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दिल्ली में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के बाद आगरा में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। ताजगंज थाना क्षेत्र में फतेहाबाद रोड स्थित सपा कार्यालय के पास कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए हैं और जोरदार नारेबाजी करते हुए मुख्य मार्ग को जाम कर दिया है। रोड जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई है। पुलिस प्रशासन की टीम सड़क पर डटे सपा कार्यकर्ताओं को समझाने-बुझाने और स्थिति को शांत कराने के प्रयास में जुटी हुई है।
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दिल्ली में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के बाद आगरा में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। ताजगंज थाना क्षेत्र में फतेहाबाद रोड स्थित सपा कार्यालय के पास कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए हैं और जोरदार नारेबाजी करते हुए मुख्य मार्ग को जाम कर दिया है। रोड जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई है। पुलिस प्रशासन की टीम सड़क पर डटे सपा कार्यकर्ताओं को समझाने-बुझाने और स्थिति को शांत कराने के प्रयास में जुटी हुई है।
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- दिल्ली में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के बाद आगरा में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। ताजगंज थाना क्षेत्र में फतेहाबाद रोड स्थित सपा कार्यालय के पास कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए हैं और जोरदार नारेबाजी करते हुए मुख्य मार्ग को जाम कर दिया है। रोड जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई है। पुलिस प्रशासन की टीम सड़क पर डटे सपा कार्यकर्ताओं को समझाने-बुझाने और स्थिति को शांत कराने के प्रयास में जुटी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट कूच कर रहे भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई है। किसान नेता बमरौली कटरा से कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन रमाडा होटल के पास पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक लिया। पुलिस द्वारा रोके जाने के दौरान किसानों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिसके बाद किसानों ने मौके पर ही सड़क पर बैठकर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी किसान मौके पर जिलाधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। आंदोलन को देखते हुए घटनास्थल पर प्रशासनिक अधिकारी और भारी पुलिस बल मौजूद है। इस प्रदर्शन के कारण पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इस घटनाक्रम को लेकर आगरा किसान यूनियन के राजवीर लवानियाँ का बयान भी सामने आया है।1
- फिरोजाबाद में अखिलेश को हिरासत में लिए जाने के बाद सपा ने मोर्चा खोल दिया है। इस कार्रवाई के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने फिरोजाबाद के गांधी पार्क पर एकत्र होकर जोरदार हल्ला बोल किया और जमकर गरजे।1
- जसवंतनगर के ग्राम दुर्गापुरा में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट हो गई, जिसमें सावित्री देवी घायल हो गईं। ग्राम दुर्गापुरा निवासी सावित्री देवी (पत्नी रामशंकर) ने अपनी देवरानी और उनके पुत्र पर जमीन के विवाद को लेकर उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। इस घटना में घायल होने के बाद महिला ने थाना पुलिस से इस मामले की शिकायत की। शिकायत की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल सावित्री देवी को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार दिए जाने के बाद उनकी हालत सामान्य बताई गई है। फिलहाल, पुलिस ने पीड़िता की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- आगरा के थाना सदर बाजार पुलिस ने मोबाइल छिनैती की वारदात को अंजाम देने वाले तीन अभियुक्तों को महज 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस टीम ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से वारदात से संबंधित एक मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल बरामद की है। इस मामले में पीड़ित ने 20 जुलाई 2026 को थाना सदर बाजार में सूचना दी थी कि 19 जुलाई 2026 को जब वह ईदगाह चौराहे पर अपने ऑटो से सवारियां उतारकर मोबाइल चला रहा था, तभी बाइक सवार लड़के उसका मोबाइल छीनकर भाग गए। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 456/2026 धारा 304(2) बीएनएस के तहत मामला पंजीकृत किया था। इसके बाद आरोपियों की धरपकड़ के लिए गठित की गई पुलिस टीम ने 20 जुलाई 2026 को मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों अभियुक्तों अंशु, कृष और प्रिंस को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से बरामदगी सुनिश्चित की।1
- चंबल के चर्चित पूर्व दस्यू सम्राट पंचम सिंह का निधन हो गया है। 'चंबल के डॉन' के नाम से जाने जाने वाले पंचम सिंह ने भिंड जिले के लहर स्थित एक गौशाला में अपनी अंतिम सांस ली। 1960 के दशक में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बीहड़ों में 12 वर्षों तक सक्रिय रहे पंचम सिंह पर 100 से अधिक हत्याओं और कई अन्य संगीन अपराधों के मामले दर्ज थे। अपने जीवन के उत्तरार्ध में बंदूक छोड़कर आध्यात्मिकता और गौ सेवा का मार्ग अपनाने वाले पंचम सिंह के निधन से चंबल के इतिहास का एक प्रमुख अध्याय समाप्त हो गया है।1