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केड़ी महुआ से-रंका मुख्य सड़क जाने वाली पर जलजमाव, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की बढ़ी काफी परेशानी इस संबंध में आज गुरुवार आठ बजे दिन में गांव के ग्रामीण ने बताया कि रंका प्रखंड के मानपुर पंचायत अंतर्गत केड़ी महुआ से रंका जाने वाली रोड एवं विद्यालय पहुंचने वाली सड़क पर इन दिनों पानी का जमाव होने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है, जिससे पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ दोपहिया एवं अन्य वाहनों को भी आने-जाने में दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। पानी से होकर बच्चों को विद्यालय जाना पड़ रहा है, जिससे उनके कपड़े और किताबें भीगने का साथ अप़िय घटना का खतरा बना रहता है। वहीं, कई जगह सड़क की स्थिति खराब होने के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग आसपास के गांवों के लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। जलजमाव के कारण रोजमर्रा के कार्यों के लिए रंका आने-जाने में भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों से सड़क पर जल निकासी की व्यवस्था कराने तथा सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि लोगों और स्कूली बच्चों को इस समस्या से जल्द निजात मिल सके।

2 hrs ago
user_Sunil singh
Sunil singh
रंका, गढ़वा, झारखंड•
2 hrs ago

केड़ी महुआ से-रंका मुख्य सड़क जाने वाली पर जलजमाव, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की बढ़ी काफी परेशानी इस संबंध में आज गुरुवार आठ बजे दिन में गांव के ग्रामीण ने बताया कि रंका प्रखंड के मानपुर पंचायत अंतर्गत केड़ी महुआ से रंका जाने वाली रोड एवं विद्यालय पहुंचने वाली सड़क पर इन दिनों पानी का जमाव होने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है, जिससे पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ दोपहिया एवं अन्य वाहनों को भी आने-जाने में दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। पानी से होकर बच्चों को विद्यालय जाना पड़ रहा है, जिससे उनके कपड़े और किताबें भीगने का साथ अप़िय घटना का खतरा बना रहता है। वहीं, कई जगह सड़क की स्थिति खराब होने के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग आसपास के गांवों के लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। जलजमाव के कारण रोजमर्रा के कार्यों के लिए रंका आने-जाने में भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों से सड़क पर जल निकासी की व्यवस्था कराने तथा सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि लोगों और स्कूली बच्चों को इस समस्या से जल्द निजात मिल सके।

