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लालगढ़ व रेहला में स्थित 10+2 उच्च विद्यालय में अतिरिक्त वर्ग कक्षा भवन का स्थानीय विधायक में किया शिलान्यास विश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत लालगढ़ स्थित राजकीयकृत 10+2 उच्च विद्यालय तथा नगर परिषद मुख्यालय स्थित रेहला 10+2 जेबी उच्च विद्यालय में अतिरिक्त वर्ग कक्षा भवन का निर्माण कराया जायेगा। अतिरिक्त वर्ग कक्षा भवन का शिलान्यास स्थानीय विधायक नरेश प्रसाद सिंह ने शिलापट का अनावरण के बाद नारियल फोड़ कर किया।
पब्लिक लोकल न्यूज झारखंड
लालगढ़ व रेहला में स्थित 10+2 उच्च विद्यालय में अतिरिक्त वर्ग कक्षा भवन का स्थानीय विधायक में किया शिलान्यास विश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत लालगढ़ स्थित राजकीयकृत 10+2 उच्च विद्यालय तथा नगर परिषद मुख्यालय स्थित रेहला 10+2 जेबी उच्च विद्यालय में अतिरिक्त वर्ग कक्षा भवन का निर्माण कराया जायेगा। अतिरिक्त वर्ग कक्षा भवन का शिलान्यास स्थानीय विधायक नरेश प्रसाद सिंह ने शिलापट का अनावरण के बाद नारियल फोड़ कर किया।
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- लालगढ़ व रेहला में स्थित 10+2 उच्च विद्यालय में अतिरिक्त वर्ग कक्षा भवन का स्थानीय विधायक में किया शिलान्यास विश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत लालगढ़ स्थित राजकीयकृत 10+2 उच्च विद्यालय तथा नगर परिषद मुख्यालय स्थित रेहला 10+2 जेबी उच्च विद्यालय में अतिरिक्त वर्ग कक्षा भवन का निर्माण कराया जायेगा। अतिरिक्त वर्ग कक्षा भवन का शिलान्यास स्थानीय विधायक नरेश प्रसाद सिंह ने शिलापट का अनावरण के बाद नारियल फोड़ कर किया।1
- मुगलो के जमाने का सजरा खाता (जो खातियान ) बोला जाता है l उसे देखकर प्रतीत होता है l भारत के मूल निवासी हिंदू मुस्लिम के वंश एक ही है l भारत में हिंदू और सनातन संस्कृति के लोग हजारों सालों (लगभग 5000 वर्ष या उससे भी अधिक) से रह रहे हैं। हिंदू धर्म को दुनिया का सबसे प्राचीन जीवित धर्म माना जाता है, जिसकी जड़ें भारतीय उपमहाद्वीप की मूल संस्कृति में हैं।मुख्य काल और इतिहाससिंधु घाटी सभ्यता (लगभग 2500–3000 ईसा पूर्व): आधुनिक हिंदू धर्म और यहाँ की संस्कृति के प्रमाण सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) से मिलते हैं। यहाँ की मूर्तियों, योगासन और प्रकृति पूजा के साक्ष्य आज के हिंदू धर्म से मेल खाते हैं।वैदिक काल (लगभग 1500 ईसा पूर्व): इस काल में वेदों की रचना हुई। इसे हिंदू धर्म के सिद्धांतों और संस्कारों का सुव्यवस्थित रूप माना जाता है।सनातन परंपरा: इतिहासकारों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हिंदू धर्म किसी एक व्यक्ति द्वारा या एक निश्चित समय पर शुरू नहीं हुआ था, बल्कि यह यहीं की भूमि पर विकसित हुआ एक जीवन जीने का तरीका है।क्या आप इसके बारे में कुछ और जानना चाहते हैं, जैसे:वैदिक काल की संस्कृतिसिंधु घाटी सभ्यता के अवशेष और धर्म दर्शसता है l भारत में मुसलमानों का रहना और इस्लाम का आना सातवीं शताब्दी (7th Century) में शुरू हुआ था। यह प्रक्रिया युद्ध के अलावा व्यापार और शांतिपूर्ण बस्तियों के जरिए हुई। [1, 2, 3] दक्षिण भारत और व्यापार (केरल) अरब व्यापारी इस्लाम के उदय से पहले भी भारत के पश्चिमी तट पर आते थे। 7वीं शताब्दी में पैगंबर मुहम्मद के जीवनकाल में ही कई अरब व्यापारी केरल और तटीय क्षेत्रों में बसने लगे। इन व्यापारियों ने स्थानीय महिलाओं से विवाह किए और यहाँ बस गए। इस तरह दक्षिण भारत में बिना किसी युद्ध के मुस्लिम समुदाय का आगमन हुआ। [1, 2] उत्तर भारत और सिंध (712 ईस्वी) उत्तर भारत में राजनीतिक और सैन्य स्तर पर इस्लाम का प्रवेश 712 ईस्वी में हुआ। अरब सेनापति मोहम्मद बिन कासिम ने सिंध पर आक्रमण किया और राजा दाहिर को हराया। इसके बाद सिंध क्षेत्र में पहली बार इस्लामिक शासन और बस्तियाँ मजबूती से स्थापित हुईं। [1, 2, 3] बाद का विस्तार (11वीं से 16वीं शताब्दी) 11वीं और 12वीं शताब्दी में महमूद गजनवी और गौरी के आक्रमण हुए। इसके बाद दिल्ली सल्तनत (1206 ईस्वी) और बाद में मुगल साम्राज्य (16वीं शताब्दी) के दौरान भारत में मुस्लिम आबादी और प्रभाव का तेजी से विस्तार हुआ। सूफी संतों की भी इसमें बड़ी भूमिका रही। [1, 2, 3] क्या आप इसके बारे में कुछ और जानना चाहते हैं, जैसे: केरल में इस्लाम के शुरुआती इतिहास के बारे में? दिल्ली सल्तनत या मुगल काल के दौरान भारत में मुस्लिम आबादी के बढ़ने के कारणों के बारे में?1
