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खातेगांव के बरवाई खेड़ा टोल टैक्स के कर्मचारियों ने गौ माता के बछड़े को डंडे से मार-मारकर की हत्या,गो रक्षकों ने इंदौर बैतूल नेशनल हाईवे किया जाम..
Dharmendra Yogi
खातेगांव के बरवाई खेड़ा टोल टैक्स के कर्मचारियों ने गौ माता के बछड़े को डंडे से मार-मारकर की हत्या,गो रक्षकों ने इंदौर बैतूल नेशनल हाईवे किया जाम..
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- खातेगांव के बरवाई खेड़ा टोल टैक्स के कर्मचारियों ने गौ माता के बछड़े को डंडे से मार-मारकर की हत्या,गो रक्षकों ने इंदौर बैतूल नेशनल हाईवे किया जाम..1
- ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन के लिए अंतिम तिथि बढ़ाकर 20 अगस्त 2026 निर्धारित की गई ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन 20 अगस्त तक, किसान भाई 10 अगस्त तक करा सकेंगे स्लॉट बुकिंग अब कृषक मूंग के कुल उत्पादन का 60 प्रतिशत तक कर सकेंगे विक्रय ---------- देवास, 30 जुलाई 2026/ भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम अंतर्गत ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन के लिए अंतिम तिथि बढ़ाकर 20 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। राज्य शासन द्वारा कृषकों के हित में लिए गए निर्णय के अनुक्रम में मूंग का उपार्जन कृषकों के कुल उत्पादन का 60 प्रतिशत तक किया गया है, जो कि पहले उत्पादन का 25 प्रतिशत था। फसल विक्रय के लिए स्लॉट बुक करने की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। उप संचालक कृषि श्री ज्ञानसिंह मोहनिया ने कृषकों से अपील की है कि पंजीकृत किसान भाई अपनी मूंग फसल का विक्रय करने के लिए 10 अगस्त 2026 तक स्लॉट बुकिंग कराकर योजना का लाभ लेवें।1
- एकलव्य विद्यालय की बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए, तिनका संस्था ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया एकलव्य विद्यालय की बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए, तिनका संस्था ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया हरदा/रहटगांव- एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, रहटगांव में कक्षा 6 से 12वीं तक की छात्राओं एवं महिला स्टॉफ के लिए तिनका सामाजिक संस्था एवं जिला कराटे संघ के संयुक्त तत्वावधान में निःशुल्क एक दिवसीय आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। दो घंटे तक चले इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बालिकाओं एवं महिलाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक कौशल सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी एवं सजग बनाना था। यह प्रशिक्षण वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से आयोजित किया गया। बालिकाओं की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता एवं महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में इस विशेष प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण संस्था के प्रशिक्षकों द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं एवं महिला स्टाफ को हाथ पकड़ने, पीछे से पकड़ने, बाल खींचने, धक्का देने तथा अन्य आपात परिस्थितियों से सुरक्षित निकलने की प्रभावी आत्मरक्षा तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण की विशेषता यह रही कि प्रतिभागियों को केवल पारंपरिक आत्मरक्षा तकनीकों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि यह भी सिखाया गया कि आपातकालीन परिस्थितियों में रोजमर्रा की उपयोगी वस्तुओं का अपनी सुरक्षा के लिए प्रभावी ढंग से उपयोग कैसे किया जा सकता है। प्रशिक्षण में पानी की बोतल, पेन, किताब, नोटबुक, घड़ी, हेयर क्लिप, चाबी के गुच्छे तथा अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं का सुरक्षा के साधन के रूप में सुरक्षित एवं व्यवहारिक उपयोग समझाया गया। साथ ही संकट की स्थिति में बिना घबराए त्वरित निर्णय लेने, आत्मविश्वास बनाए रखने तथा उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर स्वयं को सुरक्षित रखने के उपाय भी बताए गए। संस्था की ओर से बताया गया कि यह दो घंटे का विशेष आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम बालिकाओं एवं महिलाओं को जीवनभर के लिए आत्मविश्वासी और सजग बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। संस्था अब तक 94,423 बालिकाओं, महिलाओं एवं बच्चों को आत्मरक्षा एवं कराटे का प्रशिक्षण प्रदान कर चुकी है। विद्यालयों, महाविद्यालयों, छात्रावासों, महिला स्टाफ, कॉर्पोरेट संस्थानों तथा अन्य संस्थाओं में यह प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है, ताकि अधिक से अधिक बालिकाएँ और महिलाएँ स्वयं की सुरक्षा करने में सक्षम बन सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, महिला स्टाफ एवं छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्था के स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने तिनका सामाजिक संस्था एवं कराटे प्रशिक्षण दल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में प्रत्येक बालिका के लिए आत्मरक्षा का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के प्रशिक्षण न केवल आत्मविश्वास और साहस का विकास करते हैं, बल्कि किसी भी विषम परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा करने की क्षमता भी विकसित करते हैं। विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी ऐसे निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।4