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  • जमौती में ग्राम सभा आयोजित, खेल मैदान की मांग के साथ ग्रामीणों को दी गई कानूनी जानकारी माननीय झालसा, रांची के निर्देश तथा सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) गढ़वा मनोज प्रसाद एवं सचिव निभा रंजना लकड़ा के निर्देशानुसार 27 अगस्त 2026 को भंडरिया प्रखंड की करचाली पंचायत अंतर्गत ग्राम जमौती में ग्राम सभा का आयोजन किया गया। बैठक में ग्रामीणों ने गांव के बच्चों के लिए खेल मैदान उपलब्ध कराने की मांग वन विभाग के समक्ष रखी। इस दौरान वन विभाग के फ्लिस्टर कमलेश कुमार राम, वनरक्षी दयानंद राम, ग्राम प्रधान सुनीत मिंज, वन अध्यक्ष परमेश्वर केरकेट्टा, वन समिति अध्यक्ष मनोज कच्छप, सचिव रेशमा खाखा, ग्राम समिति सचिव प्रेमचंद तिर्की, महिला सदस्य रंजना टोप्पो सहित ग्रामीण एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भंडरिया प्रखंड के पीएलवी राजेश कुमार चौधरी एवं भंडरिया थाना के पीएलवी लाजरूस तिर्की ने बाल विवाह, महिला उत्पीड़न, छात्रवृत्ति, पेंशन, नशामुक्ति, निःशुल्क कानूनी सहायता एवं साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी। पीएलवी राजेश कुमार चौधरी ने लोक अदालत एवं डीएलएसए के माध्यम से छोटे-मोटे विवादों का आपसी सहमति से त्वरित और सरल समाधान संभव होने की जानकारी दी। ग्रामीणों को स्थायी लोक अदालत, पर्यावरण संरक्षण, गरीबी उन्मूलन से संबंधित नालसा योजनाओं तथा कानूनी सहायता के टोल-फ्री नंबर 15100 के बारे में भी बताया गया। उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी नागरिकों को शोषण और अन्याय के विरुद्ध मजबूती से खड़े होने का अधिकार देती है।
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    जमौती में ग्राम सभा आयोजित, खेल मैदान की मांग के साथ ग्रामीणों को दी गई कानूनी जानकारी


माननीय झालसा, रांची के निर्देश तथा सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) गढ़वा  मनोज प्रसाद एवं सचिव  निभा रंजना लकड़ा के निर्देशानुसार 27 अगस्त 2026 को भंडरिया प्रखंड की करचाली पंचायत अंतर्गत ग्राम जमौती में ग्राम सभा का आयोजन किया गया। बैठक में ग्रामीणों ने गांव के बच्चों के लिए खेल मैदान उपलब्ध कराने की मांग वन विभाग के समक्ष रखी। इस दौरान वन विभाग के फ्लिस्टर कमलेश कुमार राम, वनरक्षी दयानंद राम, ग्राम प्रधान सुनीत मिंज, वन अध्यक्ष परमेश्वर केरकेट्टा, वन समिति अध्यक्ष मनोज कच्छप, सचिव रेशमा खाखा, ग्राम समिति सचिव प्रेमचंद तिर्की, महिला सदस्य रंजना टोप्पो सहित ग्रामीण एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में भंडरिया प्रखंड के पीएलवी राजेश कुमार चौधरी एवं भंडरिया थाना के पीएलवी लाजरूस तिर्की ने बाल विवाह, महिला उत्पीड़न, छात्रवृत्ति, पेंशन, नशामुक्ति, निःशुल्क कानूनी सहायता एवं साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी। पीएलवी राजेश कुमार चौधरी ने लोक अदालत एवं डीएलएसए के माध्यम से छोटे-मोटे विवादों का आपसी सहमति से त्वरित और सरल समाधान संभव होने की जानकारी दी। ग्रामीणों को स्थायी लोक अदालत, पर्यावरण संरक्षण, गरीबी उन्मूलन से संबंधित नालसा योजनाओं तथा कानूनी सहायता के टोल-फ्री नंबर 15100 के बारे में भी बताया गया। उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी नागरिकों को शोषण और अन्याय के विरुद्ध मजबूती से खड़े होने का अधिकार देती है।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    24 min ago
