फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के उनासी गाँव निवासी अजय सोनकर (30 वर्ष) का शव गुरुवार सुबह बहगुल नदी में तैरता हुआ मिला, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। राजस्व लेखपाल आदित्य गंगवार ने मौके पर मौजूद रहकर लिखा-पढ़ी की और अधिकारियों को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, अजय सोनकर बुधवार दोपहर अपने दोस्त रामभजन, जो कस्बा फतेहगंज पश्चिमी के नौगवां मोहल्ले का निवासी है, के साथ बहगुल नदी में नहाने गया था। बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे नहाते समय अजय अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। रामभजन ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। इसके बाद रामभजन ने गाँव पहुँचकर अजय के परिजनों को घटना की सूचना दी। परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुँचे और काफी देर तक नदी में अजय की तलाश करते रहे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। घटना की सूचना मिलने पर फतेहगंज पश्चिमी थाना प्रभारी प्रवीन कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुँचे और मीरगंज एसडीएम को घटना की जानकारी दी। मीरगंज तहसीलदार अरविंद कुमार और लेखपाल आदित्य गंगवार भी घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने स्थानीय गोताखोरों की मदद से अजय की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद, एसडीएम के आदेश पर परसा खेड़ा और मीरगंज से फायर ब्रिगेड यूनिट की टीम और एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुँची और देर रात अंधेरा होने तक अजय सोनकर की तलाश की, लेकिन गोताखोरों द्वारा उसे ढूँढा नहीं जा सका। अंधेरा होने के कारण सर्च अभियान रोक दिया गया था, जिसे गुरुवार सुबह फिर से शुरू किया गया तो अजय सोनकर का शव नदी में उतरता हुआ मिला। अजय अपने छह भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। उसके परिवार में पत्नी विमलेश, बेटा सक्षम और बेटी साक्षी हैं। अजय पेंटिंग का काम करता था। पारिवारिक नाराजगी के चलते उसकी पत्नी बच्चों के साथ अपने मायके में रह रही है। शव मिलने के बाद पूरे परिवार में मातम छा गया है।
फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के उनासी गाँव निवासी अजय सोनकर (30 वर्ष) का शव गुरुवार सुबह बहगुल नदी में तैरता हुआ मिला, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। राजस्व लेखपाल आदित्य गंगवार ने मौके पर मौजूद रहकर लिखा-पढ़ी की और अधिकारियों को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, अजय सोनकर बुधवार दोपहर अपने दोस्त रामभजन, जो कस्बा फतेहगंज पश्चिमी के नौगवां मोहल्ले का निवासी है, के साथ बहगुल नदी
में नहाने गया था। बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे नहाते समय अजय अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। रामभजन ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। इसके बाद रामभजन ने गाँव पहुँचकर अजय के परिजनों को घटना की सूचना दी। परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुँचे और काफी देर तक नदी में अजय की तलाश करते रहे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। घटना की सूचना मिलने पर फतेहगंज पश्चिमी थाना प्रभारी प्रवीन
कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुँचे और मीरगंज एसडीएम को घटना की जानकारी दी। मीरगंज तहसीलदार अरविंद कुमार और लेखपाल आदित्य गंगवार भी घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने स्थानीय गोताखोरों की मदद से अजय की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद, एसडीएम के आदेश पर परसा खेड़ा और मीरगंज से फायर ब्रिगेड यूनिट की टीम और एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुँची और देर रात अंधेरा होने तक अजय सोनकर की तलाश की, लेकिन गोताखोरों द्वारा उसे ढूँढा नहीं
जा सका। अंधेरा होने के कारण सर्च अभियान रोक दिया गया था, जिसे गुरुवार सुबह फिर से शुरू किया गया तो अजय सोनकर का शव नदी में उतरता हुआ मिला। अजय अपने छह भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। उसके परिवार में पत्नी विमलेश, बेटा सक्षम और बेटी साक्षी हैं। अजय पेंटिंग का काम करता था। पारिवारिक नाराजगी के चलते उसकी पत्नी बच्चों के साथ अपने मायके में रह रही है। शव मिलने के बाद पूरे परिवार में मातम छा गया है।
- बरेली में ईद-उल-अज़हा के त्योहार के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य ने स्वयं सड़कों पर उतरकर निगरानी की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी प्रकार का माहौल खराब न हो और शांति व सौहार्द बना रहे। जानकारी के अनुसार, सुरक्षा इतनी सख्त है कि प्रशासन का कहना है कि 'परिंदा भी पर नहीं मार सकता'। बरेली पुलिस के जाँबाज़ों ने इन व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया है।1