- इश भाई का सैलून है टूटा फूटा है मगर कारीगर अच्छा है आप कांडी प्रखंड अंतर्गत ग्राम घोड़दाग का आनंद ठाकुर जिसका नाम है बाल बहुत अच्छा बनाता है आप भी1
- जमौती में ग्राम सभा आयोजित, खेल मैदान की मांग के साथ ग्रामीणों को दी गई कानूनी जानकारी माननीय झालसा, रांची के निर्देश तथा सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) गढ़वा मनोज प्रसाद एवं सचिव निभा रंजना लकड़ा के निर्देशानुसार 27 अगस्त 2026 को भंडरिया प्रखंड की करचाली पंचायत अंतर्गत ग्राम जमौती में ग्राम सभा का आयोजन किया गया। बैठक में ग्रामीणों ने गांव के बच्चों के लिए खेल मैदान उपलब्ध कराने की मांग वन विभाग के समक्ष रखी। इस दौरान वन विभाग के फ्लिस्टर कमलेश कुमार राम, वनरक्षी दयानंद राम, ग्राम प्रधान सुनीत मिंज, वन अध्यक्ष परमेश्वर केरकेट्टा, वन समिति अध्यक्ष मनोज कच्छप, सचिव रेशमा खाखा, ग्राम समिति सचिव प्रेमचंद तिर्की, महिला सदस्य रंजना टोप्पो सहित ग्रामीण एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भंडरिया प्रखंड के पीएलवी राजेश कुमार चौधरी एवं भंडरिया थाना के पीएलवी लाजरूस तिर्की ने बाल विवाह, महिला उत्पीड़न, छात्रवृत्ति, पेंशन, नशामुक्ति, निःशुल्क कानूनी सहायता एवं साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी। पीएलवी राजेश कुमार चौधरी ने लोक अदालत एवं डीएलएसए के माध्यम से छोटे-मोटे विवादों का आपसी सहमति से त्वरित और सरल समाधान संभव होने की जानकारी दी। ग्रामीणों को स्थायी लोक अदालत, पर्यावरण संरक्षण, गरीबी उन्मूलन से संबंधित नालसा योजनाओं तथा कानूनी सहायता के टोल-फ्री नंबर 15100 के बारे में भी बताया गया। उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी नागरिकों को शोषण और अन्याय के विरुद्ध मजबूती से खड़े होने का अधिकार देती है।1
- जंगली हाथी का तांडव: दो बैलों को पटककर एक की ली जान, धान की फसल भी रौंदी चिनिया से हेमंत कुमारकी रिपोर्ट चिनियां थाना क्षेत्र के पाल्हे गांव में बुधवार की अहले सुबह करीब 3 बजे एक जंगली हाथी घुस आया और जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने सबसे पहले गांव निवासी इंद्रदेव सिंह और चंद्रिका सिंह के एक-एक बैल को उठाकर पटक दिया। घटना में एक बैल की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। ग्रामीणों के हल्ला-गुल्ला करने पर हाथी जंगल की ओर भाग गया। इस दौरान उसने कई किसानों के खेतों में लगी धान की फसल को भी रौंदकर बर्बाद कर दिया। घटना से ग्रामीणों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रभावित किसानों ने वन विभाग से अविलंब क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। घटना की सूचना मिलने के बाद सुबह करीब 8 बजे बन समिति अध्यक्ष संतोष यादव, वार्ड सदस्य शिवनाथ कोरवा, गोवर्धन यादव, सईया राधिका देवी, वासुदेव यादव, सूरजपुर वाले देवकी सिंह, योगेंद्र यादव और सूर्यवानी देवी समेत अन्य ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लेते हुए पीड़ित परिवारों को मदद का भरोसा दिया।1
- केतार (गढ़वा) धंगरडीहा में दो मौतें, पीड़ित परिवार को विधायक का सहारा1
- गुप्तकाशी शिवद्वार, घोरावल भोलेनाथ का जलाभिषेक कांवर जलाभिषेक का गर्भगृह से सीधा प्रसारण देखे वीडियो में1
- रक्षाबंधन के मौके पर रेहला के ज्ञान निकेतन में कई कार्यक्रम का हुआ आयोजन रक्षाबंधन के मौके पर रेहला के ज्ञान निकेतन में प्रतियोगिता सहित कई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक अमित कुमार सिंह बाबुल व संचालन प्राचार्य मनीष कुमार पांडेय ने किया।1