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मुगलो के जमाने का सजरा खाता (जो खातियान ) बोला जाता है l उसे देखकर प्रतीत होता है l भारत के मूल निवासी हिंदू मुस्लिम के वंश एक ही है l भारत में हिंदू और सनातन संस्कृति के लोग हजारों सालों (लगभग 5000 वर्ष या उससे भी अधिक) से रह रहे हैं। हिंदू धर्म को दुनिया का सबसे प्राचीन जीवित धर्म माना जाता है, जिसकी जड़ें भारतीय उपमहाद्वीप की मूल संस्कृति में हैं।मुख्य काल और इतिहाससिंधु घाटी सभ्यता (लगभग 2500–3000 ईसा पूर्व): आधुनिक हिंदू धर्म और यहाँ की संस्कृति के प्रमाण सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) से मिलते हैं। यहाँ की मूर्तियों, योगासन और प्रकृति पूजा के साक्ष्य आज के हिंदू धर्म से मेल खाते हैं।वैदिक काल (लगभग 1500 ईसा पूर्व): इस काल में वेदों की रचना हुई। इसे हिंदू धर्म के सिद्धांतों और संस्कारों का सुव्यवस्थित रूप माना जाता है।सनातन परंपरा: इतिहासकारों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हिंदू धर्म किसी एक व्यक्ति द्वारा या एक निश्चित समय पर शुरू नहीं हुआ था, बल्कि यह यहीं की भूमि पर विकसित हुआ एक जीवन जीने का तरीका है।क्या आप इसके बारे में कुछ और जानना चाहते हैं, जैसे:वैदिक काल की संस्कृतिसिंधु घाटी सभ्यता के अवशेष और धर्म दर्शसता है l भारत में मुसलमानों का रहना और इस्लाम का आना सातवीं शताब्दी (7th Century) में शुरू हुआ था। यह प्रक्रिया युद्ध के अलावा व्यापार और शांतिपूर्ण बस्तियों के जरिए हुई। [1, 2, 3] दक्षिण भारत और व्यापार (केरल) अरब व्यापारी इस्लाम के उदय से पहले भी भारत के पश्चिमी तट पर आते थे। 7वीं शताब्दी में पैगंबर मुहम्मद के जीवनकाल में ही कई अरब व्यापारी केरल और तटीय क्षेत्रों में बसने लगे। इन व्यापारियों ने स्थानीय महिलाओं से विवाह किए और यहाँ बस गए। इस तरह दक्षिण भारत में बिना किसी युद्ध के मुस्लिम समुदाय का आगमन हुआ। [1, 2] उत्तर भारत और सिंध (712 ईस्वी) उत्तर भारत में राजनीतिक और सैन्य स्तर पर इस्लाम का प्रवेश 712 ईस्वी में हुआ। अरब सेनापति मोहम्मद बिन कासिम ने सिंध पर आक्रमण किया और राजा दाहिर को हराया। इसके बाद सिंध क्षेत्र में पहली बार इस्लामिक शासन और बस्तियाँ मजबूती से स्थापित हुईं। [1, 2, 3] बाद का विस्तार (11वीं से 16वीं शताब्दी) 11वीं और 12वीं शताब्दी में महमूद गजनवी और गौरी के आक्रमण हुए। इसके बाद दिल्ली सल्तनत (1206 ईस्वी) और बाद में मुगल साम्राज्य (16वीं शताब्दी) के दौरान भारत में मुस्लिम आबादी और प्रभाव का तेजी से विस्तार हुआ। सूफी संतों की भी इसमें बड़ी भूमिका रही। [1, 2, 3] क्या आप इसके बारे में कुछ और जानना चाहते हैं, जैसे: केरल में इस्लाम के शुरुआती इतिहास के बारे में? दिल्ली सल्तनत या मुगल काल के दौरान भारत में मुस्लिम आबादी के बढ़ने के कारणों के बारे में?

