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मंडला जिले की जनपद पंचायत घुघरी अंतर्गत ग्राम पंचायत लाटो के नंदा मोहल्ला में एक निर्माणाधीन पुल अधूरा पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में ग्रामीण और खासकर स्कूली बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर लकड़ी के सहारे नाला पार करने को मजबूर हैं। इस अधूरी परियोजना के चलते कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है, और ग्रामीण प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदार विभाग नींद से जागेगा? ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल पुल निर्माण कार्य को पूरा करने की पुरजोर मांग की है, ताकि क्षेत्र में सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जा सके और लोगों की जान पर बन रहे खतरे को टाला जा सके।

1 day ago
user_Pankaj Jhariya
Pankaj Jhariya
News Anchor घुघरी, मंडला, मध्य प्रदेश•
1 day ago

मंडला जिले की जनपद पंचायत घुघरी अंतर्गत ग्राम पंचायत लाटो के नंदा मोहल्ला में एक निर्माणाधीन पुल अधूरा पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में ग्रामीण और खासकर स्कूली बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर लकड़ी के सहारे नाला पार करने को मजबूर हैं। इस अधूरी परियोजना के चलते कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है, और ग्रामीण प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदार विभाग नींद से जागेगा? ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल पुल निर्माण कार्य को पूरा करने की पुरजोर मांग की है, ताकि क्षेत्र में सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जा सके और लोगों की जान पर बन रहे खतरे को टाला जा सके।