- खंडवा से भाजपा विधायक कंचन मुकेश तनवे ने गुरु पूर्णिमा उत्सव और पवित्र धार्मिक आयोजनों के दौरान श्री दादाजी धूनीवाले दरबार पहुंचकर छोटे दादाजी महाराज और बड़े दादाजी महाराज की पावन समाधि के दर्शन किए, उनका स्वागत-वंदन किया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए आशीर्वा खंडवा से भाजपा विधायक कंचन मुकेश तनवे ने गुरु पूर्णिमा उत्सव और पवित्र धार्मिक आयोजनों के दौरान श्री दादाजी धूनीवाले दरबार पहुंचकर छोटे दादाजी महाराज और बड़े दादाजी महाराज की पावन समाधि के दर्शन किए, उनका स्वागत-वंदन किया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए आशीवार्ड लिया1
- Gramin Vikas na hone ki samasya1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पर्यावास भवन का हाल भोपाल के एक सरकारी कार्यालय परिसर में बड़ी मात्रा में शराब की खाली बोतलें मिलने से गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां रात के समय नियमित रूप से शराबखोरी होती है। यदि यह सत्य है, तो यह न केवल सरकारी नियमों और कार्यालय की गरिमा के विरुद्ध है, बल्कि जनता के विश्वास को भी ठेस पहुंचाता है। एक ओर मध्य प्रदेश सरकार प्रदेशभर में नशामुक्ति अभियान चलाकर लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर यदि सरकारी कार्यालयों में ही ऐसे कृत्य हो रहे हैं, तो यह दोहरे मानदंड का उदाहरण प्रतीत होता है। प्रशासन को इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि सरकारी कार्यालयों की गरिमा बनी रहे और कानून का समान रूप से पालन सुनिश्चित हो। न्यूज कोलार की धड़कन जनहित में जारी मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पर्यावास भवन का हाल भोपाल के एक सरकारी कार्यालय परिसर में बड़ी मात्रा में शराब की खाली बोतलें मिलने से गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां रात के समय नियमित रूप से शराबखोरी होती है। यदि यह सत्य है, तो यह न केवल सरकारी नियमों और कार्यालय की गरिमा के विरुद्ध है, बल्कि जनता के विश्वास को भी ठेस पहुंचाता है। एक ओर मध्य प्रदेश सरकार प्रदेशभर में नशामुक्ति अभियान चलाकर लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर यदि सरकारी कार्यालयों में ही ऐसे कृत्य हो रहे हैं, तो यह दोहरे मानदंड का उदाहरण प्रतीत होता है। प्रशासन को इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि सरकारी कार्यालयों की गरिमा बनी रहे और कानून का समान रूप से पालन सुनिश्चित हो। न्यूज कोलार की धड़कन जनहित में जारी1
- पुलिस के अनुसार, बाउंड ओवर अवधि के दौरान यदि संबंधित व्यक्ति दोबारा शांति भंग करता है तो उसे बाउंड राशि जमा करनी होगी, अन्यथा जेल भेजा जाएगा। देवास पुलिस का ‘ऑपरेशन पवित्र’ जारी, 20 आदतन अपराधी ₹9.10 लाख से बाउंड ओवर देवास पुलिस ने “ऑपरेशन पवित्र” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए आपराधिक इतिहास रखने वाले 20 आदतन अपराधियों को कुल ₹9.10 लाख की राशि से फाइनल बाउंड ओवर कराया है। यह कार्रवाई हाटपीपल्या, सतवास और कन्नौद थाना पुलिस द्वारा बीएनएसएस के प्रावधानों के तहत की गई। जिला पुलिस अधिक्षक कार्यालय से बताया कि ऑपरेशन पवित्र” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए आपराधिक इतिहास रखने वाले 20 आदतन अपराधियों को कुल ₹9.10 लाख की राशि से फाइनल बाउंड ओवर कराया है पुलिस के अनुसार, बाउंड ओवर अवधि के दौरान यदि संबंधित व्यक्ति दोबारा शांति भंग करता है तो उसे बाउंड राशि जमा करनी होगी, अन्यथा जेल भेजा जाएगा। कार्रवाई के तहत: * हाटपीपल्या थाना के 7 आरोपियों को 6 माह के लिए ₹50-50 हजार के बाउंड पर रखा गया। * सतवास थाना के 1 आरोपी को 6 माह के लिए ₹10 हजार से बाउंड ओवर किया गया। * कन्नौद थाना के 10 आरोपियों को 1 वर्ष के लिए कुल ₹4.50 लाख की राशि से बाउंड ओवर कराया गया। पुलिस का कहना है कि इन व्यक्तियों पर आए दिन मारपीट, झगड़ा और शांति भंग करने के आरोप रहे हैं। ऑपरेशन का उद्देश्य जिले में आदतन अपराधियों पर अंकुश लगाकर आमजन में सुरक्षा का माहौल बनाना है। अब तक का आंकड़ा: 1 नवंबर 2024 से शुरू हुए ‘ऑपरेशन पवित्र’ के तहत अब तक 10,230 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई कर उन्हें कुल ₹60.65 करोड़ से अधिक की राशि से फाइनल बाउंड ओवर कराया जा चुका है।1
- किसानों के आंदोलन से भोपाल थमा, सरकार ने मानी प्रमुख मांगें राजधानी भोपाल में किसानों के बड़े आंदोलन ने पूरे शहर की रफ्तार रोक दी। हजारों किसान बैरिकेड्स पार करते हुए मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़े, जिससे कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी। किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। देर रात तक चली बातचीत के बाद सरकार ने किसानों की कई प्रमुख मांगों पर सहमति जताई। इसके बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई। प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। कई स्थानों पर पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की भी देखने को मिली, हालांकि स्थिति बाद में नियंत्रण में आ गई।2