है, जिसके बाद मधुबनी जिले में यह घटना उजागर हुई। एसटीएफ ने मधुबनी जिले के बासोपट्टी में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 419 किलोग्राम गांजे के साथ मुख्य आरोपी विनोद सहनी सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए और तस्करों के साथ कथित संलिप्तता के आरोप में बासोपट्टी के थानाध्यक्ष (एसएचओ) के साथ-साथ डायल 112 के एक चालक और एक अधिकारी को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।1
- विदेश में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए दुबई में नौकरी का एक शानदार और सुनहरा अवसर सामने आया है। दुबई की एक प्रतिष्ठित कंपनी विभिन्न पदों पर भर्ती कर रही है, जिसमें योग्य एवं इच्छुक उम्मीदवार सीधे क्लाइंट इंटरव्यू में भाग लेकर रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए, उम्मीदवार +91 89695 13321 और +91 60054 32623 पर संपर्क कर सकते हैं। हालांकि, आवेदन करने से पहले सभी उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे कंपनी, वीज़ा नियमों, वेतनमान, कार्य शर्तों और पूरी भर्ती प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।1
- मधुबनी जिले के जयनगर प्रखंड अंतर्गत देवदा मध्य पंचायत में एक जन सहयोग शिविर का आयोजन किया गया है। यह शिविर कल, यानी 16 तारीख को आयोजित किया जाएगा।1
- पूर्वी चंपारण जिले के पकड़ीदयाल को अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई स्थानीय प्रशासन द्वारा की गई, जिसके बाद क्षेत्र को अतिक्रमण से पूरी तरह आज़ाद कर दिया गया।1
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- बिहार के मधुबनी जिले के बासोपट्टी से भारी मात्रा में 419 किलो गांजा की बरामदगी के बाद बड़ा सियासी बवाल खड़ा हो गया है। इस मामले में डायल 112 के एक चालक सहित कुल चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना के सीधे परिणाम के तौर पर संबंधित थाना प्रभारी को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पूर्व विधायक प्रत्याशी ब्रज किशोर यादव ने इस पूरे प्रकरण पर तीखे सवाल उठाते हुए व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाया है, पूछा है कि “क्या सिस्टम की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा खेल संभव है?”1
- पूर्वी चंपारण में मालाकार भरत भगत ने एक यीशु प्रचारक को लोगों के बीच एक संदेश पत्र बांटते हुए देखा और उनसे सीधी बहस की। प्रचारक जन-जन को प्रभु यीशु के वचन सुनाकर जगा रहे थे, और बड़ी अभिलाषा से यह संदेश पत्र मालाकार भरत भगत को भी आदर सहित दिया, जिसमें प्रभु का गुणगान था और भक्ति करने की गुहार लगाई गई थी। जब मालाकार भरत भगत ने उस संदेश पत्र को पढ़ा, तो उसमें गरुड़ पुराण धर्म कांड परेत खंड 38:13 का हवाला देते हुए लिखा था कि "परवरदिगार परमेश्वर ईश्वर ना लकड़ी में होते हैं, ना पत्थर में होते हैं, और ना ही मिट्टी की बनी मूर्ति में पाए जाते हैं।" इस पर मालाकार भरत भगत ने प्रचारक से पूछा कि उनका शरीर किस चीज़ से बना है, तो प्रचारक ने उत्तर दिया कि उनका पाँच तत्वों से बना शरीर मिट्टी का बना है। मालाकार भरत भगत ने इस बात पर जोर दिया कि सनातन धर्म के आध्यात्मिक ग्रंथ गरुड़ पुराण के 38:13 में संदेश पत्र में दर्शाई गई बातों से बिल्कुल अलग विवरण है। उनके अनुसार, गरुड़ पुराण के धर्म कांड या प्रेत कांड में मृत्यु के बाद की अवस्था, आत्मा की यात्रा और श्राद्ध कर्म का विस्तृत वर्णन है, और यह ग्रंथ भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के बीच संवाद पर आधारित है। मालाकार भरत भगत ने प्रचारक से पूछा कि उनके संदेश पत्र में ऐसी "भ्रामक संदेश" क्यों लिखा है और वे लोगों को गुमराह करके क्या हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने प्रचारक से सोचने को कहा कि अगर लकड़ी में प्राण नहीं होते तो उसमें फूल कैसे खिलते हैं, और अगर मिट्टी की मूर्ति में ईश्वर का वास नहीं होता तो मनुष्यों के मुख से निकलने वाली आवाज़ कौन कहलाती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिस वंश से प्रचारक आते हैं, उसी लकड़ी पर खिले फूलों को उन्होंने अपनी जीविका का साधन क्यों बनाया है। मालाकार भरत भगत ने बताया कि उनका अपना वंश, यानी मालाकार भरत भगत का वंश, बगिया में लगे पेड़ों के फूलों से अपनी आजीविका चलाता है, और इसलिए उन्होंने प्रचारक से ऐसे भ्रामक संदेश फैलाने के पीछे का असली मकसद स्पष्ट करने का आग्रह किया। जब प्रचारक कोई स्पष्टीकरण नहीं दे सके, तो वहाँ उपस्थित लोगों ने अपने बुजुर्गों की बातों और सनातन धर्म के ग्रंथों का हवाला देते हुए कहा कि "हमारा सनातन धर्म का एक ही है पुकार, बिना हरि कृपा तृण नहीं डोले।" उन्होंने तर्क दिया कि मानव तन हो या किसी भी जीव-जंतु का तन, सभी पाँच तत्वों से बने मिट्टी के पुतले या मूर्ति के समान हैं और सभी में ईश्वर का वास है। उन्होंने प्रचारक महोदय से आग्रह किया कि वे जन-जन के बीच बांटे जाने वाले संदेश पत्र पर पुनर्विचार करें और उसमें सुधार करें, क्योंकि मनुष्य लिखे हुए को जीने का आधार और कानूनी आधार बना लेता है। मालाकार भरत भगत ने चेतावनी दी कि यदि यह संदेश विद्वानों के बीच मिथ्या सिद्ध हुआ, तो लोगों के मन में प्रचारक और प्रभु यीशु के प्रति घृणा, अविश्वास और धक्का उत्पन्न होगा। उन्होंने प्रचारक पर आरोप लगाया कि वे ईसाई कुल में उत्पन्न नहीं हुए हैं और उनके धर्म पर उनका अधिकार नहीं है, बल्कि अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए उनके शरण में गए हैं। उनके अनुसार, यह प्रचार प्रसार केवल जीवन जीने का साधन है, जिसका उपयोग ईसाई समुदाय अपनी संख्या बढ़ाने के लिए कर रहा है। मालाकार भरत भगत ने अंत में प्रचारक से अनुरोध किया कि वे मानव जीवन के रहस्य को समझें और मानवता के धर्म का पालन करें, क्योंकि जिस माता-पिता से जन्म मिलता है, वही उस मानव जीवन का धर्म बन जाता है।1
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