MP मुर्दा भी शर्मा गया होगा मेरे घर की ये हालात मुझे यहां भी सुकून से नहीं जलने दिया अंतिम संस्कार के लिए चिता जल रही है ऊपर छत से पानी टपक रहा है लोग भीगते हुए खड़े हैं श्मशान की छत और व्यवस्थाएं जर्जर हालत में हैं बारिश में टेंट लगाकर किसी तरह अंतिम संस्कार करना पड़ा दाग देने वाले लोग भी परेशान सीतामऊ जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलारा के ग्राम वर्दीचंद पाटीदार के निधन होने से अंतिम संस्कार में पड़े फोड़े श्मशान की बदहाली हर किसी से छुपी नहीं बारिश में टेंट लगाकर करना पड़ा अंतिम संस्कार पंचायत के श्मशान की हालत इतनी खराब है कि बारिश के कारण परिजनों को टेंट लगाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा ऊपर से पानी टपकता रहा और लोग भीगते हुए दाग देने को मजबूर हुए ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान में न तो पक्की छत है न ही बैठने की व्यवस्था शायद *मुर्दा भी शर्मा गया होगा कि मेरे घर की ये हालत है ये दर्द हर किसी की जुबान पर है* ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि श्मशान का जल्द से जल्द जीर्णोद्धार कर के शेड बैठने की व्यवस्था और पानी की निकासी की जाए ताकि किसी और को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े.! ये है बेलारा पंचायत के श्मशान की हकीकत बारिश में टेंट लगाकर अंतिम संस्कार। ऊपर से टपकता पानी क्या यही है हमारी व्यवस्था? जिम्मेदारों से निवेदन है जल्द ध्यान दें अंतिम विदाई भी सम्मान से नहीं -बेलारा श्मशान में मूलभूत सुविधाएं तक नही दागी हुए लोग परेशान। कृपया संज्ञान लें श्मशान भी रो रहा है बेलारा में श्मशान की हालत देखकर हर कोई शर्मसार प्रशासन से मांग तुरंत मरम्मत हो
MP मुर्दा भी शर्मा गया होगा मेरे घर की ये हालात मुझे यहां भी सुकून से नहीं जलने दिया अंतिम संस्कार के लिए चिता जल रही है ऊपर छत से पानी टपक रहा है लोग भीगते हुए खड़े हैं श्मशान की छत और व्यवस्थाएं जर्जर हालत में हैं बारिश में टेंट लगाकर किसी तरह अंतिम संस्कार करना पड़ा दाग देने वाले लोग भी परेशान सीतामऊ जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलारा
के ग्राम वर्दीचंद पाटीदार के निधन होने से अंतिम संस्कार में पड़े फोड़े श्मशान की बदहाली हर किसी से छुपी नहीं बारिश में टेंट लगाकर करना पड़ा अंतिम संस्कार पंचायत के श्मशान की हालत इतनी खराब है कि बारिश के कारण परिजनों को टेंट लगाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा ऊपर से पानी टपकता रहा और लोग भीगते हुए दाग देने को मजबूर हुए ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान में
न तो पक्की छत है न ही बैठने की व्यवस्था शायद *मुर्दा भी शर्मा गया होगा कि मेरे घर की ये हालत है ये दर्द हर किसी की जुबान पर है* ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि श्मशान का जल्द से जल्द जीर्णोद्धार कर के शेड बैठने की व्यवस्था और पानी की निकासी की जाए ताकि किसी और को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े.!
ये है बेलारा पंचायत के श्मशान की हकीकत बारिश में टेंट लगाकर अंतिम संस्कार। ऊपर से टपकता पानी क्या यही है हमारी व्यवस्था? जिम्मेदारों से निवेदन है जल्द ध्यान दें अंतिम विदाई भी सम्मान से नहीं -बेलारा श्मशान में मूलभूत सुविधाएं तक नही दागी हुए लोग परेशान। कृपया संज्ञान लें श्मशान भी रो रहा है बेलारा में श्मशान की हालत देखकर हर कोई शर्मसार प्रशासन से मांग तुरंत मरम्मत हो
- तारखेड़ी धाम: तीन राज्यों के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र; 10 साल के इंतजार के बाद मिला हवन का अवसर झाबुआ (पेटलावद)। मध्य प्रदेश के झाबुआ तारखेड़ी धाम: तीन राज्यों के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र; 10 साल के इंतजार के बाद मिला हवन का अवसर झाबुआ (पेटलावद)। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले की पेटलावद तहसील में स्थित प्रसिद्ध 'तारखेड़ी धाम' दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए अटूट आस्था और श्रद्धा का विशाल केंद्र बना हुआ है। यहाँ विराजित संकटमोचन बालाजी महाराज के दरबार में हर मंगलवार को श्रद्धालुओं का भारी तांता देखने को मिलता है। वर्षों से प्रज्वलित है अखंड ज्योति तारखेड़ी धाम में बालाजी महाराज की कृपा का दिव्य प्रतीक अखंड ज्योति निरंतर प्रज्वलित रहती है। इस पावन अखंड ज्योति के दर्शन मात्र से ही श्रद्धालुओं के कष्ट दूर हो जाते हैं और मंदिर परिसर में हमेशा एक सकारात्मक व दिव्य ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है। 