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Looking for Job Job Title : Tele Calling Job Field : Tele Calling Expected Salary : 10000 City / Locality : sirali Experience Level : Fresher Job Type : Part Time Education Qualification : Graduate

13 hrs ago
user_Sheetal Khandiya
Sheetal Khandiya
सिराली, हरदा, मध्य प्रदेश•
13 hrs ago

Looking for Job Job Title : Tele Calling Job Field : Tele Calling Expected Salary : 10000 City / Locality : sirali Experience Level : Fresher Job Type : Part Time Education Qualification : Graduate

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाने वाले स्कूली वाहनों पर पुलिस ने की कार्यवाही, दिए सख्त दिशा निर्देश क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाने वाले स्कूली वाहनों पर पुलिस ने की कार्यवाही, दिए सख्त दिशा निर्देश हरदा/टिमरनी- टिमरनी थाना प्रभारी मुकेश गोड़ ने स्टाफ के साथ आज स्कूली वाहनों की चेकिंग की, क्षमता से अधिक स्कूल वाहनों में बच्चों को बैठाकर ले जाने पर जांच उपरांत कार्रवाई की गई, निजी स्कूल संस्थान में 28 बच्चों को 1 मारुति वेन में ले जाया जा रहा था जिसपर कार्यवाही की गई।साथ ही थाना प्रभारी ने सभी स्कूल संचालकों एवं स्कूलों में लगे वाहन चालकों को निर्देश दिया की क्षमता से अधिक बच्चों को वाहनों में ना बैठाये एवं नियमानुसार वाहन चलाएं ।इस दौरान क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने,नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल वाहनों पर पुलिस द्वारा चालानी कार्रवाई की गई।
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    क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाने वाले स्कूली वाहनों पर पुलिस ने की कार्यवाही, दिए सख्त दिशा निर्देश
क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाने वाले स्कूली वाहनों पर पुलिस ने की कार्यवाही, दिए सख्त दिशा निर्देश
हरदा/टिमरनी-
टिमरनी थाना प्रभारी मुकेश गोड़ ने स्टाफ के साथ आज स्कूली वाहनों की चेकिंग की, क्षमता से अधिक स्कूल वाहनों में बच्चों को बैठाकर ले जाने पर जांच उपरांत कार्रवाई की गई, निजी स्कूल संस्थान में 28 बच्चों को 1 मारुति वेन में ले जाया जा रहा था जिसपर कार्यवाही की गई।साथ ही थाना प्रभारी ने सभी स्कूल संचालकों एवं स्कूलों में लगे वाहन चालकों को निर्देश दिया की क्षमता से अधिक बच्चों को वाहनों में ना बैठाये एवं नियमानुसार वाहन चलाएं ।इस दौरान क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने,नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल वाहनों पर पुलिस द्वारा चालानी कार्रवाई की गई।
    user_संदीप अग्रवाल Agrawal
    संदीप अग्रवाल Agrawal
    Journalist हरदा, हरदा, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • 6 sites खंडवा जिले में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए बच्चों और युवाओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन अलर्ट पर है। लगातार मूसलाधार बारिश के चलते हाल ही में जिला प्रशासन ने एहतियातन सभी स्कूलों में छुट्टी का ऐलान भी किया था। [1, 2] शहर और ग्रामीण इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे कई जगहों पर जलभराव और टापू जैसी स्थिति बन गई है। [1, 2] खंडवा के लिए जरूरी सुरक्षा नियम पिकनिक स्थलों और जलाशयों से दूरी: खंडवा के नदी-नालों या सुक्ता डैम जैसे पिकनिक क्षेत्रों की तरफ बिल्कुल न जाएं। हाल ही में वहां टापू पर फंसे लोगों का रेस्क्यू करना पड़ा था। [1, 2] जलभराव वाले रास्तों पर न जाएं: सड़कों पर पानी भरा होने के कारण गड्ढे या खुले नाले दिखाई नहीं देते हैं। युवाओं को पानी से भरे रास्तों पर गाड़ी चलाने या पैदल चलने से रोकें। मौसम के अपडेट पर नजर रखें: मौसम विभाग के अनुसार क्षेत्र में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं। बारिश और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। [1, 2, 3] बच्चों की विशेष देखभाल: छोटे बच्चों को घर के अंदर ही रखें और उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ साफ पानी ही पीने को दें। 6 sites खंडवा जिले में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए बच्चों और युवाओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन अलर्ट पर है। लगातार मूसलाधार बारिश के चलते हाल ही में जिला प्रशासन ने एहतियातन सभी स्कूलों में छुट्टी का ऐलान भी किया था। [1, 2] शहर और ग्रामीण इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे कई जगहों पर जलभराव और टापू जैसी स्थिति बन गई है। [1, 2] खंडवा के लिए जरूरी सुरक्षा नियम पिकनिक स्थलों और जलाशयों से दूरी: खंडवा के नदी-नालों या सुक्ता डैम जैसे पिकनिक क्षेत्रों की तरफ बिल्कुल न जाएं। हाल ही में वहां टापू पर फंसे लोगों का रेस्क्यू करना पड़ा था। [1, 2] जलभराव वाले रास्तों पर न जाएं: सड़कों पर पानी भरा होने के कारण गड्ढे या खुले नाले दिखाई नहीं देते हैं। युवाओं को पानी से भरे रास्तों पर गाड़ी चलाने या पैदल चलने से रोकें। मौसम के अपडेट पर नजर रखें: मौसम विभाग के अनुसार क्षेत्र में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं। बारिश और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। [1, 2, 3] बच्चों की विशेष देखभाल: छोटे बच्चों को घर के अंदर ही रखें और उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ साफ पानी ही पीने को दें।
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    6 sites