  • user_Mnaoj
    Mnaoj
    Ghughari, Mandla
    🙏
    3 hrs ago
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • अग्निमंडल समूह ने मनीष बर्मन और उनके साथियों को सम्मानित किया है। यह सम्मान बलाई पुल पर एक बोलेरो पलटने के हादसे में 4 लोगों की जान बचाने के लिए दिया गया। मनीष बर्मन और उनके साथियों ने पलटी हुई बोलेरो से घायलों को बाहर निकालकर उनकी मदद की, जिसके बाद इन युवाओं को इस साहसिक कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
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    अग्निमंडल समूह ने मनीष बर्मन और उनके साथियों को सम्मानित किया है। यह सम्मान बलाई पुल पर एक बोलेरो पलटने के हादसे में 4 लोगों की जान बचाने के लिए दिया गया। मनीष बर्मन और उनके साथियों ने पलटी हुई बोलेरो से घायलों को बाहर निकालकर उनकी मदद की, जिसके बाद इन युवाओं को इस साहसिक कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
    user_Prahlad Kachhwaha
    Prahlad Kachhwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा दिए गए बयान पर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस मामले में, मंडला सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने दिग्विजय सिंह के बयान पर तीखा पलटवार किया है।
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    राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा दिए गए बयान पर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस मामले में, मंडला सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने दिग्विजय सिंह के बयान पर तीखा पलटवार किया है।
    user_Salim khan
    Salim khan
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • डिण्डौरी में भारतीय किसान संघ ने किसानों और ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में शहपुरा में 132 केवी विद्युत सबस्टेशन का काम तुरंत शुरू कराने, बिलगड़ा बांध के वेस्टवेयर और ढोंढ़ा बैगा टोला के घरों में आई दरारों की जांच कराने, कृषि उपसंचालक द्वारा किसानों के फोन न उठाने पर नाराजगी जताते हुए मार्गदर्शन मांगने और उद्यानिकी विभाग के स्थायी कार्यालय स्थापित करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। संघ ने बताया कि शहपुरा विकासखंड में मजबूत विद्युत व्यवस्था के लिए लंबे समय से 132 केवी सबस्टेशन की मांग की जा रही है। एक साल पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालपुर में एक कार्यक्रम के दौरान शहपुरा में 132 केवी सबस्टेशन स्थापित करने की घोषणा की थी, लेकिन निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ। इससे शहपुरा और मेंहदवानी विकासखंड के 316 गाँव अघोषित बिजली कटौती से प्रभावित हैं, जिससे किसानों, पेयजल व्यवस्था, शिक्षा और दैनिक जीवन पर बुरा असर पड़ रहा है। किसान संघ ने मुख्यमंत्री की घोषणा पर तत्काल अमल करते हुए सबस्टेशन का निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की। ज्ञापन में बिलगड़ा जलाशय मध्यम परियोजना के इंटेकवेल निर्माण के दौरान हुई ब्लास्टिंग का मुद्दा भी उठाया गया। किसान संघ का आरोप है कि इस ब्लास्टिंग के कारण बांध के वेस्टवेयर और ढोंढ़ा बैगा टोला के दर्जनों मकानों में दरारें आ गई हैं। संघ ने आशंका व्यक्त की है कि यदि समय रहते जांच और मरम्मत नहीं की गई तो भविष्य में जनहानि या कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने विशेषज्ञों से तत्काल जांच कराकर सुरक्षा और मरम्मत कार्य कराने की मांग की है। कृषि उपसंचालक के कार्य व्यवहार को लेकर भी किसान संघ ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। ज्ञापन में कहा गया है कि कृषि उपसंचालक किसानों के फोन कॉल रिसीव नहीं करते, जिससे किसान अपनी समस्याएं नहीं बता पाते। खरीफ सीजन के दौरान समय पर बीज उपलब्ध न होने के कारण कई किसानों की बोनी प्रभावित हुई थी। संघ ने सवाल उठाया कि जब अधिकारी किसानों की बात ही नहीं सुनेंगे, तो शासन की योजनाओं का लाभ उन तक कैसे पहुँचेगा और किसान किससे बात करें। इसके अतिरिक्त, किसान संघ ने उद्यानिकी विभाग के जिला और विकासखंड स्तर पर स्थायी कार्यालय स्थापित करने की भी मांग की। संघ का कहना है कि स्थायी कार्यालय न होने से किसानों को योजनाओं और तकनीकी सेवाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पाता और उन्हें अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती है। संघ ने सभी विकासखंडों में उद्यानिकी विभाग के स्थायी कार्यालय जनपद पंचायत या कृषि विभाग परिसर में संचालित करने का सुझाव दिया। ज्ञापन सौंपने के दौरान भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू, जिला कोषाध्यक्ष विवेकानंद साहू सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो किसानों के हित में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
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    डिण्डौरी में भारतीय किसान संघ ने किसानों और ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में शहपुरा में 132 केवी विद्युत सबस्टेशन का काम तुरंत शुरू कराने, बिलगड़ा बांध के वेस्टवेयर और ढोंढ़ा बैगा टोला के घरों में आई दरारों की जांच कराने, कृषि उपसंचालक द्वारा किसानों के फोन न उठाने पर नाराजगी जताते हुए मार्गदर्शन मांगने और उद्यानिकी विभाग के स्थायी कार्यालय स्थापित करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।

संघ ने बताया कि शहपुरा विकासखंड में मजबूत विद्युत व्यवस्था के लिए लंबे समय से 132 केवी सबस्टेशन की मांग की जा रही है। एक साल पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालपुर में एक कार्यक्रम के दौरान शहपुरा में 132 केवी सबस्टेशन स्थापित करने की घोषणा की थी, लेकिन निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ। इससे शहपुरा और मेंहदवानी विकासखंड के 316 गाँव अघोषित बिजली कटौती से प्रभावित हैं, जिससे किसानों, पेयजल व्यवस्था, शिक्षा और दैनिक जीवन पर बुरा असर पड़ रहा है। किसान संघ ने मुख्यमंत्री की घोषणा पर तत्काल अमल करते हुए सबस्टेशन का निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की।