  • मुगलो के जमाने का सजरा खाता (जो खातियान ) बोला जाता है l उसे देखकर प्रतीत होता है l भारत के मूल निवासी हिंदू मुस्लिम के वंश एक ही है l भारत में हिंदू और सनातन संस्कृति के लोग हजारों सालों (लगभग 5000 वर्ष या उससे भी अधिक) से रह रहे हैं। हिंदू धर्म को दुनिया का सबसे प्राचीन जीवित धर्म माना जाता है, जिसकी जड़ें भारतीय उपमहाद्वीप की मूल संस्कृति में हैं।मुख्य काल और इतिहाससिंधु घाटी सभ्यता (लगभग 2500–3000 ईसा पूर्व): आधुनिक हिंदू धर्म और यहाँ की संस्कृति के प्रमाण सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) से मिलते हैं। यहाँ की मूर्तियों, योगासन और प्रकृति पूजा के साक्ष्य आज के हिंदू धर्म से मेल खाते हैं।वैदिक काल (लगभग 1500 ईसा पूर्व): इस काल में वेदों की रचना हुई। इसे हिंदू धर्म के सिद्धांतों और संस्कारों का सुव्यवस्थित रूप माना जाता है।सनातन परंपरा: इतिहासकारों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हिंदू धर्म किसी एक व्यक्ति द्वारा या एक निश्चित समय पर शुरू नहीं हुआ था, बल्कि यह यहीं की भूमि पर विकसित हुआ एक जीवन जीने का तरीका है।क्या आप इसके बारे में कुछ और जानना चाहते हैं, जैसे:वैदिक काल की संस्कृतिसिंधु घाटी सभ्यता के अवशेष और धर्म दर्शसता है l भारत में मुसलमानों का रहना और इस्लाम का आना सातवीं शताब्दी (7th Century) में शुरू हुआ था। यह प्रक्रिया युद्ध के अलावा व्यापार और शांतिपूर्ण बस्तियों के जरिए हुई। [1, 2, 3] दक्षिण भारत और व्यापार (केरल) अरब व्यापारी इस्लाम के उदय से पहले भी भारत के पश्चिमी तट पर आते थे। 7वीं शताब्दी में पैगंबर मुहम्मद के जीवनकाल में ही कई अरब व्यापारी केरल और तटीय क्षेत्रों में बसने लगे। इन व्यापारियों ने स्थानीय महिलाओं से विवाह किए और यहाँ बस गए। इस तरह दक्षिण भारत में बिना किसी युद्ध के मुस्लिम समुदाय का आगमन हुआ। [1, 2] उत्तर भारत और सिंध (712 ईस्वी) उत्तर भारत में राजनीतिक और सैन्य स्तर पर इस्लाम का प्रवेश 712 ईस्वी में हुआ। अरब सेनापति मोहम्मद बिन कासिम ने सिंध पर आक्रमण किया और राजा दाहिर को हराया। इसके बाद सिंध क्षेत्र में पहली बार इस्लामिक शासन और बस्तियाँ मजबूती से स्थापित हुईं। [1, 2, 3] बाद का विस्तार (11वीं से 16वीं शताब्दी) 11वीं और 12वीं शताब्दी में महमूद गजनवी और गौरी के आक्रमण हुए। इसके बाद दिल्ली सल्तनत (1206 ईस्वी) और बाद में मुगल साम्राज्य (16वीं शताब्दी) के दौरान भारत में मुस्लिम आबादी और प्रभाव का तेजी से विस्तार हुआ। सूफी संतों की भी इसमें बड़ी भूमिका रही। [1, 2, 3] क्या आप इसके बारे में कुछ और जानना चाहते हैं, जैसे: केरल में इस्लाम के शुरुआती इतिहास के बारे में? दिल्ली सल्तनत या मुगल काल के दौरान भारत में मुस्लिम आबादी के बढ़ने के कारणों के बारे में?