39 min ago
user_Ramashankar sharma
Ramashankar sharma
Communications central गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
39 min ago

मुगलो के जमाने का सजरा खाता (जो खातियान ) बोला जाता है l उसे देखकर प्रतीत होता है l भारत के मूल निवासी हिंदू मुस्लिम के वंश एक ही है l भारत में हिंदू और सनातन संस्कृति के लोग हजारों सालों (लगभग 5000 वर्ष या उससे भी अधिक) से रह रहे हैं। हिंदू धर्म को दुनिया का सबसे प्राचीन जीवित धर्म माना जाता है, जिसकी जड़ें भारतीय उपमहाद्वीप की मूल संस्कृति में हैं।मुख्य काल और इतिहाससिंधु घाटी सभ्यता (लगभग 2500–3000 ईसा पूर्व): आधुनिक हिंदू धर्म और यहाँ की संस्कृति के प्रमाण सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) से मिलते हैं। यहाँ की मूर्तियों, योगासन और प्रकृति पूजा के साक्ष्य आज के हिंदू धर्म से मेल खाते हैं।वैदिक काल (लगभग 1500 ईसा पूर्व): इस काल में वेदों की रचना हुई। इसे हिंदू धर्म के सिद्धांतों और संस्कारों का सुव्यवस्थित रूप माना जाता है।सनातन परंपरा: इतिहासकारों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हिंदू धर्म किसी एक व्यक्ति द्वारा या एक निश्चित समय पर शुरू नहीं हुआ था, बल्कि यह यहीं की भूमि पर विकसित हुआ एक जीवन जीने का तरीका है।क्या आप इसके बारे में कुछ और जानना चाहते हैं, जैसे:वैदिक काल की संस्कृतिसिंधु घाटी सभ्यता के अवशेष और धर्म दर्शसता है l भारत में मुसलमानों का रहना और इस्लाम का आना सातवीं शताब्दी (7th Century) में शुरू हुआ था। यह प्रक्रिया युद्ध के अलावा व्यापार और शांतिपूर्ण बस्तियों के जरिए हुई। [1, 2, 3] दक्षिण भारत और व्यापार (केरल) अरब व्यापारी इस्लाम के उदय से पहले भी भारत के पश्चिमी तट पर आते थे। 7वीं शताब्दी में पैगंबर मुहम्मद के जीवनकाल में ही कई अरब व्यापारी केरल और तटीय क्षेत्रों में बसने लगे। इन व्यापारियों ने स्थानीय महिलाओं से विवाह किए और यहाँ बस गए। इस तरह दक्षिण भारत में बिना किसी युद्ध के मुस्लिम समुदाय का आगमन हुआ। [1, 2] उत्तर भारत और सिंध (712 ईस्वी) उत्तर भारत में राजनीतिक और सैन्य स्तर पर इस्लाम का प्रवेश 712 ईस्वी में हुआ। अरब सेनापति मोहम्मद बिन कासिम ने सिंध पर आक्रमण किया और राजा दाहिर को हराया। इसके बाद सिंध क्षेत्र में पहली बार इस्लामिक शासन और बस्तियाँ मजबूती से स्थापित हुईं। [1, 2, 3] बाद का विस्तार (11वीं से 16वीं शताब्दी) 11वीं और 12वीं शताब्दी में महमूद गजनवी और गौरी के आक्रमण हुए। इसके बाद दिल्ली सल्तनत (1206 ईस्वी) और बाद में मुगल साम्राज्य (16वीं शताब्दी) के दौरान भारत में मुस्लिम आबादी और प्रभाव का तेजी से विस्तार हुआ। सूफी संतों की भी इसमें बड़ी भूमिका रही। [1, 2, 3] क्या आप इसके बारे में कुछ और जानना चाहते हैं, जैसे: केरल में इस्लाम के शुरुआती इतिहास के बारे में? दिल्ली सल्तनत या मुगल काल के दौरान भारत में मुस्लिम आबादी के बढ़ने के कारणों के बारे में?