ज्ञापन में बिलगड़ा जलाशय मध्यम परियोजना के इंटेकवेल निर्माण के दौरान हुई ब्लास्टिंग का मुद्दा भी उठाया गया। किसान संघ का आरोप है कि इस ब्लास्टिंग के कारण बांध के वेस्टवेयर और ढोंढ़ा बैगा टोला के दर्जनों मकानों में दरारें आ गई हैं। संघ ने आशंका व्यक्त की है कि यदि समय रहते जांच और मरम्मत नहीं की गई तो भविष्य में जनहानि या कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने विशेषज्ञों से तत्काल जांच कराकर सुरक्षा और मरम्मत कार्य कराने की मांग की है।

कृषि उपसंचालक के कार्य व्यवहार को लेकर भी किसान संघ ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। ज्ञापन में कहा गया है कि कृषि उपसंचालक किसानों के फोन कॉल रिसीव नहीं करते, जिससे किसान अपनी समस्याएं नहीं बता पाते। खरीफ सीजन के दौरान समय पर बीज उपलब्ध न होने के कारण कई किसानों की बोनी प्रभावित हुई थी। संघ ने सवाल उठाया कि जब अधिकारी किसानों की बात ही नहीं सुनेंगे, तो शासन की योजनाओं का लाभ उन तक कैसे पहुँचेगा और किसान किससे बात करें।

इसके अतिरिक्त, किसान संघ ने उद्यानिकी विभाग के जिला और विकासखंड स्तर पर स्थायी कार्यालय स्थापित करने की भी मांग की। संघ का कहना है कि स्थायी कार्यालय न होने से किसानों को योजनाओं और तकनीकी सेवाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पाता और उन्हें अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती है। संघ ने सभी विकासखंडों में उद्यानिकी विभाग के स्थायी कार्यालय जनपद पंचायत या कृषि विभाग परिसर में संचालित करने का सुझाव दिया।

ज्ञापन सौंपने के दौरान भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू, जिला कोषाध्यक्ष विवेकानंद साहू सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो किसानों के हित में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • घंसौर के किंदरई स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की बाउंड्रीवॉल गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को लगातार हो रही बारिश के कारण अचानक भरभराकर गिर गई। इस घटना के समय कोई जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। बाउंड्रीवॉल के गिरने के बाद इसके निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि मामूली बारिश में दीवार का ढह जाना निर्माण में गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की गहन जांच करने, दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने और क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवॉल का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।
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    घंसौर के किंदरई स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की बाउंड्रीवॉल गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को लगातार हो रही बारिश के कारण अचानक भरभराकर गिर गई। इस घटना के समय कोई जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

बाउंड्रीवॉल के गिरने के बाद इसके निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि मामूली बारिश में दीवार का ढह जाना निर्माण में गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की गहन जांच करने, दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने और क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवॉल का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।
    user_Umesh Srivastava
    Umesh Srivastava
    घनसौर, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • सिवनी जिले के धनोरा क्षेत्र में नाथ सम्प्रदाय के सबसे बुजुर्ग संत, जो कुंडलवाले दादाजी के नाम से विख्यात थे, का 109 वर्ष की आयु में परलोकगमन हो गया। संत जी 8 जुलाई 2026 को ब्रह्मलीन हुए। उनके ब्रह्मलीन होने की सूचना मिलते ही दूर-दूर से भक्त और हजारों की संख्या में संत उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंच गए। सभी भक्तों और संतों के सानिध्य में उन्हें समाधि दी गई।
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    सिवनी जिले के धनोरा क्षेत्र में नाथ सम्प्रदाय के सबसे बुजुर्ग संत, जो कुंडलवाले दादाजी के नाम से विख्यात थे, का 109 वर्ष की आयु में परलोकगमन हो गया। संत जी 8 जुलाई 2026 को ब्रह्मलीन हुए।

