किसानों ने बीमा राशि में गड़बड़ी को लेकर फिर सौंपा ज्ञापन, समाधान नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी किसानों ने बीमा राशि में गड़बड़ी को लेकर फिर सौंपा ज्ञापन, समाधान नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी हरदा/रहटगांव- हल्का नंबर 22 अंतर्गत ग्राम नजरपुरा, उमरधा और मोहनपुर के किसानों ने वर्ष 2025 की फसल बीमा राशि में कथित गड़बड़ी को लेकर एक बार फिर रहटगांव तहसील मुख्यालय पहुंचकर एसडीएम एवं तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। किसानों का आरोप है कि वर्ष 2025 की फसल बीमा राशि के नाम पर उन्हें मात्र 70 से 80 रुपये प्रति एकड़ का भुगतान किया गया, जो वास्तविक नुकसान की तुलना में बेहद कम है। किसानों ने बताया कि इस संबंध में वे पहले 22 जुलाई 2026 को रहटगांव तहसील तथा 23 जुलाई 2026 को हरदा में कलेक्टर एवं कृषि विभाग को भी आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ज्ञापन में किसानों ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि सोमवार, 3 अगस्त 2026 तक उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे मजबूर होकर धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। मौके पर एसडीएम ने तत्काल कृषि विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। किसानों के अनुसार, कृषि विभाग ने मामले के निराकरण के लिए सोमवार तक का समय मांगा है। किसानों का कहना है कि हल्का नंबर 22 के किसान लगातार फसल बीमा योजना में उपेक्षा का शिकार होते रहे हैं। उनका आरोप है कि वर्ष 2019 में भी उन्हें बीमा राशि से वंचित रखा गया था और अब 2025 में भी वही स्थिति दोहराई गई है। किसानों का कहना है कि उन्हें मुआवजे की राशि तो मिल जाती है, लेकिन फसल बीमा का उचित भुगतान नहीं किया जाता, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है।
किसानों ने बीमा राशि में गड़बड़ी को लेकर फिर सौंपा ज्ञापन, समाधान नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी किसानों ने बीमा राशि में गड़बड़ी को लेकर फिर सौंपा ज्ञापन, समाधान नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी हरदा/रहटगांव- हल्का नंबर 22 अंतर्गत ग्राम नजरपुरा, उमरधा और मोहनपुर के किसानों ने वर्ष 2025 की फसल बीमा राशि में कथित गड़बड़ी को लेकर एक बार फिर रहटगांव तहसील मुख्यालय पहुंचकर एसडीएम एवं तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। किसानों का आरोप है कि वर्ष 2025 की फसल बीमा राशि के नाम पर उन्हें मात्र 70 से 80 रुपये प्रति एकड़ का
भुगतान किया गया, जो वास्तविक नुकसान की तुलना में बेहद कम है। किसानों ने बताया कि इस संबंध में वे पहले 22 जुलाई 2026 को रहटगांव तहसील तथा 23 जुलाई 2026 को हरदा में कलेक्टर एवं कृषि विभाग को भी आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ज्ञापन में किसानों ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि सोमवार, 3 अगस्त 2026 तक उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे मजबूर होकर धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। मौके पर एसडीएम ने तत्काल कृषि विभाग के अधिकारियों
से चर्चा की। किसानों के अनुसार, कृषि विभाग ने मामले के निराकरण के लिए सोमवार तक का समय मांगा है। किसानों का कहना है कि हल्का नंबर 22 के किसान लगातार फसल बीमा योजना में उपेक्षा का शिकार होते रहे हैं। उनका आरोप है कि वर्ष 2019 में भी उन्हें बीमा राशि से वंचित रखा गया था और अब 2025 में भी वही स्थिति दोहराई गई है। किसानों का कहना है कि उन्हें मुआवजे की राशि तो मिल जाती है, लेकिन फसल बीमा का उचित भुगतान नहीं किया जाता, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है।
- किसानों ने बीमा राशि में गड़बड़ी को लेकर फिर सौंपा ज्ञापन, समाधान नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी किसानों ने बीमा राशि में गड़बड़ी को लेकर फिर सौंपा ज्ञापन, समाधान नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी हरदा/रहटगांव- हल्का नंबर 22 अंतर्गत ग्राम नजरपुरा, उमरधा और मोहनपुर के किसानों ने वर्ष 2025 की फसल बीमा राशि में कथित गड़बड़ी को लेकर एक बार फिर रहटगांव तहसील मुख्यालय पहुंचकर एसडीएम एवं तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। किसानों का आरोप है कि वर्ष 2025 की फसल बीमा राशि के नाम पर उन्हें मात्र 70 से 80 रुपये प्रति एकड़ का भुगतान किया गया, जो वास्तविक नुकसान की तुलना में बेहद कम है। किसानों ने बताया कि इस संबंध में वे पहले 22 जुलाई 2026 