चित्तौड़गढ़ जिले के चिकारड़ा क्षेत्र में बुधवार सुबह तेज धूप और उमस से लोग परेशान रहे, लेकिन दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। आसमान में घने बादल छा गए और मेघ गर्जना के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिसने करीब पांच से दस मिनट तक क्षेत्र के मौसम को सुहाना बना दिया। ठंडी हवाओं के चलने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, हालांकि वातावरण में नमी और चिपचिपाहट बनी रही। सुरक्षा के मद्देनजर, विद्युत विभाग ने बारिश के दौरान कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बंद रखी। मानसून की आहट के साथ ही किसान खरीफ फसलों की तैयारी में जुट गए हैं। बड़ी संख्या में किसान बीज और खाद खरीदने के लिए बाजारों में पहुंचे, लेकिन स्थानीय स्तर पर खाद की कमी के कारण उन्हें चिकारड़ा से निकुम्भ तक जाकर खाद खरीदनी पड़ रही है। इससे किसानों में नाराजगी और चिंता है। इस बारिश को उन किसानों के लिए संजीवनी माना जा रहा है जिन्होंने पहले हुई वर्षा के भरोसे बुवाई कर दी थी। किसानों को उम्मीद है कि यदि आने वाले दिनों में नियमित बारिश होती रही तो खरीफ फसलों की अच्छी पैदावार होगी।
चित्तौड़गढ़ जिले के चिकारड़ा क्षेत्र में बुधवार सुबह तेज धूप और उमस से लोग परेशान रहे, लेकिन दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। आसमान में घने बादल छा गए और मेघ गर्जना के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिसने करीब पांच से दस मिनट तक क्षेत्र के मौसम को सुहाना बना दिया। ठंडी हवाओं के चलने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, हालांकि वातावरण में नमी और चिपचिपाहट बनी रही। सुरक्षा के मद्देनजर, विद्युत विभाग ने बारिश के दौरान कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बंद रखी। मानसून की आहट के
साथ ही किसान खरीफ फसलों की तैयारी में जुट गए हैं। बड़ी संख्या में किसान बीज और खाद खरीदने के लिए बाजारों में पहुंचे, लेकिन स्थानीय स्तर पर खाद की कमी के कारण उन्हें चिकारड़ा से निकुम्भ तक जाकर खाद खरीदनी पड़ रही है। इससे किसानों में नाराजगी और चिंता है। इस बारिश को उन किसानों के लिए संजीवनी माना जा रहा है जिन्होंने पहले हुई वर्षा के भरोसे बुवाई कर दी थी। किसानों को उम्मीद है कि यदि आने वाले दिनों में नियमित बारिश होती रही तो खरीफ फसलों की अच्छी पैदावार होगी।
- चित्तौड़गढ़ जिले के चिकारड़ा क्षेत्र में बुधवार सुबह तेज धूप और उमस से लोग परेशान रहे, लेकिन दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। आसमान में घने बादल छा गए और मेघ गर्जना के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिसने करीब पांच से दस मिनट तक क्षेत्र के मौसम को सुहाना बना दिया। ठंडी हवाओं के चलने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, हालांकि वातावरण में नमी और चिपचिपाहट बनी रही। सुरक्षा के मद्देनजर, विद्युत विभाग ने बारिश के दौरान कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बंद रखी। मानसून की आहट के साथ ही किसान खरीफ फसलों की तैयारी में जुट गए हैं। बड़ी संख्या में किसान बीज और खाद खरीदने के लिए बाजारों में पहुंचे, लेकिन स्थानीय स्तर पर खाद की कमी के कारण उन्हें चिकारड़ा से निकुम्भ तक जाकर खाद खरीदनी पड़ रही है। इससे किसानों में नाराजगी और चिंता है। इस बारिश को उन किसानों के लिए संजीवनी माना जा रहा है जिन्होंने पहले हुई वर्षा के भरोसे बुवाई कर दी थी। किसानों को उम्मीद है कि यदि आने वाले दिनों में नियमित बारिश होती रही तो खरीफ फसलों की अच्छी पैदावार होगी।2
- प्रतापगढ़ जिले के सुराजीखेड़ा में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान विधायक थावरचंद डामोर ने मंदिर के विकास के लिए ₹5 लाख की राशि देने की घोषणा की है। यह घोषणा कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के सामने की गई।1
