Shuru
Apke Nagar Ki App…
अग्निमंडल समूह ने मनीष बर्मन और उनके साथियों को सम्मानित किया है। यह सम्मान बलाई पुल पर एक बोलेरो पलटने के हादसे में 4 लोगों की जान बचाने के लिए दिया गया। मनीष बर्मन और उनके साथियों ने पलटी हुई बोलेरो से घायलों को बाहर निकालकर उनकी मदद की, जिसके बाद इन युवाओं को इस साहसिक कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
Prahlad Kachhwaha
अग्निमंडल समूह ने मनीष बर्मन और उनके साथियों को सम्मानित किया है। यह सम्मान बलाई पुल पर एक बोलेरो पलटने के हादसे में 4 लोगों की जान बचाने के लिए दिया गया। मनीष बर्मन और उनके साथियों ने पलटी हुई बोलेरो से घायलों को बाहर निकालकर उनकी मदद की, जिसके बाद इन युवाओं को इस साहसिक कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- अग्निमंडल समूह ने मनीष बर्मन और उनके साथियों को सम्मानित किया है। यह सम्मान बलाई पुल पर एक बोलेरो पलटने के हादसे में 4 लोगों की जान बचाने के लिए दिया गया। मनीष बर्मन और उनके साथियों ने पलटी हुई बोलेरो से घायलों को बाहर निकालकर उनकी मदद की, जिसके बाद इन युवाओं को इस साहसिक कार्य के लिए सम्मानित किया गया।1
- राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा दिए गए बयान पर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस मामले में, मंडला सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने दिग्विजय सिंह के बयान पर तीखा पलटवार किया है।1
- जबलपुर के एक भक्त ने धर्म संगठन के बाबा के प्रति अपनी अटूट निष्ठा व्यक्त करते हुए उन्हें ही अपना एकमात्र सहारा बताया है। भक्त का मानना है कि दुनिया मतलबी है और केवल बाबा ही सच्चे हैं। इस श्रद्धा भाव के साथ भक्त ने राधे-राधे का उद्घोष किया है।1
- डिंडोरी से अमरकंटक को जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित कूड़ा गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे नाली निर्माण के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस निर्माण कार्य के चलते गांव के बीच का रास्ता अवरुद्ध हो गया है, जिससे एक ओर तो चारों तरफ कीचड़ फैल गई है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों को आवाजाही में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या जीआरटीसी कंपनी द्वारा पैदा की गई है, जो इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर नाली का निर्माण कार्य करवा रही है, और ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी उनकी परेशानियों से पूरी तरह बेखबर है।4
- मध्य प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को राज्य सरकार की ओर से एक वर्ष तक प्रतिमाह ₹1,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती से प्राकृतिक खेती की ओर प्रोत्साहित करना है, जिससे टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल कृषि प्रणाली को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बात पर जोर दिया कि प्राकृतिक खेती से खेती की लागत कम होती है, मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलता है। उन्होंने यह भी बताया कि इसके माध्यम से किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित कृषि उत्पाद प्राप्त होते हैं, जिससे उनकी आय बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।1
- बुधवार रात जबलपुर रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब टीबी (क्षय रोग) से परेशान एक युवक ने अमरकंटक एक्सप्रेस के सामने रेलवे ट्रैक पर लेटकर आत्महत्या का प्रयास किया। लोको पायलट की सतर्कता और आरपीएफ जवान की त्वरित कार्रवाई से युवक की जान बच गई। यह घटना रात करीब 10 बजे की है, जब रायपुर से जबलपुर आ रही गाड़ी संख्या 12854 अमरकंटक एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर प्रवेश कर रही थी। उसी दौरान युवक अचानक मुख्य प्रवेश द्वार के सामने ट्रैक पर जा लेटा। प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों द्वारा शोर मचाने पर लोको पायलट ने तुरंत ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ पोस्ट जबलपुर के आरक्षक चन्द्रेश्वर सिंह मौके पर पहुंचे और युवक को ट्रेन के सामने से सुरक्षित हटाया। पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान आजाद नगर, सुभाष वार्ड, कटरा, थाना अधारताल निवासी 30 वर्षीय मुकेश मेश्राम के रूप में बताई। मुकेश ने आरपीएफ को बताया कि वह लंबे समय से टीबी की बीमारी से पीड़ित है। इलाज पर काफी खर्च करने के बावजूद स्वास्थ्य में सुधार न होने के कारण वह मानसिक रूप से परेशान था और इसी वजह से आत्महत्या करने के इरादे से स्टेशन पहुंचा था। आरपीएफ उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार ने घटना की सूचना युवक के परिजनों को दी, जिसके कुछ देर बाद उसका भांजा रोहित सोनकर आरपीएफ पोस्ट पहुंचा। आवश्यक कार्रवाई पूरी होने के बाद मुकेश को उसके बैग और मोबाइल सहित परिजनों को सौंप दिया गया।2
