गाँवों में छिपे 'नवाचार' की खोज शोधयात्रा के जरिए वैश्विक मंच पर चमकेगा ग्रामीण भारत जारी :- ग्रामीण भारत की छिपी हुई प्रतिभा, पारंपरिक उपचार पद्धतियों और स्थानीय नवाचारों को दुनिया के सामने लाने के उद्देश्य से सृष्टि संस्था द्वारा आयोजित 'शोधयात्रा' मंगलवार को जारी प्रखंड के श्रीनगर और तोगो गाँव पहुँची।इस विशेष दल का नेतृत्व पद्मश्री डॉ. अनिल कुमार गुप्ता आईआईएम अहमदाबाद के पूर्व प्रोफेसर कर रहे हैं, जिन्हें नवाचार और जमीनी स्तर के उद्यमियों का मार्गदर्शक माना जाता है।ग्राम सभा को संबोधित करते हुए डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने ग्रामीणों को उनकी अपनी संपदा का महत्व समझाया। उन्होंने कहा गाँवों में मौजूद जड़ी-बूटियाँ और प्राकृतिक संसाधन केवल सदियों पुरानी परंपरा नहीं हैं, बल्कि ये आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार के सबसे सशक्त माध्यम हैं। यदि हम इनका सही उपयोग करना सीखें, तो गाँव आर्थिक रूप से मजबूत बन सकते हैं। डॉ. गुप्ता ने स्थानीय नवाचारों और पारंपरिक औषधीय ज्ञान को लिखित रूप में दर्ज करने की आवश्यकता बताई, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ और व्यापक समाज इसका लाभ उठा सके। हरिहरपुर में सफल चर्चा के बाद, शोधयात्रा दल ने श्रीनगर और तोगो के ग्रामीणों के साथ संवाद किया और उनके अनुभवों को साझा किया। श्रीनगर और तोगो में ग्राम सभाएं संपन्न करने के बाद, यह शोधकर्ता दल अब चैनपुर के लिए प्रस्थान करेगा।इस यात्रा का मूल उद्देश्य उन 'अनसंग हीरोज' की खोज करना है, जिन्होंने अभावों के बीच रहकर खेती, स्वास्थ्य या दैनिक जीवन की समस्याओं के लिए अपने स्तर पर अनोखे समाधान विकसित किए हैं। डॉ. गुप्ता की यह पहल इन नवाचारों को बाजार और वैश्विक पहचान दिलाने का एक सेतु है।
गाँवों में छिपे 'नवाचार' की खोज शोधयात्रा के जरिए वैश्विक मंच पर चमकेगा ग्रामीण भारत जारी :- ग्रामीण भारत की छिपी हुई प्रतिभा, पारंपरिक उपचार पद्धतियों और स्थानीय नवाचारों को दुनिया के सामने लाने के उद्देश्य से सृष्टि संस्था द्वारा आयोजित 'शोधयात्रा' मंगलवार को जारी प्रखंड के श्रीनगर और तोगो गाँव पहुँची।इस विशेष दल का नेतृत्व पद्मश्री डॉ. अनिल कुमार गुप्ता आईआईएम अहमदाबाद के पूर्व प्रोफेसर कर रहे हैं, जिन्हें नवाचार और जमीनी स्तर के उद्यमियों का मार्गदर्शक माना जाता है।ग्राम सभा को संबोधित करते हुए डॉ. अनिल कुमार
गुप्ता ने ग्रामीणों को उनकी अपनी संपदा का महत्व समझाया। उन्होंने कहा गाँवों में मौजूद जड़ी-बूटियाँ और प्राकृतिक संसाधन केवल सदियों पुरानी परंपरा नहीं हैं, बल्कि ये आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार के सबसे सशक्त माध्यम हैं। यदि हम इनका सही उपयोग करना सीखें, तो गाँव आर्थिक रूप से मजबूत बन सकते हैं। डॉ. गुप्ता ने स्थानीय नवाचारों और पारंपरिक औषधीय ज्ञान को लिखित रूप में दर्ज करने की आवश्यकता बताई, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ और व्यापक समाज इसका लाभ उठा सके। हरिहरपुर में सफल चर्चा के बाद, शोधयात्रा
दल ने श्रीनगर और तोगो के ग्रामीणों के साथ संवाद किया और उनके अनुभवों को साझा किया। श्रीनगर और तोगो में ग्राम सभाएं संपन्न करने के बाद, यह शोधकर्ता दल अब चैनपुर के लिए प्रस्थान करेगा।इस यात्रा का मूल उद्देश्य उन 'अनसंग हीरोज' की खोज करना है, जिन्होंने अभावों के बीच रहकर खेती, स्वास्थ्य या दैनिक जीवन की समस्याओं के लिए अपने स्तर पर अनोखे समाधान विकसित किए हैं। डॉ. गुप्ता की यह पहल इन नवाचारों को बाजार और वैश्विक पहचान दिलाने का एक सेतु है।
- जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) सह उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित एवं पुलिस अधीक्षक हारिस बिन ज़मा की संयुक्त अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में गठित सभी निर्वाचन कोषांगों के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निकाय निर्वाचन को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने को लेकर विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक में निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित कराने हेतु प्रतिनियुक्त व्यय प्रेक्षक एवं सामान्य प्रेक्षक के साथ-साथ उप विकास आयुक्त गुमला, अपर समाहर्ता गुमला, DCLR गुमला, DCLR बसिया, DCLR चैनपुर, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी चैनपुर एवं बसिया, जिला नजारत उप समाहर्ता सहित सभी कोषांगों के वरीय एवं प्रभारी पदाधिकारी उपस्थित थे।बैठक के दौरान निर्वाचन कोषांग को आयोग के दिशा-निर्देशों एवं प्रेक्षकों की सतत निगरानी में मतदान एवं मतगणना की प्रक्रिया संपन्न कराने का निर्देश दिया गया। कार्मिक कोषांग को चुनाव ड्यूटी हेतु कर्मियों की पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित करने तथा निर्धारित तिथि से पूर्व रेंडमाइजेशन की प्रक्रिया पूर्ण करने को कहा गया। व्यय प्रेक्षक कोषांग को उम्मीदवारों को निर्धारित तिथि की सूचना देते हुए निर्वाचन व्यय के लेखा संधारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सामग्री कोषांग को मतदान से संबंधित आवश्यक सामग्रियों का आकलन करते हुए स्थानीय स्तर पर अन्य आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति सुनिश्चित करने, पोलिंग पार्टी की रवानगी, मतपेटिका प्राप्ति स्थल तथा मतगणना कक्ष का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया। परिवहन कोषांग को आवश्यकता के अनुरूप छोटी एवं बड़ी गाड़ियों की पर्याप्त व्यवस्था करते हुए वीएमएस पोर्टल पर वाहन प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया।बैठक में उम्मीदवारों सहित क्षेत्र के सभी लाइसेंसी हथियारधारकों से शस्त्र जमा कराने की कार्रवाई तेज करने, उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार की अनुमति हेतु सिंगल विंडो सुविधा प्रारंभ करने, उड़नदस्ता टीम को सक्रिय रखते हुए निगरानी एवं कार्रवाई बढ़ाने, मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं का सर्वे कर आवश्यक सुधार करने तथा मतदान के दिन पोलिंग पार्टी के लिए निर्बाध बिजली एवं भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि सभी कोषांग अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण जिम्मेवारी एवं समन्वय के साथ करें। निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। यह कार्य आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप टीम भावना से किया जाना है।इस दौरान डिस्पैच, काउंटिंग एवं प्रशिक्षण कोषांग के कार्यों की भी समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। बताया गया कि कुल 44 मतदान केंद्रों पर 26 भवनों में मतदान प्रक्रिया संपन्न होगी, जिसे सुचारू रूप से कराने हेतु सभी संबंधित टीमों को हाई अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट एवं अवैध गतिविधियों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने, सोशल मीडिया पर सक्रिय निगरानी रखने, किसी भी प्रकार के अवैध संदेश अथवा पोस्ट पर कड़ी कार्रवाई करने, कंट्रोल रूम को पूर्ण रूप से सक्रिय रखने तथा डिस्पैच एवं मतदान दिवस के लिए ट्रैफिक प्लान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में त्वरित एवं कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।उपायुक्त ने पोलिंग टीम के भुगतान को समय पर सुनिश्चित करने, वॉलेंटियर्स की समुचित ट्रेनिंग एवं पहचान पत्र निर्माण, तथा विशेष रूप से प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर फोकस करने के भी निर्देश दिए, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया सुचारू, सुरक्षित एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके।1
- भोजपुरी सिने स्टार अक्षरा सिंह पहुंची लोहरदगा, बलदेव साहू मेमोरियल T20 क्रिकेट प्रतियोगिता का भब्य शुभारंभ1