खंडवा जिले में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए बच्चों और युवाओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन अलर्ट पर है। लगातार मूसलाधार बारिश के चलते हाल ही में जिला प्रशासन ने एहतियातन सभी स्कूलों में छुट्टी का ऐलान भी किया था। [1, 2]

शहर और ग्रामीण इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे कई जगहों पर जलभराव और टापू जैसी स्थिति बन गई है। [1, 2]

खंडवा के लिए जरूरी सुरक्षा नियम

पिकनिक स्थलों और जलाशयों से दूरी: खंडवा के नदी-नालों या सुक्ता डैम जैसे पिकनिक क्षेत्रों की तरफ बिल्कुल न जाएं। हाल ही में वहां टापू पर फंसे लोगों का रेस्क्यू करना पड़ा था। [1, 2]

जलभराव वाले रास्तों पर न जाएं: सड़कों पर पानी भरा होने के कारण गड्ढे या खुले नाले दिखाई नहीं देते हैं। युवाओं को पानी से भरे रास्तों पर गाड़ी चलाने या पैदल चलने से रोकें।

मौसम के अपडेट पर नजर रखें: मौसम विभाग के अनुसार क्षेत्र में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं। बारिश और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। [1, 2, 3]

बच्चों की विशेष देखभाल: छोटे बच्चों को घर के अंदर ही रखें और उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ साफ पानी ही पीने को दें।