- बरेली में ईद की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। इस अवसर पर बाकरगंज ईदगाह पर हजारों की संख्या में नमाजी पहुंचे और ईद की नमाज अदा की।1
- बरेली के थाना बहेड़ी क्षेत्र में केसर इंटरप्राइजेज लिमिटेड की फैक्ट्री अस्पताल से 2 टन क्षमता का O-General स्प्लिट एसी का आउटडोर यूनिट चोरी होने के मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। यह चोरी 27 मई को हुई थी, जिसकी शिकायत कंपनी के वरिष्ठ संपदा प्रबंधक गुलजार सिंह ने दर्ज कराई थी, जिसके बाद बहेड़ी थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस टीम ने 28 मई को गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर वन विभाग तिराहे के पास से इन दोनों युवकों को पकड़ा। उनके पास से चोरी की गई एसी की बाहरी यूनिट बरामद हुई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान समीर पुत्र गालिब और शाहरुख पुत्र नन्हे के रूप में हुई है, जो नूरीनगर लाइन पार, बहेड़ी के निवासी हैं। पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने फैक्ट्री अस्पताल परिसर से एसी यूनिट चुराने की बात स्वीकार कर ली। बहेड़ी पुलिस ने उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक नीरज कुमार सिंह सहित थाना बहेड़ी पुलिस के कई जवान शामिल थे।2
- बरेली में पीस कमेटी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष नदीम इकबाल ने आगामी ईद उल अजहा त्योहार के संबंध में एक बयान जारी किया है। यह जानकारी 'ख़बर जंक्शन बरेली न्यूज चैनल' के माध्यम से सामने आई है।1
- फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के उनासी गाँव निवासी अजय सोनकर (30 वर्ष) का शव गुरुवार सुबह बहगुल नदी में तैरता हुआ मिला, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। राजस्व लेखपाल आदित्य गंगवार ने मौके पर मौजूद रहकर लिखा-पढ़ी की और अधिकारियों को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, अजय सोनकर बुधवार दोपहर अपने दोस्त रामभजन, जो कस्बा फतेहगंज पश्चिमी के नौगवां मोहल्ले का निवासी है, के साथ बहगुल नदी में नहाने गया था। बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे नहाते समय अजय अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। रामभजन ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। इसके बाद रामभजन ने गाँव पहुँचकर अजय के परिजनों को घटना की सूचना दी। परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुँचे और काफी देर तक नदी में अजय की तलाश करते रहे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। घटना की सूचना मिलने पर फतेहगंज पश्चिमी थाना प्रभारी प्रवीन कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुँचे और मीरगंज एसडीएम को घटना की जानकारी दी। मीरगंज तहसीलदार अरविंद कुमार और लेखपाल आदित्य गंगवार भी घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने स्थानीय गोताखोरों की मदद से अजय की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद, एसडीएम के आदेश पर परसा खेड़ा और मीरगंज से फायर ब्रिगेड यूनिट की टीम और एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुँची और देर रात अंधेरा होने तक अजय सोनकर की तलाश की, लेकिन गोताखोरों द्वारा उसे ढूँढा नहीं जा सका। अंधेरा होने के कारण सर्च अभियान रोक दिया गया था, जिसे गुरुवार सुबह फिर से शुरू किया गया तो अजय सोनकर का शव नदी में उतरता हुआ मिला। अजय अपने छह भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। उसके परिवार में पत्नी विमलेश, बेटा सक्षम और बेटी साक्षी हैं। अजय पेंटिंग का काम करता था। पारिवारिक नाराजगी के चलते उसकी पत्नी बच्चों के साथ अपने मायके में रह रही है। शव मिलने के बाद पूरे परिवार में मातम छा गया है।4
- आज देश भर में ईद-उल-अज़हा का त्यौहार अमन-ओ-सुकून के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बरेली शहर में भी सुबह से ही ईदगाह और सभी छोटी-बड़ी मस्जिदों में नमाज़ियों की भीड़ उमड़ पड़ी। नमाज़ अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और हिंदुस्तान में अमन व खुशहाली के लिए खुसूसी दुआएं कीं। इसके बाद हज़रत इब्राहीम अल्हेअस्सलाम की सुन्नत अदा करते हुए शरई मालदार मुसलमानों ने अल्लाह की राह में जानवरों की कुर्बानी दी, जिसका सिलसिला तीन दिनों तक यानी 28, 29 और 30 मई को सूर्यास्त तक जारी रहेगा। बरेली शहर में मुख्य नमाज़ बाकरगंज स्थित ईदगाह में सुबह 10.00 बजे क़ाज़ी-ए-हिंदुस्तान मुफ़्ती असजद रज़ा क़ादरी (असजद मिया) ने अदा कराई। नमाज़ के बाद उन्होंने खुत्बा पढ़ा और खुसूसी दुआ की, जिसके बाद सभी से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस मौके पर ईदगाह में क़ाज़ी-ए-हिंदुस्तान के दामाद और जमात रज़ा मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन ख़ान (फरमान मियाँ) ने भी सभी को मुबारकबाद देते हुए विशेष संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कुर्बानी करते समय हमवतन भाइयों की आस्था का ख्याल रखते हुए खुले में कुर्बानी न करें और साफ-सफाई का खास ख्याल रखें। ईदगाह कमेटी के सदर ख़लील अहमद ने भी लोगों को गले मिलकर मुबारकबाद दी। ईदगाह समेत सभी मस्जिदों में इमामों ने हज़रत इब्राहीम और हज़रत ईस्माइल अल्हेअस्सलाम की कुर्बानी का मशहूर वाक़या बयान करते हुए कहा कि ज़रूरत पड़ने पर मुसलमान अल्लाह की राह में अपनी सबसे प्यारी चीज़ कुर्बान करने में पीछे न रहें। शहर में सबसे पहले बाज़ार संदल स्थित दरगाह वली मियां की चांद मस्जिद और ज़ख़ीरा की दुलिया वाली मस्जिद में सुबह 5 बजकर 40 मिनट पर नमाज़ अदा की गई। दरगाह आला हज़रत मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी के अनुसार, सबसे आखिर में दरगाह आला हज़रत स्थित रज़ा मस्जिद में मुफ्ती ज़ईम रज़ा ने सुबह 10.30 बजे नमाज़ अदा कराई, जहाँ अल्लामा तौसीफ रज़ा खान (तौसीफ मियां) ने खुसूसी दुआ की। यहाँ दरगाह प्रमुख हज़रत सुब्हानी मियां और सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन मियां समेत खानदान के बुजुर्गों और बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज़ अदा कर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। इसके अतिरिक्त, गढ़ी चौकी स्थित गढ़ी मस्जिद में दो शिफ्टों में नमाज़ अदा की गई, पहली सुबह सात बजे और दूसरी साढ़े सात बजे। दरगाह ताजुशशरिया पर 6.30 बजे, दरगाह शाह शराफ़त अली मिया में 6.45 बजे, खानकाह-ए-वामिकिया निशातिया में 7.30 बजे, खानकाह-ए-नियाज़िया, दरगाह बशीर मियां और दरगाह रफ़ीकुल औलिया में 8.30 बजे, तथा किला की जामा मस्जिद, नौमहला मस्जिद और दरगाह शाहदाना वली पर 9.00 बजे नमाज़ अदा की गई। कुर्बानी के बाद घरों में दावतों का सिलसिला शुरू हुआ, जहाँ सेवई के साथ तरह-तरह के पकवान बनाए गए, जो देर रात तक जारी रहे। इस प्रकार, पूरे बरेली शहर में ईद-उल-अज़हा की नमाज़ अमन-ओ-सुकून और आपसी भाईचारे के साथ अदा की गई, जहाँ लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।1
- बदायूं, उत्तर प्रदेश में हुए एक अपराध का खुलासा हो गया है, जिसे अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर उजागर किया गया है। यह अपराध छुप नहीं सका और अब सामने आ गया है। इस मामले में एक "बड़े लाल" पर प्रश्नचिह्न लगे हैं, और सवाल उठाया जा रहा है कि अपराधी छात्र आखिर कहाँ बचकर जाएगा।1
- बरेली के थाना बहेड़ी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, एसी की बाहरी यूनिट चोरी करने वाले दो शातिर आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चोरी की गई एसी की यूनिट भी बरामद कर ली है, जिससे इस मामले का पर्दाफाश हो गया है। यह मामला तब सामने आया जब 27 मई 2026 को एस.आर. इन्टरप्राइजेज लिमिटेड, बहेड़ी के वरिष्ठ संपदा प्रबंधक गुलजार सिंह ने बहेड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया था कि फैक्ट्री के हॉस्पिटल में लगे O-General कंपनी के 2 टन के स्प्लिट एसी की बाहरी यूनिट अज्ञात चोरों द्वारा चुरा ली गई है। इस पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा संख्या 414/2026, धारा 305(a)/317(2) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जनपद में चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण पाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत, थाना बहेड़ी पुलिस 28 मई को गश्त पर थी। मुखबिर से मिली गुप्त सूचना के आधार पर, पुलिस ने वन विभाग मि तरहा से करीब 100 मीटर की दूरी से दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया। इनके पास से चोरी की गई एसी की बाहरी यूनिट भी बरामद की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान समीर पुत्र गालिब (उम्र 22 वर्ष) और शाहरूख पुत्र नन्हे (उम्र 23 वर्ष) के रूप में हुई है, जो दोनों मोहल्ला नूरीनगर लाइनपार, कस्बा व थाना बहेड़ी के निवासी हैं। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने फैक्ट्री हॉस्पिटल परिसर से एसी यूनिट चुराने की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस ने बरामद एसी यूनिट के साथ दोनों को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश कर दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार गश्त और अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखे हुए है।1