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मध्य प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को राज्य सरकार की ओर से एक वर्ष तक प्रतिमाह ₹1,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती से प्राकृतिक खेती की ओर प्रोत्साहित करना है, जिससे टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल कृषि प्रणाली को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बात पर जोर दिया कि प्राकृतिक खेती से खेती की लागत कम होती है, मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलता है। उन्होंने यह भी बताया कि इसके माध्यम से किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित कृषि उत्पाद प्राप्त होते हैं, जिससे उनकी आय बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।
खमोद चंदेल
मध्य प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को राज्य सरकार की ओर से एक वर्ष तक प्रतिमाह ₹1,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती से प्राकृतिक खेती की ओर प्रोत्साहित करना है, जिससे टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल कृषि प्रणाली को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बात पर जोर दिया कि प्राकृतिक खेती से खेती की लागत कम होती है, मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलता है। उन्होंने यह भी बताया कि इसके माध्यम से किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित कृषि उत्पाद प्राप्त होते हैं, जिससे उनकी आय बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।
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- अनूपपुर जिला मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर स्थित बरबसपुर और भोलगढ़ के जंगलों में तीन हाथियों का समूह पांचवें दिन भी डेरा डाले हुए है। गुरुवार रात 8 बजे इनमें से एक बड़ा दो दांत वाला हाथी जंगल से निकलकर बस स्टैंड के पास से राष्ट्रीय राजमार्ग को पार करते हुए भोलगढ़ गांव की ओर बढ़ गया, जबकि दो अन्य हाथी अभी भी भोलगढ़ के जंगल में ही मौजूद हैं। वन विभाग का गश्ती दल लगातार इन हाथियों की गतिविधियों पर नज़र रखे हुए है। विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है और विशेष रूप से महुआ या कच्ची शराब जैसी गंध वाली सामग्रियों को घरों से दूर रखने की अपील की है। इससे पहले मंगलवार की सुबह, दो हाथियों ने भोलगढ़ गांव में केसरत पिता स्व. मोहन बैगख के घर की दीवार तोड़कर भारी नुकसान पहुँचाया था। उस दौरान हाथियों ने घर में रखा धान खा लिया और चार बड़े प्लास्टिक के डिब्बों में रखा महुआ का लाहन फैला दिया था। नुकसान करने के बाद ये हाथी मुख्य मार्ग पार करके वापस जंगल में चले गए थे।1
- मंडला के महाराजपुर-मंडला पुल से एक युवक ने छलांग लगा दी है। इस घटना का एक लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद एसडीईआरएफ और रेस्क्यू टीम तुरंत हरकत में आ गई है। युवक की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।1
- अग्निमंडल समूह ने मनीष बर्मन और उनके साथियों को सम्मानित किया है। यह सम्मान बलाई पुल पर एक बोलेरो पलटने के हादसे में 4 लोगों की जान बचाने के लिए दिया गया। मनीष बर्मन और उनके साथियों ने पलटी हुई बोलेरो से घायलों को बाहर निकालकर उनकी मदद की, जिसके बाद इन युवाओं को इस साहसिक कार्य के लिए सम्मानित किया गया।1
- मंडला जिले की बिछिया विधानसभा के ककैया ग्राम में उप स्वास्थ्य केंद्र के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान विधायक पट्टा मीडिया के सवालों पर भड़क गए।1
- मध्यप्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहल से सरदार सरोवर परियोजना के तीस वर्षों से लंबित मुद्दे का समाधान कर लिया गया है। मंत्री सिलावट ने बताया कि कई वर्षों से चारों राज्य गणना राशियों की अलग-अलग मांग कर रहे थे, और फरवरी 2026 में भारत के अटॉर्नी जनरल द्वारा दिए गए अभिमत के अनुसार, मध्यप्रदेश को गुजरात राज्य को 1500 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ रहा था, क्योंकि गुजरात पर परियोजना के 50 प्रतिशत व्यय की हिस्सेदारी थी। मंत्री सिलावट के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में चारों राज्यों ने गहन विचार-विमर्श किया। जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया कि गुजरात राज्य अपनी व्यय हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करेगा। इस निर्णय के परिणामस्वरूप, मध्यप्रदेश की देनदारी 1500 करोड़ रुपये से घटकर मात्र 231 करोड़ रुपये रह गई है। उन्होंने आगे बताया कि इस फैसले से सरदार सरोवर परियोजना अब पूरी तरह से विवाद रहित हो गई है। मध्यप्रदेश को परियोजना से 31 लाख हेक्टेयर सिंचाई और 85 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली निरंतर मिलती रहेगी। मंत्री सिलावट ने इस सफल समाधान के लिए राष्ट्र के गौरव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का हृदय से आभार व्यक्त किया, जिनके प्रयासों से सभी राज्यों को लाभ मिला। उन्होंने इस मुद्दे पर भ्रम फैला रही कांग्रेस को राजनीति न करने की सलाह भी दी।1
- नर्मदा नदी में छलांग लगाने के बाद एक युवक लापता हो गया है, जिसकी तलाश घटना के तीसरे दिन भी लगातार जारी है। रेस्क्यू टीम पिछले तीन दिनों से लापता युवक को ढूंढने में जुटी है, लेकिन अभी तक उन्हें कोई सफलता नहीं मिल पाई है और वे खाली हाथ हैं।1
- राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा दिए गए बयान पर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस मामले में, मंडला सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने दिग्विजय सिंह के बयान पर तीखा पलटवार किया है।1
- शहडोल जिला मुख्यालय में कॉन्वेंट स्कूल के सामने यातायात नियमों की सरेआम अनदेखी का मामला सामने आया है, जहाँ एक चार पहिया वाहन चालक को खुले मैदान में खतरनाक स्टंट करते हुए देखा गया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर ट्रैफिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब चालक वाहन से स्टंट कर रहा था, उस समय आसपास कई स्कूली बच्चे मौजूद थे। चालक ने किसी भी प्रकार की सुरक्षा या जोखिम की परवाह किए बिना वाहन दौड़ाया, जिससे एक बड़ा हादसा होने की संभावना बनी हुई थी। स्थानीय नागरिकों ने इसे कोई इकलौती घटना मानने से इनकार किया है। निवासियों का आरोप है कि शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में अक्सर बाइक चालक अपने वाहनों के साइलेंसर से तेज धमाकेदार आवाजें निकालकर दहशत फैलाते हैं। इन गतिविधियों के कारण राहगीरों और अन्य वाहन चालकों के लिए हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि इन शिकायतों के बावजूद प्रशासन द्वारा ऐसे लापरवाह वाहन चालकों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।1