6 sites
खंडवा जिले में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए बच्चों और युवाओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन अलर्ट पर है। लगातार मूसलाधार बारिश के चलते हाल ही में जिला प्रशासन ने एहतियातन सभी स्कूलों में छुट्टी का ऐलान भी किया था। [1, 2]
शहर और ग्रामीण इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे कई जगहों पर जलभराव और टापू जैसी स्थिति बन गई है। [1, 2]
खंडवा के लिए जरूरी सुरक्षा नियम
पिकनिक स्थलों और जलाशयों से दूरी: खंडवा के नदी-नालों या सुक्ता डैम जैसे पिकनिक क्षेत्रों की तरफ बिल्कुल न जाएं। हाल ही में वहां टापू पर फंसे लोगों का रेस्क्यू करना पड़ा था। [1, 2]
जलभराव वाले रास्तों पर न जाएं: सड़कों पर पानी भरा होने के कारण गड्ढे या खुले नाले दिखाई नहीं देते हैं। युवाओं को पानी से भरे रास्तों पर गाड़ी चलाने या पैदल चलने से रोकें।
मौसम के अपडेट पर नजर रखें: मौसम विभाग के अनुसार क्षेत्र में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं। बारिश और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। [1, 2, 3]
बच्चों की विशेष देखभाल: छोटे बच्चों को घर के अंदर ही रखें और उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ साफ पानी ही पीने को दें।
    user_The harsud news
    The harsud news
    Court reporter हरसूद, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मूंग खरीदी पर सरकार ने किया वादाखिलाफी, किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे: संतोष पटवारे मूंग खरीदी पर सरकार ने किया वादाखिलाफी, किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे: संतोष पटवारे मूंग खरीदी को लेकर हाल ही में हुए किसान आंदोलन के बाद भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पटवारे ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान सरकार और किसान नेताओं के बीच जो सहमति बनी थी, उसका पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे किसान स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। पटवारे ने बताया कि आंदोलन के दौरान सरकार पहले खरीदी को प्रतिशत के आधार पर तय करने की बात कर रही थी। उन्होंने कहा, "हमें प्रतिशत की गणना समझ में नहीं आती, इसलिए हमने प्रति एकड़ खरीदी की मांग रखी। हमारी मांग साढ़े तीन क्विंटल प्रति एकड़ थी, जबकि सरकार तीन क्विंटल प्रति एकड़ पर सहमत हो गई थी।" उन्होंने दावा किया कि पहली बैठक बिना अंतिम सहमति के समाप्त हो गई थी, लेकिन बाद में मंत्री ने स्वयं फोन कर दोबारा चर्चा के लिए बुलाया। दूसरी बैठक में मंत्री ने स्पष्ट रूप से तीन क्विंटल प्रति एकड़ मूंग खरीदी का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद वर्तमान में किसानों के जो बिल जारी हो रहे हैं, उनमें लगभग 7 क्विंटल 15 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की खरीदी दिखाई दे रही है, जबकि चर्चा 7.5 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के समतुल्य खरीदी को लेकर हुई थी। पटवारे ने कहा कि व्यवहारिक रूप से किसानों को इससे भी कम उपज का भुगतान मिलेगा, क्योंकि 50 किलो से कम की मात्रा का अलग बिल नहीं बनता। ऐसे में सरकार द्वारा किया गया आश्वासन पूरी तरह लागू होता दिखाई नहीं दे रहा है। खाद वितरण व्यवस्था पर भी उठाए सवाल संतोष पटवारे ने बताया कि आंदोलन की दूसरी प्रमुख मांग खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की परेशानी को देखते हुए 10 दिनों के लिए पोर्टल बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। अब किसान आधार कार्ड और बही की प्रति के आधार पर भी खाद प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नौ महीने पहले शुरू किए गए पोर्टल में अब तक आवश्यक सुधार नहीं हो पाए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि व्यवस्था में सुधार की गति बेहद धीमी है। उनका कहना था कि यदि तकनीकी व्यवस्था किसानों के हित में बनाई गई है तो उसका लाभ भी किसानों को समय पर मिलना चाहिए। बार-बार आंदोलन समाधान नहीं पटवारे ने कहा कि किसान बार-बार आंदोलन नहीं करना चाहते। सरकार और किसान संगठनों के बीच जो सहमति बनी है, उसका ईमानदारी से पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संगठन के वरिष्ठ नेतृत्व से भी चर्चा की जाएगी तथा क्षेत्र के सांसद और विधायकों से व्यवस्था में सुधार के लिए प्रभावी पहल करने का आग्रह किया जाएगा।
