बुधवार रात जबलपुर रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब टीबी (क्षय रोग) से परेशान एक युवक ने अमरकंटक एक्सप्रेस के सामने रेलवे ट्रैक पर लेटकर आत्महत्या का प्रयास किया। लोको पायलट की सतर्कता और आरपीएफ जवान की त्वरित कार्रवाई से युवक की जान बच गई। यह घटना रात करीब 10 बजे की है, जब रायपुर से जबलपुर आ रही गाड़ी संख्या 12854 अमरकंटक एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर प्रवेश कर रही थी। उसी दौरान युवक अचानक मुख्य प्रवेश द्वार के सामने ट्रैक पर जा लेटा। प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों द्वारा शोर मचाने पर लोको पायलट ने तुरंत ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ पोस्ट जबलपुर के आरक्षक चन्द्रेश्वर सिंह मौके पर पहुंचे और युवक को ट्रेन के सामने से सुरक्षित हटाया। पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान आजाद नगर, सुभाष वार्ड, कटरा, थाना अधारताल निवासी 30 वर्षीय मुकेश मेश्राम के रूप में बताई। मुकेश ने आरपीएफ को बताया कि वह लंबे समय से टीबी की बीमारी से पीड़ित है। इलाज पर काफी खर्च करने के बावजूद स्वास्थ्य में सुधार न होने के कारण वह मानसिक रूप से परेशान था और इसी वजह से आत्महत्या करने के इरादे से स्टेशन पहुंचा था। आरपीएफ उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार ने घटना की सूचना युवक के परिजनों को दी, जिसके कुछ देर बाद उसका भांजा रोहित सोनकर आरपीएफ पोस्ट पहुंचा। आवश्यक कार्रवाई पूरी होने के बाद मुकेश को उसके बैग और मोबाइल सहित परिजनों को सौंप दिया गया।
बुधवार रात जबलपुर रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब टीबी (क्षय रोग) से परेशान एक युवक ने अमरकंटक एक्सप्रेस के सामने रेलवे ट्रैक पर लेटकर आत्महत्या का प्रयास किया। लोको पायलट की सतर्कता और आरपीएफ जवान की त्वरित कार्रवाई से युवक की जान बच गई। यह घटना रात करीब 10 बजे की है, जब रायपुर से जबलपुर आ रही गाड़ी संख्या 12854 अमरकंटक एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर प्रवेश कर रही थी। उसी दौरान युवक अचानक मुख्य प्रवेश द्वार के सामने ट्रैक पर जा लेटा। प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों द्वारा शोर मचाने पर लोको पायलट ने तुरंत ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ पोस्ट जबलपुर के आरक्षक चन्द्रेश्वर सिंह मौके पर पहुंचे और युवक
को ट्रेन के सामने से सुरक्षित हटाया। पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान आजाद नगर, सुभाष वार्ड, कटरा, थाना अधारताल निवासी 30 वर्षीय मुकेश मेश्राम के रूप में बताई। मुकेश ने आरपीएफ को बताया कि वह लंबे समय से टीबी की बीमारी से पीड़ित है। इलाज पर काफी खर्च करने के बावजूद स्वास्थ्य में सुधार न होने के कारण वह मानसिक रूप से परेशान था और इसी वजह से आत्महत्या करने के इरादे से स्टेशन पहुंचा था। आरपीएफ उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार ने घटना की सूचना युवक के परिजनों को दी, जिसके कुछ देर बाद उसका भांजा रोहित सोनकर आरपीएफ पोस्ट पहुंचा। आवश्यक कार्रवाई पूरी होने के बाद मुकेश को उसके बैग और मोबाइल सहित परिजनों को सौंप दिया गया।
- राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय बालिका के साथ हुई जघन्य और शर्मनाक वारदात के विरोध में जबलपुर के मालवीय चौक पर एक कैंडल मार्च निकाला गया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व विधायक विनय सक्सेना ने किया, जिन्होंने पीड़िता के लिए शीघ्र न्याय और दोषियों को कठोरतम दंड दिए जाने की पुरजोर मांग उठाई। इस घटना ने मानवता और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह कैंडल मार्च केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं, बल्कि समाज द्वारा बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के लिए उठाई गई सामूहिक आवाज़ है। इस घिनौनी घटना के बाद पूरे जिले में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन, संगठित अपराधियों और अवैध होटलों के नेटवर्क की मिलीभगत को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आयोजकों ने मांग की है कि राजस्थान की इस घटना के बाद एक नया कानून बनना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी हैवानियत को रोका जा सके। यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि बेटियाँ सुरक्षित होंगी, तभी समाज सुरक्षित होगा और इस तरह के अपराधों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज़ उठाना अनिवार्य है।4
- जबलपुर के एकता मार्केट से तिलहरी, बिलहरी और गोराबाजार तक नौ अलग-अलग एंट्री पॉइंट्स से डंपरों का आवागमन जारी है। आरोप है कि स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से इन भारी वाहनों का संचालन हो रहा है। एकता मार्केट में यातायात पुलिस की पॉइंट ड्यूटी होने के बावजूद इन डंपरों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं लगाई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन डंपरों की वजह से कोई बड़ी दुर्घटना घटती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर यातायात प्रशासन ही जिम्मेदार होगा।1