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  • मुगलो के जमाने का सजरा खाता (जो खातियान ) बोला जाता है l उसे देखकर प्रतीत होता है l भारत के मूल निवासी हिंदू मुस्लिम के वंश एक ही है l भारत में हिंदू और सनातन संस्कृति के लोग हजारों सालों (लगभग 5000 वर्ष या उससे भी अधिक) से रह रहे हैं। हिंदू धर्म को दुनिया का सबसे प्राचीन जीवित धर्म माना जाता है, जिसकी जड़ें भारतीय उपमहाद्वीप की मूल संस्कृति में हैं।मुख्य काल और इतिहाससिंधु घाटी सभ्यता (लगभग 2500–3000 ईसा पूर्व): आधुनिक हिंदू धर्म और यहाँ की संस्कृति के प्रमाण सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) से मिलते हैं। यहाँ की मूर्तियों, योगासन और प्रकृति पूजा के साक्ष्य आज के हिंदू धर्म से मेल खाते हैं।वैदिक काल (लगभग 1500 ईसा पूर्व): इस काल में वेदों की रचना हुई। इसे हिंदू धर्म के सिद्धांतों और संस्कारों का सुव्यवस्थित रूप माना जाता है।सनातन परंपरा: इतिहासकारों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हिंदू धर्म किसी एक व्यक्ति द्वारा या एक निश्चित समय पर शुरू नहीं हुआ था, बल्कि यह यहीं की भूमि पर विकसित हुआ एक जीवन जीने का तरीका है।क्या आप इसके बारे में कुछ और जानना चाहते हैं, जैसे:वैदिक काल की संस्कृतिसिंधु घाटी सभ्यता के अवशेष और धर्म दर्शसता है l भारत में मुसलमानों का रहना और इस्लाम का आना सातवीं शताब्दी (7th Century) में शुरू हुआ था। यह प्रक्रिया युद्ध के अलावा व्यापार और शांतिपूर्ण बस्तियों के जरिए हुई। [1, 2, 3] दक्षिण भारत और व्यापार (केरल) अरब व्यापारी इस्लाम के उदय से पहले भी भारत के पश्चिमी तट पर आते थे। 7वीं शताब्दी में पैगंबर मुहम्मद के जीवनकाल में ही कई अरब व्यापारी केरल और तटीय क्षेत्रों में बसने लगे। इन व्यापारियों ने स्थानीय महिलाओं से विवाह किए और यहाँ बस गए। इस तरह दक्षिण भारत में बिना किसी युद्ध के मुस्लिम समुदाय का आगमन हुआ। [1, 2] उत्तर भारत और सिंध (712 ईस्वी) उत्तर भारत में राजनीतिक और सैन्य स्तर पर इस्लाम का प्रवेश 712 ईस्वी में हुआ। अरब सेनापति मोहम्मद बिन कासिम ने सिंध पर आक्रमण किया और राजा दाहिर को हराया। इसके बाद सिंध क्षेत्र में पहली बार इस्लामिक शासन और बस्तियाँ मजबूती से स्थापित हुईं। [1, 2, 3] बाद का विस्तार (11वीं से 16वीं शताब्दी) 11वीं और 12वीं शताब्दी में महमूद गजनवी और गौरी के आक्रमण हुए। इसके बाद दिल्ली सल्तनत (1206 ईस्वी) और बाद में मुगल साम्राज्य (16वीं शताब्दी) के दौरान भारत में मुस्लिम आबादी और प्रभाव का तेजी से विस्तार हुआ। सूफी संतों की भी इसमें बड़ी भूमिका रही। [1, 2, 3] क्या आप इसके बारे में कुछ और जानना चाहते हैं, जैसे: केरल में इस्लाम के शुरुआती इतिहास के बारे में? दिल्ली सल्तनत या मुगल काल के दौरान भारत में मुस्लिम आबादी के बढ़ने के कारणों के बारे में?