10 साल के लंबे इंतजार के बाद मिला हवन का अवसर धाम में हर मंगलवार को विशेष हवन का आयोजन किया जाता है, जिसके लिए श्रद्धालुओं को अग्रिम पंजीयन (नंबर) करवाना पड़ता है। धाम की अपार महिमा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ हवन के लिए सालों का इंतजार करना पड़ता है। हाल ही में आज मंगलवार को मोहन कोट (रायपुरिया) निवासी बसंतीलाल सोलंकी का हवन का नंबर आया। जब उनसे पूछा गया कि उनका नंबर कितने समय में आया, तो उन्होंने बताया कि उन्होंने कई साल पहले हवन का नंबर लगाया था और पूरे 10 वर्ष के लंबे इंतजार के बाद आज उन्हें बालाजी महाराज के दरबार में हवन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। एडवांस चल रही यह बुकिंग तारखेड़ी धाम के प्रति जन-जन की अगाध श्रद्धा का प्रमाण है। तीन राज्यों से पहुँचते हैं श्रद्धालु तारखेड़ी धाम की प्रसिद्धि केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है। यहाँ हर मंगलवार को पड़ोसी राज्य गुजरात और राजस्थान से भी हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु बालाजी महाराज के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुँचते हैं। भोर की पहली किरण के साथ ही पूरा मंदिर परिसर 'जय श्री राम' और 'जय बालाजी महाराज' के जयकारों से गूंज उठता है। पाँच मंगलवार दर्शन की अटूट मान्यता धाम को लेकर भक्तों में यह गहरी आस्था है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से लगातार पाँच मंगलवार यहाँ आकर बालाजी महाराज की हाजिरी लगाता है, उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। माना जाता है कि संकटमोचन बालाजी महाराज अपने दर पर आने वाले हर भक्त की पुकार सुनते हैं। मेले और उत्सव जैसा माहौल हर मंगलवार को तारखेड़ी धाम में मेले जैसा माहौल रहता है। अखंड ज्योति के दर्शन, महाआरती, निरंतर भजन-कीर्तन और प्रसादी वितरण के साथ पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आता है।1
- जावद में शासकीय स्कूलों के बच्चों के लिए स्पोकन इंग्लिश कक्षाओं का शुभारंभ जावद विधानसभा क्षेत्र के सभी शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए आज स्पोकन इंग्लिश कक्षाओं का शुभारंभ किया गया। जावद स्थित सांदीपनि विद्यालय के सभाकक्ष से विद्यार्थियों को वर्चुअली संबोधित किया गया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ उनके आत्मविश्वास और रोजगारपरक कौशल को मजबूत करना है। अब शासकीय विद्यालयों के बच्चे एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ज्ञान प्राप्त करने के साथ अंग्रेजी भाषा बोलने का भी नियमित अभ्यास करेंगे। इस अवसर पर शिक्षकों और अभिभावकों से बच्चों को प्रोत्साहित करने तथा घर और स्कूल में अंग्रेजी बोलने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया।1
- एक कहानी........ फैसले की तारीख....... A story of a poor famer and indian court.1
- रामप्रसाद धनगर गुर्जर पत्रकार तोलाखेड़ी चंदवासा जिला मंदसौर म प्र1
- MP मन्दसौर सहित प्रदेश में सुबह से बारिश का दौर जारी, मौसम हुआ सुहावना. ll मन्दसौर । मध्यप्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय नजर आ रहा है। मन्दसौर सहित प्रदेश के कई इलाकों में सोमवार सुबह से ही बारिश का दौर जारी है। आसमान में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर हो रही बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। मन्दसौर शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से बारिश होने के चलते जनजीवन पर भी असर देखने को मिला। कई स्थानों पर सड़कों पर पानी जमा हो गया, वहीं बारिश के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई है। प्रदेश के कुछ हिस्सों के लिए भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम के बदले मिजाज से किसानों के चेहरे पर भी राहत दिखाई दे रही है। हालांकि लगातार बारिश की स्थिति में खेतों में जलभराव और फसलों पर असर की स्थिति भी बन सकती है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार मन्दसौर में आज बारिश की संभावना बनी हुई है और आने वाले दिनों में भी बारिश व गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। फिलहाल मन्दसौर सहित पूरे क्षेत्र में बारिश का दौर जारी है और लोगों को मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।1
- NEWS:-रिमझिम बारिश के बीच निकली बाबा महाकाल की भव्य शाही सवारी, डीजे-ढोल की धुन पर झूमे श्रद्धालु मनासा। सावन के पावन अवसर पर सोमवार को ग्राम भाटखेड़ी में बाबा महाकाल की भव्य शाही सवारी धूमधाम और श्रद्धाभाव के साथ निकाली गई। रिमझिम बारिश के बीच निकली सवारी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे गांव में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। श्री शेषावतार मंदिर परिसर स्थित महादेव मंदिर परिसर से शुरू हुई बाबा महाकाल की शाही सवारी का नगर में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। डीजे और ढोल की धुन पर युवा युवतियां जमकर नाचे और झूमते नजर आए। वहीं महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए भक्ति गीतों पर आनंद लिया। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। हर-हर महादेव और बाबा महाकाल के जयकारों से पूरा ग्राम भाटखेड़ी गूंज उठा। सवारी के दौरान श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। शाही सवारी के दौरान गांव की गलियों में जगह-जगह धार्मिक एवं उत्सवी माहौल दिखाई दिया। युवाओं, महिलाओं और बच्चों में विशेष उत्साह रहा। रिमझिम बारिश और भक्ति के रंग में रंगी यह शाही सवारी ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र रही। **हर-हर महादेव के जयघोष के साथ बाबा महाकाल की शाही सवारी का पुनः मंदिर परिसर में पहुंच समापन हुआ।**1
- भारी बारिश से झालावाड़ में स्कूल बना टापु 40 बच्चों और शिक्षकों का सुरक्षित रेस्क्यू बच्चों और शिक्षकों का सुरक्षित रेस्क्यू1