- जशपुर। जिले के ग्राम बुमतेल में पीएचई विभाग द्वारा नल जल योजना के अंतर्गत निर्मित की जा रही पानी टंकी के निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का आरोप सामने आया है। बताया जा रहा है कि टंकी का निर्माण निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुसार नहीं किया जा रहा था, जिससे भविष्य में यह संरचना ग्रामीणों के लिए खतरे की घंटी बन सकती थी। मामले की जानकारी विभागीय अधिकारियों को दिए जाने के बाद पीएचई विभाग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए निर्माण कार्य को रुकवा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण की गुणवत्ता की जांच नहीं होती, तो इससे जान-माल का जोखिम बढ़ सकता था। फिलहाल विभाग द्वारा निर्माण कार्य की जांच की जा रही है और मापदंडों के अनुरूप सुधार के बाद ही आगे काम शुरू किए जाने की बात कही जा रही है।1
- ♦️जशपुर जिले के खुड़िया क्षेत्र में हो रहे अन्याय एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ दहाड़ते जनपद सदस्य बगीचा राकेश गुप्ता। ♦️जनपद सदस्य ने कहा केंद्र से तो केन्द्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार भेजती है गांव की विकास के लिए पैसा लेकिन वे पैसा केंद्र से जिला पहुंचते पहुंचते कहा चला जाता है,इसका जवाब देही कौन हो सकता है। ♦️जनपद सदस्य ने कहा सन्ना खुड़िया क्षेत्र में #नल_जल_योजना के नाम पर भारी भ्रष्टाचार। ♦️जनपद सदस्य कहा सरकार की छवि को धूमैल करने वाले कोई और नहीं जिले में बैठे बड़े बड़े अधिकारी है। ♦️जनपद सदस्य राकेश गुप्ता एवं ग्रामीणों ने कहा अगर हमारी मांगे पूरा नहीं होगा तो अभी तो छोटा रूप में प्रदर्शन दिखाए है,आगे विशाल प्रदर्शन करेंगे। आगे खबर वीडियो देखें क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ.1
- सिसई प्रखंड में तेलंगा खड़िया के जयंती के अवसर पर भव्य जतरा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिसई विधायक जिग्गा सुसारन होरो रहे। प्रखंड के विभिन्न गांव से जतरा में पहुंचे खोड़हा दल के लोगों ने मांदर की थाप पर जमकर थिरके1
- सिसई (गुमला) - प्रखंड क्षेत्र में 10 से 25 फरवरी तक चलने वाले फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का शुभारंभ प्रखंड मुख्यालय एवं रेफरल अस्पताल सिसई से किया गया। अभियान के तहत प्रखंड क्षेत्र की सभी पंचायतों में फाइलेरिया को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से फाइलेरिया रोधी दवा का सामूहिक सेवन कराया गया। अभियान को सफल बनाने के लिए प्रखंड मुख्यालय, रेफरल अस्पताल सिसई सहित कुल 170 से अधिक बूथों पर कैंप लगाए गए। प्रखंड परिसर में आयोजित कैंप में प्रखंड विकास पदाधिकारी ने स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर प्रखंड कर्मियों एवं आमजनों को दवा खाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन रोके जाने योग्य बीमारी है, जिसे सामूहिक प्रयास से पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। प्रखंड कार्यालय के सभागार में आयोजित बैठक के दौरान सभी पंचायतों के मुखिया ने भी फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन किया और अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में लोगों को दवा खिलाने व जागरूक करने का संकल्प लिया। वहीं रेफरल अस्पताल सिसई में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सहित सभी स्वास्थ्य कर्मियों ने दवा का सेवन किया तथा अस्पताल में इलाजरत मरीजों को भी फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई गई। अभियान के पहले ही दिन प्रखंड क्षेत्र में आयोजित 172 कैंपों के माध्यम से लगभग 10,958 लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई गई। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं आम नागरिकों ने एक स्वर में फाइलेरिया को जड़ से मिटाने का संकल्प लिया।4
- साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान डुमरी प्रखंड अंतर्गत टांगरडीह गांव निवासी सिरमैत देवी भगत ने अपनी जमीन और मकान पर अवैध कब्जे की शिकायत उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित से करते हुए न्याय की गुहार लगाई। महिला ने आवेदन के माध्यम से बताया कि नवाडीह चौक के समीप स्थित उनकी पुश्तैनी भूमि और मकान पर कुछ लोगों ने जबरन कब्जा कर लिया है। जानकारी देते हुए शाम के छह बजे बताया गया कि विरोध करने पर उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं, जिससे उनका परिवार भय के साये में जीने को मजबूर है। पीड़िता ने कहा कि वह लंबे समय से इस समस्या से जूझ रही हैं और स्थानीय स्तर पर गुहार लगाने के बावजूद समाधान नहीं होने पर जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल तथ्यों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पीड़ित को हर हाल में न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।1