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    मुगलो के जमाने का सजरा खाता (जो खातियान ) बोला जाता है l उसे देखकर प्रतीत होता है l  भारत के मूल निवासी हिंदू मुस्लिम के वंश एक ही है l
भारत में हिंदू और सनातन संस्कृति के लोग हजारों सालों (लगभग 5000 वर्ष या उससे भी अधिक) से रह रहे हैं। हिंदू धर्म को दुनिया का सबसे प्राचीन जीवित धर्म माना जाता है, जिसकी जड़ें भारतीय उपमहाद्वीप की मूल संस्कृति में हैं।मुख्य काल और इतिहाससिंधु घाटी सभ्यता (लगभग 2500–3000 ईसा पूर्व): आधुनिक हिंदू धर्म और यहाँ की संस्कृति के प्रमाण सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) से मिलते हैं। यहाँ की मूर्तियों, योगासन और प्रकृति पूजा के साक्ष्य आज के हिंदू धर्म से मेल खाते हैं।वैदिक काल (लगभग 1500 ईसा पूर्व): इस काल में वेदों की रचना हुई। इसे हिंदू धर्म के सिद्धांतों और संस्कारों का सुव्यवस्थित रूप माना जाता है।सनातन परंपरा: इतिहासकारों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हिंदू धर्म किसी एक व्यक्ति द्वारा या एक निश्चित समय पर शुरू नहीं हुआ था, बल्कि यह यहीं की भूमि पर विकसित हुआ एक जीवन जीने का तरीका है।क्या आप इसके बारे में कुछ और जानना चाहते हैं, जैसे:वैदिक काल की संस्कृतिसिंधु घाटी सभ्यता के अवशेष और धर्म दर्शसता है l
भारत में मुसलमानों का रहना और इस्लाम का आना सातवीं शताब्दी (7th Century) में शुरू हुआ था। यह प्रक्रिया युद्ध के अलावा व्यापार और शांतिपूर्ण बस्तियों के जरिए हुई। [1, 2, 3]
दक्षिण भारत और व्यापार (केरल)
अरब व्यापारी इस्लाम के उदय से पहले भी भारत के पश्चिमी तट पर आते थे।
7वीं शताब्दी में पैगंबर मुहम्मद के जीवनकाल में ही कई अरब व्यापारी केरल और तटीय क्षेत्रों में बसने लगे।
इन व्यापारियों ने स्थानीय महिलाओं से विवाह किए और यहाँ बस गए। इस तरह दक्षिण भारत में बिना किसी युद्ध के मुस्लिम समुदाय का आगमन हुआ। [1, 2]
उत्तर भारत और सिंध (712 ईस्वी)
उत्तर भारत में राजनीतिक और सैन्य स्तर पर इस्लाम का प्रवेश 712 ईस्वी में हुआ।
अरब सेनापति मोहम्मद बिन कासिम ने सिंध पर आक्रमण किया और राजा दाहिर को हराया।
इसके बाद सिंध क्षेत्र में पहली बार इस्लामिक शासन और बस्तियाँ मजबूती से स्थापित हुईं। [1, 2, 3]
बाद का विस्तार (11वीं से 16वीं शताब्दी)
11वीं और 12वीं शताब्दी में महमूद गजनवी और गौरी के आक्रमण हुए।
इसके बाद दिल्ली सल्तनत (1206 ईस्वी) और बाद में मुगल साम्राज्य (16वीं शताब्दी) के दौरान भारत में मुस्लिम आबादी और प्रभाव का तेजी से विस्तार हुआ। सूफी संतों की भी इसमें बड़ी भूमिका रही। [1, 2, 3]
क्या आप इसके बारे में कुछ और जानना चाहते हैं, जैसे:
केरल में इस्लाम के शुरुआती इतिहास के बारे में?
दिल्ली सल्तनत या मुगल काल के दौरान भारत में मुस्लिम आबादी के बढ़ने के कारणों के बारे में?