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    मुगलो के जमाने का सजरा खाता (जो खातियान ) बोला जाता है l उसे देखकर प्रतीत होता है l  भारत के मूल निवासी हिंदू मुस्लिम के वंश एक ही है l
भारत में हिंदू और सनातन संस्कृति के लोग हजारों सालों (लगभग 5000 वर्ष या उससे भी अधिक) से रह रहे हैं। हिंदू धर्म को दुनिया का सबसे प्राचीन जीवित धर्म माना जाता है, जिसकी जड़ें भारतीय उपमहाद्वीप की मूल संस्कृति में हैं।मुख्य काल और इतिहाससिंधु घाटी सभ्यता (लगभग 2500–3000 ईसा पूर्व): आधुनिक हिंदू धर्म और यहाँ की संस्कृति के प्रमाण सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) से मिलते हैं। यहाँ की मूर्तियों, योगासन और प्रकृति पूजा के साक्ष्य आज के हिंदू धर्म से मेल खाते हैं।वैदिक काल (लगभग 1500 ईसा पूर्व): इस काल में वेदों की रचना हुई। इसे हिंदू धर्म के सिद्धांतों और संस्कारों का सुव्यवस्थित रूप माना जाता है।सनातन परंपरा: इतिहासकारों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हिंदू धर्म किसी एक व्यक्ति द्वारा या एक निश्चित समय पर शुरू नहीं हुआ था, बल्कि यह यहीं की भूमि पर विकसित हुआ एक जीवन जीने का तरीका है।क्या आप इसके बारे में कुछ और जानना चाहते हैं, जैसे:वैदिक काल की संस्कृतिसिंधु घाटी सभ्यता के अवशेष और धर्म दर्शसता है l
भारत में मुसलमानों का रहना और इस्लाम का आना सातवीं शताब्दी (7th Century) में शुरू हुआ था। यह प्रक्रिया युद्ध के अलावा व्यापार और शांतिपूर्ण बस्तियों के जरिए हुई। [1, 2, 3]
दक्षिण भारत और व्यापार (केरल)
अरब व्यापारी इस्लाम के उदय से पहले भी भारत के पश्चिमी तट पर आते थे।
7वीं शताब्दी में पैगंबर मुहम्मद के जीवनकाल में ही कई अरब व्यापारी केरल और तटीय क्षेत्रों में बसने लगे।
इन व्यापारियों ने स्थानीय महिलाओं से विवाह किए और यहाँ बस गए। इस तरह दक्षिण भारत में बिना किसी युद्ध के मुस्लिम समुदाय का आगमन हुआ। [1, 2]
उत्तर भारत और सिंध (712 ईस्वी)
उत्तर भारत में राजनीतिक और सैन्य स्तर पर इस्लाम का प्रवेश 712 ईस्वी में हुआ।
अरब सेनापति मोहम्मद बिन कासिम ने सिंध पर आक्रमण किया और राजा दाहिर को हराया।
इसके बाद सिंध क्षेत्र में पहली बार इस्लामिक शासन और बस्तियाँ मजबूती से स्थापित हुईं। [1, 2, 3]
बाद का विस्तार (11वीं से 16वीं शताब्दी)
11वीं और 12वीं शताब्दी में महमूद गजनवी और गौरी के आक्रमण हुए।
इसके बाद दिल्ली सल्तनत (1206 ईस्वी) और बाद में मुगल साम्राज्य (16वीं शताब्दी) के दौरान भारत में मुस्लिम आबादी और प्रभाव का तेजी से विस्तार हुआ। सूफी संतों की भी इसमें बड़ी भूमिका रही। [1, 2, 3]
क्या आप इसके बारे में कुछ और जानना चाहते हैं, जैसे:
केरल में इस्लाम के शुरुआती इतिहास के बारे में?
दिल्ली सल्तनत या मुगल काल के दौरान भारत में मुस्लिम आबादी के बढ़ने के कारणों के बारे में?
