जन सुनवाई में फूटा किसानों का गुस्सा,NCL अधिकारियों को मंच से खदेड़ा, जान देंगे पर जमीन नहीं। *जनसुनवाई में फूटा किसानों का गुस्सा, NLC अधिकारियों को मंच से खदेड़ा* *“जान देंगे, जमीन नहीं देंगे” के नारों से गूंजा बालूमाथ; धाधू कोल ब्लॉक के विरोध में छह गांवों के ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन आर पी सिंह बालूमाथ। धाधू कोल ब्लॉक को लेकर गुरुवार, 27 अगस्त को आयोजित जनसुनवाई उस वक्त रणक्षेत्र में तब्दील हो गई, जब जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे धाधू, भैंसादोन, नावाडीह समेत छह गांवों के ग्रामीणों ने NLC के अधिकारियों के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया। बड़ी संख्या में जुटे ST, SC और OBC वर्ग के किसानों ने अधिकारियों को मंच तक पहुंचने से रोक दिया और विरोध के बीच उन्हें वहां से खदेड़ दिया। जनसुनवाई स्थल पर किसानों के हाथों में “जान देंगे, जमीन नहीं देंगे”, “जमीन मांगोगे तो चीर देंगे” और “NLC वापस जाओ” जैसे नारे लिखी तख्तियां थीं। ग्रामीणों के तीखे विरोध और नारेबाजी से पूरा इलाका गूंज उठा। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस को भी ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। किसानों का आरोप है कि उनकी उपजाऊ कृषि भूमि को जानबूझकर बंजर बताकर अधिग्रहण की साजिश रची जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन जमीनों पर वर्षों से खेती कर परिवार का भरण-पोषण किया जा रहा है, उन्हीं जमीनों को कोयला परियोजना के नाम पर छीनने की कोशिश की जा रही है। किसानों के अनुसार, एक सीजन में उनकी कृषि उपज से लाखों रुपये की आमदनी होती है और जमीन उनके लिए महज संपत्ति नहीं, बल्कि रोजगार, आजीविका और आने वाली पीढ़ियों का आधार है। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि विकास के नाम पर उनकी जमीन और आजीविका से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसानों के आक्रोश के कारण जनसुनवाई में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण से पहले वास्तविक स्थिति, जमीन की प्रकृति, किसानों की आजीविका और उनकी सहमति को गंभीरता से देखा जाए। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। धाधू कोल ब्लॉक को लेकर ग्रामीणों के इस उग्र तेवर ने प्रशासन और परियोजना प्रबंधन के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि स्थानीय किसानों की जमीन और सहमति के बिना परियोजना को आगे बढ़ाना कितना आसान होगा।
जन सुनवाई में फूटा किसानों का गुस्सा,NCL अधिकारियों को मंच से खदेड़ा, जान देंगे पर जमीन नहीं। *जनसुनवाई में फूटा किसानों का गुस्सा, NLC अधिकारियों को मंच से खदेड़ा* *“जान देंगे, जमीन नहीं देंगे” के नारों से गूंजा बालूमाथ; धाधू कोल ब्लॉक के विरोध में छह गांवों के ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन आर पी सिंह बालूमाथ। धाधू कोल ब्लॉक को लेकर गुरुवार, 27 अगस्त को आयोजित जनसुनवाई उस वक्त रणक्षेत्र में तब्दील हो गई, जब जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे धाधू, भैंसादोन, नावाडीह समेत छह गांवों के ग्रामीणों ने NLC के अधिकारियों के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया। बड़ी संख्या में जुटे ST, SC और OBC वर्ग के किसानों ने अधिकारियों को मंच तक पहुंचने से रोक दिया और विरोध के बीच उन्हें वहां से खदेड़ दिया। जनसुनवाई स्थल पर किसानों के हाथों में “जान देंगे, जमीन नहीं देंगे”, “जमीन मांगोगे तो चीर देंगे” और “NLC वापस जाओ” जैसे नारे लिखी तख्तियां थीं। ग्रामीणों के तीखे विरोध और नारेबाजी से पूरा इलाका गूंज उठा। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस को भी ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। किसानों का आरोप है कि उनकी उपजाऊ कृषि भूमि को जानबूझकर बंजर बताकर अधिग्रहण की साजिश रची जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन जमीनों पर वर्षों से खेती कर परिवार का भरण-पोषण किया जा रहा है, उन्हीं जमीनों को कोयला परियोजना के नाम पर छीनने की कोशिश की जा रही है। किसानों के अनुसार, एक सीजन में उनकी कृषि उपज से लाखों रुपये की आमदनी होती है और जमीन उनके लिए महज संपत्ति नहीं, बल्कि रोजगार, आजीविका और आने वाली पीढ़ियों का आधार है। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि विकास के नाम पर उनकी जमीन और आजीविका से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसानों के आक्रोश के कारण जनसुनवाई में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण से पहले वास्तविक स्थिति, जमीन की प्रकृति, किसानों की आजीविका और उनकी सहमति को गंभीरता से देखा जाए। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। धाधू कोल ब्लॉक को लेकर ग्रामीणों के इस उग्र तेवर ने प्रशासन और परियोजना प्रबंधन के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि स्थानीय किसानों की जमीन और सहमति के बिना परियोजना को आगे बढ़ाना कितना आसान होगा।