- कान्हा के घने जंगलों में 'ऑपरेशन मानसून' नामक एक विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत अगले तीन महीनों के लिए हाई अलर्ट घोषित किया गया है। इस दौरान जंगलों में सुरक्षा का सख्त पहरा रहेगा। वन विभाग को उम्मीद है कि यह विशेष अभियान बाघों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करेगा।1
- धान की रखवाली का जिम्मा संभाल रही एक कंपनी की घोर लापरवाही के कारण, सरकार का लगभग ढाई करोड़ रुपये का धान देखते ही देखते भूसा बन गया। इस गंभीर मामले में संबंधित कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, और यह प्रकरण अब न्यायालय में विचाराधीन है। इस बड़ी घटना के बाद सबसे अहम सवाल यह खड़ा हो गया है कि सरकारी खजाने को हुए करोड़ों रुपये के इस भारी नुकसान की भरपाई आखिर कब होगी और इसकी जवाबदेही कौन तय करेगा।1
- डिण्डौरी में भारतीय किसान संघ ने किसानों और ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में शहपुरा में 132 केवी विद्युत सबस्टेशन का काम तुरंत शुरू कराने, बिलगड़ा बांध के वेस्टवेयर और ढोंढ़ा बैगा टोला के घरों में आई दरारों की जांच कराने, कृषि उपसंचालक द्वारा किसानों के फोन न उठाने पर नाराजगी जताते हुए मार्गदर्शन मांगने और उद्यानिकी विभाग के स्थायी कार्यालय स्थापित करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। संघ ने बताया कि शहपुरा विकासखंड में मजबूत विद्युत व्यवस्था के लिए लंबे समय से 132 केवी सबस्टेशन की मांग की जा रही है। एक साल पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालपुर में एक कार्यक्रम के दौरान शहपुरा में 132 केवी सबस्टेशन स्थापित करने की घोषणा की थी, लेकिन निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ। इससे शहपुरा और मेंहदवानी विकासखंड के 316 गाँव अघोषित बिजली कटौती से प्रभावित हैं, जिससे किसानों, पेयजल व्यवस्था, शिक्षा और दैनिक जीवन पर बुरा असर पड़ रहा है। किसान संघ ने मुख्यमंत्री की घोषणा पर तत्काल अमल करते हुए सबस्टेशन का निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की। ज्ञापन में बिलगड़ा जलाशय मध्यम परियोजना के इंटेकवेल निर्माण के दौरान हुई ब्लास्टिंग का मुद्दा भी उठाया गया। किसान संघ का आरोप है कि इस ब्लास्टिंग के कारण बांध के वेस्टवेयर और ढोंढ़ा बैगा टोला के दर्जनों मकानों में दरारें आ गई हैं। संघ ने आशंका व्यक्त की है कि यदि समय रहते जांच और मरम्मत नहीं की गई तो भविष्य में जनहानि या कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने विशेषज्ञों से तत्काल जांच कराकर सुरक्षा और मरम्मत कार्य कराने की मांग की है। कृषि उपसंचालक के कार्य व्यवहार को लेकर भी किसान संघ ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। ज्ञापन में कहा गया है कि कृषि उपसंचालक किसानों के फोन कॉल रिसीव नहीं करते, जिससे किसान अपनी समस्याएं नहीं बता पाते। खरीफ सीजन के दौरान समय पर बीज उपलब्ध न होने के कारण कई किसानों की बोनी प्रभावित हुई थी। संघ ने सवाल उठाया कि जब अधिकारी किसानों की बात ही नहीं सुनेंगे, तो शासन की योजनाओं का लाभ उन तक कैसे पहुँचेगा और किसान किससे बात करें। इसके अतिरिक्त, किसान संघ ने उद्यानिकी विभाग के जिला और विकासखंड स्तर पर स्थायी कार्यालय स्थापित करने की भी मांग की। संघ का कहना है कि स्थायी कार्यालय न होने से किसानों को योजनाओं और तकनीकी सेवाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पाता और उन्हें अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती है। संघ ने सभी विकासखंडों में उद्यानिकी विभाग के स्थायी कार्यालय जनपद पंचायत या कृषि विभाग परिसर में संचालित करने का सुझाव दिया। ज्ञापन सौंपने के दौरान भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू, जिला कोषाध्यक्ष विवेकानंद साहू सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो किसानों के हित में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।3