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Communications central गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    39 min ago
  • रंका में पैगंबर मोहम्मद साहब की जयंती पर निकला भव्य जुलूस, गूंजा ‘सरकार की आमद मरहबा’ का नारा रंका। रंका दर्जी मोहल्ला स्थित इस्लाहुल मुसलमीन कमेटी के तत्वावधान में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की जयंती के अवसर पर बुधवार को भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए। जुलूस पूरे उत्साह, अनुशासन और भाईचारे के माहौल में निकाला गया। जुलूस रंका दर्जी मोहल्ला से निकलकर रंका थाना मोड़ पहुंचा, जहां सोनपुरवा की ओर से निकाला गया जुलूस भी आकर इसमें शामिल हुआ। इसके बाद दोनों जुलूस एक साथ रंका मुख्य बाजार की ओर रवाना हुए। इस दौरान श्रद्धालु पूरे जोश के साथ ‘सरकार की आमद मरहबा’ सहित विभिन्न धार्मिक नारों का उद्घोष कर रहे थे। जुलूस के दौरान वातावरण पूरी तरह धार्मिक एवं उत्साहपूर्ण नजर आया। जुलूस रंका मुख्य बाजार होते हुए चेकनाका पहुंचा। इसके बाद सभी लोग तक्कू साह दाता के मजार शरीफ पर पहुंचे, जहां नमाज अदा कर अमन, शांति, भाईचारे और देश की खुशहाली के लिए दुआ की गई। नमाज के बाद जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से वापस रंका दर्जी मोहल्ला पहुंचा, जहां जुलूस का समापन किया गया। मौके पर लोगों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन और उनके संदेशों को याद किया। इस्लाम धर्म में हजरत मोहम्मद साहब को पैगंबर माना जाता है। उनका जन्म अरब के मक्का शहर में हुआ था। उन्होंने मानवता, सत्य, दया, न्याय, भाईचारे, गरीबों की मदद और शांति का संदेश दिया। उन्होंने लोगों को एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सम्मान रखने तथा जरूरतमंदों की सहायता करने की सीख दी। उनके जीवन और शिक्षाओं को मुस्लिम समाज के लिए आदर्श माना जाता है। जुलूस में रंका सदर शोएब खलीफा, डॉक्टर इस्लाम शाह, मोहम्मद खान, मोहम्मद नजीर, मोहम्मद परवेज, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद मुर्तुजा, मोहम्मद शमीम उर्फ गुड्डू सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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    रंका में पैगंबर मोहम्मद साहब की जयंती पर निकला भव्य जुलूस, गूंजा ‘सरकार की आमद मरहबा’ का नारा


रंका। रंका दर्जी मोहल्ला स्थित इस्लाहुल मुसलमीन कमेटी के तत्वावधान में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की जयंती के अवसर पर बुधवार को भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए। जुलूस पूरे उत्साह, अनुशासन और भाईचारे के माहौल में निकाला गया।
जुलूस रंका दर्जी मोहल्ला से निकलकर रंका थाना मोड़ पहुंचा, जहां सोनपुरवा की ओर से निकाला गया जुलूस भी आकर इसमें शामिल हुआ। इसके बाद दोनों जुलूस एक साथ रंका मुख्य बाजार की ओर रवाना हुए। इस दौरान श्रद्धालु पूरे जोश के साथ ‘सरकार की आमद मरहबा’ सहित विभिन्न धार्मिक नारों का उद्घोष कर रहे थे। जुलूस के दौरान वातावरण पूरी तरह धार्मिक एवं उत्साहपूर्ण नजर आया।
जुलूस रंका मुख्य बाजार होते हुए चेकनाका पहुंचा। इसके बाद सभी लोग तक्कू साह दाता के मजार शरीफ पर पहुंचे, जहां नमाज अदा कर अमन, शांति, भाईचारे और देश की खुशहाली के लिए दुआ की गई। नमाज के बाद जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से वापस रंका दर्जी मोहल्ला पहुंचा, जहां जुलूस का समापन किया गया।
