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केतार (गढ़वा) धंगरडीहा में दो मौतें, पीड़ित परिवार को विधायक का सहारा
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केतार (गढ़वा) धंगरडीहा में दो मौतें, पीड़ित परिवार को विधायक का सहारा
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- केतार (गढ़वा) धंगरडीहा में दो मौतें, पीड़ित परिवार को विधायक का सहारा1
- इश भाई का सैलून है टूटा फूटा है मगर कारीगर अच्छा है आप कांडी प्रखंड अंतर्गत ग्राम घोड़दाग का आनंद ठाकुर जिसका नाम है बाल बहुत अच्छा बनाता है आप भी1
- मुगलो के जमाने का सजरा खाता (जो खातियान ) बोला जाता है l उसे देखकर प्रतीत होता है l भारत के मूल निवासी हिंदू मुस्लिम के वंश एक ही है l भारत में हिंदू और सनातन संस्कृति के लोग हजारों सालों (लगभग 5000 वर्ष या उससे भी अधिक) से रह रहे हैं। हिंदू धर्म को दुनिया का सबसे प्राचीन जीवित धर्म माना जाता है, जिसकी जड़ें भारतीय उपमहाद्वीप की मूल संस्कृति में हैं।मुख्य काल और इतिहाससिंधु घाटी सभ्यता (लगभग 2500–3000 ईसा पूर्व): आधुनिक हिंदू धर्म और यहाँ की संस्कृति के प्रमाण सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) से मिलते हैं। यहाँ की मूर्तियों, योगासन और प्रकृति पूजा के साक्ष्य आज के हिंदू धर्म से मेल खाते हैं।वैदिक काल (लगभग 1500 ईसा पूर्व): इस काल में वेदों की रचना हुई। इसे हिंदू धर्म के सिद्धांतों और संस्कारों का सुव्यवस्थित रूप माना जाता है।सनातन परंपरा: इतिहासकारों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हिंदू धर्म किसी एक व्यक्ति द्वारा या एक निश्चित समय पर शुरू नहीं हुआ था, बल्कि यह यहीं की भूमि पर विकसित हुआ एक जीवन जीने का तरीका है।क्या आप इसके बारे में कुछ और जानना चाहते हैं, जैसे:वैदिक काल की संस्कृतिसिंधु घाटी सभ्यता के अवशेष और धर्म दर्शसता है l भारत में मुसलमानों का रहना और इस्लाम का आना सातवीं शताब्दी (7th Century) में शुरू हुआ था। यह प्रक्रिया युद्ध के अलावा व्यापार और शांतिपूर्ण बस्तियों के जरिए हुई। [1, 2, 3] दक्षिण भारत और व्यापार (केरल) अरब व्यापारी इस्लाम के उदय से पहले भी भारत के पश्चिमी तट पर आते थे। 7वीं शताब्दी में पैगंबर मुहम्मद के जीवनकाल में ही कई अरब व्यापारी केरल और तटीय क्षेत्रों में बसने लगे। इन व्यापारियों ने स्थानीय महिलाओं से विवाह किए और यहाँ बस गए। इस तरह दक्षिण भारत में बिना किसी युद्ध के मुस्लिम समुदाय का आगमन हुआ। [1, 2] उत्तर भारत और सिंध (712 ईस्वी) उत्तर भारत में राजनीतिक और सैन्य स्तर पर इस्लाम का प्रवेश 712 ईस्वी में हुआ। अरब सेनापति मोहम्मद बिन कासिम ने सिंध पर आक्रमण किया और राजा दाहिर को हराया। इसके बाद सिंध क्षेत्र में पहली बार इस्लामिक शासन और बस्तियाँ मजबूती से स्थापित हुईं। [1, 2, 3] बाद का विस्तार (11वीं से 16वीं शताब्दी) 11वीं और 12वीं शताब्दी में महमूद गजनवी और गौरी के आक्रमण हुए। इसके बाद दिल्ली सल्तनत (1206 ईस्वी) और बाद में मुगल साम्राज्य (16वीं शताब्दी) के दौरान भारत में मुस्लिम आबादी और प्रभाव का तेजी से विस्तार हुआ। सूफी संतों की भी इसमें बड़ी भूमिका रही। [1, 2, 3] क्या आप इसके बारे में कुछ और जानना चाहते हैं, जैसे: केरल में इस्लाम के शुरुआती इतिहास के बारे में? दिल्ली सल्तनत या मुगल काल के दौरान भारत में मुस्लिम आबादी के बढ़ने के कारणों के बारे में?1
- गुप्तकाशी शिवद्वार, घोरावल भोलेनाथ का जलाभिषेक कांवर जलाभिषेक का गर्भगृह से सीधा प्रसारण देखे वीडियो में1
- कुएं में गिरे ब्लैक कोबरा का वन विभाग ने किया रेस्क्यू कुएं में गिरे ब्लैक कोबरा का वन विभाग ने किया रेस्क्यू रनटोला के जंगल में सुरक्षित छोड़ा, सर्पदंश पर झाड़-फूंक से बचने की अपील बाबू लाल शर्मा की रिपोर्ट म्योरपुर थाना क्षेत्र के गोविंदपुर स्थित बनवासी सेवा आश्रम की पुरानी कॉलोनी के एक कुएं में गिरे ब्लैक कोबरा को बुधवार को वन विभाग की पहल पर सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। स्नेक रेस्क्यू एक्सपर्ट सत्यम ने कड़ी मशक्कत और सावधानी के साथ सांप को कुएं से बाहर निकाला। इसके बाद उसे रनटोला के घने जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। सांप के रेस्क्यू होने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप पांडेय ने बुधवार को कुएं में सांप होने की सूचना डीएफओ कमल कुमार को दी। सूचना मिलते ही डीएफओ ने तत्काल स्नेक रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा। टीम के सदस्य सत्यम ने मौके पर पहुंचकर सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाया और ब्लैक कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।रेस्क्यू एक्सपर्ट सत्यम ने लोगों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें। पीड़ित को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाएं।2
- अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की मौत, रिश्तेदारी से लौट रहे थे दोनों दुद्धी सोनभद्र।दुद्धी तहसील क्षेत्र के अंतर्गत पिपरी थाना क्षेत्र के मकरा गांव के समीप बुधवार की भोर में अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। दोनों युवक रिश्तेदारी से वापस अपने गांव लौट रहे थे। हादसे की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को उपचार के लिए हिंडालको चिकित्सालय पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पिपरी थाना प्रभारी राजेश चौबे ने बताया कि म्योरपुर थाना क्षेत्र के किरवानी गांव निवासी उपेंद्र कुमार पुत्र विजय और रामप्रकाश पुत्र स्व. रामसुंदर मंगलवार को रिश्तेदारी में अनपरा थाना क्षेत्र के डिबुलगंज के समीप स्थित अमहवा गांव गए हुए थे। दोनों युवक बुधवार की भोर करीब चार बजे बाइक से अपने गांव वापस लौट रहे थे। इसी दौरान पिपरी थाना क्षेत्र में मकरा गांव के समीप उनकी बाइक को किसी अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। भोर के समय उधर से गुजर रहे वाहन चालकों ने सड़क पर घायलों को पड़ा देखा तो घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पिपरी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को उपचार के लिए हिंडालको चिकित्सालय ले गई। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बाइक के नंबर के आधार पर दोनों मृतकों की पहचान की और घटना की जानकारी उनके परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन थाने पहुंच गए। अपनों की मौत की खबर सुनकर परिवार में मातम छा गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी हुई है।3
- जंगली हाथी का तांडव: दो बैलों को पटककर एक की ली जान, धान की फसल भी रौंदी चिनिया से हेमंत कुमारकी रिपोर्ट चिनियां थाना क्षेत्र के पाल्हे गांव में बुधवार की अहले सुबह करीब 3 बजे एक जंगली हाथी घुस आया और जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने सबसे पहले गांव निवासी इंद्रदेव सिंह और चंद्रिका सिंह के एक-एक बैल को उठाकर पटक दिया। घटना में एक बैल की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। ग्रामीणों के हल्ला-गुल्ला करने पर हाथी जंगल की ओर भाग गया। इस दौरान उसने कई किसानों के खेतों में लगी धान की फसल को भी रौंदकर बर्बाद कर दिया। घटना से ग्रामीणों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रभावित किसानों ने वन विभाग से अविलंब क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। घटना की सूचना मिलने के बाद सुबह करीब 8 बजे बन समिति अध्यक्ष संतोष यादव, वार्ड सदस्य शिवनाथ कोरवा, गोवर्धन यादव, सईया राधिका देवी, वासुदेव यादव, सूरजपुर वाले देवकी सिंह, योगेंद्र यादव और सूर्यवानी देवी समेत अन्य ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लेते हुए पीड़ित परिवारों को मदद का भरोसा दिया।1
- बच्ची समेत दो लोग सर्पदंश के शिकार, सीएचसी दुद्धी में इलाज जारी दुद्धी (सोनभद्र)। क्षेत्र में जहरीले सांपों का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को अलग अलग स्थानों पर सर्पदंश की चपेट में आने से एक नौ वर्षीय बच्ची और एक महिला सर्पदंश की शिकार हो गई। दोनों पीड़ितों को परिजनों ने आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। पहला मामला कोन थाना क्षेत्र के कुड़वा गांव का बताया गया ,जहां हीरा यादव की नौ वर्षीय पुत्री काजल बुधवार सुबह करीब 9 बजे घर के पास स्थित हैंडपंप पर पानी लेने जा रही थी। रास्ते में घास में छिपे किसी अज्ञात विषैले सांप ने उसके दाएं पैर में डस लिया। बच्ची के चीखने पर पहुंचे परिजनों को जब घटना की जानकारी हुई, तो वे तत्काल उसे निजी साधन से सीएचसी दुद्धी लेकर पहुंचे। वहीं दूसरी घटना महुली गांव की है।45 वर्षीय रीता देवी (45)पत्नी जितेंद्र विश्वकर्मा सुबह लगभग 6 बजे खेत की तरफ गई थीं। इसी दौरान किसी अज्ञात सर्प ने उनके बाएं पैर में काट लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार दोनों मरीजों को एंटी वेनम देकर चिकित्सकों की देखरेख में रखा गया है और उनकी स्थिति पर नजर बनाई रखी जा रही है।2