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Communications central गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • जंगली हाथी का तांडव: दो बैलों को पटककर एक की ली जान, धान की फसल भी रौंदी चिनिया से हेमंत कुमारकी रिपोर्ट चिनियां थाना क्षेत्र के पाल्हे गांव में बुधवार की अहले सुबह करीब 3 बजे एक जंगली हाथी घुस आया और जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने सबसे पहले गांव निवासी इंद्रदेव सिंह और चंद्रिका सिंह के एक-एक बैल को उठाकर पटक दिया। घटना में एक बैल की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। ग्रामीणों के हल्ला-गुल्ला करने पर हाथी जंगल की ओर भाग गया। इस दौरान उसने कई किसानों के खेतों में लगी धान की फसल को भी रौंदकर बर्बाद कर दिया। घटना से ग्रामीणों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रभावित किसानों ने वन विभाग से अविलंब क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। घटना की सूचना मिलने के बाद सुबह करीब 8 बजे बन समिति अध्यक्ष संतोष यादव, वार्ड सदस्य शिवनाथ कोरवा, गोवर्धन यादव, सईया राधिका देवी, वासुदेव यादव, सूरजपुर वाले देवकी सिंह, योगेंद्र यादव और सूर्यवानी देवी समेत अन्य ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लेते हुए पीड़ित परिवारों को मदद का भरोसा दिया।
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    जंगली हाथी का तांडव: दो बैलों को पटककर एक की ली जान, धान की फसल भी रौंदी
चिनिया से हेमंत कुमारकी रिपोर्ट 
चिनियां थाना क्षेत्र के पाल्हे गांव में बुधवार की अहले सुबह करीब 3 बजे एक जंगली हाथी घुस आया और जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने सबसे पहले गांव निवासी इंद्रदेव सिंह और चंद्रिका सिंह के एक-एक बैल को उठाकर पटक दिया। घटना में एक बैल की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है।
ग्रामीणों के हल्ला-गुल्ला करने पर हाथी जंगल की ओर भाग गया। इस दौरान उसने कई किसानों के खेतों में लगी धान की फसल को भी रौंदकर बर्बाद कर दिया। घटना से ग्रामीणों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रभावित किसानों ने वन विभाग से अविलंब क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
घटना की सूचना मिलने के बाद सुबह करीब 8 बजे बन समिति अध्यक्ष संतोष यादव, वार्ड सदस्य शिवनाथ कोरवा, गोवर्धन यादव, सईया राधिका देवी, वासुदेव यादव, सूरजपुर वाले देवकी सिंह, योगेंद्र यादव और सूर्यवानी देवी समेत अन्य ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लेते हुए पीड़ित परिवारों को मदद का भरोसा दिया।
    user_Hemant Kumar.  (7294972353)
    Hemant Kumar. (7294972353)
    चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    23 hrs ago
  • लालगढ़ व रेहला में स्थित 10+2 उच्च विद्यालय में अतिरिक्त वर्ग कक्षा भवन का स्थानीय विधायक में किया शिलान्यास विश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत लालगढ़ स्थित राजकीयकृत 10+2 उच्च विद्यालय तथा नगर परिषद मुख्यालय स्थित रेहला 10+2 जेबी उच्च विद्यालय में अतिरिक्त वर्ग कक्षा भवन का निर्माण कराया जायेगा। अतिरिक्त वर्ग कक्षा भवन का शिलान्यास स्थानीय विधायक नरेश प्रसाद सिंह ने शिलापट का अनावरण के बाद नारियल फोड़ कर किया।
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    लालगढ़ व रेहला में स्थित 10+2 उच्च विद्यालय में अतिरिक्त वर्ग कक्षा भवन का स्थानीय विधायक में किया शिलान्यास 
विश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत लालगढ़ स्थित राजकीयकृत 10+2 उच्च विद्यालय तथा नगर परिषद मुख्यालय स्थित रेहला 10+2 जेबी उच्च विद्यालय में अतिरिक्त वर्ग कक्षा भवन का निर्माण कराया जायेगा। अतिरिक्त वर्ग कक्षा भवन का शिलान्यास स्थानीय विधायक नरेश प्रसाद सिंह ने शिलापट का अनावरण के बाद नारियल फोड़ कर किया।
    user_पब्लिक लोकल न्यूज झारखंड
    पब्लिक लोकल न्यूज झारखंड
    विश्रामपुर, पलामू, झारखंड•
    1 hr ago