को रहटगांव तहसील तथा 23 जुलाई 2026 को हरदा में कलेक्टर एवं कृषि विभाग को भी आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ज्ञापन में किसानों ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि सोमवार, 3 अगस्त 2026 तक उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे मजबूर होकर धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। मौके पर एसडीएम ने तत्काल कृषि विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। किसानों के अनुसार, कृषि विभाग ने मामले के निराकरण के लिए सोमवार तक का समय मांगा है। किसानों का कहना है कि हल्का नंबर 22 के किसान लगातार फसल बीमा योजना में उपेक्षा का शिकार होते रहे हैं। उनका आरोप है कि वर्ष 2019 में भी उन्हें बीमा राशि से वंचित रखा गया था और अब 2025 में भी वही स्थिति दोहराई गई है। किसानों का कहना है कि उन्हें मुआवजे की राशि तो मिल जाती है, लेकिन फसल बीमा का उचित भुगतान नहीं किया जाता, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है।3
- खातेगांव के बरवाई खेड़ा टोल टैक्स के कर्मचारियों ने गौ माता के बछड़े को डंडे से मार-मारकर की हत्या,गो रक्षकों ने इंदौर बैतूल नेशनल हाईवे किया जाम..1
- अत्यधिक वर्षा के कारण 1 अगस्त को स्कूलों में अवकाश घोषित खंडवा 31 जुलाई 2026, खंडवा जिले में हुई अत्यधिक वर्षा के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रभारी कलेक्टर डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने 1 अगस्त शनिवार को जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों में एक दिवस का अवकाश घोषित करने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय एवं अन्य सभी विद्यालयों पर लागू रहेगा। अत्यधिक वर्षा के कारण 1 अगस्त को स्कूलों में अवकाश घोषित खंडवा 31 जुलाई 2026, खंडवा जिले में हुई अत्यधिक वर्षा के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रभारी कलेक्टर डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने 1 अगस्त शनिवार को जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों में एक दिवस का अवकाश घोषित करने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय एवं अन्य सभी विद्यालयों पर लागू रहेगा।1
- मूंग खरीदी पर सरकार ने किया वादाखिलाफी, किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे: संतोष पटवारे मूंग खरीदी पर सरकार ने किया वादाखिलाफी, किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे: संतोष पटवारे मूंग खरीदी को लेकर हाल ही में हुए किसान आंदोलन के बाद भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पटवारे ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान सरकार और किसान नेताओं के बीच जो सहमति बनी थी, उसका पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे किसान स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। पटवारे ने बताया कि आंदोलन के दौरान सरकार पहले खरीदी को प्रतिशत के आधार पर तय करने की बात कर रही थी। उन्होंने कहा, "हमें प्रतिशत की गणना समझ में नहीं आती, इसलिए हमने प्रति एकड़ खरीदी की मांग रखी। हमारी मांग साढ़े तीन क्विंटल प्रति एकड़ थी, जबकि सरकार तीन क्विंटल प्रति एकड़ पर सहमत हो गई थी।" उन्होंने दावा किया कि पहली बैठक बिना अंतिम सहमति के समाप्त हो गई थी, लेकिन बाद में मंत्री ने स्वयं फोन कर दोबारा चर्चा के लिए बुलाया। दूसरी बैठक में मंत्री ने स्पष्ट रूप से तीन क्विंटल प्रति एकड़ मूंग खरीदी का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद वर्तमान में किसानों के जो बिल जारी हो रहे हैं, उनमें लगभग 7 क्विंटल 15 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की खरीदी दिखाई दे रही है, जबकि चर्चा 7.5 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के समतुल्य खरीदी को लेकर हुई थी। पटवारे ने कहा कि व्यवहारिक रूप से किसानों को इससे भी कम उपज का भुगतान मिलेगा, क्योंकि 50 किलो से कम की मात्रा का अलग बिल नहीं बनता। ऐसे में सरकार द्वारा किया गया आश्वासन पूरी तरह लागू होता दिखाई नहीं दे रहा है। खाद वितरण व्यवस्था पर भी उठाए सवाल संतोष पटवारे ने बताया कि आंदोलन की दूसरी प्रमुख मांग खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की परेशानी को देखते हुए 10 दिनों के लिए पोर्टल बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। अब किसान आधार कार्ड और बही की प्रति के आधार पर भी खाद प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नौ महीने पहले शुरू किए