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छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर में आसमान में पूरी तरह से घने बादल छाए हुए हैं और चारों तरफ अंधेरा छाया हुआ है। इस घने बादलों के घेरे को देखकर दिन में ही अंधेरा सा महसूस हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद आज बारिश होने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
Hira Ratan Sarthi
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर में आसमान में पूरी तरह से घने बादल छाए हुए हैं और चारों तरफ अंधेरा छाया हुआ है। इस घने बादलों के घेरे को देखकर दिन में ही अंधेरा सा महसूस हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद आज बारिश होने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
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- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर में आसमान में चारों तरफ घने बादल छाए हुए हैं और कभी भी बारिश बरस सकती है। मौसम को देखकर ऐसा लग रहा है कि बारिश अभी कुछ दिन रुकेगी और फिर बरसेगी, लेकिन जब यह बरसने लगेगी तो पूरी रफ्तार पकड़ लेगी। फिलहाल बारिश ने एक ऐसा सिस्टम बना लिया है जहां यह एक दिन बंद रहती है और दूसरे दिन चालू हो जाती है, और इसी तरह से यह गिर रही है।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम सायर में इन दिनों एक जंगली हाथी का आतंक बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सोमवार सुबह गांव के निवासी 60 वर्षीय बिहानु बैगा लोहार और उनकी 52 वर्षीय पत्नी संतकुंवर पुटू और खुखड़ी एकत्र करने के लिए भालुमहुआ जंगल गए थे। इसी दौरान अचानक उनका सामना वहां विचरण कर रहे अकेले हाथी से हो गया। हाथी को सामने देखकर दोनों जान बचाने के लिए भागने लगे। इस दौरान बिहानु हाथी की चपेट में आने से तो बाल-बाल बच गए, लेकिन भागते समय गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं। उनके चेहरे और जबड़े पर गंभीर चोट लगी है तथा उनका जबड़ा टूटने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घायल बिहानु को गजराज परियोजना, सरगुजा मंडल के वाहन से उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयपुर भेजा। वन विभाग के अधिकारियों ने हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए ग्रामीणों को जंगल में अकेले न जाने और सतर्क रहने की समझाइश दी है। इसके साथ ही, विभाग हाथियों की निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। वहीं, ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में हाथियों की निगरानी और बढ़ाने तथा लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की है।4
- संसद के मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में शोक प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए दिवंगत पूर्व सांसदों एवं अन्य विशिष्ट हस्तियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूरे सदन ने राष्ट्र निर्माण, लोकतंत्र और जनसेवा में इन दिवंगत नेताओं के अमूल्य योगदान को याद किया तथा उनकी स्मृति में मौन रखकर अपना सम्मान व्यक्त किया। दिवंगत जनप्रतिनिधियों के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट करने की इस गरिमामयी संसदीय परंपरा का निर्वहन पूरी गरिमा के साथ किया गया।1
- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के पटना में युवा अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए सड़कों पर उतर चुके हैं। यहाँ साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह हर मिनट भीड़ बढ़ती जा रही है, जो इस बात का सीधा संकेत है कि युवा अब अपनी आवाज़ उठाने के लिए पूरी तरह से सड़कों पर उतर आए हैं।1
- मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के चिरमिरी में द्रोणाचार्य दुबे को चिरमिरी खड़गवां पत्रकार संघ का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।1
- जशपुर जिले के कुनकुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम भुरसा निवासी 25 वर्षीय युवक गौरव खलखो की वज्रपात की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा 19 जुलाई 2026 को शाम करीब 4:30 बजे किनकेल घाट के पास एक खुले मैदान में हुआ। घटना की सूचना मिलने पर जशपुर पुलिस ने मर्ग कायम कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है और प्रारंभिक जांच में मौत की वजह आकाशीय बिजली की चपेट में आना ही पाया गया है। घटना के वक्त मृतक अपने साथियों के साथ कार से देशदेखा क्षेत्र में पिकनिक मनाने गया था। अचानक तेज गर्जना के साथ मौसम खराब हुआ और हल्की बारिश होने लगी। जब बारिश कुछ कम हुई, तो सभी साथी फोटो खिंचवाने के लिए खुले मैदान में चले गए, तभी अचानक आकाशीय बिजली गिरी और गौरव उसकी चपेट में आकर बेहोश हो गया। उसके साथी उसे तुरंत निजी वाहन से जिला अस्पताल जशपुर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना के बाद जशपुर के पुलिस कप्तान, डीआईजी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने आम जनता से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जशपुर जिला पर्वतीय और वनांचल क्षेत्र होने के कारण यहाँ वर्षा ऋतु में वज्रपात की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे पहले भी जनहानि और पशुहानि हुई है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम खराब होने पर खेतों, खुले मैदानों, पहाड़ियों, जंगलों या ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े न हों। ऐसी स्थिति में मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें और किसी पक्के आश्रय स्थल में चले जाएं, साथ ही बिजली के खंभों, जलाशयों और मोबाइल टावरों से दूर रहें।3
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर में आसमान में पूरी तरह से घने बादल छाए हुए हैं और चारों तरफ अंधेरा छाया हुआ है। इस घने बादलों के घेरे को देखकर दिन में ही अंधेरा सा महसूस हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद आज बारिश होने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।1
- छत्तीसगढ़ में 15 जुलाई 2026 को नागपुर से लौटते समय देवरी गांव के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस दौरान वहां से गुजर रहीं रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट राजनांदगांव की प्रभारी निरीक्षक तरुणा साहू ने अपनी संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का अद्भुत परिचय दिया। हाईवे पर दुर्घटना देखकर उनकी गाड़ी आगे निकल चुकी थी, लेकिन उन्होंने बिना देर किए अपना वाहन वापस मोड़ा और तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। हादसे वाली जगह पर चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल था, घायल लोग चीख-पुकार रहे थे और भारी जाम लगा हुआ था। तरुणा साहू ने अपने स्टाफ के साथ मिलकर बिना वक्त गंवाए तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। उन्होंने सबसे पहले ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु कराया ताकि एंबुलेंस बिना किसी बाधा के मौके पर पहुंच सके और फिर घायलों को तत्काल देवरी अस्पताल भिजवाया। इसके बाद उन्होंने खुद अस्पताल जाकर डॉक्टरों से घायलों का जल्द से जल्द इलाज शुरू करने का विशेष अनुरोध भी किया। जब उन्हें पता चला कि दुर्घटना का शिकार हुआ परिवार राजनांदगांव का ही रहने वाला है, तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी केवल अस्पताल पहुंचाने तक सीमित नहीं रखी। उन्होंने पीड़ित परिवार का सारा सामान अपनी ही गाड़ी से सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया और उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराई। वर्तमान में कुछ घायल अस्पताल में उपचाराधीन हैं, जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। संकट की इस घड़ी में तरुणा साहू ने साबित किया कि वर्दी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने का ही नहीं, बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और सेवा का भी प्रतीक है। रेलवे में अपनी ड्यूटी निभाने के साथ-साथ पंडवानी कला के जरिए छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को देश भर में पहचान दिलाने वाली तरुणा साहू का यह मानवीय कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है।1