मौके पर लोगों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन और उनके संदेशों को याद किया। इस्लाम धर्म में हजरत मोहम्मद साहब को  पैगंबर माना जाता है। उनका जन्म अरब के मक्का शहर में हुआ था। उन्होंने मानवता, सत्य, दया, न्याय, भाईचारे, गरीबों की मदद और शांति का संदेश दिया। उन्होंने लोगों को एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सम्मान रखने तथा जरूरतमंदों की सहायता करने की सीख दी। उनके जीवन और शिक्षाओं को मुस्लिम समाज के लिए आदर्श माना जाता है।
जुलूस में रंका सदर शोएब खलीफा, डॉक्टर इस्लाम शाह, मोहम्मद खान, मोहम्मद नजीर, मोहम्मद परवेज, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद मुर्तुजा, मोहम्मद शमीम उर्फ गुड्डू सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    22 hrs ago
  • नगर परिषद मुख्यालय में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मौके पर निकला जुलूस ए मोहम्मदी,सरकार की आमद मरहबा से गुंजा क्षेत्र विश्रामपुर नगर परिषद व आंचलिक क्षेत्र में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मौके पर परंपरागत तरीके से जुलूस ए मोहम्मदी निकाला गया। क्षेत्र के विभिन्न मदरसों से जुलूस निकला और विश्रामपुर नगर परिषद मुख्यालय में सभी जुलूस शामिल हुआ। जहां सभी जुलूस एक साथ होकर एसबीआई बैंक चौक से बस स्टैंड,थाना चौक होते हुये पुनः बस स्टैंड आया। जहां जुलूस का समापन हुआ।
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    नगर परिषद मुख्यालय में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मौके पर निकला जुलूस ए मोहम्मदी,सरकार की आमद मरहबा से गुंजा क्षेत्र
विश्रामपुर नगर परिषद व आंचलिक क्षेत्र में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मौके पर परंपरागत तरीके से जुलूस ए मोहम्मदी निकाला गया। क्षेत्र के विभिन्न मदरसों से जुलूस निकला और विश्रामपुर नगर परिषद मुख्यालय में सभी जुलूस शामिल हुआ। जहां सभी जुलूस एक साथ होकर एसबीआई बैंक चौक से बस स्टैंड,थाना चौक होते हुये पुनः बस स्टैंड आया। जहां जुलूस का समापन हुआ।
    user_पब्लिक लोकल न्यूज झारखंड
    पब्लिक लोकल न्यूज झारखंड
    विश्रामपुर, पलामू, झारखंड•
    23 hrs ago
  • जंगली हाथी का तांडव: दो बैलों को पटककर एक की ली जान, धान की फसल भी रौंदी चिनिया से हेमंत कुमारकी रिपोर्ट चिनियां थाना क्षेत्र के पाल्हे गांव में बुधवार की अहले सुबह करीब 3 बजे एक जंगली हाथी घुस आया और जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने सबसे पहले गांव निवासी इंद्रदेव सिंह और चंद्रिका सिंह के एक-एक बैल को उठाकर पटक दिया। घटना में एक बैल की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। ग्रामीणों के हल्ला-गुल्ला करने पर हाथी जंगल की ओर भाग गया। इस दौरान उसने कई किसानों के खेतों में लगी धान की फसल को भी रौंदकर बर्बाद कर दिया। घटना से ग्रामीणों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रभावित किसानों ने वन विभाग से अविलंब क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। घटना की सूचना मिलने के बाद सुबह करीब 8 बजे बन समिति अध्यक्ष संतोष यादव, वार्ड सदस्य शिवनाथ कोरवा, गोवर्धन यादव, सईया राधिका देवी, वासुदेव यादव, सूरजपुर वाले देवकी सिंह, योगेंद्र यादव और सूर्यवानी देवी समेत अन्य ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लेते हुए पीड़ित परिवारों को मदद का भरोसा दिया।
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    जंगली हाथी का तांडव: दो बैलों को पटककर एक की ली जान, धान की फसल भी रौंदी
चिनिया से हेमंत कुमारकी रिपोर्ट 