- जबलपुर के एक भक्त ने धर्म संगठन के बाबा के प्रति अपनी अटूट निष्ठा व्यक्त करते हुए उन्हें ही अपना एकमात्र सहारा बताया है। भक्त का मानना है कि दुनिया मतलबी है और केवल बाबा ही सच्चे हैं। इस श्रद्धा भाव के साथ भक्त ने राधे-राधे का उद्घोष किया है।1
- बुधवार रात जबलपुर रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब टीबी (क्षय रोग) से परेशान एक युवक ने अमरकंटक एक्सप्रेस के सामने रेलवे ट्रैक पर लेटकर आत्महत्या का प्रयास किया। लोको पायलट की सतर्कता और आरपीएफ जवान की त्वरित कार्रवाई से युवक की जान बच गई। यह घटना रात करीब 10 बजे की है, जब रायपुर से जबलपुर आ रही गाड़ी संख्या 12854 अमरकंटक एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर प्रवेश कर रही थी। उसी दौरान युवक अचानक मुख्य प्रवेश द्वार के सामने ट्रैक पर जा लेटा। प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों द्वारा शोर मचाने पर लोको पायलट ने तुरंत ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ पोस्ट जबलपुर के आरक्षक चन्द्रेश्वर सिंह मौके पर पहुंचे और युवक को ट्रेन के सामने से सुरक्षित हटाया। पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान आजाद नगर, सुभाष वार्ड, कटरा, थाना अधारताल निवासी 30 वर्षीय मुकेश मेश्राम के रूप में बताई। मुकेश ने आरपीएफ को बताया कि वह लंबे समय से टीबी की बीमारी से पीड़ित है। इलाज पर काफी खर्च करने के बावजूद स्वास्थ्य में सुधार न होने के कारण वह मानसिक रूप से परेशान था और इसी वजह से आत्महत्या करने के इरादे से स्टेशन पहुंचा था। आरपीएफ उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार ने घटना की सूचना युवक के परिजनों को दी, जिसके कुछ देर बाद उसका भांजा रोहित सोनकर आरपीएफ पोस्ट पहुंचा। आवश्यक कार्रवाई पूरी होने के बाद मुकेश को उसके बैग और मोबाइल सहित परिजनों को सौंप दिया गया।2
- लगातार बदलते मौसम के कारण सिवनी जिले के घंसौर क्षेत्र में मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर में वायरल फीवर, उल्टी-दस्त और सर्दी-खांसी से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को उपचार के लिए अस्पताल में मरीजों की बड़ी संख्या पहुंचने से ओपीडी में काफी भीड़ रही। चिकित्सकों द्वारा सभी मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक उपचार और दवाइयां मुहैया कराई जा रही हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने, उबला या स्वच्छ पानी का सेवन करने और मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की अपील की है।1
- दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में ITI कॉलेज को वापस स्थापित करने की मांग को लेकर युवाओं ने लामबंदी शुरू कर दी है। आज आयोजित एक प्रेसवार्ता में स्थानीय युवाओं ने कॉलेज बंद होने और इसके स्थानांतरण को लेकर सरकार और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की। वक्ताओं ने इस पूरी प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए कॉलेज प्रबंधन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। आक्रोशित युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन और कानूनी लड़ाई का रास्ता अपनाएंगे। इसी कड़ी में, 11 जुलाई को नोहटा में राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की जा रही है। कॉलेज को लेकर मचे इस बवाल के बीच अब सवाल उठ रहे हैं कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों हो रहा है और क्या यह पूरी कवायद राजनीति से प्रेरित है।1
- दमोह जिले के वन परिक्षेत्र तेगगढ़ के अंतर्गत ग्राम बीजाडोगरी में स्थित एक तालाब में मगरमच्छ देखे जाने की सूचना मिली है। इस खबर के सामने आते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया और वन परिक्षेत्र अधिकारी अखिलेश चौरसिया को तत्काल मामले से अवगत कराया गया। उनके निर्देश पर वन विभाग की टीम को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से पकड़ने के लिए तालाब के पास पिंजरा लगा दिया गया है और वन विभाग की टीम लगातार स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है। इस पूरी कार्यवाही के दौरान डिप्टी रेंजर महेंद्र खरे, बीट गार्ड अनवर खान, चौकीदार भजनलाल और प्रवीण सहित वन विभाग का स्टाफ मौजूद रहा।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के अंतर्गत आने वाले झांसी घाट पर प्रतिदिन सायंकाल माँ नर्मदा की भव्य महाआरती का आयोजन किया जाता है। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न होने वाले इस कार्यक्रम में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। इस महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होकर माँ नर्मदा का पूजन और अर्चन करते हैं। भक्त यहाँ प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि के लिए कामना करते हैं। यह आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना हुआ है, जो हर श्रद्धालु को माँ नर्मदा की भक्ति से सराबोर कर देता है।1