*गुमला जिले में फाइलेरिया उन्मूलन हेतु विशेष MDA अभियान का शुभारंभ, उपायुक्त ने स्वयं दवा सेवन कर की शुरुआत* गुमला: फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में गुमला जिले में दिनांक 10 से 25 फरवरी तक विशेष सामूहिक औषधि सेवन (MDA) कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज उपायुक्त गुमला, प्रेरणा दीक्षित द्वारा इस अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने स्वयं दवा का सेवन कर अभियान की शुरुआत की तथा उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मियों ने भी एक साथ दवा का सेवन कर आमजनों को फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव हेतु जागरूक किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त गुमला दिलेश्वर महतो, अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक, DCLR गुमला राजीव कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सदर राजीव नीरज, सिविल सर्जन गुमला शंभूनाथ चौधरी, MDA कोऑर्डिनेटर शर्मिला शर्मा सहित विभिन्न जिला स्तरीय विभागों के पदाधिकारी, ANM एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन जिले की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है तथा इसका सेवन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सहिया एवं ANM को इस अभियान का मुख्य आधार बताते हुए कहा कि आप सभी की कार्य करने की इच्छा शक्ति से ही बड़े बदलाव संभव हैं। यदि आज भी हम ऐसी रोके जाने योग्य बीमारियों से जूझ रहे हैं तो इसका अर्थ है कि हमें और अधिक गंभीरता से कार्य करना होगा। आने वाले वर्षों में तकनीक के कारण अनेक बदलाव होंगे, ऐसे में यह जरूरी है कि हमारे नागरिक गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रहें, क्योंकि फाइलेरिया जैसी बीमारी एक बार हो जाने पर लाइलाज हो जाती है। यह बीमारी एक विशेष प्रकार के मच्छर के काटने से फैलती है, इसलिए इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास अनिवार्य हैं। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से कहा कि घर घर जाकर दवा खिलाने के वक्त शायद नागरिक दवा खाने से मना करें, ऐसे में उनका काउंसलिंग करना भी आपकी जिम्मेदारी रहेगी।उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर सीधे उपायुक्त कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। ज्ञात हो कि इस MDA कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी चिन्हित बूथों, जिनमें विद्यालय एवं आंगनवाड़ी केंद्र शामिल हैं, पर फाइलेरिया से बचाव हेतु दो प्रकार की दवाएं डाइएथाइलकार्बामाजीन (DEC) एवं एल्बेंडाजोल (Albendazole) खिलाई जाएंगी। इसके साथ ही डोर-टू-डोर कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्यकर्मी प्रत्येक घर जाकर पात्र लाभार्थियों को दवा खिलाएंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति इस अभियान से वंचित न रह जाए। इस अवसर पर सिविल सर्जन गुमला, शंभूनाथ चौधरी ने बताया कि फाइलेरिया बीमारी क्यूलेक्स (Culex) प्रजाति के मच्छर के काटने से होती है, जिससे हाथ-पैर में सूजन आ जाती है। उन्होंने कहा कि यह बीमारी एक बार हो जाने पर ठीक नहीं होती, इसलिए इससे बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने बताया कि 10 से 25 फरवरी तक चलने वाले इस कार्यक्रम को जन आंदोलन का रूप देते हुए सभी को स्वयं दवा का सेवन करना है तथा लक्षित समुदाय तक दवा पहुंचानी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं एवं गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों को दवा नहीं खिलाई जानी है। कार्यक्रम के दौरान आमजनों में जागरूकता फैलाने हेतु नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया तथा जागरूकता रथ को भी रवाना किया गया, जिससे फाइलेरिया उन्मूलन का संदेश जिले के दूर-दराज़ क्षेत्रों तक पहुंच सके। उपायुक्त ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं, दवा का सेवन अवश्य करें तथा गुमला को फाइलेरिया मुक्त बनाने में सहयोग करें।