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    मूंग खरीदी पर सरकार ने किया वादाखिलाफी, किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे: संतोष पटवारे
मूंग खरीदी पर सरकार ने किया वादाखिलाफी, किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे: संतोष पटवारे
मूंग खरीदी को लेकर हाल ही में हुए किसान आंदोलन के बाद भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पटवारे ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान सरकार और किसान नेताओं के बीच जो सहमति बनी थी, उसका पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे किसान स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
पटवारे ने बताया कि आंदोलन के दौरान सरकार पहले खरीदी को प्रतिशत के आधार पर तय करने की बात कर रही थी। उन्होंने कहा, "हमें प्रतिशत की गणना समझ में नहीं आती, इसलिए हमने प्रति एकड़ खरीदी की मांग रखी। हमारी मांग साढ़े तीन क्विंटल प्रति एकड़ थी, जबकि सरकार तीन क्विंटल प्रति एकड़ पर सहमत हो गई थी।"
उन्होंने दावा किया कि पहली बैठक बिना अंतिम सहमति के समाप्त हो गई थी, लेकिन बाद में मंत्री ने स्वयं फोन कर दोबारा चर्चा के लिए बुलाया। दूसरी बैठक में मंत्री ने स्पष्ट रूप से तीन क्विंटल प्रति एकड़ मूंग खरीदी का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद वर्तमान में किसानों के जो बिल जारी हो रहे हैं, उनमें लगभग 7 क्विंटल 15 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की खरीदी दिखाई दे रही है, जबकि चर्चा 7.5 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के समतुल्य खरीदी को लेकर हुई थी। पटवारे ने कहा कि व्यवहारिक रूप से किसानों को इससे भी कम उपज का भुगतान मिलेगा, क्योंकि 50 किलो से कम की मात्रा का अलग बिल नहीं बनता। ऐसे में सरकार द्वारा किया गया आश्वासन पूरी तरह लागू होता दिखाई नहीं दे रहा है।
खाद वितरण व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
संतोष पटवारे ने बताया कि आंदोलन की दूसरी प्रमुख मांग खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की परेशानी को देखते हुए 10 दिनों के लिए पोर्टल बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। अब किसान आधार कार्ड और बही की प्रति के आधार पर भी खाद प्राप्त कर सकेंगे।
हालांकि उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नौ महीने पहले शुरू किए गए पोर्टल में अब तक आवश्यक सुधार नहीं हो पाए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि व्यवस्था में सुधार की गति बेहद धीमी है। उनका कहना था कि यदि तकनीकी व्यवस्था किसानों के हित में बनाई गई है तो उसका लाभ भी किसानों को समय पर मिलना चाहिए।
बार-बार आंदोलन समाधान नहीं
पटवारे ने कहा कि किसान बार-बार आंदोलन नहीं करना चाहते। सरकार और किसान संगठनों के बीच जो सहमति बनी है, उसका ईमानदारी से पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संगठन के वरिष्ठ नेतृत्व से भी चर्चा की जाएगी तथा क्षेत्र के सांसद और विधायकों से व्यवस्था में सुधार के लिए प्रभावी पहल करने का आग्रह किया जाएगा।
    user_Shashank Mishra
    Shashank Mishra
    पत्रकार सिवनी-मालवा, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Gramin Vikas na hone ki samasya
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    Gramin Vikas na hone ki samasya
    user_Rajendra Chauhan
    Rajendra Chauhan
    Seoni-Malwa, Narmadapuram•
    20 hrs ago
  • श्री दादा जी परहित सेवा संस्थान, खातेगांव के तत्वावधान में गणेश मंदिर नर्मदा कॉलोनी में साधक संत गुरुदेव दादाभाई के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। भागवत आचार्यों एवं गुरुजनों का हुआ भव्य सम्मान, गुरु पूर्णिमा महोत्सव का हुआ समापन खातेगांव। श्री दादा जी परहित सेवा संस्थान, खातेगांव के तत्वावधान में गणेश मंदिर नर्मदा कॉलोनी में साधक संत गुरुदेव दादाभाई के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्री दादाजी नाम संकीर्तन का 539वां आयोजन भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के भागवत आचार्यों, गुरुजनों एवं संगीत गुरु का पुष्पवर्षा, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर भव्य सम्मान किया गया। सम्मानित होने वाले विद्वानों में भागवत आचार्य लोकेश कृष्ण शास्त्री (जियागांव), पं. कैलाश तिवारी, पं. नित्यानंद शास्त्री, पं. नारायण प्रसाद तिवारी, गणेश मंदिर के पुजारी तथा संगीत गुरु चंद्रमोहन बड़ोदिया का श्री दादा जी परहित सेवा संस्थान के रामदयाल रावाडिया, पंडित जितेंद्र दुबे, दिनेश राठौर,पूनम विश्नोई ने स्वागत सम्मान किया।