  • बांध टूटने से खेतों में भरा पानी, धान की फसल को नुकसान बांध टूटने से खेतों में भरा पानी, धान की फसल को नुकसान रामानुजगंज। रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम तेतरडीह में मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे कृषि विभाग का बांध टूट गया। बांध टूटने के बाद बड़ी मात्रा में पानी आसपास के खेतों में पहुंच गया, जिससे धान की फसल प्रभावित हुई है। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम अभिषेक गुप्ता मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम अभिषेक गुप्ता ने बताया कि फिलहाल प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। आकलन पूरा होने के बाद ही किसानों की फसल को हुए वास्तविक नुकसान की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ग्रामीणों ने लगाया लापरवाही का आरोप जानकारी के अनुसार, यह बांध कृषि विभाग का था और इसका निर्माण जल ग्रहण मिशन के तहत कराया गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बांध में पहले से ही दरार आ गई थी। इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को भी दी गई थी, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बांध की दरार की समय पर मरम्मत करा दी जाती तो संभवतः बांध टूटने की घटना को रोका जा सकता था। बांध टूटने के बाद पानी तेजी से खेतों की ओर बहा, जिससे धान की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है। नुकसान के आकलन में जुटा प्रशासन घटना के बाद प्रशासनिक अमला प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहा है। खेतों में हुए जलभराव और फसल के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सर्वे पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कितने किसानों की कितनी फसल प्रभावित हुई है और नुकसान की वास्तविक मात्रा कितनी है।
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    बांध टूटने से खेतों में भरा पानी, धान की फसल को नुकसान
बांध टूटने से खेतों में भरा पानी, धान की फसल को नुकसान
रामानुजगंज। रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम तेतरडीह में मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे कृषि विभाग का बांध टूट गया। बांध टूटने के बाद बड़ी मात्रा में पानी आसपास के खेतों में पहुंच गया, जिससे धान की फसल प्रभावित हुई है। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम अभिषेक गुप्ता मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
एसडीएम अभिषेक गुप्ता ने बताया कि फिलहाल प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। आकलन पूरा होने के बाद ही किसानों की फसल को हुए वास्तविक नुकसान की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
ग्रामीणों ने लगाया लापरवाही का आरोप
जानकारी के अनुसार, यह बांध कृषि विभाग का था और इसका निर्माण जल ग्रहण मिशन के तहत कराया गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बांध में पहले से ही दरार आ गई थी। इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को भी दी गई थी, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि बांध की दरार की समय पर मरम्मत करा दी जाती तो संभवतः बांध टूटने की घटना को रोका जा सकता था। बांध टूटने के बाद पानी तेजी से खेतों की ओर बहा, जिससे धान की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है।
नुकसान के आकलन में जुटा प्रशासन
घटना के बाद प्रशासनिक अमला प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहा है। खेतों में हुए जलभराव और फसल के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सर्वे पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कितने किसानों की कितनी फसल प्रभावित हुई है और नुकसान की वास्तविक मात्रा कितनी है।
    user_Balrampur
    Balrampur
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • केतार (गढ़वा) धंगरडीहा में दो मौतें, पीड़ित परिवार को विधायक का सहारा
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    केतार (गढ़वा) धंगरडीहा में दो मौतें, पीड़ित परिवार को विधायक का सहारा
    user_The Update Abtak
    The Update Abtak
    Court reporter केतर, गढ़वा, झारखंड•
    6 hrs ago