- चित्तौड़गढ़ में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन त्रिनेत्र" के तहत सदर निम्बाहेड़ा पुलिस थाना और जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने संयुक्त कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में 287 किलो 720 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया, जिसे नर्सरी के पौधों की आड़ में छिपाकर तस्करी किया जा रहा था। पुलिस ने इस दौरान तस्करी में इस्तेमाल किए गए टाटा ट्रक को जब्त कर एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि महानिरीक्षक पुलिस उदयपुर रेंज उदयपुर गौरव श्रीवास्तव द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई एएसपी मुकुल शर्मा के मार्गदर्शन और डीएसपी निंबाहेड़ा बद्रीलाल के सुपरविजन में की गई। थानाधिकारी संजय शर्मा द्वारा गठित टीम, जिसमें एसआई सुरेश चंद मय जाप्ता और जिला विशेष टीम के प्रभारी हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार मय जाप्ता शामिल थे, ने थाने के सामने हाईवे रोड पर नाकाबंदी के दौरान यह सफलता हासिल की। पुलिस ने मौके से ट्रक चालक शिवराज पिता भैरूलाल जाट, निवासी रूपाहेली, थाना सदर भीलवाड़ा, जिला भीलवाड़ा को गिरफ्तार किया है। अब पुलिस गांजा की तस्करी से जुड़े पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने में जुटी हुई है।1
- अनेक मामलों में अवैध संबंध वैवाहिक विश्वास के टूटने और पारिवारिक विघटन का एक बड़ा कारण बन रहे हैं। यह स्थिति कई बार इतनी गंभीर हो जाती है कि आत्महत्या, हिंसा या हत्या जैसी दुखद परिस्थितियां सामने आती हैं, जिसमें एक पति की मौत की वजह भी अवैध संबंध बन चुके हैं। संदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि पति-पत्नी साथ नहीं रहना चाहते, तो उनके पास कानून के अनुसार शांतिपूर्ण और सम्मानजनक तरीके से अलग होने का विकल्प मौजूद है। इस बात पर जोर दिया गया है कि किसी भी परिस्थिति में छल, हिंसा या अपराध का रास्ता स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। परिवार संस्था की सुरक्षा, बच्चों के हितों और वैवाहिक विश्वास को बनाए रखने के लिए वर्तमान कानूनी व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की आवश्यकता बताई गई है। इसके साथ ही, संतुलित और न्यायसंगत प्रावधानों पर विचार करने की मांग की गई है।1
- दिल्ली हाईकोर्ट ने टेलीग्राम से जुड़े एक मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसके तहत 22 जून तक टेलीग्राम पर रोक लगी हुई है। इस बीच, हेलो चित्तौड़गढ़ न्यूज़ के संपादक का व्हाट्सएप 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है।1
- पुर्तगाल ने अपने फीफा वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत कर दी है, जिससे प्रशंसकों की उम्मीदें आसमान छू रही हैं। फैन्स यह जानने को उत्सुक हैं कि क्या इस बार पुर्तगाल इतिहास रच पाएगा। इस उत्साह के बीच, दर्शकों को वीडियो देखकर अपनी राय साझा करने और रोज स्पोर्ट्स न्यूज़ के लिए सदस्यता लेने का भी आग्रह किया गया है।1
- एक महिला ने इंस्टाग्राम के ज़रिए संपर्क साध कर और नंबरों का आदान-प्रदान करके अपने पति की हत्या की योजना बनाई। इस घटना में महिला को 'खानदानी छिनार' के तौर पर संदर्भित किया गया है।1
- उदयपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दूध तलाई में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जहाँ 630 मीटर लंबी और लगभग 70 फीट ऊंची जिप लाइन पर सवार दो पर्यटक बीच रास्ते में फंस गए. बताया जा रहा है कि तेज हवा के बावजूद जिप लाइन का संचालन जारी रखा गया था, जिसके कारण पर्यटक हवा में ही अटक गए. करीब 8 मिनट तक दोनों पर्यटक इतनी ऊंचाई पर फंसे रहे और मदद के लिए आवाज लगाते रहे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. बाद में जिप लाइन संचालक की रेस्क्यू टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों पर्यटकों को सुरक्षित नीचे उतारा. इस घटना ने एडवेंचर गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे रोमांचक खेलों में मौसम संबंधी सावधानियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना आवश्यक माना जा रहा है.1