चिनियां थाना क्षेत्र के पाल्हे गांव में बुधवार की अहले सुबह करीब 3 बजे एक जंगली हाथी घुस आया और जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने सबसे पहले गांव निवासी इंद्रदेव सिंह और चंद्रिका सिंह के एक-एक बैल को उठाकर पटक दिया। घटना में एक बैल की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है।
ग्रामीणों के हल्ला-गुल्ला करने पर हाथी जंगल की ओर भाग गया। इस दौरान उसने कई किसानों के खेतों में लगी धान की फसल को भी रौंदकर बर्बाद कर दिया। घटना से ग्रामीणों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रभावित किसानों ने वन विभाग से अविलंब क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
घटना की सूचना मिलने के बाद सुबह करीब 8 बजे बन समिति अध्यक्ष संतोष यादव, वार्ड सदस्य शिवनाथ कोरवा, गोवर्धन यादव, सईया राधिका देवी, वासुदेव यादव, सूरजपुर वाले देवकी सिंह, योगेंद्र यादव और सूर्यवानी देवी समेत अन्य ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लेते हुए पीड़ित परिवारों को मदद का भरोसा दिया।
    user_Hemant Kumar.  (7294972353)
    Hemant Kumar. (7294972353)
    चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    20 hrs ago
  • इश भाई का सैलून है टूटा फूटा है मगर कारीगर अच्छा है आप कांडी प्रखंड अंतर्गत ग्राम घोड़दाग का आनंद ठाकुर जिसका नाम है बाल बहुत अच्छा बनाता है आप भी
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    इश भाई का सैलून है टूटा फूटा है मगर कारीगर अच्छा है आप 
कांडी प्रखंड अंतर्गत ग्राम घोड़दाग का आनंद ठाकुर जिसका नाम है बाल बहुत अच्छा बनाता है आप भी
    user_झारखंड सिर्फ सच न्यूज
    झारखंड सिर्फ सच न्यूज
    झारखंड मीडिया कांडी, गढ़वा, झारखंड•
    19 hrs ago
  • केतार (गढ़वा) धंगरडीहा में दो मौतें, पीड़ित परिवार को विधायक का सहारा
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    केतार (गढ़वा) धंगरडीहा में दो मौतें, पीड़ित परिवार को विधायक का सहारा
    user_The Update Abtak
    The Update Abtak
    Court reporter केतर, गढ़वा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • गुप्तकाशी शिवद्वार, घोरावल भोलेनाथ का जलाभिषेक कांवर जलाभिषेक का गर्भगृह से सीधा प्रसारण देखे वीडियो में
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    गुप्तकाशी शिवद्वार, घोरावल भोलेनाथ का जलाभिषेक कांवर जलाभिषेक का गर्भगृह से सीधा प्रसारण देखे वीडियो में
    user_संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
    संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
    Dudhi, Sonbhadra•
    1 hr ago
  • बिहार का एक 6 साल का बच्चा छात्र आंदोलन में दहाड़ा l शिक्षा एक ऐसा शेरनी का दुध है जो जितना पीयेगा उतना दहाड़ेगा या तो ये बच्चा अब्दुल कलाम बनेगा या नहीं तो नटवरलाल 420, इसलिए अभिभावक और अन्य समाजसेवी से विनम्र आग्रह है कि इसके पॉजिटिव एनर्जी को किसी बढ़िया स्कूल के माध्यम से निखारने में योगदान दीजिए और इसका भविष्य संवारिए अन्यथा ? मनीष जी अन्यथा ना लीजियेगा आप ही नहीं कोई और भी संक्षम व्यक्ति आपकी जानकारी में हो तो इस बच्चे की अच्छी शिक्षा के लिए व्यवस्था करवा दीजिए, पढ़ाई में इसकी गरीबी आड़े ना आए ,प्रखर जीनियस बुद्धि का धनी है, बहुत आगे जाएगा देश और समाज के काम आएगा l यह मेरा बिहार का भविष्य है यह मेरा देश का भविष्य है हमें इन पर गर्व है हमें बिहारी होने पर गर्व है बिहार दुनिया को बहुत कुछ दिया शायद यह बच्चा भी दुनिया को कुछ भी दे सकता है हमारे बाद यही संभालेंगे हमारे बिहार को और हमारे देश को l जियो मेरे