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Parwez Ansari
More news from Ramgarh and nearby areas
- #BREAKING_NEWS गोला प्रखंड के चोपादारू गांव मे एक जंगली हाथी की मौत जांच मे जुटी वन विभाग की टीम1
- Post by Birendar Tudu4
- दर्द में दिल का किसको बताऊ1
- बाघमारा क्षेत्र के बाघमारा क्षेत्र के कतरास स्थित जी एन एम प्लस टू खेल मैदान में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तत्वाधान में राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया गया इसमें आगे क्या कुछ हुआ लिए जानते हैं इस खबर में1
- 12 दिनों से लापता अंश और अंशिका को ढूंढने में पुलिस समर्थ,बीजेपी कार्यकर्ताओं ने किया S.S.P ऑफिस का घेराव।1
- एक मिस कॉल प्यार में बदल गया 4 महीने के बाद सच्चाई आई सामने .. #बिहार 55 साल की महिला को 35 साल के युवक से प्यार हो गया है। महिला बीच सड़क में युवक को नहीं छोड़ रही है। यह मामला बिहार के बांका जिले का है। महिला ने इस युवक से शादी कर लिया है। अब इसी के साथ रहने की जिद्द पर है। भागलपुर रेलवे स्टेशन पर मुलाकात की, जिसके बाद साथ जीवन बिताने का फैसला करते हुए लुधियाना जाने का निर्णय लिया। लुधियाना पहुंचकर दोनों ने शादी कर ली और तब से पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे। महिला ने यह भी दावा किया कि वह अपनी मर्जी से युवक के साथ रह रही है। अब दोनों पुलिस के पास सुरक्षित हैं मामले की जांच चल रही है1
- भूमि कब्जे का आरोप, पीड़ित ने प्रशासन से लगाई गुहार बैजनाथपुर गांव निवासी सांगा संजीत उर्फ कन्हैया कुमार बादल ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जे की साजिश का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित के अनुसार सिरसा रेपुरा मोजा में स्थित उनकी जमीन, थाना संख्या 103, खाता संख्या 306, रकबा 58 डिसमिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ भू-माफिया स्थानीय अंचल कार्यालय के सीओ की मिलीभगत से उक्त जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ित ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी।1
- Tata Steel Company के jhariya Division के अंतर्गत सिजुआ क्षेत्र के रामपुर व कंचनपुर जो लीज होल्ड एरिया के अंतर्गत आता है!जिस एरिया मे कोयला का उतखनन बड़े पैमाने मे होता है जिस कारण लगभग दर्जानाधिक नए एवं पुराने घरों मे दरार का होना आम बात हो गई है जिससे ग्रामीणों मे भय का माहौल बना हुआ है इसको लेकर ग्रामीणों ने अपने अपने घरों का रिपेयरिंग के लिए प्रबंधन से वार्ता करने के पश्चात वर्ष 2019 से कई बार आवेदन भी दे चुके है परन्तु अभी तक कोई साकारात्मक पहल नही कि जा रही है दबाव पड़ने पर कुछ नामचीन वयक्ति का कार्य किया गया है जो उचित नही था भुक्तभोगी और अत्यंत निर्धन जब भी इस विषय को लेकर मौखिक एवं लिखित रूप से वार्तालाप करता है तो टालमटोल करने लगते है कभी पुराने दर होने के कारण ठीकेदारों के द्वारा कार्य नही करने एवं पुनः नए दर पर टेंडर निकलने कि बात बोलकर आज लगभग 5 से 6 वर्षो से ग्रामीणों को यही कहानी सुनाया जा रहा है प्रश्न तो यह है कि खनन प्रभावित एरिया मे जनहित कि मुद्दे पर प्रबंधन कितना संवेदनशील है इससे अनुमान लगाया जा सकता है!4