  • ईद मिलादुन्नबी पर गारू, कोटाम, बारेसाढ़ और सरयू में निकला जुलूस, सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम* गारू। ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर गारू थाना क्षेत्र के कोटाम व सरयू तथा बारेसाढ़ थाना क्षेत्र में जुलूस और मिलाद कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। पर्व को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील स्थानों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासन एवं पुलिस की टीम पूरे कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में गश्त करती रही और स्थिति पर नजर बनाए रखी।गारू थाना क्षेत्र में थाना प्रभारी जयप्रकाश शर्मा के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था संभाली गई। सरयू टीओपी समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर राजकुमार पांडेय, इंद्रदेव राम, इंद्रजीत राम एवं चंद्रदीप कुमार की प्रतिनियुक्ति की गई थी। वहीं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी साकेत कुमार, पंचायत सचिव पवन कुमार सिंह, सहायक तकनीकी प्रबंधक अविनाश कुमार एवं प्रखंड कल्याण पदाधिकारी दीपक उरांव को दंडाधिकारी के रूप में तैनात किया गया था।कोटाम में मंगलवार की रात ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर मिलाद कार्यक्रमआयोजित किया गया।बैगाटोली ईदगाह से सलवे कब्रिस्तान तक रैली निकाली गई, जिसमें मुस्लिम समुदाय के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन एवं पुलिस की ओर से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थेशांतिपूर्ण माहौल में मिलाद कार्यक्रम संपन्न हुआ।सरयू में ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर सरयू जामा मस्जिद से जुलूस निकाला गया। जुलूस रूगड़ी महुआ होते हुए कब्रिस्तान पहुंचा, जहां फातिहा खानी की गई। इसके बाद जुलूस घासीटोला होते हुए पुनः सरयू जामा मस्जिद पहुंचा, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ। घासीटोला से बाइक जुलूस भी निकाला गया, जो रोल एवं पतरातू गांव के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा। जुलूस में शामिल लोगों ने आपसी भाईचारे, अमन और सौहार्द का संदेश दिया।बारेसाढ़ थाना क्षेत्र में प्रखंड विकास पदाधिकारी अभय कुमार, कनीय अभियंता नितीश कुमार एवं जनसेवक मुकेश भगत को दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया था। थाना प्रभारी राजीव रंजन के नेतृत्व में पुलिस बल लगातार क्षेत्र में गश्त करता रहा। ललमटिया बड़ी मायापुर समेत अन्य संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई।मायापुर मस्जिद से जुलूस निकाला गया,जो विभिन्न मार्गों से होते हुए ललमटिया स्थित इरफान अंसारी के घर पहुंचा। इसके बाद जुलूस वापस कब्रिस्तान पहुंचा, जहां शांतिपूर्ण ढंग से कार्यक्रम संपन्न हुआ।ईद मिलादुन्नबी के दौरान प्रशासन और पुलिस की मुस्तैदी तथा स्थानीय लोगों के सहयोग से सभी स्थानों पर कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। जुलूस में शामिल लोगों ने आपसी भाईचारे, शांति, अमन और सौहार्द का संदेश दिया।
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    ईद मिलादुन्नबी पर गारू, कोटाम, बारेसाढ़ और सरयू में निकला जुलूस, सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम*
गारू। ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर गारू थाना क्षेत्र के कोटाम व सरयू तथा बारेसाढ़ थाना क्षेत्र में जुलूस और मिलाद कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। पर्व को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील स्थानों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासन एवं पुलिस की टीम पूरे कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में गश्त करती रही और स्थिति पर नजर बनाए रखी।गारू थाना क्षेत्र में थाना प्रभारी जयप्रकाश शर्मा के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था संभाली गई। सरयू टीओपी समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर राजकुमार पांडेय, इंद्रदेव राम, इंद्रजीत राम एवं चंद्रदीप कुमार की प्रतिनियुक्ति की गई थी। वहीं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी साकेत कुमार, पंचायत सचिव पवन कुमार सिंह, सहायक तकनीकी प्रबंधक अविनाश कुमार एवं प्रखंड कल्याण पदाधिकारी दीपक उरांव को दंडाधिकारी के रूप में तैनात किया गया था।कोटाम में मंगलवार की रात ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर मिलाद कार्यक्रमआयोजित किया गया।बैगाटोली ईदगाह से सलवे कब्रिस्तान तक रैली निकाली गई, जिसमें मुस्लिम समुदाय के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन एवं पुलिस की ओर से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थेशांतिपूर्ण माहौल में मिलाद कार्यक्रम संपन्न हुआ।