- गुमला: फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में गुमला जिले में दिनांक 10 से 25 फरवरी तक विशेष सामूहिक औषधि सेवन (MDA) कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज उपायुक्त गुमला, प्रेरणा दीक्षित द्वारा इस अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने स्वयं दवा का सेवन कर अभियान की शुरुआत की तथा उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मियों ने भी एक साथ दवा का सेवन कर आमजनों को फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव हेतु जागरूक किया।इस अवसर पर उप विकास आयुक्त गुमला दिलेश्वर महतो, अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक, DCLR गुमला राजीव कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सदर राजीव नीरज, सिविल सर्जन गुमला शंभूनाथ चौधरी, MDA कोऑर्डिनेटर शर्मिला शर्मा सहित विभिन्न जिला स्तरीय विभागों के पदाधिकारी, ANM एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन जिले की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है तथा इसका सेवन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सहिया एवं ANM को इस अभियान का मुख्य आधार बताते हुए कहा कि आप सभी की कार्य करने की इच्छा शक्ति से ही बड़े बदलाव संभव हैं। यदि आज भी हम ऐसी रोके जाने योग्य बीमारियों से जूझ रहे हैं तो इसका अर्थ है कि हमें और अधिक गंभीरता से कार्य करना होगा। आने वाले वर्षों में तकनीक के कारण अनेक बदलाव होंगे, ऐसे में यह जरूरी है कि हमारे नागरिक गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रहें, क्योंकि फाइलेरिया जैसी बीमारी एक बार हो जाने पर लाइलाज हो जाती है। यह बीमारी एक विशेष प्रकार के मच्छर के काटने से फैलती है, इसलिए इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास अनिवार्य हैं। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से कहा कि घर घर जाकर दवा खिलाने के वक्त शायद नागरिक दवा खाने से मना करें, ऐसे में उनका काउंसलिंग करना भी आपकी जिम्मेदारी रहेगी।उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर सीधे उपायुक्त कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। ज्ञात हो कि इस MDA कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी चिन्हित बूथों, जिनमें विद्यालय एवं आंगनवाड़ी केंद्र शामिल हैं, पर फाइलेरिया से बचाव हेतु दो प्रकार की दवाएं डाइएथाइलकार्बामाजीन (DEC) एवं एल्बेंडाजोल (Albendazole) खिलाई जाएंगी। इसके साथ ही डोर-टू-डोर कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्यकर्मी प्रत्येक घर जाकर पात्र लाभार्थियों को दवा खिलाएंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति इस अभियान से वंचित न रह जाए।इस अवसर पर सिविल सर्जन गुमला, शंभूनाथ चौधरी ने बताया कि फाइलेरिया बीमारी क्यूलेक्स (Culex) प्रजाति के मच्छर के काटने से होती है, जिससे हाथ-पैर में सूजन आ जाती है। उन्होंने कहा कि यह बीमारी एक बार हो जाने पर ठीक नहीं होती, इसलिए इससे बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने बताया कि 10 से 25 फरवरी तक चलने वाले इस कार्यक्रम को जन आंदोलन का रूप देते हुए सभी को स्वयं दवा का सेवन करना है तथा लक्षित समुदाय तक दवा पहुंचानी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं एवं गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों को दवा नहीं खिलाई जानी है।कार्यक्रम के दौरान आमजनों में जागरूकता फैलाने हेतु नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया तथा जागरूकता रथ को भी रवाना किया गया, जिससे फाइलेरिया उन्मूलन का संदेश जिले के दूर-दराज़ क्षेत्रों तक पहुंच सके।उपायुक्त ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं, दवा का सेवन अवश्य करें तथा गुमला को फाइलेरिया मुक्त बनाने में सहयोग करें।1