उनके ब्रह्मलीन होने की सूचना मिलते ही दूर-दूर से भक्त और हजारों की संख्या में संत उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंच गए। सभी भक्तों और संतों के सानिध्य में उन्हें समाधि दी गई।
    user_Ramnaresh Patel bhagatji
    Ramnaresh Patel bhagatji
    Doctor धनोरा, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उमरिया जिले की मानपुर जनपद पंचायत के ग्राम पड़वार स्थित हलफल-भदार नदी पर पुल का अभाव बारिश के मौसम में एक बड़ी मुसीबत बन गया है। नदी का जलस्तर बढ़ते ही बचहा, मुडगुड़ी, सलैया, कुंडी, भरौली और पड़वार सहित आसपास के गांवों का संपर्क टूट जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। इस स्थिति से सबसे अधिक जूझना छात्र-छात्राओं को पड़ रहा है, जो पड़वार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने जाते हैं। सामान्य दिनों में विद्यालय की दूरी 4 से 5 किलोमीटर है, लेकिन बरसात में नदी उफान पर होने के कारण उन्हें अमरपुर होकर 18 से 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। विद्यार्थियों की पढ़ाई पर इसका सीधा असर पड़ रहा है और कई बार स्कूल पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ग्राम कुंडी के पास बने स्टॉप डेम में किए गए अवरोध के कारण जलभराव की समस्या और बढ़ गई है, जिससे न केवल आवागमन प्रभावित है बल्कि किसानों की कृषि भूमि का कटाव भी हो रहा है। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि वे वर्षों से पुल की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) या अन्य योजनाओं के माध्यम से पुल निर्माण की मांग रखी है। ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में अपनी पढ़ाई और पुल की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं ने 'नदी बचाओ आंदोलन' का समर्थन किया था, जिसके बाद जिला प्रशासन ने कुछ शिक्षकों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई तो की, लेकिन पुल के निर्माण पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। अब ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से बरसात के दौरान मौके का निरीक्षण करने और पुल निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे क्षेत्रीय नागरिकों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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    उमरिया जिले की मानपुर जनपद पंचायत के ग्राम पड़वार स्थित हलफल-भदार नदी पर पुल का अभाव बारिश के मौसम में एक बड़ी मुसीबत बन गया है। नदी का जलस्तर बढ़ते ही बचहा, मुडगुड़ी, सलैया, कुंडी, भरौली और पड़वार सहित आसपास के गांवों का संपर्क टूट जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है।

इस स्थिति से सबसे अधिक जूझना छात्र-छात्राओं को पड़ रहा है, जो पड़वार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने जाते हैं। सामान्य दिनों में विद्यालय की दूरी 4 से 5 किलोमीटर है, लेकिन बरसात में नदी उफान पर होने के कारण उन्हें अमरपुर होकर 18 से 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। विद्यार्थियों की पढ़ाई पर इसका सीधा असर पड़ रहा है और कई बार स्कूल पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ग्राम कुंडी के पास बने स्टॉप डेम में किए गए अवरोध के कारण जलभराव की समस्या और बढ़ गई है, जिससे न केवल आवागमन प्रभावित है बल्कि किसानों की कृषि भूमि का कटाव भी हो रहा है।

ग्रामीणों ने शिकायत की है कि वे वर्षों से पुल की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) या अन्य योजनाओं के माध्यम से पुल निर्माण की मांग रखी है। ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में अपनी पढ़ाई और पुल की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं ने 'नदी बचाओ आंदोलन' का समर्थन किया था, जिसके बाद जिला प्रशासन ने कुछ शिक्षकों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई तो की, लेकिन पुल के निर्माण पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

