जीवन प्रमाण’ अपडेट कराने का झांसा देकर सेवानिवृत्त अध्यापिका से 1.90 लाख की साइबर ठगी व्हाट्सएप पर भेजी APK फाइल इंस्टॉल कराकर हासिल किया मोबाइल का एक्सेस, पीड़िता के नाम पर जारी कराए नए क्रेडिट कार्ड; चार ट्रांजेक्शन से उड़ाए 1,90,087 रुपये। नारनौल। महेंद्रगढ़ जिले में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने सेवानिवृत्त अध्यापिका को पेंशन से जुड़े जीवन प्रमाण पत्र (जीवन प्रमाण) अपडेट कराने का झांसा देकर उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद ठगों ने पीड़िता के नाम पर नए क्रेडिट कार्ड जारी कराए और चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 1,90,087 रुपये की ठगी कर ली। नोडल साइबर क्राइम थाना पंचकूला से प्राप्त ई-जीरो एफआईआर के आधार पर साइबर थाना नारनौल ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी बनकर किया फोन, पेंशनर होने की जानकारी ली गांव भूषण कलां निवासी मंजू देवी पत्नी मदन लाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह सेवानिवृत्त अध्यापिका हैं और पेंशन प्राप्त करती हैं। 31 जुलाई 2026 को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। आरोपी ने खुद को अधिकारी बताते हुए उनसे पूछा कि वह नौकरी करती हैं या पेंशन प्राप्त कर रही हैं। पेंशनर होने की जानकारी मिलते ही आरोपी ने जीवन प्रमाण पत्र अपडेट कराने की बात कहकर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। ‘जीवन प्रमाण’ के नाम से भेजी APK फाइल आरोपी ने इसके बाद व्हाट्सएप पर ‘जीवन प्रमाण’ नाम से एक APK फाइल भेजी। आरोपी की बातों पर विश्वास कर मंजू देवी ने फाइल मोबाइल में इंस्टॉल कर ली। इसके बाद उन्होंने ऐप में आधार कार्ड, पैन कार्ड, एसबीआई बैंक खाते की जानकारी समेत अन्य व्यक्तिगत विवरण भर दिए। पुलिस के अनुसार, इसी प्रक्रिया के दौरान ठगों ने मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। मोबाइल हैंग होने लगा, हिस्ट्री में दिखे चार संदिग्ध लेनदेन APK फाइल इंस्टॉल करने के बाद पीड़िता का मोबाइल बार-बार हैंग होने लगा। 13 अगस्त को जब उन्होंने फोनपे की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री चेक की तो उनके होश उड़ गए। हिस्ट्री में चार संदिग्ध लेनदेन दिखाई दिए। इनमें 9 अगस्त को 39,045 रुपये, 11 अगस्त को 51,375 रुपये और 43,155 रुपये तथा 13 अगस्त को 56,512 रुपये डेबिट हुए थे। चारों लेनदेन की कुल राशि 1,90,087 रुपये थी। संदेह होने पर पीड़िता ने मोबाइल में मौजूद APK फाइल का स्क्रीनशॉट लिया और इसके बाद अपना मोबाइल फोन रीसेट कर दिया। उन्होंने 15 अगस्त को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई। बैंक पहुंची तो सामने आया ठगी का नया तरीका 17 अगस्त को मंजू देवी एसबीआई शाखा में बैंक स्टेटमेंट लेने पहुंचीं। बैंक में जांच कराने पर पता चला कि उनके बैंक खाते से इन रकम की कोई सीधी ट्रांजेक्शन नहीं हुई थी। इसके बाद बैंक मैनेजर ने फोनपे कस्टमर केयर में शिकायत दर्ज कराई। बाद में फोनपे की ओर से मिली जानकारी में पता चला कि पीड़िता के नाम पर नए क्रेडिट कार्ड जारी किए गए थे और इन्हीं क्रेडिट कार्ड के माध्यम से चारों ट्रांजेक्शन किए गए। इस खुलासे के बाद साइबर ठगी के पूरे मामले की तस्वीर सामने आई। BNS की धारा 318(4) में केस, तकनीकी जांच शुरू नोडल साइबर क्राइम थाना पंचकूला से प्राप्त ई-जीरो