गए पोर्टल में अब तक आवश्यक सुधार नहीं हो पाए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि व्यवस्था में सुधार की गति बेहद धीमी है। उनका कहना था कि यदि तकनीकी व्यवस्था किसानों के हित में बनाई गई है तो उसका लाभ भी किसानों को समय पर मिलना चाहिए। बार-बार आंदोलन समाधान नहीं पटवारे ने कहा कि किसान बार-बार आंदोलन नहीं करना चाहते। सरकार और किसान संगठनों के बीच जो सहमति बनी है, उसका ईमानदारी से पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संगठन के वरिष्ठ नेतृत्व से भी चर्चा की जाएगी तथा क्षेत्र के सांसद और विधायकों से व्यवस्था में सुधार के लिए प्रभावी पहल करने का आग्रह किया जाएगा।1
- Gramin Vikas na hone ki samasya1
- महिलाओं को पुराने बर्तन के बदले नए बर्तन देकर करते थे गुमराह,सोना चांदी के आभूषणों की डिजाइन लेने के बहाने एवं तंत्र विद्या से दोगुना करने का लालच देकर करते थे धोखाधड़ी पुराने बर्तन बदलने के बहाने महिलाओं से गहनों की ठगी: नेमावर पुलिस ने पकड़ा अंतरराज्यीय ठग गिरोह; झारखंड-बिहार के 6 आरोपी गिरफ्तार,SSP ने किया कन्नौद मे प्रेस वार्ता में किया खुलासा कन्नौद/ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत लगे सीसीटीवी कैमरे ने एक बार फिर साबित की अपनी भूमिका, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हुई आरोपियों की पहचान, सोने चांदी के आभूषण कीमत करीब 3,50,000 रुपए व पीतल के बर्तन किया जप्त आरोपी महिलाओं को पुराने बर्तन के बदले नए बर्तन देकर करते थे गुमराह,सोना चांदी के आभूषणों की डिजाइन लेने के बहाने एवं तंत्र विद्या से दोगुना करने का लालच देकर करते थे धोखाधड़ी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण कन्नौद सौम्या जैन ने शुक्रवार दोपहर 2:00 बजे अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक कार्यालय कन्नौद में प्रेस वार्ता आयोजित कर घटना का खुलासा करते हुए बताया कि घटना दिनांक 13 जुलाई 2026 को फरियादी रेखा पति अनुराग चौरसिया निवासी वार्ड क्रमांक 5 नेमावर एवं दिनांक 22 जुलाई 2026 को फरियादी शंभू सिंह तोमर निवासी ग्राम पिपलिया नानकार ने नेमावर पुलिस थाने पर रिपोर्ट की थी कि अज्ञात महिलाओं ने सोने व चांदी की रकम की डिजाइन लेने के बदले पैसे देने के बहाने हमारे साथ धोखाधड़ी की गई है रिपोर्ट पर से पृथक पृथक अपराध नेमावर थाने में दर्ज किया गया घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत के द्वारा धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया गया जिस पर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण कन्नौद श्रीमती सोम्या जैन एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कन्नौद आदित्य तिवारी के मार्गदर्शन में नेमावर थाना प्रभारी टीना शुक्ला के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई पुलिस टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्य भौतिक साक्ष्य एवं मुखबिर तंत्र सक्रिय कर घटना के आसपास की सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए जिसके आधार पर झारखंड बिहार के तीन महिलाओं, तीन पुरुषों को दमोह स्थित डेरा से गिरफ्तार कर पूछताछ की गई पूछताछ में बताया गया कि आरोपी महिलाओं को पुराने बर्तन के बदले नए बर्तन देकर महिलाओं का भरोसा जीतते थे तथा सोना चांदी के आभूषणों की डिजाइन लेने एवं आभूषणों को तंत्र मंत्र के जरिए दुगना करने का लालच देकर धोखाधड़ी करते थे आरोपियों से अपराध में धोखाधड़ी कर प्राप्त मश्रुका बरामद किया1
- सुहागपुर के प्राचीन मंदिर में शिवलिंग से लिपटे साक्षात नागराज! 🐍✨ पुजारी माखन पंडित जी और मंदिर में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़ ने देखे अद्भुत दर्शन। पर असली भक्ति तो तब दिखी जब सर्प मित्र अबरार खान ने नागराज को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगलों में छोड़ा। आस्था, इंसानियत और जीव दया का यह अनूठा संगम! 🙏❤️ पूरी खबर के लिए 'इटारसी अपडेट' देखें। Hashtags: Trending & Local: #ItarsiUpdate #Soaghtpur #SohagpurNews #Hoshangabad #Narmadapuram #MPNews #ItarsiNews Aastha & Bhakti: #Mahadev #Shivling #Bholenath #HarHarMahadev #NaagDevta #ShivBhakti #SawanSpecial #Mandir #Aastha #Chamatkar Viral & Rescue: #SnakeRescue #AbrarKhan #SnakeLover #HumanityFirst #ViralReels #TrendingReels #ReelsIndia #JeevDaya #SocialMediaViral #ShivSmVaisnav सुहागपुर के प्राचीन मंदिर में शिवलिंग से लिपटे साक्षात नागराज! 