अब ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से बरसात के दौरान मौके का निरीक्षण करने और पुल निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे क्षेत्रीय नागरिकों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
    user_सतीश पांडे मध्य प्रदेश
    सतीश पांडे मध्य प्रदेश
    Newspaper publisher पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • कान्हा के घने जंगलों में 'ऑपरेशन मानसून' नामक एक विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत अगले तीन महीनों के लिए हाई अलर्ट घोषित किया गया है। इस दौरान जंगलों में सुरक्षा का सख्त पहरा रहेगा। वन विभाग को उम्मीद है कि यह विशेष अभियान बाघों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करेगा।
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    कान्हा के घने जंगलों में 'ऑपरेशन मानसून' नामक एक विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत अगले तीन महीनों के लिए हाई अलर्ट घोषित किया गया है। इस दौरान जंगलों में सुरक्षा का सख्त पहरा रहेगा। वन विभाग को उम्मीद है कि यह विशेष अभियान बाघों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करेगा।
    user_Salim khan
    Salim khan
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • धान की रखवाली का जिम्मा संभाल रही एक कंपनी की घोर लापरवाही के कारण, सरकार का लगभग ढाई करोड़ रुपये का धान देखते ही देखते भूसा बन गया। इस गंभीर मामले में संबंधित कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, और यह प्रकरण अब न्यायालय में विचाराधीन है। इस बड़ी घटना के बाद सबसे अहम सवाल यह खड़ा हो गया है कि सरकारी खजाने को हुए करोड़ों रुपये के इस भारी नुकसान की भरपाई आखिर कब होगी और इसकी जवाबदेही कौन तय करेगा।
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    धान की रखवाली का जिम्मा संभाल रही एक कंपनी की घोर लापरवाही के कारण, सरकार का लगभग ढाई करोड़ रुपये का धान देखते ही देखते भूसा बन गया। इस गंभीर मामले में संबंधित कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, और यह प्रकरण अब न्यायालय में विचाराधीन है। इस बड़ी घटना के बाद सबसे अहम सवाल यह खड़ा हो गया है कि सरकारी खजाने को हुए करोड़ों रुपये के इस भारी नुकसान की भरपाई आखिर कब होगी और इसकी जवाबदेही कौन तय करेगा।
    user_Neelesh THAKUR
    Neelesh THAKUR
    Mandla, Madhya Pradesh•
    22 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के उमरिया जिले से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे-43 पर गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। उमरिया कोतवाली क्षेत्र के भरौला गाँव के पास सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से तेज रफ्तार एर्टिगा कार जा टकराई। यह टक्कर इतनी भयावह थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार पाँच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एर्टिगा कार अनूपपुर जिले से चित्रकूट की ओर जा रही थी। भरौला के समीप पहुँचते ही चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिसके परिणामस्वरूप कार सीधे हाईवे किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी। इस जबरदस्त टक्कर में मौके पर ही चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएँ, एक पुरुष और एक तीन वर्षीय मासूम बच्चा शामिल हैं। वहीं, एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही उमरिया कोतवाली पुलिस मौके पर पहुँची और स्थानीय लोगों की मदद से कार में फँसे लोगों को बाहर निकाला। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जाँच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और सड़क किनारे खड़े ट्रक को ही इस दर्दनाक हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस मृतकों की पहचान करने और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
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    मध्य प्रदेश के उमरिया जिले से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे-43 पर गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। उमरिया कोतवाली क्षेत्र के भरौला गाँव के पास सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से तेज रफ्तार एर्टिगा कार जा टकराई। यह टक्कर इतनी भयावह थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार पाँच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एर्टिगा कार अनूपपुर जिले से चित्रकूट की ओर जा रही थी। भरौला के समीप पहुँचते ही चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिसके परिणामस्वरूप कार सीधे हाईवे किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी। इस जबरदस्त टक्कर में मौके पर ही चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएँ, एक पुरुष और एक तीन वर्षीय मासूम बच्चा शामिल हैं। वहीं, एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

हादसे की सूचना मिलते ही उमरिया कोतवाली पुलिस मौके पर पहुँची और स्थानीय लोगों की मदद से कार में फँसे लोगों को बाहर निकाला। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जाँच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और सड़क किनारे खड़े ट्रक को ही इस दर्दनाक हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस मृतकों की पहचान करने और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
    user_Tapas Gupta
    Tapas Gupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
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