एफआईआर और एनसीआरपी शिकायत के आधार पर साइबर थाना नारनौल ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल गतिविधियों और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। सावधान रहें: APK फाइल से रहें दूर पुलिस की अपील: किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन पर विश्वास कर मोबाइल में APK फाइल इंस्टॉल न करें। पेंशन, बैंक, आधार या किसी सरकारी योजना से जुड़ी जानकारी अपडेट कराने के नाम पर भेजी गई संदिग्ध फाइल लिंक या ऐप से बचें। किसी भी संदेह की स्थिति में संबंधित विभाग या बैंक के आधिकारिक माध्यम से ही जानकारी की पुष्टि करें।
जीवन प्रमाण’ अपडेट कराने का झांसा देकर सेवानिवृत्त अध्यापिका से 1.90 लाख की साइबर ठगी व्हाट्सएप पर भेजी APK फाइल इंस्टॉल कराकर हासिल किया मोबाइल का एक्सेस, पीड़िता के नाम पर जारी कराए नए क्रेडिट कार्ड; चार ट्रांजेक्शन से उड़ाए 1,90,087 रुपये। नारनौल। महेंद्रगढ़ जिले में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने सेवानिवृत्त अध्यापिका को पेंशन से जुड़े जीवन प्रमाण पत्र (जीवन प्रमाण) अपडेट कराने का झांसा देकर उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद ठगों ने पीड़िता के नाम पर नए क्रेडिट कार्ड जारी कराए और चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 1,90,087 रुपये की ठगी कर ली। नोडल साइबर क्राइम थाना पंचकूला से प्राप्त ई-जीरो एफआईआर के आधार पर साइबर थाना नारनौल ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी बनकर किया फोन, पेंशनर होने की जानकारी ली गांव भूषण कलां निवासी मंजू देवी पत्नी मदन लाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह सेवानिवृत्त अध्यापिका हैं और पेंशन प्राप्त करती हैं। 31 जुलाई 2026 को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। आरोपी ने खुद को अधिकारी बताते हुए उनसे पूछा कि वह नौकरी करती हैं या पेंशन प्राप्त कर रही हैं। पेंशनर होने की जानकारी मिलते ही आरोपी ने जीवन प्रमाण पत्र अपडेट कराने की बात कहकर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। ‘जीवन प्रमाण’ के नाम से भेजी APK फाइल आरोपी ने इसके बाद व्हाट्सएप पर ‘जीवन प्रमाण’ नाम से एक APK फाइल भेजी। आरोपी की बातों पर विश्वास कर मंजू देवी ने फाइल मोबाइल में इंस्टॉल कर ली। इसके बाद उन्होंने ऐप में आधार कार्ड, पैन कार्ड, एसबीआई बैंक खाते की जानकारी समेत अन्य व्यक्तिगत विवरण भर दिए। पुलिस के अनुसार, इसी प्रक्रिया के दौरान ठगों ने मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। मोबाइल हैंग होने लगा, हिस्ट्री में दिखे चार संदिग्ध लेनदेन APK फाइल इंस्टॉल करने के बाद पीड़िता का मोबाइल बार-बार हैंग होने लगा। 13 अगस्त को जब उन्होंने फोनपे की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री चेक की तो उनके होश उड़ गए। हिस्ट्री में चार संदिग्ध लेनदेन दिखाई दिए। इनमें 9 अगस्त को 39,045 रुपये, 11 अगस्त को 51,375 रुपये और 43,155 रुपये तथा 13 अगस्त को 56,512 रुपये डेबिट हुए थे। चारों लेनदेन की कुल राशि 1,90,087 रुपये थी। संदेह होने पर पीड़िता ने मोबाइल में मौजूद APK फाइल का स्क्रीनशॉट लिया और इसके बाद अपना मोबाइल फोन रीसेट कर दिया। उन्होंने 15 अगस्त को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई। बैंक पहुंची तो सामने आया ठगी का नया