शेर तुम्हारे जैसे हर घर में बच्चा होना चाहिए तुम्हारे मां-बाप को मैं सलाम करता हू यह बच्चा के बारे में कोई जाती तो नहीं पूछ रहा है हमको तो नहीं लगता है कोई कमेंट में जाति पूछेगा कि कौन सा जात का बच्चा है जो अच्छा है अच्छा है l जिस पुलिसकर्मी ने इस बच्चे के साथ अत्याचार किया है, वक्त आने पर यही बच्चा उसे सलाम करवाएगा—और उस दिन इतिहास गवाह होगा। आज यह बच्चा छोटा है, लेकिन जो कुछ इसके साथ हुआ है, उसे यह कभी नहीं भूलेगा। ऐसे अनुभव इंसान को अंदर से मजबूत बनाते हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में यह बच्चा अपनी मेहनत और हौसले से एक बड़ा मुकाम हासिल करेगा और समाज के लिए एक मजबूत आवाज बनेगा। आज जो अन्याय सह रहा है, कल वही अपने हक के लिए खड़ा होकर इतिहास लिख l मनीष भैया ये बच्चा एक दिन भविष्य में कुछ बड़ा करेगा। इसकी बौद्धिक क्षमता, यादाश्त एवं बेबाक बोलने का अंदाज बहुत प्रशंसनीय है। और भीड़ के बाहर बच्चों की स्थिति और सच्चाई दिखाने के लिए मनीष भैया आपको सलाम । पुलिस ने इनके माता पिता के साथ जो टॉर्चर किया ये बहुत निंदनीय है।इसको हमलोग फुल सपोर्ट करते हैं। जय हिंद ❤️📍
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    बिहार का एक 6 साल का बच्चा छात्र आंदोलन में दहाड़ा l शिक्षा एक ऐसा शेरनी का दुध है जो जितना पीयेगा उतना दहाड़ेगा
या तो ये बच्चा अब्दुल कलाम बनेगा या नहीं तो नटवरलाल 420, इसलिए अभिभावक और अन्य समाजसेवी से विनम्र आग्रह है कि इसके पॉजिटिव एनर्जी को किसी बढ़िया स्कूल के माध्यम से निखारने में योगदान दीजिए और इसका भविष्य संवारिए अन्यथा ?
मनीष जी अन्यथा ना लीजियेगा आप ही नहीं  कोई और भी संक्षम व्यक्ति आपकी जानकारी में हो तो इस बच्चे की अच्छी शिक्षा के लिए व्यवस्था करवा दीजिए, पढ़ाई में इसकी गरीबी आड़े ना आए ,प्रखर जीनियस बुद्धि का धनी है, बहुत आगे जाएगा देश और समाज के काम आएगा l
यह मेरा बिहार का भविष्य है यह मेरा देश का भविष्य है हमें इन पर गर्व है हमें बिहारी होने पर गर्व है बिहार दुनिया को बहुत कुछ दिया शायद यह बच्चा भी दुनिया को कुछ भी दे सकता है हमारे बाद यही संभालेंगे हमारे बिहार को और हमारे देश को l
जियो मेरे शेर तुम्हारे जैसे हर घर में बच्चा होना चाहिए तुम्हारे मां-बाप को मैं सलाम करता हू यह बच्चा के बारे में कोई जाती तो नहीं पूछ रहा है हमको तो नहीं लगता है कोई कमेंट में जाति पूछेगा कि कौन सा जात का बच्चा है जो अच्छा है अच्छा है l
जिस पुलिसकर्मी ने इस बच्चे के साथ अत्याचार किया है, वक्त आने पर यही बच्चा उसे सलाम करवाएगा—और उस दिन इतिहास गवाह होगा।
आज यह बच्चा छोटा है, लेकिन जो कुछ इसके साथ हुआ है, उसे यह कभी नहीं भूलेगा। ऐसे अनुभव इंसान को अंदर से मजबूत बनाते हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में यह बच्चा अपनी मेहनत और हौसले से एक बड़ा मुकाम हासिल करेगा और समाज के लिए एक मजबूत आवाज बनेगा।
आज जो अन्याय सह रहा है, कल वही अपने हक के लिए खड़ा होकर इतिहास लिख l
मनीष भैया ये बच्चा एक दिन भविष्य में कुछ बड़ा करेगा। इसकी बौद्धिक क्षमता, यादाश्त एवं बेबाक बोलने का अंदाज बहुत प्रशंसनीय है। और भीड़ के बाहर बच्चों की स्थिति और सच्चाई दिखाने के लिए मनीष भैया आपको सलाम । पुलिस ने इनके माता पिता के साथ जो टॉर्चर किया ये बहुत निंदनीय है।इसको हमलोग फुल सपोर्ट करते हैं। जय हिंद ❤️📍
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Communications central गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    23 hrs ago
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