इस अवसर पर सभी भागवत आचार्यों ने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु ही ज्ञान, संस्कार और आत्मिक उन्नति का वास्तविक मार्गदर्शक होता है। गुरु के सानिध्य से ही जीवन सफल और सार्थक बनता है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए समाज से इसे आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।नगर व क्षेत्र में लगातार एक माह तक प्रति दिन दादा जी नाम संकीर्तन भजन-कीर्तन, गुरु वंदना में सेवा देने वाले भजन गायक सतीष वर्मा,संजय शर्मा, शालिग्राम दुरान्द, रामेश्वर पटेल, कैलाश माली,पूनम भाई, कोमल साहू,अथर्व साहू, माधव वर्मा को प्रशंसा पत्र भेंट कर सम्मानित किया । सम्मान समारोह के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव का श्रद्धापूर्वक समापन हुआ। आयोजक मंडलज्ञके प्रदीप साहू,दौलत रावडिया ने सभी श्रद्धालुओं, भागवत आचार्यों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए आगामी आयोजनों में भी इसी उत्साह से सहभागिता का आग्रह किया।
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    श्री दादा जी परहित सेवा संस्थान, खातेगांव के तत्वावधान में गणेश मंदिर नर्मदा कॉलोनी  में साधक संत गुरुदेव दादाभाई के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
भागवत आचार्यों एवं गुरुजनों का हुआ भव्य सम्मान, गुरु पूर्णिमा महोत्सव का हुआ समापन
खातेगांव। श्री दादा जी परहित सेवा संस्थान, खातेगांव के तत्वावधान में गणेश मंदिर नर्मदा कॉलोनी  में साधक संत गुरुदेव दादाभाई के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्री दादाजी नाम संकीर्तन का 539वां आयोजन भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के भागवत आचार्यों, गुरुजनों एवं संगीत गुरु का पुष्पवर्षा, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर भव्य सम्मान किया गया।
सम्मानित होने वाले विद्वानों में भागवत आचार्य लोकेश कृष्ण शास्त्री (जियागांव), पं. कैलाश तिवारी, पं. नित्यानंद शास्त्री, पं. नारायण प्रसाद तिवारी, गणेश मंदिर के पुजारी तथा संगीत गुरु चंद्रमोहन बड़ोदिया का श्री दादा जी परहित सेवा संस्थान के रामदयाल रावाडिया, पंडित जितेंद्र दुबे, दिनेश राठौर,पूनम विश्नोई ने स्वागत सम्मान किया।इस अवसर पर सभी भागवत आचार्यों ने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु ही ज्ञान, संस्कार और आत्मिक उन्नति का वास्तविक मार्गदर्शक होता है। गुरु के सानिध्य से ही जीवन सफल और सार्थक बनता है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए समाज से इसे आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।नगर व क्षेत्र में लगातार एक माह तक प्रति दिन दादा जी नाम संकीर्तन भजन-कीर्तन, गुरु वंदना में सेवा देने वाले भजन गायक सतीष वर्मा,संजय शर्मा, शालिग्राम दुरान्द, रामेश्वर पटेल, कैलाश माली,पूनम भाई, कोमल साहू,अथर्व साहू, माधव वर्मा को प्रशंसा पत्र भेंट कर सम्मानित किया । सम्मान समारोह के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव का श्रद्धापूर्वक समापन हुआ। आयोजक मंडलज्ञके प्रदीप साहू,दौलत रावडिया ने सभी श्रद्धालुओं, भागवत आचार्यों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए आगामी आयोजनों में भी इसी उत्साह से सहभागिता का आग्रह किया।
    user_Rajendra shreevas
    Rajendra shreevas
    Local News Reporter कन्नौद, देवास, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • *#खासखबर प्रमोदजैन#* *वीडियो बुलेटिन,* *(सरकार से महान गायक किशोर कुमार से संबंधित सात मांगे???) प्रमुख सोशल मीडिया एवं प्रिंट मीडिया पर।*
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    *#खासखबर प्रमोदजैन#* *वीडियो बुलेटिन,*
*(सरकार से महान गायक किशोर कुमार से संबंधित सात मांगे???) प्रमुख सोशल मीडिया एवं प्रिंट मीडिया पर।*
    user_Pramod jain
    Pramod jain