तरीका 17 अगस्त को मंजू देवी एसबीआई शाखा में बैंक स्टेटमेंट लेने पहुंचीं। बैंक में जांच कराने पर पता चला कि उनके बैंक खाते से इन रकम की कोई सीधी ट्रांजेक्शन नहीं हुई थी। इसके बाद बैंक मैनेजर ने फोनपे कस्टमर केयर में शिकायत दर्ज कराई। बाद में फोनपे की ओर से मिली जानकारी में पता चला कि पीड़िता के नाम पर नए क्रेडिट कार्ड जारी किए गए थे और इन्हीं क्रेडिट कार्ड के माध्यम से चारों ट्रांजेक्शन किए गए। इस खुलासे के बाद साइबर ठगी के पूरे मामले की तस्वीर सामने आई। BNS की धारा 318(4) में केस, तकनीकी जांच शुरू नोडल साइबर क्राइम थाना पंचकूला से प्राप्त ई-जीरो एफआईआर और एनसीआरपी शिकायत के आधार पर साइबर थाना नारनौल ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल गतिविधियों और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। सावधान रहें: APK फाइल से रहें दूर पुलिस की अपील: किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन पर विश्वास कर मोबाइल में APK फाइल इंस्टॉल न करें। पेंशन, बैंक, आधार या किसी सरकारी योजना से जुड़ी जानकारी अपडेट कराने के नाम पर भेजी गई संदिग्ध फाइल लिंक या ऐप से बचें। किसी भी संदेह की स्थिति में संबंधित विभाग या बैंक के आधिकारिक माध्यम से ही जानकारी की पुष्टि करें।
- जिले में बूथ स्तर तक मजबूती से काम कर रहा संगठन : डॉ. यतेंद्र राव जिला अध्यक्ष डॉ. यतेंद्र राव ने प्रदेश महामंत्री और जिला प्रभारी के समक्ष जिले की संगठनात्मक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी रखी। उन्होंने कहा कि महेंद्रगढ़ जिले में भाजपा का संगठन बूथ स्तर तक मजबूती के साथ काम कर रहा है। कार्यकर्ताओं की सक्रियता और समर्पण के चलते जिले में संगठनात्मक गतिविधियों को लगातार गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं का अनुशासन, संगठन के प्रति निष्ठा और जनता के साथ निरंतर संपर्क पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी है। डॉ. यतेंद्र राव ने प्रदेश नेतृत्व को विश्वास दिलाया कि जिले का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की ओर से दिए गए दायित्वों को पूरी मेहनत, निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ पूरा करेगा। बैठक के दौरान आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों और संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में आगामी कार्यक्रमों को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री डॉ. अभय सिंह यादव, पूर्व डिप्टी स्पीकर संतोष यादव, पूर्व विधायक सीताराम यादव, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुधीर दीवान, मीडिया पैनलिस्ट एडवोकेट राकेश शर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष दयाराम यादव और अजीत कलवाड़ी सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- नांगल चौधरी हरियाणा की बड़ी खबरेंl महेंद्रगढ़ से ये खबरेंl1
- सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर में कचरे के ढेर, एसडीएम योगेश सैनी ने व्यापारियों से की सहयोग की अपील1