- लातेहार नगर पंचायत बेहराटांड़ वार्ड नंबर 7 दर्जनों आवेदन देने के बावजूद नहीं बन रहा सड़क।। लातेहार नगर पंचायत बेहराटांड़ वार्ड नंबर 7 दर्जनों आवेदन देने के बावजूद नहीं बन रहा सड़क।। ग्रामीण परेशान है करीब 5 साल से ऊपर हो गया कई आवेदन उपायुक्त व नगर पंचायत में जमा किया गया परंतु सड़क को अनदेखा किया गया , यहां के स्थानीय लोग का कहना है कि जल्द से जल्द सड़क बनाने की कृपा करें।।1
- जंगली हाथियों से प्रभावित 217 किसानों को मिला 29.55 लाख रुपये का मुआवजा चैनपुर। कुरूमगढ़ वन क्षेत्र अंतर्गत चैनपुर, जारी एवं डुमरी प्रखंड के दर्जनों गांवों में जंगली हाथियों द्वारा गरीब किसानों के घरों एवं फसलों को पहुंचाए गए नुकसान के एवज में वन विभाग की ओर से गुरुवार को मुआवजा राशि का वितरण किया गया। कुल 217 प्रभावित किसानों के बीच 29,55,848 रुपये की मुआवजा राशि के चेक वितरित किए गए।1
- केड़ी महुआ से-रंका मुख्य सड़क जाने वाली पर जलजमाव, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की बढ़ी काफी परेशानी इस संबंध में आज गुरुवार आठ बजे दिन में गांव के ग्रामीण ने बताया कि रंका प्रखंड के मानपुर पंचायत अंतर्गत केड़ी महुआ से रंका जाने वाली रोड एवं विद्यालय पहुंचने वाली सड़क पर इन दिनों पानी का जमाव होने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है, जिससे पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ दोपहिया एवं अन्य वाहनों को भी आने-जाने में दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। पानी से होकर बच्चों को विद्यालय जाना पड़ रहा है, जिससे उनके कपड़े और किताबें भीगने का साथ अप़िय घटना का खतरा बना रहता है। वहीं, कई जगह सड़क की स्थिति खराब होने के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग आसपास के गांवों के लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। जलजमाव के कारण रोजमर्रा के कार्यों के लिए रंका आने-जाने में भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों से सड़क पर जल निकासी की व्यवस्था कराने तथा सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि लोगों और स्कूली बच्चों को इस समस्या से जल्द निजात मिल सके।1
- लोहरदगा जिला के सेन्हा प्रखंड के अरु पंचायत की हकीकत सुनकर आप दंग रह जाएंगे लोहरदगा जिला के सेन्हा प्रखंड के अरु पंचायत की हकीकत सुनकर आप दंग रह जाएंगे1
- मॉडल पंचायत का आंगनबाड़ी कभी भी भरभराकर गिर सकता है.? #shorts #shortvideo #ytshorts #youtubeshorts1
- जान देंगे, जमीन नहीं देंगे" - NLC के खिलाफ किसानों का ऐलान आशीष कुमार वैद्य लातेहार/झारखंड "जान देंगे, जमीन नहीं देंगे" - NLC के खिलाफ किसानों का ऐलान एंकर -: धाधू कोल ब्लॉक को लेकर बालूमाथ के धाधू, भैंसादोन, नावाडीह, चित्रपुर, हेमपुर, सिमर स्रोत गांवों के किसानों में उबाल है। इन गांवों में ST, SC, OBC परिवार रहते हैं जिनकी आजीविका सिर्फ खेती है। किसानों का आरोप है कि उपजाऊ जमीन को साजिशन बंजर दिखाकर NLC कंपनी कौड़ियों के दाम में हड़पना चाहती है। आज तक गांव में ग्राम सभा नहीं हुई, बिचौलिए चोरी-छुपे आते हैं। किसानों ने कहा - जान देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे और 27 अगस्त की जनसुनवाई का विरोध करेंगे।1
- कई विकास योजनाओं की मांगों को लेकर ओरसा पंचायत के सैकड़ो ग्रामीण महुआडार प्रखंड मुख्यालय में प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया है गुरुवार की सुबह 11:00 बजे से । मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन की शुरुआत महुआडार प्रखंड मुख्यालय स्थित बिरसा चौक से रैली जुलूस के माध्यम से किया गया। जहां जुलूस एवं रैली महुआडार अनुमंडल कार्यालय पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया। सभा के दौरान ओरसा पंचायत के ग्रामीण महुआडार प्रशासन को यह बताने का प्रयास कर रहे हैं कि वह आज आजादी के 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी मुश्किल हालातो में जीने को विवश है मगर उनकी सुधि विधायक सांसद प्रशासन तक नहीं लेता है, जिससे की ओरसा पंचायत के ग्रामीणों को सुविधा मिल सके ।जिससे संबंधित कई मांगों को लेकर ग्रामीण प्रदर्शन कर रहे हैं।1
- लातेहार: CSC डिजिटल सेंटर लातेहार मजीद रोड सभी ऑनलाइन सेवा उपलब्ध।।1
- ईद-ए-मिलादुन्नबी पर चैनपुर में निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, इस्लामिक व तिरंगे झंडों के साथ बुलंद हुए नारे चैनपुर। ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर बुधवार को चैनपुर में मुस्लिम समाज की ओर से जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। लोगों के हाथों में इस्लामिक झंडों के साथ तिरंगे झंडे भी नजर आए। इस दौरान धार्मिक नारों से चैनपुर नगर गूंज उठा।1