सरयू में ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर सरयू जामा मस्जिद से जुलूस निकाला गया। जुलूस रूगड़ी महुआ होते हुए कब्रिस्तान पहुंचा, जहां फातिहा खानी की गई। इसके बाद जुलूस घासीटोला होते हुए पुनः सरयू जामा मस्जिद पहुंचा, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ। घासीटोला से बाइक जुलूस भी निकाला गया, जो रोल एवं पतरातू गांव के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा। जुलूस में शामिल लोगों ने आपसी भाईचारे, अमन और सौहार्द का संदेश दिया।बारेसाढ़ थाना क्षेत्र में प्रखंड विकास पदाधिकारी अभय कुमार, कनीय अभियंता नितीश कुमार एवं जनसेवक मुकेश भगत को दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया था। थाना प्रभारी राजीव रंजन के नेतृत्व में पुलिस बल लगातार क्षेत्र में गश्त करता रहा। ललमटिया बड़ी मायापुर समेत अन्य संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई।मायापुर मस्जिद से जुलूस निकाला गया,जो विभिन्न मार्गों से होते हुए ललमटिया स्थित इरफान अंसारी के घर पहुंचा। इसके बाद जुलूस वापस कब्रिस्तान पहुंचा, जहां शांतिपूर्ण ढंग से कार्यक्रम संपन्न हुआ।ईद मिलादुन्नबी के दौरान प्रशासन और पुलिस की मुस्तैदी तथा स्थानीय लोगों के सहयोग से सभी स्थानों पर कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। जुलूस में शामिल लोगों ने आपसी भाईचारे, शांति, अमन और सौहार्द का संदेश दिया।
    user_निरंजन प्रसाद
    निरंजन प्रसाद
    Farmer गारू, लातेहार, झारखंड•
    10 hrs ago
  • केड़ी महुआ से-रंका मुख्य सड़क जाने वाली पर जलजमाव, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की बढ़ी काफी परेशानी इस संबंध में आज गुरुवार आठ बजे दिन में गांव के ग्रामीण ने बताया कि रंका प्रखंड के मानपुर पंचायत अंतर्गत केड़ी महुआ से रंका जाने वाली रोड एवं विद्यालय पहुंचने वाली सड़क पर इन दिनों पानी का जमाव होने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है, जिससे पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ दोपहिया एवं अन्य वाहनों को भी आने-जाने में दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। पानी से होकर बच्चों को विद्यालय जाना पड़ रहा है, जिससे उनके कपड़े और किताबें भीगने का साथ अप़िय घटना का खतरा बना रहता है। वहीं, कई जगह सड़क की स्थिति खराब होने के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग आसपास के गांवों के लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। जलजमाव के कारण रोजमर्रा के कार्यों के लिए रंका आने-जाने में भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों से सड़क पर जल निकासी की व्यवस्था कराने तथा सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि लोगों और स्कूली बच्चों को इस समस्या से जल्द निजात मिल सके।
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    केड़ी महुआ से-रंका मुख्य सड़क जाने वाली पर जलजमाव, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की बढ़ी काफी परेशानी

इस संबंध में आज गुरुवार आठ बजे दिन में गांव के ग्रामीण ने बताया कि 
रंका प्रखंड के मानपुर पंचायत अंतर्गत केड़ी महुआ से रंका जाने वाली रोड  एवं विद्यालय  पहुंचने वाली सड़क पर इन दिनों पानी का जमाव होने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है, जिससे पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ दोपहिया एवं अन्य वाहनों को भी आने-जाने में दिक्कत हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। पानी से होकर बच्चों को विद्यालय जाना पड़ रहा है, जिससे उनके कपड़े और किताबें भीगने का साथ अप़िय घटना का खतरा बना रहता है। वहीं, कई जगह सड़क की स्थिति खराब होने के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।
ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग आसपास के गांवों के लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। जलजमाव के कारण रोजमर्रा के कार्यों के लिए रंका आने-जाने में भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों से सड़क पर जल निकासी की व्यवस्था कराने तथा सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि लोगों और स्कूली बच्चों को इस समस्या से जल्द निजात मिल सके।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    2 hrs ago
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