    खंडवा नगर, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • किसानों ने बीमा राशि में गड़बड़ी को लेकर फिर सौंपा ज्ञापन, समाधान नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी किसानों ने बीमा राशि में गड़बड़ी को लेकर फिर सौंपा ज्ञापन, समाधान नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी हरदा/रहटगांव- हल्का नंबर 22 अंतर्गत ग्राम नजरपुरा, उमरधा और मोहनपुर के किसानों ने वर्ष 2025 की फसल बीमा राशि में कथित गड़बड़ी को लेकर एक बार फिर रहटगांव तहसील मुख्यालय पहुंचकर एसडीएम एवं तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। किसानों का आरोप है कि वर्ष 2025 की फसल बीमा राशि के नाम पर उन्हें मात्र 70 से 80 रुपये प्रति एकड़ का भुगतान किया गया, जो वास्तविक नुकसान की तुलना में बेहद कम है। किसानों ने बताया कि इस संबंध में वे पहले 22 जुलाई 2026 को रहटगांव तहसील तथा 23 जुलाई 2026 को हरदा में कलेक्टर एवं कृषि विभाग को भी आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ज्ञापन में किसानों ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि सोमवार, 3 अगस्त 2026 तक उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे मजबूर होकर धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। मौके पर एसडीएम ने तत्काल कृषि विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। किसानों के अनुसार, कृषि विभाग ने मामले के निराकरण के लिए सोमवार तक का समय मांगा है। किसानों का कहना है कि हल्का नंबर 22 के किसान लगातार फसल बीमा योजना में उपेक्षा का शिकार होते रहे हैं। उनका आरोप है कि वर्ष 2019 में भी उन्हें बीमा राशि से वंचित रखा गया था और अब 2025 में भी वही स्थिति दोहराई गई है। किसानों का कहना है कि उन्हें मुआवजे की राशि तो मिल जाती है, लेकिन फसल बीमा का उचित भुगतान नहीं किया जाता, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है।
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    किसानों ने बीमा राशि में गड़बड़ी को लेकर फिर सौंपा ज्ञापन, समाधान नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी
किसानों ने बीमा राशि में गड़बड़ी को लेकर फिर सौंपा ज्ञापन, समाधान नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी
हरदा/रहटगांव-
हल्का नंबर 22 अंतर्गत ग्राम नजरपुरा, उमरधा और मोहनपुर के किसानों ने वर्ष 2025 की फसल बीमा राशि में कथित गड़बड़ी को लेकर एक बार फिर रहटगांव तहसील मुख्यालय पहुंचकर एसडीएम एवं तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
किसानों का आरोप है कि वर्ष 2025 की फसल बीमा राशि के नाम पर उन्हें मात्र 70 से 80 रुपये प्रति एकड़ का भुगतान किया गया, जो वास्तविक नुकसान की तुलना में बेहद कम है। किसानों ने बताया कि इस संबंध में वे पहले 22 जुलाई 2026 को रहटगांव तहसील तथा 23 जुलाई 2026 को हरदा में कलेक्टर एवं कृषि विभाग को भी आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ज्ञापन में किसानों ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि सोमवार, 3 अगस्त 2026 तक उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे मजबूर होकर धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
मौके पर एसडीएम ने तत्काल कृषि विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। किसानों के अनुसार, कृषि विभाग ने मामले के निराकरण के लिए सोमवार तक का समय मांगा है।
किसानों का कहना है कि हल्का नंबर 22 के किसान लगातार फसल बीमा योजना में उपेक्षा का शिकार होते रहे हैं। उनका आरोप है कि वर्ष 2019 में भी उन्हें बीमा राशि से वंचित रखा गया था और अब 2025 में भी वही स्थिति दोहराई गई है। किसानों का कहना है कि उन्हें मुआवजे की राशि तो मिल जाती है, लेकिन फसल बीमा का उचित भुगतान नहीं किया जाता, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है।
    user_संदीप अग्रवाल Agrawal
    संदीप अग्रवाल Agrawal
    Journalist हरदा, हरदा, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • जामिया खुर्द से जमुनिया कला के बीच पर पुलिया के ऊपर से पानी
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    जामिया खुर्द से जमुनिया कला के बीच पर पुलिया के ऊपर से पानी
    user_Atmaram Yadav
    Atmaram Yadav
    Farmer खलवा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
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