- खेड़की गांव के वार्ड 21 से सत्यप्रकाश यादव पार्षद प्रत्याशी के रूप में मैदान में। बहरोड़, कस्बे के खेड़की गांव के वार्ड नंबर 21 से सत्यप्रकाश यादव ने पार्षद पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है।सत्यप्रकाश यादव ने कहा कि वार्ड में पानी, सड़क, नाली और सफाई व्यवस्था उनकी प्राथमिकता रहेगी। वे लंबे समय से सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं और क्षेत्र के लोगों से उनका सीधा जुड़ाव है। वार्डवासियों में उनके चुनाव लड़ने को लेकर उत्साह है। उन्होंने कहा कि मौका मिला तो वे वार्ड के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे।1
- भामाशाह ने विद्यालय को सोलर पावर सिस्टम किया भेंट, विधायक ने फीता काटकर किया उद्घाटन. मुण्डावर विधानसभा के जौनायचा खुर्द की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में भामाशाह शीशराम यादव ने करीब सवा लाख रुपये की लागत से ढाई किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल सिस्टम भेंट करने पर मुख्य अतिथि मुण्डावर विधायक ललित यादव ने उद्घाटन किया।विद्यालय प्रधानाचार्य राजकुमार यादव एवं ग्रामीणों ने विधायक ललित यादव का साफा एवं माला पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सरपंच उदयभान यादव ने की।कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि जिला पार्षद भीमराज यादव,संदीप फौलादपुरिया,एमपीएस संजय यादव,एथलीट एवं कोच गजेन्द्र सिंह यादव रहे। आपको बता दें कि भामाशाह शीशराम यादव विद्यालय में पूर्व में जूते-जुराब,ब्लेजर एवं सरस्वती प्रतिमा की स्थापना करवा चुके हैं।साथ ही प्रतिवर्ष ग्यारह हजार रूपए सालाना विद्यालय को भेंट करते हैं। ग्रामीणों की मांग पर विधायक यादव ने जौनायचा खुर्द में मीणा एवं मेघवाल चौपाल निर्माण के लिए 3-3लाख रूपए की घोषणा की।वहीं विद्यालय प्रबंधन एवं ग्रामीणों ने भामाशाह शीशराम यादव का माला एवं साफा पहनाकर सम्मान किया। इस अवसर पर सरपंच अजीत यादव, सोनू यादव,मोनू यादव,नवयुवक मंडल अध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव,किसान नेता हम्मीर यादव,आजाद,मंच संचालक राजेंद्र गुरूजी,अशोक यादव,रामपाल यादव,युवराज गोठवाल,सुबेसिंह गोठवाल,धर्मवीर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।4
- बंजारा बस्ती में सुरेश भूकर का जोरदार स्वागत! 🔥नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। 🔥 बंजारा बस्ती में सुरेश भूकर का जोरदार स्वागत! 🔥 📍 चिड़ावा। नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। बंजारा बस्ती में सुरेश भूकर के पहुंचने पर समर्थकों और स्थानीय लोगों ने जोरदार स्वागत किया। फूल-मालाओं और उत्साह के बीच समर्थकों ने अपना समर्थन जताया। मौके पर लोगों की भीड़ और उत्साह ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया। 🗳️ बंजारा बस्ती में सुरेश भूकर के समर्थन में दिखा जबरदस्त उत्साह, एकतरफा माहौल के दावे के बीच चुनावी चर्चाएं तेज!1
- जीवन प्रमाण’ अपडेट कराने का झांसा देकर सेवानिवृत्त अध्यापिका से 1.90 लाख की साइबर ठगी व्हाट्सएप पर भेजी APK फाइल इंस्टॉल कराकर हासिल किया मोबाइल का एक्सेस, पीड़िता के नाम पर जारी कराए नए क्रेडिट कार्ड; चार ट्रांजेक्शन से उड़ाए 1,90,087 रुपये। नारनौल। महेंद्रगढ़ जिले में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने सेवानिवृत्त अध्यापिका को पेंशन से जुड़े जीवन प्रमाण पत्र (जीवन प्रमाण) अपडेट कराने का झांसा देकर उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद ठगों ने पीड़िता के नाम पर नए क्रेडिट कार्ड जारी कराए और चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 1,90,087 रुपये की ठगी कर ली। नोडल साइबर क्राइम थाना पंचकूला से प्राप्त ई-जीरो एफआईआर के आधार पर साइबर थाना नारनौल ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी बनकर किया फोन, पेंशनर होने की जानकारी ली गांव भूषण कलां निवासी मंजू देवी पत्नी मदन लाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह सेवानिवृत्त अध्यापिका हैं और पेंशन प्राप्त करती हैं। 