*गुमला जिले में फाइलेरिया उन्मूलन हेतु विशेष MDA अभियान का शुभारंभ, उपायुक्त ने स्वयं दवा सेवन कर की शुरुआत* गुमला: फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में गुमला जिले में दिनांक 10 से 25 फरवरी तक विशेष सामूहिक औषधि सेवन (MDA) कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज उपायुक्त गुमला, प्रेरणा दीक्षित द्वारा इस अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने स्वयं दवा का सेवन कर अभियान की शुरुआत की तथा उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मियों ने भी एक साथ दवा का सेवन कर आमजनों को फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव हेतु जागरूक किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त गुमला दिलेश्वर महतो, अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक, DCLR गुमला राजीव कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सदर राजीव नीरज, सिविल सर्जन गुमला शंभूनाथ चौधरी, MDA कोऑर्डिनेटर शर्मिला शर्मा सहित विभिन्न जिला स्तरीय विभागों के पदाधिकारी, ANM एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन जिले की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है तथा इसका सेवन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सहिया एवं ANM को इस अभियान का मुख्य आधार बताते हुए कहा कि आप सभी की कार्य करने की इच्छा शक्ति से ही बड़े बदलाव संभव हैं। यदि आज भी हम ऐसी रोके जाने योग्य बीमारियों से जूझ रहे हैं तो इसका अर्थ है कि हमें और अधिक गंभीरता से कार्य करना होगा। आने वाले वर्षों में तकनीक के कारण अनेक बदलाव होंगे, ऐसे में यह जरूरी है कि हमारे नागरिक गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रहें, क्योंकि फाइलेरिया जैसी बीमारी एक बार हो जाने पर लाइलाज हो जाती है। यह बीमारी एक विशेष प्रकार के मच्छर के काटने से फैलती है, इसलिए इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास अनिवार्य हैं। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से कहा कि घर घर जाकर दवा खिलाने के वक्त शायद नागरिक दवा खाने से मना करें, ऐसे में उनका काउंसलिंग करना भी आपकी जिम्मेदारी रहेगी।उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर सीधे उपायुक्त कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। ज्ञात हो कि इस MDA कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी चिन्हित बूथों, जिनमें विद्यालय एवं आंगनवाड़ी केंद्र शामिल हैं, पर फाइलेरिया से बचाव हेतु दो प्रकार की दवाएं डाइएथाइलकार्बामाजीन (DEC) एवं एल्बेंडाजोल (Albendazole) खिलाई जाएंगी। इसके साथ ही डोर-टू-डोर कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्यकर्मी प्रत्येक घर जाकर पात्र लाभार्थियों को दवा खिलाएंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति इस अभियान से वंचित न रह जाए। इस अवसर पर सिविल सर्जन गुमला, शंभूनाथ चौधरी ने बताया कि फाइलेरिया बीमारी क्यूलेक्स (Culex) प्रजाति के मच्छर के काटने से होती है, जिससे हाथ-पैर में सूजन आ जाती है। उन्होंने कहा कि यह बीमारी एक बार हो जाने पर ठीक नहीं होती, इसलिए इससे बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने बताया कि 10 से 25 फरवरी तक चलने वाले इस कार्यक्रम को जन आंदोलन का रूप देते हुए सभी को स्वयं दवा का सेवन करना है तथा लक्षित समुदाय तक दवा पहुंचानी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं एवं गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों को दवा नहीं खिलाई जानी है। कार्यक्रम के दौरान आमजनों में जागरूकता फैलाने हेतु नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया तथा जागरूकता रथ को भी रवाना किया गया, जिससे फाइलेरिया उन्मूलन का संदेश जिले के दूर-दराज़ क्षेत्रों तक पहुंच सके। उपायुक्त ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं, दवा का सेवन अवश्य करें तथा गुमला को फाइलेरिया मुक्त बनाने में सहयोग करें।
- BabluGumla, Jharkhand👏12 hrs ago
- गुमला में नगर निगम को लेकर चुनावी सरगर्मी तेज, सोशल मीडिया के स्टार चेहरे भी प्रत्याशियों के समर्थन में मैदान में उतरे1
- सिसई प्रखंड में तेलंगा खड़िया के जयंती के अवसर पर भव्य जतरा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिसई विधायक जिग्गा सुसारन होरो रहे। प्रखंड के विभिन्न गांव से जतरा में पहुंचे खोड़हा दल के लोगों ने मांदर की थाप पर जमकर थिरके1
- सिसई (गुमला) - प्रखंड क्षेत्र में 10 से 25 फरवरी तक चलने वाले फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का शुभारंभ प्रखंड मुख्यालय एवं रेफरल अस्पताल सिसई से किया गया। अभियान के तहत प्रखंड क्षेत्र की सभी पंचायतों में फाइलेरिया को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से फाइलेरिया रोधी दवा का सामूहिक सेवन कराया गया। अभियान को सफल बनाने के लिए प्रखंड मुख्यालय, रेफरल अस्पताल सिसई सहित कुल 170 से अधिक बूथों पर कैंप लगाए गए। प्रखंड परिसर में आयोजित कैंप में प्रखंड विकास पदाधिकारी ने स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर प्रखंड कर्मियों एवं आमजनों को दवा खाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन रोके जाने योग्य बीमारी है, जिसे सामूहिक प्रयास से पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। प्रखंड कार्यालय के सभागार में आयोजित बैठक के दौरान सभी पंचायतों के मुखिया ने भी फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन किया और अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में लोगों को दवा खिलाने व जागरूक करने का संकल्प लिया। वहीं रेफरल अस्पताल सिसई में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सहित सभी स्वास्थ्य कर्मियों ने दवा का सेवन किया तथा अस्पताल में इलाजरत मरीजों को भी फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई गई। अभियान के पहले ही दिन प्रखंड क्षेत्र में आयोजित 172 कैंपों के माध्यम से लगभग 10,958 लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई गई। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं आम नागरिकों ने एक स्वर में फाइलेरिया को जड़ से मिटाने का संकल्प लिया।4
- जारी :- ग्रामीण भारत की छिपी हुई प्रतिभा, पारंपरिक उपचार पद्धतियों और स्थानीय नवाचारों को दुनिया के सामने लाने के उद्देश्य से सृष्टि संस्था द्वारा आयोजित 'शोधयात्रा' मंगलवार को जारी प्रखंड के श्रीनगर और तोगो गाँव पहुँची।इस विशेष दल का नेतृत्व पद्मश्री डॉ. अनिल कुमार गुप्ता आईआईएम अहमदाबाद के पूर्व प्रोफेसर कर रहे हैं, जिन्हें नवाचार और जमीनी स्तर के उद्यमियों का मार्गदर्शक माना जाता है।ग्राम सभा को संबोधित करते हुए डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने ग्रामीणों को उनकी अपनी संपदा का महत्व समझाया। उन्होंने कहा गाँवों में मौजूद जड़ी-बूटियाँ और प्राकृतिक संसाधन केवल सदियों पुरानी परंपरा नहीं हैं, बल्कि ये आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार के सबसे सशक्त माध्यम हैं। यदि हम इनका सही उपयोग करना सीखें, तो गाँव आर्थिक रूप से मजबूत बन सकते हैं। डॉ. गुप्ता ने स्थानीय नवाचारों और पारंपरिक औषधीय ज्ञान को लिखित रूप में दर्ज करने की आवश्यकता बताई, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ और व्यापक समाज इसका लाभ उठा सके। हरिहरपुर में सफल चर्चा के बाद, शोधयात्रा दल ने श्रीनगर और तोगो के ग्रामीणों के साथ संवाद किया और उनके अनुभवों को साझा किया। श्रीनगर और तोगो में ग्राम सभाएं संपन्न करने के बाद, यह शोधकर्ता दल अब चैनपुर के लिए प्रस्थान करेगा।इस यात्रा का मूल उद्देश्य उन 'अनसंग हीरोज' की खोज करना है, जिन्होंने अभावों के बीच रहकर खेती, स्वास्थ्य या दैनिक जीवन की समस्याओं के लिए अपने स्तर पर अनोखे समाधान विकसित किए हैं। डॉ. गुप्ता की यह पहल इन नवाचारों को बाजार और वैश्विक पहचान दिलाने का एक सेतु है।3
- मैट्रिक व इंटरमीडिएट की परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा केंद्र में आयोजित हो रहा है वहीं मंगलवार को 358 छात्राओं ने दिया भूगोल का परीक्षा1
- नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 के सफल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण संचालन को लेकर आज नगर भवन, गुमला में अध्यक्ष एवं वार्ड सदस्य पद के सभी उम्मीदवारों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य उम्मीदवारों को आदर्श आचार संहिता (MCC), निर्वाचन व्यय लेखा-जोखा तथा मतदान प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना था।बैठक के दौरान उम्मीदवारों को निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों, चुनावी खर्च की सीमा, व्यय लेखा संधारण की प्रक्रिया, अनुमति संबंधी नियमों तथा मतदान दिवस से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर अपर समाहर्ता गुमला, अनुमंडल पदाधिकारी चैनपुर, प्रखंड विकास पदाधिकारी गुमला, अंचल अधिकारी गुमला सहित निर्वाचन से जुड़े अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। अधिकारियों द्वारा उम्मीदवारों की शंकाओं का समाधान भी किया गया तथा निर्वाचन प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की गई।जिला प्रशासन ने सभी उम्मीदवारों से आदर्श आचार संहिता का पूर्ण रूप से पालन करने, निर्वाचन व्यय का पारदर्शी लेखा रखने तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मर्यादित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सक्रिय सहयोग करने की अपेक्षा व्यक्त की।1
- वार्ड नंबर 4 की प्रत्याशी के विचार सुनिए? #shortvideo #shorts #viral #election #jharkhand #nagar1
- भोजपुरी सिने स्टार अक्षरा सिंह पहुंची लोहरदगा, बलदेव साहू मेमोरियल T20 क्रिकेट प्रतियोगिता का भब्य शुभारंभ1