🐍✨ पुजारी माखन पंडित जी और मंदिर में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़ ने देखे अद्भुत दर्शन। पर असली भक्ति तो तब दिखी जब सर्प मित्र अबरार खान ने नागराज को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगलों में छोड़ा। आस्था, इंसानियत और जीव दया का यह अनूठा संगम! 🙏❤️ पूरी खबर के लिए 'इटारसी अपडेट' देखें। Hashtags: Trending & Local: #ItarsiUpdate #Soaghtpur #SohagpurNews #Hoshangabad #Narmadapuram #MPNews #ItarsiNews Aastha & Bhakti: #Mahadev #Shivling #Bholenath #HarHarMahadev #NaagDevta #ShivBhakti #SawanSpecial #Mandir #Aastha #Chamatkar Viral & Rescue: #SnakeRescue #AbrarKhan #SnakeLover #HumanityFirst #ViralReels #TrendingReels #ReelsIndia #JeevDaya #SocialMediaViral #ShivSmVaisnav1
- एकलव्य विद्यालय की बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए, तिनका संस्था ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया एकलव्य विद्यालय की बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए, तिनका संस्था ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया हरदा/रहटगांव- एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, रहटगांव में कक्षा 6 से 12वीं तक की छात्राओं एवं महिला स्टॉफ के लिए तिनका सामाजिक संस्था एवं जिला कराटे संघ के संयुक्त तत्वावधान में निःशुल्क एक दिवसीय आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। दो घंटे तक चले इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बालिकाओं एवं महिलाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक कौशल सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी एवं सजग बनाना था। यह प्रशिक्षण वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से आयोजित किया गया। बालिकाओं की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता एवं महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में इस विशेष प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण संस्था के प्रशिक्षकों द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं एवं महिला स्टाफ को हाथ पकड़ने, पीछे से पकड़ने, बाल खींचने, धक्का देने तथा अन्य आपात परिस्थितियों से सुरक्षित निकलने की प्रभावी आत्मरक्षा तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण की विशेषता यह रही कि प्रतिभागियों को केवल पारंपरिक आत्मरक्षा तकनीकों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि यह भी सिखाया गया कि आपातकालीन परिस्थितियों में रोजमर्रा की उपयोगी वस्तुओं का अपनी सुरक्षा के लिए प्रभावी ढंग से उपयोग कैसे किया जा सकता है। प्रशिक्षण में पानी की बोतल, पेन, किताब, नोटबुक, घड़ी, हेयर क्लिप, चाबी के गुच्छे तथा अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं का सुरक्षा के साधन के रूप में सुरक्षित एवं व्यवहारिक उपयोग समझाया गया। साथ ही संकट की स्थिति में बिना घबराए त्वरित निर्णय लेने, आत्मविश्वास बनाए रखने तथा उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर स्वयं को सुरक्षित रखने के उपाय भी बताए गए। संस्था की ओर से बताया गया कि यह दो घंटे का विशेष आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम बालिकाओं एवं महिलाओं को जीवनभर के लिए आत्मविश्वासी और सजग बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। संस्था अब तक 94,423 बालिकाओं, महिलाओं एवं बच्चों को आत्मरक्षा एवं कराटे का प्रशिक्षण प्रदान कर चुकी है। विद्यालयों, महाविद्यालयों, छात्रावासों, महिला स्टाफ, कॉर्पोरेट संस्थानों तथा अन्य संस्थाओं में यह प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है, ताकि अधिक से अधिक बालिकाएँ और महिलाएँ स्वयं की सुरक्षा करने में सक्षम बन सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, महिला स्टाफ एवं छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्था के स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने तिनका सामाजिक संस्था एवं कराटे प्रशिक्षण दल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में प्रत्येक बालिका के लिए आत्मरक्षा का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के प्रशिक्षण न केवल आत्मविश्वास और साहस का विकास करते हैं, बल्कि किसी भी विषम परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा करने की क्षमता भी विकसित करते हैं। विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी ऐसे निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।4