31 जुलाई 2026 को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। आरोपी ने खुद को अधिकारी बताते हुए उनसे पूछा कि वह नौकरी करती हैं या पेंशन प्राप्त कर रही हैं। पेंशनर होने की जानकारी मिलते ही आरोपी ने जीवन प्रमाण पत्र अपडेट कराने की बात कहकर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। ‘जीवन प्रमाण’ के नाम से भेजी APK फाइल आरोपी ने इसके बाद व्हाट्सएप पर ‘जीवन प्रमाण’ नाम से एक APK फाइल भेजी। आरोपी की बातों पर विश्वास कर मंजू देवी ने फाइल मोबाइल में इंस्टॉल कर ली। इसके बाद उन्होंने ऐप में आधार कार्ड, पैन कार्ड, एसबीआई बैंक खाते की जानकारी समेत अन्य व्यक्तिगत विवरण भर दिए। पुलिस के अनुसार, इसी प्रक्रिया के दौरान ठगों ने मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। मोबाइल हैंग होने लगा, हिस्ट्री में दिखे चार संदिग्ध लेनदेन APK फाइल इंस्टॉल करने के बाद पीड़िता का मोबाइल बार-बार हैंग होने लगा। 13 अगस्त को जब उन्होंने फोनपे की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री चेक की तो उनके होश उड़ गए। हिस्ट्री में चार संदिग्ध लेनदेन दिखाई दिए। इनमें 9 अगस्त को 39,045 रुपये, 11 अगस्त को 51,375 रुपये और 43,155 रुपये तथा 13 अगस्त को 56,512 रुपये डेबिट हुए थे। चारों लेनदेन की कुल राशि 1,90,087 रुपये थी। संदेह होने पर पीड़िता ने मोबाइल में मौजूद APK फाइल का स्क्रीनशॉट लिया और इसके बाद अपना मोबाइल फोन रीसेट कर दिया। उन्होंने 15 अगस्त को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई। बैंक पहुंची तो सामने आया ठगी का नया तरीका 17 अगस्त को मंजू देवी एसबीआई शाखा में बैंक स्टेटमेंट लेने पहुंचीं। बैंक में जांच कराने पर पता चला कि उनके बैंक खाते से इन रकम की कोई सीधी ट्रांजेक्शन नहीं हुई थी। इसके बाद बैंक मैनेजर ने फोनपे कस्टमर केयर में शिकायत दर्ज कराई। बाद में फोनपे की ओर से मिली जानकारी में पता चला कि पीड़िता के नाम पर नए क्रेडिट कार्ड जारी किए गए थे और इन्हीं क्रेडिट कार्ड के माध्यम से चारों ट्रांजेक्शन किए गए। इस खुलासे के बाद साइबर ठगी के पूरे मामले की तस्वीर सामने आई। BNS की धारा 318(4) में केस, तकनीकी जांच शुरू नोडल साइबर क्राइम थाना पंचकूला से प्राप्त ई-जीरो एफआईआर और एनसीआरपी शिकायत के आधार पर साइबर थाना नारनौल ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल गतिविधियों और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। सावधान रहें: APK फाइल से रहें दूर पुलिस की अपील: किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन पर विश्वास कर मोबाइल में APK फाइल इंस्टॉल न करें। पेंशन, बैंक, आधार या किसी सरकारी योजना से जुड़ी जानकारी अपडेट कराने के नाम पर भेजी गई संदिग्ध फाइल लिंक या ऐप से बचें। किसी भी संदेह की स्थिति में संबंधित विभाग या बैंक के आधिकारिक माध्यम से ही जानकारी की पुष्टि करें।1
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