- *गुमला जिले में फाइलेरिया उन्मूलन हेतु विशेष MDA अभियान का शुभारंभ, उपायुक्त ने स्वयं दवा सेवन कर की शुरुआत* गुमला: फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में गुमला जिले में दिनांक 10 से 25 फरवरी तक विशेष सामूहिक औषधि सेवन (MDA) कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज उपायुक्त गुमला, प्रेरणा दीक्षित द्वारा इस अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने स्वयं दवा का सेवन कर अभियान की शुरुआत की तथा उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मियों ने भी एक साथ दवा का सेवन कर आमजनों को फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव हेतु जागरूक किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त गुमला दिलेश्वर महतो, अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक, DCLR गुमला राजीव कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सदर राजीव नीरज, सिविल सर्जन गुमला शंभूनाथ चौधरी, MDA कोऑर्डिनेटर शर्मिला शर्मा सहित विभिन्न जिला स्तरीय विभागों के पदाधिकारी, ANM एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन जिले की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है तथा इसका सेवन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सहिया एवं ANM को इस अभियान का मुख्य आधार बताते हुए कहा कि आप सभी की कार्य करने की इच्छा शक्ति से ही बड़े बदलाव संभव हैं। यदि आज भी हम ऐसी रोके जाने योग्य बीमारियों से जूझ रहे हैं तो इसका अर्थ है कि हमें और अधिक गंभीरता से कार्य करना होगा। आने वाले वर्षों में तकनीक के कारण अनेक बदलाव होंगे, ऐसे में यह जरूरी है कि हमारे नागरिक गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रहें, क्योंकि फाइलेरिया जैसी बीमारी एक बार हो जाने पर लाइलाज हो जाती है। यह बीमारी एक विशेष प्रकार के मच्छर के काटने से फैलती है, इसलिए इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास अनिवार्य हैं। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से कहा कि घर घर जाकर दवा खिलाने के वक्त शायद नागरिक दवा खाने से मना करें, ऐसे में उनका काउंसलिंग करना भी आपकी जिम्मेदारी रहेगी।उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर सीधे उपायुक्त कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। ज्ञात हो कि इस MDA कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी चिन्हित बूथों, जिनमें विद्यालय एवं आंगनवाड़ी केंद्र शामिल हैं, पर फाइलेरिया से बचाव हेतु दो प्रकार की दवाएं डाइएथाइलकार्बामाजीन (DEC) एवं एल्बेंडाजोल (Albendazole) खिलाई जाएंगी। इसके साथ ही डोर-टू-डोर कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्यकर्मी प्रत्येक घर जाकर पात्र लाभार्थियों को दवा खिलाएंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति इस अभियान से वंचित न रह जाए। इस अवसर पर सिविल सर्जन गुमला, शंभूनाथ चौधरी ने बताया कि फाइलेरिया बीमारी क्यूलेक्स (Culex) प्रजाति के मच्छर के काटने से होती है, जिससे हाथ-पैर में सूजन आ जाती है। उन्होंने कहा कि यह बीमारी एक बार हो जाने पर ठीक नहीं होती, इसलिए इससे बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने बताया कि 10 से 25 फरवरी तक चलने वाले इस कार्यक्रम को जन आंदोलन का रूप देते हुए सभी को स्वयं दवा का सेवन करना है तथा लक्षित समुदाय तक दवा पहुंचानी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं एवं गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों को दवा नहीं खिलाई जानी है। कार्यक्रम के दौरान आमजनों में जागरूकता फैलाने हेतु नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया तथा जागरूकता रथ को भी रवाना किया गया, जिससे फाइलेरिया उन्मूलन का संदेश जिले के दूर-दराज़ क्षेत्रों तक पहुंच सके। उपायुक्त ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं, दवा का सेवन अवश्य करें तथा गुमला को फाइलेरिया मुक्त बनाने में सहयोग करें।1